वॉशिंगटन। अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार किए जा रहे शांति समझौते के तहत ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को सौंपने पर सहमत हो गया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ बातचीत में यह जानकारी दी है।
यह जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता का ढांचा लगभग तैयार है। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के बीच शत्रुता को समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है।
ट्रंप ने कहा कि समझौते के आखिरी डिटेल्स अभी तय की जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने इसके विवरणों के बारे में जानकारी नहीं दी, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि तेहरान ने सैद्धांतिक रूप से अपने हथियार ग्रेड के करीब यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सहमति जताई है।
अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इस चरण में यह सहमति अभी व्यापक है और यूरेनियम के निस्तारण की प्रक्रिया पर अभी बातचीत होनी बाकी है। CNN ने बताया है कि डील होने के बाद परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए 30-60 दिनों का एक अगला चरण होना है।
इस अगले चरण में परमाणु मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है कि ईरान इस सामग्री को कैसे ट्रांसफर करेगा, उसे कैसे हल्का करेगा या किसी अन्य तरीके से उसे कैसे निष्क्रिय करेगा।
परमाणु मुद्दे पर तेहरान की इस रियायत ने बातचीत को परिणाम की तरफ पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। खासकर जब हाल ही में ईरानी सूत्रों ने दावा किया था कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि यूरेनियम के भंडार को देश से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, ईरान के पास इस समय लगभग 400 किलोग्राम से ज्यादा यूरेनियम है, जो 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया गया है। यूरेनियम की शुद्धता का यह स्तर परमाणु हथियारों में इस्तेमाल होने वाले यूरेनियम के काफी करीब है।

