Wednesday, June 17, 2026
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Kota Mandi: क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन ऊपर में 7400 रुपये बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को क्रशिंग मिलर्स की लिवाली से सोयाबीन 200 रुपये और सरसों 50 रुपये तेज बिकी। कारोबारी सूत्रों के अनुसार सोयाबीन ऊपर में 7400 रुपये प्रति क्विंटल बिकी। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 13000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल लस्टर 2350 से 2450 गेहूं एवरेज टुकड़ी 2450 से 2500, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2600, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 2050, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2450 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3701, धान (1509) 3400 से 4250, धान (1847) 3200 से 4101, धान (1718-1885) 4200 से 4450, धान (पूसा-1) 3000 से 4000, धान (1401-1886) 4100 से 4250, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5800 से 7400, सोयाबीन बीज क्वालिटी 7400 से 7551, सरसों 6500 से 7251, अलसी 8000 से 9050, तिल्ली 7000 से 8500, रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7400, उड़द 4500 से 7000, चना देशी 4800 से 5300, चना मौसमी नया 5100 से 5200, चना पेप्सी 5100 से 5251, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 6900 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 3500 से 14500, मैथी नयी 5800 से 6550, धनिया बादामी 11000 से 11300, धनिया ईगल 11500 से 12000, धनिया रंगदार 13000 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल।

समर्पण बहुउद्देशीय विकास समिति की नई कार्यकारिणी का गठन

कोटा। समर्पण बहुउद्देशीय विकास समिति कोटा की वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया है।

समिति के उपाध्यक्ष (जन सम्पर्क) विजय माहेश्वरी ने बताया कि समिति के संस्थापक अध्यक्ष आरएस कसेरा द्वारा कार्यकारी अध्यक्ष पंकज कुमार गोयल, उपाध्यक्ष (जनसंपर्क) विजय माहेश्वरी, उपाध्यक्ष (समन्वय) यज्ञदत्त हाडा, उपाध्यक्ष (बालिका शिक्षा) अनामिका राठौर, महासचिव डॉ. जगदीश शर्मा, सयुक्त सचिव प्रीति जासु एवं कोषाध्यक्ष महेश चतुर्वेदी को मनोनीत किया गया।

नहीं चलेगी किन्नरों की मनमानी, मांगलिक अवसरों के लिए बधाई की राशि निर्धारित

अगर कोई जबरदस्ती करे तो इस मोबाइल नंबर पर कर सकतें है शिकायत

​कोटा। शहर में मांगलिक अवसरों पर किन्नर समाज द्वारा मांगी जाने वाली बधाई राशि को लेकर लंबे समय से चल रहे गतिरोध और मनमानी की शिकायतों पर विराम लग गया है।

सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ और कोटा के सात प्रमुख किन्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के बीच हुई तीन घंटे की मैराथन बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए बधाई राशि और घर आने का समय सर्वसम्मति से तय कर लिया गया है।

इस वार्ता की पृष्ठभूमि 10 मई को ‘मातृशक्ति दिवस’ पर आयोजित सर्व हिंदू समाज महिला मंडल महासंघ सम्मेलन में बनी थी, जहाँ 500 से अधिक महिलाओं ने महासंघ के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के समक्ष किन्नरों द्वारा की जाने वाली मनमानी और अत्यधिक धन की मांग का मुद्दा उठाया था।

महिलाओं की पीड़ा पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने व्यवस्था सुधार का भरोसा दिया था। जिसके बाद किन्नर प्रमुखों ने स्वयं पहल कर अपना पक्ष रखने की इच्छा जताई। इसी क्रम में, महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी के समन्वय से नदी पार क्षेत्र की किन्नर प्रमुख इंदु बाई के निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में महासंघ के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल, महामंत्री राजाराम जैन कर्म योगी रावण सरकार एडवोकेट नरेंद्र डाबी परमानंद गर्ग महेश पंचोली बसंत भरावासहित 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और किन्नर प्रमुखों में तारा देवी, रीना दीदी, मनीषा बाई, , ममता बाई, इंदु बाई एवं ज्योति बाई ने अपने शिष्यों एवं कोटा जिला कलेक्टर द्वारा अधिकृत कोटा जिला ट्रांसजेंडर आइकॉन मंगलामुखी नैना देवी किन्नर सहित शिरकत की।

गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि अब से विवाह, जन्मोत्सव और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक अवसरों पर संपन्न वर्ग के लिए बधाई राशि 5,100 से अधिकतम 11,000 रुपये तथा सामान्य एवं मध्यम वर्ग के लिए 1,100 से अधिकतम 5,100 रुपये निर्धारित की गई है। यदि कोई जजमान स्वेच्छा से अधिक राशि देना चाहे तो वह स्वतंत्र है, किंतु किन्नर समाज द्वारा किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या दबाव नहीं बनाया जाएगा।

​पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए यह तय हुआ कि राशि यथासंभव ऑनलाइन माध्यम से दी जाएगी। सुविधा न होने पर ही नकद भुगतान होगा। इसके अतिरिक्त, किन्नरों के घर पहुंचने का समय प्रातः 9 से दोपहर 2 बजे तक निश्चित किया गया है। हालांकि परिवार के विशेष आमंत्रण पर वे किसी भी समय जा सकेंगे।

महिलाओं की गरिमा का ध्यान रखते हुए यह भी स्पष्ट किया गया कि घर पर पुरुषों की अनुपस्थिति में भी महिलाएं निर्धारित राशि देकर विदा कर सकेंगी और उसे सहर्ष स्वीकार किया जाएगा।

यदि किसी क्षेत्र में किन्नर समूह द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन या दुर्व्यवहार किया जाता है, तो पीड़ित पक्ष महासंघ द्वारा जारी मोबाइल नंबर 98293-28525 पर वीडियो या फोटो साक्ष्य भेज सकेगा। जिसके आधार पर क्षेत्रीय किन्नर प्रमुखों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे समझौते को एडवोकेट नरेंद्र डाबी के माध्यम से दस्तावेजी रूप दिया गया है। जिसे शीघ्र ही 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर विधिवत निष्पादित कर सभी पक्षों को सौंपा जाएगा। वार्ता के सफल समापन पर प्रतिनिधिमंडल ने किन्नर प्रमुखों का माल्यार्पण कर मुंह मीठा कराया।

इस ऐतिहासिक पहल के सम्मान में आगामी 17 जून, गंगा दशहरा के अवसर पर आम नागरिकों द्वारा किन्नर प्रमुखों का भव्य अभिनंदन किया जाएगा। महासंघ के इस निर्णय से कोटा शहर में एक नई सामाजिक समरसता और पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत हुई है।

केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों की MSP बढ़ाई, जानिए किस पर कितनी वृद्धि

नई दिल्ली। Kharif MSP 2026: केंद्र सरकार ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान के समर्थन मूल्य में प्रति ​क्विंटल 72 रुपये का इजाफा किया गया है। वहीं, सबसे अधिक बढ़ोतरी सूरजमुखी के एमएसपी में की है।

एमएसपी बढ़ाने का मकसद किसानों को उनकी उपज के लिए उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई आर्थिक मामलों की केंद्रीय कैबिनेट समिति (CCEA) ने 14 खरीफ फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 में एमएसपी बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।

सबसे अधिक सूरजमुखी का एमएसपी 622 रुपये बढ़ाया गया है और इस वृद्धि के साथ इसका एमएसपी 8,343 रुपये क्विंटल हो गया। इसके बाद कपास का 557 रुपये बढ़ाकर 8,267 (Medium Staple) और 8,667 (long Staple) रुपये क्विंटल कर दिया गया है। तिल का 500 रुपये क्विंटल बढ़ाया गया है।

खरीफ सीजन की सबसे बड़ी फसल सामान्य धान का एमएसपी 2,369 रुपये से बढ़ाकर 2,441 रुपये और ग्रेड ए का 2,389 रुपये से बढ़ाकर 2,461 रुपये क्विंटल किया गया है।

तिलहन फसलों में प्रमुख फसल सोयाबीन का एमएसपी 5,328 रुपये से बढ़ाकर 5,708 रुपये, जबकि दलहन फसलों में प्रमुख फसल अरहर का एमएसपी 8,000 रुपये से बढ़ाकर 8,450 रुपये क्विंटल कर दिया।

खरीफ फसलों के लिए मार्केटिंग सीजन 2026-27 में एमएसपी में वृद्धि, 2018-19 के केंद्रीय बजट में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को देशभर की औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर निर्धारित करने का फैसला किया गया था।

किसानों को लागत पर सबसे अधिक लाभ मूंग (61%) में मिलेगा। इसके बाद बाजरा और मक्का (56%), अरहर (54%) पर मिलेगा। बाकी फसलों के लिए लाभ 50 फीसदी अनुमानित है।

केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक के दौरान धान की खूब खरीद की है। वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान की खरीद 8,418 लाख टन रही, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान धान की खरीद 4,590 लाख टन थी।

वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान धान उगाने वाले किसानों को एमएसपी के रूप में 16.08 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान किसानों को 4.44 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

वहीं वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 14 खरीफ फसलों की कुल खरीद 8,746 लाख टन रही, जबकि वर्ष 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह 4,679 लाख टन थी।

इन फसलों के लिए किसानों को एमएसपी के रूप में 4.75 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान 18.99 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

खरीफ फसलों के लिए (₹ प्रति क्विंटल)

फसलMSP 2025-26 (₹/क्विंटल)MSP वृद्धि 2026-27 (₹)MSP 2026-27 (₹/क्विंटल)
धान (सामान्य)2369722441
धान (ग्रेड A)2389722461
ज्वार (हाइब्रिड)3969544023
ज्वार (मालदांडी)4019544073
बाजरा2844562900
रागी5150555205
मक्का2354562410
तूर/अरहर8376748450
मूंग8720608780
उड़द8140608200
मूंगफली7457607517
सूरजमुखी8283608343
सोयाबीन (पीली)5648605708
तिल102746010334
नाइजरसीड99827010052
कपास (मध्यम रेशा)8211568267
कपास (लंबा रेशा)8754538807

ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रयास करो, जो होगा सबसे अच्छा होगा

कथावाचक इंद्रेश कुमार महाराज ने मोशन एजुकेशन के विद्यार्थियों को किया प्रेरित

कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में बुधवार को अध्यात्म, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध युवा कथावाचक इंद्रेश कुमार महाराज ने मोशन एजुकेशन के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ प्रयास करना सबसे जरूरी है।

यदि इंसान अपना सौ प्रतिशत देता है तो उसे उसका फल जरूर मिलता है। अगर कभी मनचाहा परिणाम नहीं मिले तो यह समझ लेना चाहिए कि ईश्वर ने कुछ और बेहतर तय कर रखा है।

मोशन एजुकेशन की ओर से कॉमर्स कॉलेज परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दस हजार से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय, डायरेक्टर सुशीला विजय, फाउंडर और एजुकेटर नितिन विजय, डॉ. स्वाति विजय, ज्वाइंट डायरेक्टर रामरतन द्विवेदी और अमित वर्मा सहित संस्थान के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इंद्रेश कुमार महाराज का स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत भजनों और आध्यात्मिक प्रस्तुति से हुई। इंद्रेश कुमार महाराज और उनकी मंडली ने अपने मधुर भजनों से ऐसा वातावरण बनाया कि पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया।

अपने संबोधन में इंद्रेश कुमार महाराज ने कहा कि आज का युवा जीवन में बहुत कुछ हासिल करना चाहता है। कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, कोई पायलट तो कोई प्रशासनिक अधिकारी। सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन उन सपनों को पाने के लिए पूरी निष्ठा से मेहनत करना सबसे जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि जब कुछ बन जाएंगे तब खुश रहेंगे, जबकि सच यह है कि खुश रहने के लिए किसी पद या सफलता जरूरी नहीं है। इंसान हर परिस्थिति में खुश रहना सीख सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता की दौड़ में अपनी आंतरिक शांति और खुशी को कभी नहीं खोना चाहिए।

विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने अपना व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक समय वे गायक बनना चाहते थे। इसके लिए वे मुंबई गए, संगीत सीखा और कई ऑडिशन भी दिए। लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि शायद ईश्वर ने उनके लिए कोई अलग रास्ता चुना है। इसके बाद उन्होंने भक्ति और कथा का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा कि आज वे लोगों को नहीं, बल्कि ईश्वर को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं और इसी में उन्हें सच्चा आनंद मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उनसे कई सवाल भी पूछे। एक छात्र ने पूछा कि मन को नियंत्रित कैसे किया जाए। इस पर इंद्रेश कुमार महाराज ने बेहद सरल शब्दों में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मन को काबू में करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उसकी हर इच्छा तुरंत पूरी न की जाए।

यदि इंसान मन की हर बात मानता रहेगा तो मन उस पर हावी हो जाएगा। लेकिन यदि मन को अनुशासन में रखा जाए तो व्यक्ति खुद पर नियंत्रण हासिल कर सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को कंफर्ट जोन से बाहर निकलने की सलाह देते हुए कहा कि जीवन में कुछ नियम बनाना जरूरी है। नियमित प्राणायाम करें, भोजन की आदतों में सुधार लाएं और देर तक एक जगह बैठकर ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास करें। ये छोटी-छोटी आदतें भविष्य में बड़ी सफलता का आधार बनती हैं।

इंद्रेश कुमार महाराज ने कहा कि कोटा जैसे शहर में हजारों मेहनती और ऊर्जावान विद्यार्थियों के बीच आकर उन्हें बेहद खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच बनाए रखने और हर परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भजनों और प्रेरक विचारों का आनंद लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।

कोटा-नागदा खंड पर ब्लॉक के कारण 14 व 15 मई को कुछ ट्रेनें होंगी प्रभावित

कंवलपुरा-दरा सेक्शन में दो दिवसीय ब्लॉक

कोटा। कोटा मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा-नागदा मुख्य रेल खंड पर स्थित कंवलपुरा-दरा सेक्शन में आर्च ब्रिज संख्या 148 के समीप बॉक्स पुशिंग (कट एवं पुश) पद्धति से नए रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण हेतु आरएच गर्डर लॉन्चिंग का कार्य किया जाएगा।

इस निर्माण कार्य के लिए 14 मई एवं 15 मई को इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया जाएगा, जिसके कारण उक्त खंड से गुजरने वाली कुछ यात्री गाड़ियाँ प्रभावित रहेंगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 14 मई को अप लाइन पर गाड़ी संख्या 19038 के पश्चात् दोपहर 13:10 बजे से 17:05 बजे तक (03 घंटे 55 मिनट) तथा डाउन लाइन पर गाड़ी संख्या 59837 के पश्चात् दोपहर 13:55 बजे से 16:20 बजे तक (02 घंटे 25 मिनट) इंजीनियरिंग ब्लॉक लिया जाएगा।

15 मई को डाउन लाइन पर गाड़ी संख्या 59837 के पश्चात् दोपहर 12:25 बजे से 16:20 बजे तक (03 घंटे 55 मिनट) तथा अप लाइन पर गाड़ी संख्या 19820 के पश्चात् दोपहर 13:10 बजे से 15:35 बजे तक (02 घंटे 25 मिनट) इंजीनियरिंग ब्लॉक प्रस्तावित है।

14 मई को प्रभावित होने वाली यात्री गाड़ियाँ — अप दिशा में गाड़ी संख्या 19104 (कोटा-रतलाम मेमू) लगभग 02 घंटे 55 मिनट, गाड़ी संख्या 12466 (जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस) लगभग 02 घंटे तथा गाड़ी संख्या 59840 (कोटा-अकलेरा पैसेंजर) लगभग 02 घंटे 05 मिनट तक प्रभावित रहेंगी। डाउन दिशा में गाड़ी संख्या 22655 (एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस) लगभग 55 मिनट तथा गाड़ी संख्या 22997 (झालावाड़ सिटी-श्री गंगानगर एक्सप्रेस) लगभग 10 मिनट तक प्रभावित रहेंगी।

15 मई को प्रभावित होने वाली यात्री गाड़ियाँ — डाउन दिशा में गाड़ी संख्या 20845 (बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस) लगभग 45 मिनट तक प्रभावित रहेगी। अप दिशा में गाड़ी संख्या 19038 (बरौनी-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस) लगभग 02 घंटे 30 मिनट, गाड़ी संख्या 19104 (कोटा-रतलाम मेमू) लगभग 01 घंटे 30 मिनट, गाड़ी संख्या 12466 (जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस) लगभग 30 मिनट तथा गाड़ी संख्या 59840 (कोटा-अकलेरा पैसेंजर) लगभग 35 मिनट तक प्रभावित रहेंगी।

ब्लॉक अवधि के दौरान अनिर्धारित एवं विलंब से चलने वाली गाड़ियाँ तथा विशेष गाड़ियाँ भी विनियमित की जा सकती हैं।

Result: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, लड़कियों ने फिर बाजी मारी

लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86 और लड़कों का 82.13 रहा

नई दिल्ली। CBSE 12th Result 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। छात्र छात्राएं सीबीएसई बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in व cbseresults.nic.in के अलावा डिजीलॉकर (Digilocker) पोर्टल digilocker.gov.in और उमंग ऐप ( Umang App ) से भी अपना 12वीं का परिणाम चेक कर सकते हैं।

विद्यार्थी अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी डालकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इस वर्ष सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 85.20 फीसदी रहा। लड़कियों का रिजल्ट लड़कों से अच्छा रहा। लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% रहा, जो लड़कों के 82.13% पास प्रतिशत की तुलना में 6.73% अधिक है।

ट्रांसजेंडर श्रेणी के छात्रों का पास प्रतिशत 100% रहा। बीते दो वर्षों से सीबीएसई 13 मई को 10वीं 12वीं के नतीजे घोषित करता आ रहा है। इस वर्ष भी बोर्ड ने 13 मई को परिणाम जारी कर दिया। सीबीएसई 10वीं की परीक्षाएं साल में दो बार होनी है इसलिए उसका रिजल्ट करीब एक माह पहले 15 अप्रैल को ही घोषित कर दिया गया था।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  • CBSE 12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
  • रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें
  • स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा
  • पिछले साल कब आया था रिजल्ट

डिजॉलॉकर ( Digilocker ) पर कैसे देखें

डिजीलॉकर एक सरकारी प्लेटफॉर्म है जहां आपकी मार्कशीट पूरी तरह से सुरक्षित और वैलिड रहती है। इसे एक्सेस करने का तरीका बेहद आसान है।

  • सबसे पहले डिजीलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट digilocker.gov.in पर जाएं या इसका ऐप डाउनलोड करें।
  • अपने आधार कार्ड नंबर या मोबाइल नंबर के जरिए ‘लॉग इन’ करें। यदि आपका अकाउंट नहीं है, तो ‘Sign Up’ कर अपना रजिस्ट्रेशन करें।
  • होमपेज पर ‘Education’ कैटेगरी में जाकर ‘CBSE’ को चुनें।
  • अब ‘Class XII Marksheet’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर (Roll Number) और एडमिट कार्ड आईडी (Admit Card ID) दर्ज करें।
  • आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।

उमंग ( Umang App ) से कैसे चेक करें

  • उमंग ऐप डाउनलोड करें या web.umang.gov.in पर जाएं।
  • अपने मोबाइल नंबर और रोल नंबर से रजिस्टर करें
  • लॉग इन करें और एजुकेशन सेक्शन पर जाएं
  • ‘सीबीएसई’ > ‘सीबीएसई कक्षा 12’ पर क्लिक करें
  • क्रेडेंशियल दर्ज करें और सबमिट करें

Stock Market: सेंसेक्स मामूली सुधरकर बंद, निफ्टी 23400 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed: भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद हल्की बढ़त के साथ दिन का समापन किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार को मेटल, ऑयल और गैस जैसे सेक्टरों से सपोर्ट मिला, जिससे गिरावट का दबाव कम हो गया।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 49.74 अंक या 0.07 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,608.98 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 33.05 अंक या 0.14 प्रतिशत चढ़कर 23,412.60 पर बंद हुआ।

आज के कारोबार में मेटल, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों में तेजी ने पूरे बाजार को सहारा दिया और गिरावट को सीमित रखा।

दूसरी ओर आईटी, ऑटो, बैंक और मीडिया सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। इन सेक्टरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा, जिससे बाजार की बढ़त सीमित रह गई। खासकर बैंकिंग और आईटी शेयरों में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

मिडकैप की बढ़त
आज बाजार में कुल मिलाकर सकारात्मक रुख देखने को मिला। बढ़ने वाले शेयरों की संख्या घटने वाले शेयरों से अधिक रही। लगभग 2,328 शेयरों में तेजी रही जबकि 1,690 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप शेयरों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

मेटल सेक्टर आज बाजार का सबसे मजबूत हिस्सा रहा। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

144 विधायकों के समर्थन से विजय सरकार को मिला बहुमत, DMK वॉकआउट

चेन्नई। तमिलनाडु में हाल ही में हुए चुनावों में मिली जीत के बाद विजय फ्लोर टेस्ट में भी पास हो गए हैं। मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में विश्वास मत के लिए प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें TVK की गठबंधन वाली सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिल गया है।

गौरतलब है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में विजय की सरकार को फ्लोर टेस्ट में पास होने के लिए 118 के आंकड़े की जरूरत थी। फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जहां DMK ने वोटिंग से इनकार करते हुए विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।

फ्लोर टेस्ट में विजय की सरकार को कांग्रेस, CPI, CPI (M), VCK और IUML ने सरकार को समर्थन दिया है। वहीं बीजेपी और अनबुमणि रामदोस के नेतृत्व वाली पीएमके ने वोटिंग से दूरी बनाई। हालांकि असली खेल तब हुआ AIADMK के बागी गुट ने विजय के समर्थन में वोटिंग का ऐलान कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले इस गुट को पार्टी के 47 में से करीब 30 विधायकों का समर्थन है और इनमें से कम से कम 25 विधायकों ने मुख्यमंत्री विजय के पक्ष में वोट किया।

बता दें कि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों से मिले समर्थन के बाद विजय के पास पहले से ही 120 विधायकों का समर्थन था। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को TVK के एक विधायक के सदन में जाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद विजय की सरकार के बहुमत प्रस्ताव में पास होने को लेकर संशय की स्थिति बनी थी। हालांकि विजय ने अब इस परीक्षा को भी पास कर लिया है। हालिया चुनावों में विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और पार्टी ने 234 में से 107 सीटें अपने नाम की थी।

इससे पहले तमिलनाडु विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। सदन में उदयनिधि स्टालिन और विजय के बीच तीखी बहस हुई। वहीं विजय ने विपक्षी पार्टियों द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को सिरे खारिज कर दिया और कहा कि उनकी सरकार हॉर्स ट्रेडिंग नहीं कर रही बल्कि घोड़े के रफ्तार से चल रही है। उदयनिधि स्टालिन ने TVK पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनसे विजय को वोट दिया है वो भी अब पछता रहे हैं। स्टालिन ने कहा, “जिन लोगों ने आपको वोट दिया, अब उन्हें भी लगने लगा है कि उन्होंने बड़ी भूल कर दी है। DMK इस विश्वास मत का हिस्सा नहीं बनेगी।”

सामने आ गई AIADMK की दरार
फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK की दरार भी खुलकर सामने आ गई। वेलुमणि के नेतृत्व वाले AIADMK के गुट ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन दिया। इस दौरान वेलुमणि ने कहा है कि वे किसी मंत्री पद या लालच के लिए नहीं, बल्कि सरकार की स्थिरता के लिए समर्थन दे रहे हैं। वहीं इस बगावत से नाराज AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) ने मुख्यमंत्री विजय पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “खबरें हैं कि सरकार ने हमारे कुछ नेताओं को मंत्री पद का लालच दिया है। आप सुशासन’ की बात करते हैं, तो फिर इस तरह की जोड़-तोड़ क्यों?” पलानीस्वामी ने गुट के सभी विधायकों के TVK के खिलाफ वोटिंग करने का ऐलान भी किया।