गौ-विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी

0
10

कोटा। Cow Science Examination: गौ-विज्ञान परीक्षा 2026-27 को लेकर रविवार को कोटा में संभाग टोली की महत्वपूर्ण बैठक आदर्श हाड़ौती माली उत्थान समिति महावीर नगर विस्तार योजना कोटा में हुई।

बैठक में गौ-विज्ञान परीक्षा, चित्तौड़ प्रांत के सहसंयोजक पवन कुमार का प्रवास रहा। उन्होंने परीक्षा के उद्देश्य, विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता तथा परीक्षा को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं से योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में बताया गया कि गौ-विज्ञान अनुसंधान एवं सामान्य ज्ञान परीक्षा 2026-27 का उद्देश्य गौमाता के पालन एवं गो-उत्पादों के वैज्ञानिक महत्व को स्थापित करना, देशी गाय एवं गोवंश से होने वाले लाभों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विद्यार्थियों तक पहुंचाना तथा भारतीय संस्कृति एवं समाज में गौमाता के महत्व से नई पीढ़ी को परिचित कराना है।

साथ ही गो-उत्पादों के वैज्ञानिक महत्व एवं राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था में उनकी उपयोगिता के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करना भी परीक्षा का प्रमुख उद्देश्य है।परीक्षा में कक्षा 8 से 12 तक अध्ययनरत सभी विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। परीक्षा के लिए प्रति विद्यार्थी ₹30 शुल्क निर्धारित किया गया है। परीक्षा दो चरणों में आयोजित होगी।

प्रथम चरण की परीक्षा 2 अक्टूबर को होगी, जबकि इसका परिणाम 15 नवंबर 2026 को घोषित किया जाएगा। द्वितीय चरण की जिला स्तरीय परीक्षा 25 दिसंबर को होगी तथा परिणाम 31 जनवरी 2027 को घोषित किया जाएगा। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित है।

बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण की परीक्षा में प्रश्न वस्तुनिष्ठ एवं OMR शीट आधारित होंगे। द्वितीय चरण में विद्यालयवार विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर चयन किया जाएगा तथा जिला स्तर पर परीक्षा आयोजित होगी।

परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रांत एवं जिला स्तर पर आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रांत स्तर पर प्रथम पुरस्कार ट्रॉफी एवं ₹21,000, द्वितीय ट्रॉफी एवं ₹11,000 तथा तृतीय ट्रॉफी एवं ₹5,100 रखा गया है। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को क्रमशः ₹2,100, ₹1,500 एवं ₹1,100 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

बैठक में नरेंद्रसिंह झालावाड़, धनराज मालव, गौसेवा सह-संयोजक चित्तौड़ प्रांत, देवीलाल, देवकीनंदन एवं राधेश्याम शर्मा सहित प्रांत टोली के सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही कोटा, बारां, झालावाड़ एवं बूंदी जिलों की गौ-विज्ञान परीक्षा समिति से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

बैठक में प्रमुख रूप से अधिकतम विद्यार्थियों का पंजीयन करवाने, अधिकाधिक विद्यालयों को परीक्षा से जोड़ने तथा जिला, ब्लॉक एवं पीईईओ स्तर पर टोली बनाकर संपर्क अभियान चलाने पर विस्तृत चर्चा हुई। 20 सितंबर तक अधिकतम विद्यालयों तक पहुंच बनाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।

कार्यकर्ताओं ने गौ-विज्ञान परीक्षा को सफल बनाने तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को गौमाता, गो-उत्पादों के वैज्ञानिक महत्व, भारतीय संस्कृति एवं गौ-आधारित जीवन पद्धति से जोड़ने का संकल्प लिया। सभी जिलों में विद्यालय स्तर तक संपर्क अभियान को गति देते हुए परीक्षा के प्रति विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं विद्यालयों में व्यापक जागरूकता पैदा की जाएगी।