नई दिल्ली। देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज इसमें कारोबार के दौरान करीब 4.5 फीसदी गिरावट आई और यह 52 हफ्ते के निचले स्तर 1,218.90 रुपये पर आ गया।
पिछले तीन दिन में यह 15 फीसदी गिर चुका है। इस दौरान कंपनी के मार्केट कैप में करीब 59,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। एचसीएल टेक ने मंगलवार को अपना चौथी तिमाही का रिजल्ट जारी किया था। उसके बाद से कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट आई है। कई ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस घटाया है।
एचसीएल का शेयर बीएसई पर पिछले सत्र में 1277.20 रुपये पर बंद हुआ था और आज 1267.95 रुपये पर खुला। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 में रेवेन्यू में 1 से 4 फीसदी ग्रोथ का अनुमान जताया है।
साथ ही कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2026 के ग्रोथ अनुमान से पीछे रह गई। जेफरीज ने कंपनी के शेयर की रेटिंग डाउनग्रेड करके अंडरपरफॉर्म कर दी और टारगेट प्राइस 1,165 रुपये कर दिया। उसका कहना है कि इस साल कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ 2.4 फीसदी रहने का अनुमान है जो 2023 के बाद सबसे कम है।
टारगेट प्राइस
इस बीच जेपी मोर्गन ने एचसीएल के शेयर पर न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन टारगेट प्राइस 1,419 रुपये से घटाकर 1,370 रुपये कर दिया है। एचएसबीसी ने भी होल्ड रेटिंग बनाए रखी है लेकिन टारगेट प्राइस 1,560 रुपये से घटाकर 1,480 रुपये कर दिया है। सिटी ने भी न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखी है लेकिन टारगेट प्राइस घटाकर 1,385 रुपये कर दिया। इसके उलट CLSA ने भी आउटपरफॉर्म रेटिंग बनाए रखते हुए 1,519 रुपये टारगेट प्राइस रखा है।
कंपनी का रिजल्ट
एचसीएल टेक्नोलॉजीज का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 4.2% बढ़कर 4,488 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 4,307 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंपनी का रेवेन्यू 12.34 प्रतिशत बढ़कर 33,981 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 30,246 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 10.10% और रेवेन्यू 0.32% बढ़ा।

