वरिष्ठ किसान नेता व चंबल परियोजना समिति के अध्यक्ष गालव का निधन, हाड़ौती में शोक

0
6

कोटा/बारां। वरिष्ठ किसान नेता एवं चम्बल परियोजना समिति सीएडी कोटा के निरंतर 15 वर्षों से सर्वसम्मत सभापति रहे सुनील गालव का दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे पिछले लगभग डेढ़ महीने से सीने में संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।

जैसे ही उनके असामायिक निधन की खबर कोटा, बूंदी और बारां सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र में पहुंची, किसान जगत, राजनीतिक गलियारों और आमजन में शोक की गहरी लहर दौड़ गई। उनके निधन से चम्बल परियोजना समिति के सदस्यों और सीएडी प्रशासन में भी अत्यंत शोकाकुल और गमगीन माहौल व्याप्त हो गया।

​मूल रूप से मांगरोल तहसील की भटवाड़ा पंचायत के सींधनिया (सिंनधनिया) गांव के निवासी सुनील गालव पुत्र स्वर्गीय नंदलाल गालव का जीवन सदैव किसान हितों और जनसेवा को समर्पित रहा। अपने बेहद मधुर व्यवहार, शालीनता और सहज स्वभाव के कारण वे पूरे क्षेत्र में अत्यधिक लोकप्रिय थे।

अपने राजनीतिक व सामाजिक जीवन की शुरुआत में वे भटवाड़ा पंचायत के सरपंच रहे और उन्होंने जिला परिषद सदस्य का चुनाव भी लड़ा। विगत 15 वर्षों से वे चम्बल परियोजना समिति के सभापति पद पर निर्विरोध एवं सर्वसम्मति से चुने जाते रहे। जो उनके कुशल नेतृत्व और सर्वप्रिय व्यक्तित्व का प्रत्यक्ष प्रमाण था। वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे थे।

​वर्तमान में बारां में निवास कर रहे स्व. सुनील गालव का अंतिम संस्कार बारां में ही संपन्न किया गया। दोपहर में उनके निवास स्थान, कॉलेज रोड बारां से मुक्तिधाम के लिए अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी, किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

अंतिम संस्कार एवं दाह-संस्कार के दौरान उप सभापति धर्मराज गुर्जर, पूर्व उप सभापति अशोक नंदवाना, कुलदीप सिंह गौड़, ब्रजमोहन मालव, रामेश्वर नागर, गिर्राज मालव और बंशीधर मालव सहित क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं एवं हज़ारों गणमान्य नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम विदाई दी।