हंगामे के बीच राज्यसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास, संसद 3 अगस्त तक स्थगित

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नई दिल्ली। विपक्ष के हंगामे के चलते राज्यसभा के बाद लोकसभा की कार्यवाही भी 3 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, राज्यसभा ने गुरुवार को एंटी पेपर लीक बिल को पारित कर दिया।

बिल के पास होने के बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार, 31 जुलाई, सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इसके साथ ही लोकसभा के बाद यह महत्वपूर्ण विधेयक राज्यसभा से भी मंजूरी प्राप्त कर चुका है।

शुक्रवार को प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों ने संसद भवन परिसर में ‘अमित शाह संसद से गायब क्यों?’ का बैनर लेकर प्रोटेस्ट किया। वहीं गुरुवार को लोकसभा के बाद राज्यसभा से एंटी पेपर लीक से संबंधित बिल गुरुवार को पारित हो गया। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली की शुचिता बनाए रखने और नकल माफिया पर

सड़क छाप राजनीति कर रहा विपक्ष
राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा, विपक्ष सड़क छाप राजनीति सदन में कर रहा है। सरकार के मंत्री के रूप में मैं सदन में मौजूद हूं लेकिन यहां सड़कछाप राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा, यह सदन की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही है। संविधान को तार-तार किया जा रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, प्रतिपक्ष केवल हंगामा खड़ा करना चाहता है। हम इनकी घोर निंदा करते हैं।

छात्रों का गुस्सा पूरी तरह जायज: राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने NEET अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों का गुस्सा और उनकी चिंताएं पूरी तरह जायज थीं। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बाद सरकार ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए परीक्षा प्रणाली में बदलाव किए और पहली बार पेपर लीक रोकने के लिए व्यापक कानूनी ढांचा तैयार किया। चड्ढा ने दावा किया कि मामले की जांच को लंबित नहीं रखा गया और महज 75 दिनों के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार से NEET परीक्षा पारंपरिक OMR शीट के बजाय कंप्यूटर आधारित प्रणाली से कराई जाएगी। उनके अनुसार, नए कानून का उद्देश्य ऐसा कड़ा संदेश देना है कि भविष्य में कोई भी अपराधी पेपर लीक जैसे अपराध के बारे में सोचने से पहले भी डर महसूस करे।

कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि छात्रों की मांग पर शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया और उनकी सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कानून को पहले से अधिक सख्त बनाया है। उन्होंने कहा कि नए कानून में दोषियों के लिए 7 से 10 साल तक की कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस सरकारों के दौरान हुई पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि मौजूदा सरकार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।