Wednesday, June 17, 2026
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NEET 2026 पेपर लीक केस में CBI ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया

जयपुर। 3 मई को आयोजित हुई NEET 2026 की परीक्षा का पेपर बड़े शातिराना अंदाज में लीक किया गया। पेपर को लीक करने का नया तरीका निकाला गया। अब तक जो भी पेपर लीक हुए, उससे अलग तरीका इजाद किया गया।

लीक हुए प्रश्नों को बेचने के लिए उसे गैस पेपर का रूप दिया गया। यानी संभावित प्रश्नों की पीडीएफ में लीक प्रश्नों को शामिल किया गया और फिर उसे अभ्यर्थियों, अभिभावकों और दलालों को बेचा गया। NEET 2026 पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने से पहले एसओजी ने गहन जांच की। इसमें जो तथ्य सामने आए, वे हैरान करने वाले थे।

एग्जाम 3 मई को हुआ लेकिन शिकायत के बाद 8 मई को एसओजी ने जांच शुरू की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के दखल के बाद एसओजी की टीम सीकर पहुंची। बाद में झुंझुनू, अलवर और जयपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी।

दो दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया गया जिनमें अभ्यर्थी, उनके परिजन और कुछ दलाल शामिल हैं। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गैस पेपर को ओरिजनल बताकर बेचने की कोशिश की गई थी। पहले लाखों रुपए में बेचा गया और फिर सोशल मीडिया के कई ग्रुप में भी शेयर कर दिया गया।

135 सवाल हूबहू मिले
एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि नीट के गैस पेपर में करीब 410 प्रश्न थे। इन 410 प्रश्नों में से 135 प्रश्न हूबहू ओरिजनल पेपर में आए थे। केवल प्रश्न ही नहीं बल्कि सभी विकल्प भी हूबहू थे और उत्तर भी बताए गए थे। गैस पेपर में बायोलॉजी के कुल 300 प्रश्न शामिल किए गए जिनमें से 90 प्रश्न हूबरू ओरिजनल पेपर में आए थे। केमेस्ट्री के कुल 104 प्रश्न गैस पेपर में शामिल किए गए थे जिनमें से 45 प्रश्न ओरिजनल पेपर में हूबहू आए थे।

लीक की शुरुआत नासिक से
एसओजी के अधिकारियों का यह भी कहना है कि सीकर के एक पीजी हॉस्टल संचालक और कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर लीक की शिकायत एनटीए को भेजी लेकिन पेपर लीक की शुरुआत राजस्थान से नहीं हुई। राजस्थान से पहले यह पेपर नासिक से हरियाणा पहुंच गया था। हरियाणा से राजस्थान पहुंचा। इसके बाद कुछ दलालों की ओर से पेपर बेचा गया। प्रारंभिक जांच के दौरान एसओजी ने 150 से ज्यादा संदिग्धों को चिन्हित किया जिसमें 80 अभ्यर्थी हैं। अन्यों में अभिभावक और दलाल शामिल हैं जिनके पास यह गैस पेपर पहुंचा था। दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों, अभिभावकों और दलालों को हिरासत में लिया गया था जिन्हें सीबीआई के समक्ष पेश कर दिया गया है।

जानिए किन-किन को पकड़ा एसओजी ने
एसओजी ने 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया था। 9 संदिग्धों को जयपुर से और 5 संदिग्धों को सीकर से उठाया गया था। सीकर से राकेश मंडावरिया, विक्रम यादव, रजत कुमार, अमित मीणा और रोहित मावलिया शामिल है जबकि जयपुर से हिरासत में लिए गए संदिग्धों में योगेश प्रजापत, मनीष यादव, संदीप हरितवाल, नीतेश अजमेरा, मांगीलाल, विकास, दिनेश, यश और सत्य नारायण शामिल हैं। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि सभी संदिग्ध अब सीबीआई के हवाले है। हालांकि जांच सीबीआई के पास है लेकिन सीबीआई की ओर से अगर राजस्थान एसओजी से कोई भी मदद मांगी जाएगी तो हम मदद को तैयार हैं।

राजस्थान में सरसों का उत्पादन 63 लाख टन के शीर्ष पर पहुंचने का अनुमान

जयपुर। राजस्थान में कृषि विभाग ने 2025-26 सीजन के लिए विभिन्न फसलों के उत्पादन का तीसरा अग्रिम अनुमान जारी कर दिया है जिसमें खरीफ एवं रबी- दोनों सीजन का आंकड़ा शामिल है।

कृषि विभाग ने अपनी नई रिपोर्ट में 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में मूंगफली का उत्पादन करीब 47 प्रतिशत उछलकर 31.20 लाख टन तथा सरसों का उत्पादन 18 प्रतिशत बढ़कर 63 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है, जबकि सोयाबीन का उत्पादन 52 प्रतिशत लुढ़ककर 5.95 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना व्यक्त की है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान देश में सरसों का सबसे बड़ा तथा मूंगफली का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जबकि सोयाबीन के उत्पादन में वह तीसरे नंबर पर रहता है। पिछले साल जोरदार बारिश एवं भयंकर बाढ़ के कारण वहां सोयाबीन की फसल क्षतिग्रस्त हो गई।

कृषि विभाग की नवीनतम रिपोर्ट में 2025-26 सीजन के दौरान राजस्थान में खाद्यान्न का कुल उत्पादन 297.70 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है जो 2024-25 सीजन के सकल उत्पादन 298.20 लाख टन से 50 हजार टन कम है।

खाद्यान्न के संवर्ग में गेहूं, चावल, मोटे अनाज एवं दलहन शामिल हैं। समीक्षाधीन अवधि के दौरान राज्य में गेहूं का उत्पादन 6 प्रतिशत बढ़कर 158.90 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है

मगर अन्य अधिकांश अनाजों का उत्पादन थोड़ा-बहुत घटने का अनुमान लगाया गया है। इसके तहत मक्का का उत्पादन 14 प्रतिशत घटकर 23.50 लाख टन, बाजरा का उत्पादन 10 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 48.10 लाख टन तथा चावल का उत्पादन 16 प्रतिशत घटकर 8.34 लाख टन रह जाने का अनुमान है जबकि जौ का उत्पादन 11 लाख टन होने की संभावना है।

दलहन फसलों में चना का उत्पादन 24 प्रतिशत उछलकर 24.50 लाख टन तथा मूंग का उत्पादन 13.80 लाख टन से सुधरकर 13.90 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।

दूसरी ओर उड़द का उत्पादन 27 प्रतिशत घटकर 92 हजार टन पर अटक जाने की संभावना है। वैसे दलहनों का कुल उत्पादन 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 44.80 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद व्यक्त की गई है।

सरकार ने सोना-चांदी पर अचानक बढ़ाई 15 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी, जानिए क्या होगा असर

नई दिल्ली। ईरान युद्ध से बढ़ते आर्थिक दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर असर के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को सोना और चांदी के आयात पर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने इन दोनों की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है, जो पहले 6 प्रतिशत थी।

सरकार ने सोना और चांदी पर 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी के साथ 5 प्रतिशत Agriculture Infrastructure and Development Cess (AIDC) लगाया है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद आयात कम करना, व्यापार घाटा घटाना और रुपये को मजबूती देना है। हाल ही में रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.75 तक पहुंच गया था।

यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि मौजूदा आर्थिक हालात में देश को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है। हालांकि, इस हफ्ते सरकार के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया था कि सोना-चांदी की ड्यूटी बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। लेकिन अब सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ड्यूटी बढ़ा दी है।

भारत क्यों है ज्यादा प्रभावित
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है, जबकि चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में ड्यूटी बढ़ने से सोना और चांदी की मांग पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब दोनों धातुओं की कीमतें पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर चल रही हैं।

गोल्ड ETF में तेजी से बढ़ा निवेश
पिछले एक साल में शेयर बाजार से कमजोर रिटर्न और सोने की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों का रुझान गोल्ड निवेश की तरफ तेजी से बढ़ा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक मार्च तिमाही में भारत के गोल्ड ETF में निवेश 186 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 20 मीट्रिक टन तक पहुंच गया।

Gold Price: एमसीएक्स पर 9231, हाजिर में 8042 रुपये महंगा हुआ सोना, चांदी भी तेज

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today 13 May: सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की खबर के बाद आज दोनों धातुओं के भाव में भारी तेजी दर्ज की जा रही है। सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने का असर आज सर्राफा मार्केट में देखने को मिल रहा है। एक झटके में 24 कैरेट सोना 8779 रुपये, 22 कैरेट गोल्ड 8042 रुपये और 18 कैरेट गोल्ड 6584 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया।

जबकि, चांदी एक झटके में 21983 रुपये महंगी हो गई। अब एक किलो चांदी की कीमत जीएसटी संग 295455 रुपये पर पहुंच गई। दूसरी ओर 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.65 लाख रुपये का हो गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद 3 दिन में सोने के भाव में 9333 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया है। जबकि, चांदी इस अवधि में किलो पीछे 31250 रुपये उछली है।

मोदी की अपील से पहले सोना शुक्रवार को बिना जीएसटी 151078 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 255600 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। आईबीजेए शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं करता है।

एमसीएक्स पर आज 10 ग्राम सोना 6 प्रतिशत यानी 9231 रुपये उछलकर 162648 रुपये पर पहुंच गया। जबकि, चांदी 16675 रुपये प्रति किलो महंगी होकर 295805 रुपये पर खुली।

भारत का सोने का आयात 24% बढ़ा
भारत अपनी सोने की खपत की जरूरतें ज्यादातर आयात से पूरी करता है। पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 24% बढ़कर 71.98 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले एक साल में सोने की कीमतों में तेजी और शेयर बाजार के कमजोर रिटर्न के चलते निवेश वाली मांग बढ़ी है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से आयात पर क्या पड़ेगा असर
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, मार्च तिमाही में भारत के गोल्ड ईटीएफ में सालाना आधार पर 186% की बढ़ोतरी हुई और कुल निवेश 20 मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोने के आयात में करीब 10-12% की गिरावट आ सकती है। गौरतलब है कि भारत के आभूषणों की मांग का करीब 50% हिस्सा पुराने सोने के आदान-प्रदान और रिसाइक्लिंग से पूरा होता है। यह नए आयात से हटकर फिर से इस्तेमाल की ओर बदलाव दिखाता है।

सरकार ने रातोंरात बढ़ा दी इंपोर्ट ड्यूटी
दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें कम हो गईं। यहां सोने की हाजिर कीमत 0.4% गिरकर 4,695.99 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि जून डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 0.4% बढ़कर 4,705.30 डॉलर हो गया। हाजिर चांदी 0.2% बढ़कर 86.71 डॉलर प्रति औंस हो गई।

Stock Market: सेंसेक्स 371 अंक गिरकर 74200 से नीचे और निफ्टी 23272 पर

नई दिल्ली। Stock Market, 13 May 2026 : शेयर मार्केट एक बार फिर गिरावट के ट्रैक पर है। सेंसेक्स 371 अंकों के नुकसान के साथ 74,187 पर आ गया है। जबकि, निफ्टी 106 अंक नीचे 23,272 पर है। एनएसई पर 1258 स्टॉक्स हरे और 1521 लाल निशान पर हैं।

शेयर मार्केट की ओपनिंग लगातार पांचवें दिन कमजोर रही। सेंसेक्स 119 अंकों के नुकसान के साथ 74,439 पर खुला और जल्द ही 127 अंकों की बढ़त के साथ 74687 पर पहुंच गया। जबकि, निफ्टी 17 अंक नीचे 23,362 पर खुलने के बाद अब 32 अंक ऊपर 23412 पर है।

शुरुआती कारोबार में एशियन पेंट्स सबसे बड़ा गेनर रहा और शेयर करीब 3.73 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स में 1.32 प्रतिशत, टाटा स्टील में 1.06 प्रतिशत और बीईएल में करीब 0.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

एलएंडटी, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयरों में खरीदारी का अच्छा माहौल देखने को मिला।

वहीं दूसरी तरफ कुछ बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में पावरग्रिड करीब 0.91 प्रतिशत टूटकर टॉप लूजर बना रहा। इसके अलावा टाइटन, इटरनल और बजाज फाइनेंस में भी कमजोरी देखने को मिली।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

गिफ्ट निफ्टी के संकेत
गिफ्ट निफ्टी लगभग 23,491 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो Nifty फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से 66 अंकों की बढ़त दिखा रहा है। यानी आज मार्केट हरे निशान पर खुल सकता है। एशियाई बाजारों में बुधवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला।

अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई बढ़ने के बाद निवेशकों का जोखिम लेने का मूड कमजोर पड़ा। ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 इंडेक्स 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा, जबकि चीन का CSI 300 इंडेक्स भी 0.17 प्रतिशत कमजोर रहा। हालांकि जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.50 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।

अमेरिकी बाजारों में दबाव
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। S&P 500 इंडेक्स 0.16 प्रतिशत और Nasdaq Composite 0.71 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। हालांकि Dow Jones इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई बढ़ने और पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर चिंता का असर बाजारों पर दिखाई दिया।

बूंदी इकाई भी हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार करेगी

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की बूंदी में बैठक आयोजित

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन की एक महत्वपूर्ण बैठक बूंदी स्थित एक रिसोर्ट में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कोटा संभाग अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने की। बैठक में हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन विकास एवं प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर अशोक माहेश्वरी ने कहा कि विशेष कार्ययोजना के तहत हाड़ोती के सभी जिलों के माध्यम से क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

इसके अंतर्गत सभी जिला इकाइयों द्वारा पर्यटन प्रदर्शनियों के माध्यम से क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों, कला, संस्कृति एवं इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय पर्यटन स्थलों का प्रभावी प्रचार-प्रसार एवं प्रमोशन हो सके।

साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी क्षेत्रीय आयोजनों और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाड़ोती के विभिन्न जिलों के पर्यटन स्थलों की जानकारी अन्य जिलों में आयोजित प्रदर्शनियों के माध्यम से भी दी जाएगी।

माहेश्वरी ने बताया कि बारां इकाई इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है तथा बूंदी इकाई द्वारा भी बाहर से आने वाले पर्यटकों को बूंदी के इतिहास एवं संपूर्ण हाड़ोती के पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बूंदी इकाई के अध्यक्ष प्रदीप चांदवानी एवं सचिव लोकेश सुखवाल ने बताया कि कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के दौरान बूंदी इकाई द्वारा अपने पांडाल में बूंदी के पर्यटन स्थलों का आकर्षक चित्रण एवं प्रदर्शन किया गया था, जिसे देशभर से आए टूर ऑपरेटर्स ने काफी सराहा। इसके बाद से बूंदी में देशी एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी देखने को मिली है।

बैठक में उपाध्यक्ष मुकेश श्रृंगी, कोषाध्यक्ष भगवान मंडावरा, मुख्य सलाहकार रोहित पाटौदी एवं नारायण मंडावरा ने बताया कि बूंदी आने वाले पर्यटकों को पूरे हाड़ोती क्षेत्र के पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है तथा उन्हें कोटा, बारां एवं झालावाड़ भ्रमण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

इस अवसर पर कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट में बूंदी इकाई के पदाधिकारियों द्वारा उत्कृष्ट सहयोग प्रदान करने पर फेडरेशन की ओर से उन्हें दुपट्टा, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

साथ ही बूंदी के प्रसिद्ध फोटोग्राफर नारायण मंडावरा, जो बूंदी के पर्यटन स्थलों के फोटो सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार प्रचारित करते रहते हैं, उन्हें भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

माहेश्वरी ने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के प्रदेश पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आगामी जुलाई-अगस्त माह में हाड़ोती के झालावाड़ अथवा बारां जिले में आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है।

बैठक के स्थान एवं तिथि की घोषणा शीघ्र की जाएगी। इस बैठक में प्रदेश की सभी जिला इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

बैठक का मुख्य उद्देश्य हाड़ोती संभाग के पर्यटन को प्रदेश के विकसित पर्यटन संभागों एवं जिला इकाइयों से जोड़ना तथा राज्य स्तर पर बनाई जाने वाली पर्यटन आइटनरी में हाड़ोती को भी शामिल करवाना है, ताकि आगामी पर्यटन सीजन में हाड़ोती क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।

नर्मदेश्वर शिवलिंग प्रतिष्ठा महोत्सव: नंदी पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले भोलेनाथ

श्री मंगलमय चमत्कारी धाम में अघोरी दल, सप्तऋषि मंडल के साथ निकली शिव बारात

​कोटा। विज्ञान नगर स्थित ‘श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति’ द्वारा आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को समूचा क्षेत्र शिव भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था भगवान भोलेनाथ की भव्य ‘शिव बारात’ का, जिसमें नंदी पर सवार महादेव के दर्शनों के लिए सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।

देवताओं के साथ निकले अघोरी और सप्तऋषि के अलौकिक दर्शन कर लग रहा था, मानो देव-लोक शिव की बारात का साक्षी बनने के लिए धरातल पर साक्षात उतर आया हो। बारात में भगवान भोलेनाथ नंदी पर सवार होकर भक्तों को आशीष दे रहे थे, तो वहीं बग्घियों में भगवान विष्णु गरुड़ पर और माता लक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि के साथ गणपति व वीर हनुमान की मनमोहक झांकियां सजी हुई थीं। ​

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बारात में सप्त ऋषि के रुप में प्राचीन परंपराओं को जीवंत करते सप्त ऋषियों की टोली चल रही थी। वहीं भस्म आरती और विशेष नृत्यों के साथ शिव के गणों का प्रतिनिधित्व अघोरी दल मौजूद थे। ​ढोल-ताशा के गूंजते नगाड़ों और ढोल की थाप पर युवा झूमते नजर आए। प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने भी इस बारात में सम्मिलित होकर इसकी गरिमा बढ़ाई।

​प्रमुख मार्गों से पुष्प वर्षा के बीच निकली बारात
​बारात का शुभारंभ कॉमर्स कॉलेज से हुआ। जहाँ से हरमीत मेडिकल, दिनेश गैस और ब्रजवासी मिष्ठान भंडार जैसे प्रमुख व्यापारिक मार्गों से होते हुए यह जनता डेयरी स्थित ‘श्री मंगलमय चमत्कारी धाम मंदिर’ पहुँची। पूरे मार्ग में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों द्वारा शिव बारात का भव्य स्वागत किया गया और पुष्प वर्षा की गई।

​14 मई को होगी सवा पांच फीट के शिवलिंग की स्थापना
​महंत अशोक तिवारी ने बताया कि इस बारात का उद्देश्य 14 मई को मंदिर परिसर में स्थापित होने वाले सवा पांच फीट ऊंचे भव्य नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा का निमंत्रण देना था। वर्तमान में अग्नि अखाड़े के महंत श्री गोपालानंद महाराज के सानिध्य में ‘शिव शक्ति यज्ञ’ जारी है, जिसमें काशी, उज्जैन और वृंदावन के विद्वान पंडितों द्वारा प्रतिदिन 11 हजार आहुतियां दी जा रही हैं।

​आज होगा ‘शिव-पार्वती विवाह’
​उत्सव की अगली कड़ी में बुधवार को गोधूलि बेला (शाम 6:30 बजे) में पूर्ण वैदिक रीति के साथ शिव-पार्वती विवाह का दिव्य आयोजन होगा। इसके पश्चात 15 मई को ‘प्रभु इच्छा तक’ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

कॉमर्स कॉलेज मैदान बना गोकुल धाम, भक्तों ने पीताम्बरी वस्त्रों में मनाया नंदोत्सव

अटूट है सनातन शक्ति, गौ और गुरु सेवा ही धर्म का मूल: श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज

​कोटा। कॉमर्स कॉलेज मैदान में ‘भगवत भास्कर’ श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन मंगलवार को ‘कृष्ण जन्मोत्सव’ एवं ‘नंदोत्सव’ का आयोजन किया गया। जिसमें संपूर्ण पंडाल गोकुल के रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज ने भी कथा व्यासपीठ को नमन कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

​महंत अशोक तिवारी ने बताया कि महाराज श्री के आह्वान पर मंगलवार को कथा स्थल का दृश्य देखते ही बनता था। महाराज श्री के निर्देशानुसार माताएं-बहनें ‘गोपी’ भाव में और भाई ‘नंद बाबा’ के स्वरूप में पीले वस्त्र धारण कर कथा स्थल पहुंचे।

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स्वयं श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज भी पीले रंग की राजस्थानी पगड़ी पहने हुए आकर्षण का केंद्र रहे। भजनों, चौपाइयों और श्लोकों के बीच जैसे ही भगवान कृष्ण का प्राकट्य हुआ, पूरा पांडाल ‘राधे-राधे’ और ‘गोविंद’ के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान मुख्य यजमान राजीव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा और अनिल गुप्ता ने विधि-विधान से पूजन संपन्न किया।

कथा में महंत अशोक तिवारी, निर्मल जैन, राजीव अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, अमित गुप्ता, तरुणकांत सोमानी, आशीष भार्गव, कपिल शर्मा, अजय चतुर्वेदी, विकास शर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।

सनातन धर्म की प्राचीनता और वैभव का वर्णन किया
​कथाव्यास ने सनातन धर्म की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत दानियों का देश है। उन्होंने मंदिरों के वैभव का उल्लेख करते हुए बताया कि ​अयोध्या मंदिर में स्वर्ण द्वार और तिरुपति बालाजी में भगवान वेंकटेश के स्वर्ण हाथी-घोड़े हमारी संपन्नता के प्रतीक हैं। ​पद्मनाभ स्वामी मंदिर के 65 तहखानों में भरा टनों सोना इस बात का प्रमाण है कि प्राचीन काल में देवालयों से ही देश की व्यवस्थाएं और अर्थव्यवस्था संचालित होती थी। ​महाराज श्री ने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म 2 अरब वर्षों से अस्तित्व में है। उन्होंने दावा किया कि 3000 साल पहले दुनिया की पूरी जनसंख्या हिंदू थी और आज विश्व के विभिन्न मत-पंथ हिंदू धर्म के ही लक्षणों को लेकर पुष्पित-पल्लवित हुए हैं।

​गौ सेवा का बताया महत्व
​गौ माता की महत्ता बताते हुए महाराज ने कहा कि गौ के रोम-रोम में देवताओं का वास है। गोमूत्र में गंगा और गोबर में लक्ष्मी का निवास है। राजस्थान की प्रसिद्ध बाटी का स्वाद गौ माता के कंडों से ही आता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सनातन में चींटी मारना भी पाप है, लेकिन जब हिंदू जागता है, तो बड़े-बड़ों के तख्त हिला देता है। उन्होंने राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सनातन को ‘डेंगू-मलेरिया’ कहने वाले नासमझ नेताओं को जनता ने करारा जवाब दिया है।

​विश्व पटल पर सनातन का डंका
​महाराज श्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज अमेरिका जैसे देशों में 25-25 एकड़ में भव्य हिंदू मंदिर बन रहे हैं। सनातन धर्म सिख, बौद्ध, जैन और आर्य जैसे मजबूत खंभों पर टिका है। उन्होंने मातृशक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि धर्म के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका सर्वोपरि है। भागवत में वर्णित कृष्ण जन्म के श्लोकों का नित्य पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

Kota Mandi: क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन, सरसों के भाव तेज रहे

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 100 रुपये और सरसों 50 रुपये तेज बिकी। देसावरी मांग से लहसुन 300 गया। कारोबारी सूत्रों का कहना है कि डीओसी तेज रहने से भी सोयाबीन के भाव लगातार ऊंचे हो रहे हैं।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 15000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350से 2450, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4450, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5600 से 6950, सोयाबीन बीज क्वालिटी 6900 से 7151, सरसों 6500 से 7151, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5300, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 14500, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

NEET UG 2026: कहां से आया वह गैस पेपर, जिसने कराई नीट रद्द

जयपुर। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है।

इस पूरे मामले में सीकर में अब तक 14 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। ये भी सवाल उठ रहा है कि राजस्थान एसओजी ने एफआईआर दर्ज करने में बहुत देर की जबकि सारे सबूत सामने थे।

सूत्रों के अनुसार इस मामले में एसओजी की जांच के दौरान पता चला कि केरल से सीकर तक पेपर पहुंचा। 1 मई को केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे चूरू के एक छात्र ने सीकर के एक काउंसलर को कथित सैंपल पेपर भेजा था। इसके बाद यह पेपर कोचिंग संस्थानों, फोटोकॉपी दुकानों और छात्रों तक पहुंचा। हालांकि इस पूरे मामले में अभी जांच जारी है और अंतिम स्थिति आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच एजेंसियों के अनुसार परीक्षा से एक दिन पहले यानी 2 मई की रात कथित “गेस पेपर” व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए छात्रों तक पहुंचाया गया । बाद में इसकी फोटोकॉपी भी विभिन्न स्थानों पर बांटी गई। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने पुष्टि की कि यह गेस पेपर सोशल मीडिया और फोटोकॉपी दुकानों तक पहुंचा था तथा इसकी जांच की जा रही है।

सीकर से 14 हिरासत में
पूरे विवाद की जांच में राजस्थान का सीकर जिला सबसे अहम कड़ी बनकर उभरा है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) लगातार मामले की जांच कर रही थीं। अब तक 14 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। हालांकि अब मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है, इसलिए राजस्थान SOG की अब तक की जांच रिपोर्ट भी केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है।

100 से ज्यादा सवाल मैच होने का दावा
जांच में सामने आया कि वायरल गेस पेपर के बड़ी संख्या में प्रश्न वास्तविक NEET परीक्षा से मेल खाते थे। सूत्रों के मुताबिक बायोलॉजी के करीब 90 और केमिस्ट्री के लगभग 35 सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे गए। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 400 प्रश्नों के सेट में से करीब 125 प्रश्न असली पेपर से मेल खाते थे। इसी वजह से मामला सामान्य “गेस पेपर” से आगे बढ़कर संभावित पेपर लीक और संगठित नेटवर्क की जांच तक पहुंच गया।

लाखों रुपये में बेचा गया कथित पेपर
जांच एजेंसियों के अनुसार शुरुआत में यह कथित गेस पेपर 2 से 5 लाख रुपये तक में बेचा गया। बाद में परीक्षा से ठीक पहले यही सामग्री 30 हजार रुपये तक में उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई। एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही हैं।

परीक्षा वाले दिन ही छात्रों ने की थी शिकायत
सूत्रों के मुताबिक परीक्षा वाले दिन कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दी थी कि कुछ अभ्यर्थियों के पास पहले से ऐसे सवाल मौजूद थे, जो परीक्षा में पूछे गए। बाद में 7 मई को NTA को भी कथित अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें मिलीं, जिसके बाद एजेंसी ने 8 मई को मामले को केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क के संकेत
SOG की जांच में सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर और देहरादून तक नेटवर्क फैलने के संकेत मिले हैं। सीकर के पीपराली रोड स्थित एक कंसल्टेंसी सेंटर को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसियों को संदिग्धों के मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेज भी मिले हैं। सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया, जिसे जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क का अहम सदस्य मान रही हैं।