Cashew Price: प्रोडक्शन में कमी से काजू के भाव मजबूत रहने के असर

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नई दिल्ली। त्योहारों के मौसम से पहले भारत के काजू बाज़ार में अच्छी मांग देखी जा रही है, जिससे गिरी की कीमतें स्थिर से मज़बूत बनी हुई हैं। ट्रेड सूत्रों को उम्मीद है कि अगले कुछ हफ़्तों में खरीदारी मज़बूत रहेगी, जिससे बाज़ार को लगातार सपोर्ट मिलेगा।

दुनिया भर में, कच्चे काजू (RCN) की सप्लाई अभी भी कम है। पश्चिम अफ्रीका में 2026 का काजू का मौसम खत्म होने वाला है, जिसमें सिर्फ़ बचा हुआ स्टॉक ही उपलब्ध है और व्यापारी पोर्ट वेयरहाउस से इन्वेंट्री क्लियर करने पर ध्यान दे रहे हैं। इस वजह से, इंटरनेशनल बाज़ार में नई सप्लाई कम होती जा रही है।

हालांकि दुनिया भर में प्रोडक्शन में कमी आने की उम्मीद है, लेकिन अब कमी लगभग 300,000 टन होने का अनुमान है, जो पहले के 375,000–400,000 टन के अनुमान से कम है। गिरावट के बावजूद, 2026 की फसल अभी भी 2025 के मौसम के बाद रिकॉर्ड दूसरी सबसे बड़ी फसल होने का अनुमान है।

वियतनाम में, कच्चे काजू की ऊंची कीमतें और ज़्यादा ट्रांसपोर्टेशन लागत बाज़ार को सपोर्ट कर रही हैं। चीन और मिडिल ईस्ट से, खासकर बड़े कर्नेल ग्रेड की ज़बरदस्त खरीदारी से भी ग्लोबल कीमतें मज़बूत बनी हुई हैं।

भारत में, त्योहारों की मांग से काजू कर्नेल की लगातार खरीदारी हो रही है। कुछ बाज़ारों में पॉपुलर कर्नेल ग्रेड में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि दूसरे इलाकों में कीमतें स्थिर रही हैं। ट्रेड पार्टिसिपेंट्स को उम्मीद है कि मज़बूत घरेलू मांग और सीमित ग्लोबल सप्लाई की वजह से भारतीय काजू बाज़ार को जल्द ही अच्छा सपोर्ट मिलेगा।