आंखों ही आंखों से भावी जीवनसाथी का अक्स ढूंढ रहे थे युवक और युवतियां

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पंजाबी समाज समिति का 28वां परिचय सम्मेलन सम्पन्न

कोटा। बारी बारी से मंच पर चढ़कर परिचय देते आत्मविश्वास से लबरेज युवक और युवतियां, बच्चों के लिए रिश्ते की शिकन से दूर अभिभावक, अपने कार्य को शिद्दत से निभाते कार्यकर्ता बरसों बाद मिलकर प्रफुल्लित होते मन, काउण्टरों पर पंजीयन और पूछताछ के लिए लगी लोगों की भीड़।‘

कुछ ऐसा ही अद्भुत और मनोहारी दृश्य बन पड़ा था पंजाबी समाज समिति की ओर से रविवार को आयोजित किए गए परिचय सम्मेलन में। जहां युवक और युवतियां आंखों ही आंखों से भावी जीवनसाथी का अक्स ढूंढ रहे थे।

कोरोना के बाद पहली बार हो रहे परिचय सम्मेलन में खासी भीड़ जुटी थी। परिचय सम्मेलन के कारण से अभिभावक निश्चिंत नजर आ रहे थे। आखिर निश्चिंत हों भी क्यूं नहीं, क्योंकि जोड़ियां भले ही ईश्वर बनाकर भेजता है, आखिर कोटा का यह परिचय सम्मेलन भी इन्हें आपस में मिलाने का काम जो कर रहा है।

पंजाबी समाज समिति कोटा का अंतर्प्रांतीय पंजाबी युवक युवती एवं अभिभावक परिचय सम्मेलन रविवार को लाला लाजपतराय भवन शॉपिंग सेंटर पर पूर्ण आत्मीय माहौल में सम्पन्न हुआ। जिसमें युवक युवतियों ने अपना परिचय दिया। इस दौरान समिति के सदस्य पूरी तन्मयता से आगंतुकों की सेवा और सहयोग में जुटे थे।

सम्मेलन का प्रारंभ समिति के अध्यक्ष वीर कुमार वधवा, सचिव प्रवीण गुलाटी, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र निझावन, संयोजक कमल अदलक्खा ने मां दुर्गा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान महेंद्र निझावन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखा गया था।

मंच पर एक एक कर युवक और युवतियों ने अपना परिचय दिया। इस दौरान कुछ युवक युवती सकुचा रहे थे तो कुछ ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ परिचय दिया। समिति के लोगों की एक टीम भी इनका हौंसला बढ़ाने के लिए उपस्थित थी। जो युवक युवतियों के उत्साह को दोगुना कर रही थी। इस दौरान हिन्दी, अंग्रेजी और पंजाबी में अपना पूर्ण परिचय दिया तो चारों और तालियों की गूंज सुनाई देने लगती थी। जिन युवक और युवतियों ने अपना परिचय मंच पर चढ़कर नहीं दिया, उनकी कमी को पूरा करने के लिए यहां सभी के बायोडेटा से युक्त परिचय स्मारिका भी उपलब्ध थी। जिसका शीतला माता मंदिर पर विमोचन किया गया। मंच पर परिचय देने के दौरान, पहले और बाद में परिचय स्मारिका का गहरा योगदान नजर आ रहा था। युवक युवतियों और अभिभावक इसमें देखकर अधिक से अधिक जानकारी जुटाने में लगे रहे।

सम्मेलन में 141 युवक और 86 युवतियों ने परिचय दिया। सम्मेलन में नागपुर, बांसवाड़ा, इन्दौर, आगरा, ग्वालियर, अजमेर, रायपुरा, गुना, रतलाम, जोधपुर, गंगानगर, अलवर, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, अहमदाबाद, कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, झांसी, गुजरात, महाराष्ट्र सहित देशभर से युवक और युवतियों ने भाग लिया। वहीं देश के कोने कोने से सम्मेलन का हिस्सा बनने के लिए अभिभावक पहुंचे हैं।

सचिव प्रवीण गुलाटी ने बताया कि देश के 45 शहरों में 55 केन्द्र बनाए गए थे। जहां पंजाबी युवक युवतियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। इसी के बेहतर परिणाम सामने आ सके हैं। वहीं, कार्यक्रम की भव्यता को देखकर कईं लोग इतने अभिभूत हुए कि उन्होंने तत्काल पंजीयन कराना शुरू कर दिया।

ऐसे में पंजीयन कराने वालों की भी लम्बी कतार लग गई। इस दौरान 45 युवकों और 18 युवतियों का तत्काल पंजीयन किया गया। जिनका विवरण देने के लिए आयोजन स्थल पर चार्ट लगाया गया। परिचय सम्मेलन के लिए एमबीए, बीटेक, फार्मेसी, डाॅक्टर, सीए समेत उच्च शिक्षित प्रतिभागियों ने भी पंजीयन कराया था।

सम्मेलन के दौरान सभी का अनुशासन देखते ही बन रहा था। पंजाबी युवक-युवतियों ने बैज लगा रहे थे। कार्यक्रम स्थल पर कई प्रकार के काउण्टर लगाए गए थे। जिनके माध्यम से विभिन्न प्रकार की जानकारियां दी जा रही थीं। क्रम संख्या के आधार पर बैज का वितरण हो रहा था। जिसके आधार पर युवक, युवतियों और अभिभावकों का प्रवेश दिया जा रहा था। पंजीयन पुस्तिका वितरण के लिए भी अलग से काउण्टर बनाया गया था। देशभर से आए आगंन्तुकों के स्वागत, आवास आदि के लिए भी विशेष समिति बनाई गई थी।

अध्यक्ष वीर कुमार वधवा ने बताया कि समिति की ओर से मेल मिलाप कराने के लिए समाज के बुजुर्गों की एक टीम बनाई गई थी। इन वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने अनुभवों का लाभ उठाते हुए कईं पक्षों की आपस में बातचीत कराई गई तथा कुछ के सम्बंधों को आगे बढ़ाने में भी मदद की। समिति के सहयोग की हर कोई प्रशंसा कर रहा था।

मौके पर जन्म पत्रिका मिलान: सम्मेलन स्थल पर जन्मपत्री मिलान की भी व्यवस्था की गई थी। जहां पारंपरिक रूप से पण्डित जन्मपत्रिका का मिलान कर रहे थे। वहीं आधुनिकता का संगम करते हुए कम्प्यूटरों से जन्मपत्री मिलाने की भी व्यवस्था सम्मेलन स्थल पर थी। यहां पर 67 लोगों ने जन्मपत्रिका मिलान कर बात को आगे बढ़ाया।