चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में निर्यात से ज्यादा हुआ तिलहनों का आयात

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मुम्बई। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी तथा सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यानी अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत से तिलहनों का निर्यात कम तथा भारत में इसका आयात ज्यादा हुआ।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान भारत से 2618 करोड़ रुपए मूल्य के 2,09,197 टन तिलहनों का निर्यात हुआ जिसमें मूंगफली एवं तिल की भागीदारी- मात्रा एवं आय- दोनों दृष्टि से अधिक रही। दूसरी ओर इसी अवधि के दौरान भारत में 3146 करोड़ रुपए मूल्य के 5,80,119 टन तिलहन का आयात भी किया गया जिसमें सोयाबीन एवं तिल का योगदान सबसे ज्यादा रहा। तिल का आयात-निर्यात बदस्तूर जारी रहा।

जहां तक तिलहनों के निर्यात का सवाल है तो इसमें मूंगफली के लिए सबसे मजबूत निर्यात का अवसर निकट भविष्य में दिखाई पड़ता है। अप्रैल-जून की तिमाही में छिलका वाली मूंगफली का निर्यात 133861 टन पर पहुंचा जिससे 1550 करोड़ रुपए की आमदनी हुई। वित्त वर्ष 2025-26 की पूरी अवधि (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत से 6,63,909 टन मूंगफली का शानदार निर्यात हुआ था जिससे 6092 करोड़ रुपए की आमदनी हासिल हुई थी।

इसके प्रमुख आयातक देशों में इंडोनेशिया, वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस एवं चीन आदि शामिल हैं। जहां तक तिल की बात है तो अप्रैल-जून 2026 में भारत से 945 करोड़ रुपए मूल्य के 61,248 टन तिल का निर्यात हुआ अच्छी क्वालिटी के तिल का निर्यात नए-नए बाजारों तक फैलाने की गुंजाईश बनी हुई है। मूंगफली एवं तिल के अलावा भारत से थोड़ी-बहुत मात्रा में सरसों, अलसी, सैफ्लावर एवं कुछ अन्य तिलहनों का निर्यात होता है।

अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत में 3146.99 करोड़ रुपए मूल्य के 580,119 टन तिलहनों का आयात हुआ जिसमें 99 प्रतिशत से ज्यादा की भागीदारी सोयाबीन एवं तिल की रही। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत में 3130 करोड़ रुपए मूल्य के 4.81 लाख टन तिलहनों का आयात हुआ था।