Sunday, July 12, 2026
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बिजली कटौती होगा अपराध, वितरण कंपनियों पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली। अपने देश में अतिरिक्त बिजली उत्पादन के समय भी कटौती होती रहती है। ऐसे में अनावश्यक बिजली कटौती रोकने के लिए सरकार कानून में नया प्रावधान करने जा रही है।

गुरुवार को बिजली मंत्री आर. के. सिंह ने कहा कि अनावश्यक बिजली कटौती करने पर वितरण कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ बैठक से इतर सिंह ने कहा कि यह जुर्माना सरकार के उस रोडमैप का हिस्सा है, जो सभी को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘मार्च 2019 से सभी को 24×7 बिजली देने के सरकार के विजन को पूरा करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

हम इसे कानूनी दायित्व बना देंगे कि अगर 2019 के बाद कोई अनावश्यक बिजली कटौती होती है तो वितरण कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसमें दैवीय और तकनीकी कारणों को शामिल नहीं किया जाएगा।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोगों को लगातार बिजली देने के वितरण कंपनियों के नैतिक दायित्व को अब इलेक्ट्रिसिटी ऐक्ट, 2003 के जरिए बाध्यकारी सेवा दायित्व बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी को लगातार बिजली देने की मांग को पूरा करने के लिए सिस्टम को हर तरह से मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, ‘मैन्युअल मीटर रीडिंग का कोई सिस्टम नहीं होगा।

हम ह्यूमन इंटरफेस को खत्म करेंगे और ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से उतनी ही बिजली के लिए मोबाइल से भुगतान करेंगे। इसके अतिरिक्त यह अनिवार्य बनाया जाएगा कि वितरण कंपनियां बिलिंग लॉस को ग्राहकों से वसूल न कर सकें।’

उन्होंने राज्यों के मंत्रियों से सभी को 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य हासिल करने के लिए बिजली वितरण हानि को 15 प्रतिशत से नीचे लाने पर जोर दिया।

सिंह ने 2018 तक 4 करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन प्रदान करने के लिए सौभाग्य योजना शुरू करने की भी अपील की। सिंह ने कहा, ‘हमने बिजली वितरण (वाणिज्यिक और तकनीकी) हानि को कम किया है।

वर्ष 2019 तक सभी को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करने के लिए यह जरूरी है।’ सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उन्होंने कहा, ‘हम सौभाग्य योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक ग्राहकों को जोड़ने जा रहे हैं।

 इस तरह आपूर्ति में वृद्धि होने पर वितरण में हानि का बढ़ना भी संभव है, लेकिन हम इन घाटों को कम करने के लिए लगातार करदाताओं के पैसों पर निर्भर नहीं रह सकते।’ 

सौभाग्य योजना पर उन्होंने कहा, ‘हमने 2018 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हमें इसे पूरा करना है। हमने राज्यों में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 9वीं पंचवर्षीय योजना से लेकर अब तक 90,000 करोड़ से अधिक दिया है।

हम विभिन्न योजनाओं के तहत धन उपलब्ध करा रहे हैं। वर्तमान में, किसी भी राज्य ने सौभाग्य योजना के तहत अपना प्रस्ताव पेश नहीं किया है। केंद्र ने इस योजना के तहत 16,320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’

स्मार्ट मीटर का विरोध: बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करेंगे

कोटा। शहर में तीव्र गति से चलने वाले बिजली के स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से अनावश्यक लूट के खिलाफ संघर्ष समिति तलवण्डी1,2,3,व 4 सेक्टर ने बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया है।

समिति के केदार लाल गुप्ता एवं हेमराज सिंह चौहान ने कहा कि बिजली के बिलों का भुगतान नहीं किया जाएगा। व्यापारियों ने भी ऐसा ही निर्णय किया है। बिजली कंपनी ने कनेक्शन काटने का प्रयास किया तो अशांति के लिए नागरिक जिम्मेदार नहीं होंगे।

समिति के बनवारी लाल पंचौली, राजेश नामा,गिर्राज चौधरी आदि ने कहा कि बिजली के बिलों को एक़त्र कर सांसद ओम बिरला एवं भाजपा के शहर जिला अध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय के माध्यम से मुख्यमंत्री को सोंपे जाऐंगे कि अघोषित लूट का बिल जन प्रतिनिधि अदा करें। लूट का ये क्या तरीका ईजाद किया है बिजली कंपनी ने।

जन प्रतिनिधियों की चुप्पी आश्चर्यजनक है। जनता इस लूट का विरोध करेगी। चौहान ने कहा कि जनता के प्रतिनिधि वास्तव में जनता के साथ हैं तो लूट का साथ नहीं देंगे। उल्लेखनीय है कि गत दिनों समिति ने सांसद ओम बिरला ,महापौर को प्रदर्शन व ज्ञापन के माध्यम बिलों के बहिष्कार का निर्णय बता दिया था।

चौहान ने कहा कि सांसद व विधायकों, तथा पार्षदों को जनता का साथ देते हुए सरकार से निर्णय बदलवाना होगा, अन्यथा आंदोलन को तीव्र किया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि इस लूट के लिए कोटा में तलवण्डी को ही क्यों चुना है। जबकि बीकानेर के महापौर ने स्मार्ट नहीं लगने दिए। कोटा उत्तर एवं अन्य स्थानों पर भी नहीं लगे है। हर राजनीतिक दल को इसका विरोध करना चाहिए।

‘दवा’ से ज्यादा असर दिखाती है ईश्वर की ‘दया’: संत नागरजी

धर्मसभा : बरसात के अगले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने बड़ा के बालाजी धाम में भक्ति सागर का आनंद उठाया

अरविंद, बारां/कोटा। पूज्य गौसेवक संत पंडित कमल किशोर ‘नागरजी’ ने कहा कि देह में कोई बीमारी हो तो उसका इलाज डॉक्टर के पास है लेकिन मन की दवा तो केवल ईश्वर के पास है।

बारां के पास बड़ा के बालाजी धाम में गुरुवार को श्रीमद भागवत कथा के चतुर्थ सोपान में उन्होंने कहा कि बीमारी होने पर हम होम्योपैथी या एलोपैथी डॉक्टर से अलग-अलग इलाज लेते है लेकिन मन मे कोई पीड़ा हो तो प्रभू की शरण में जाने से रुक जातेे हैं।

सनातन धर्म मे ऐसी कथाओं में ज्ञान गंगा बहती है, समय निकालकर भक्ति प्रवाह में मन लगाओ। हो सकता है कथा सुनते समय हमारे मन की कोई बात निकलकर बाहर आ जाये और मन को हल्का कर दे।

उन्होंने कहा कि आज हम संसार की खाई में उलझे हुए हैं। एक इधर तो दूसरा उधर खींचता है। तैराक कितना भी अच्छा हो, वो जल में मछली को नही पकड़ पाता है, उसी तरह माया के सागर में फंसकर भक्ति-भाव हमसे दूर होते जाते हैं।

भवसागर से पार होना है तो नित्यकर्म से समय निकालकर भक्ति की नौका में सवार हो जाओ। क्योकि ऐसे स्थान पर आकर हम भय से अभय हो जाते हैं।

यहां दवा की जगह प्रभु की दया दृष्टि बरसती है। फिर भी कोई अड़चन आये तो समझ लेना कि मेरे जीवन की डोर प्रभु के हाथ मे नही है। मन मे उसे निरन्तर भजते रहें, बाधाएं अवश्य हट जाएंगी।

भेदभाव मिटाती है कुंकुम व सिंदूर
अपने धाराप्रवाह प्रवचन में पूज्य नागरजी ने महिलाओं से कहा कि कलियुग में पति के साथ होने पर भी नारी मांग में सिंदूर लगाने में संकोच करती है।

सनातन धर्म मे जनेऊ, धोती, तिलक, कुंकुम व सिंदूर का बड़ा सम्मान है। नारी सुहागन है, यदि वो पतिव्रता रहे तो देवी रूप के समान है। हमारे यहां कुंकुम और सिंदूर हमेशा समानता लाती है।

क्योकि अमीर या गरीब सभी इसे समान भाव से लगाते हैं। सोने-चांदी के जेवर में एक बार भेदभाव हो सकता है पर सिंदूर में नहीं। ये सौभाग्य की सूचक है। नारी की मांग में सिंदूर दिखता है, तो ईश्वर की दया दृष्टि उस पर बनी रहती है।

एक प्रसंग में उन्होंने कहा कि सीताहरण के बाद श्रीराम ने रावण से समझौते के लिए हनुमान को भेजा, तब लक्ष्मण-जामवंत ने लंका को मिटाने की बात कही। इस पर श्रीराम बोले- मिटा देते लेकिन मंदोदरी की मांग में सिंदूर है, उसे नही मिटा सकते।

खूब पढ़ो, आगे बढ़ो लेकिन..
पूज्य नागरजी ने बच्चों और युवाओं से कहा कि खूब पढ़ो, आगे बढ़ो लेकिन किसी से मिलने पर हाय-हैलो कहना छोडकर जय श्रीराम या जय श्रीकृष्ण कहना शुरू कर दो। आपको केवल ईश्वर जब नाम से ही आध्यात्मिक ऊर्जा मिलने लगेगी।

विराट कथा पांडाल में गुरुवार को धूमधाम से भव्य कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। देर तक सभी श्रद्धालु मधुर भजनों पर झूमते रहे। दम्पती पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया, उर्मिला भाया एवं पुत्र यश ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ सामूहिक भागवत आरती की।

राजस्थान में प्याज की खरीद शुरू, सरकार का 5 हजार मैट्रिक टन का लक्ष्य

जयपुर। सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने गुरूवार को बताया कि प्याज उत्पादक किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए प्याज की खरीद प्रारम्भ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि 5 हजार मैट्रिक टन प्याज की खरीद मूल्य स्थिरीकरण कोष योजना के तहत नैफेड के लिए की जा रही है। राज्य में पहली बार एक साथ पांच कृषि उपज मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली एवं प्याज की खरीद की जा रही है जो एक कीर्तिमान है।

किलक ने बताया कि राज्य में अलवर जिले में प्याज की खेती बहुतायत में की जाती है इसलिए अलवर स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति द्वारा प्याज की खरीद की जा रही है।

अलवर जिले में लाल प्याज का उत्पादन होता है। उन्होंने बताया कि प्याज को खुले बाजार से खरीदा जा रहा है और अब तक एक हजार 127 कट्टे प्याज की खरीद की जा चुकी है।

समिति द्वारा 43 किसानों से 2875 रुपए से लेकर 3750 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्याज खरीदा है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य में समानान्तर रूप से मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य के एक लाख 48 हजार से अधिक किसानों से अब तक एक हजार 408 करोड़ रुपए से अधिक की खरीद की जा चुकी है तथा 90 हजार 335 किसानों को 843 करोड़ 38 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि औखी तूफान के कारण राज्य के मौसम में आए बदलाव एवं बरसात की आशंका को देखते हुए सभी खरीद केन्द्रों पर आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं । ताकि किसान की उपज सुरक्षित रहे।

उन्होंने बताया कि हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि भारत सरकार द्वारा तय समय सीमा में अधिक से अधिक किसानों से तय लक्ष्यों के अनुसार उनकी उपज को तुलवाया जा सके।

सोना तीन माह के निचले स्तर पर , जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली/कोटा। सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं। कमजोर वैश्विक संकेत और घटी मांग के चलते सोना 100 रुपये गिरकर 30000 के स्तर से नीचे आ गया है। वहीं कोटा के सर्राफा बाजार में चांदी 400 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 200 रुपये प्रति दस ग्राम तक सस्ता हो गया।

अब 10 ग्राम गोल्ड के दाम 29950 रुपये हो गये हैं। इसी तरह चांदी भी इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते 375 रुपये की गिरावट के साथ 38125 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

व्यापरियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सोना दो महीने के निचले स्तर पर है वहीं, घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से घटी खरीदारी के चलते पीली धातु की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.45 फीसद की कमजोरी के साथ 1257.10 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.31 फीसद की कमजोरी के साथ 15.87 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।

दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 100 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 29950 रुपये और 29800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। यह स्तर आखिरी बार 26 अगस्त को देखने को मिला था।

बीते सत्र में सोने की कीमतों में 200 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, गिन्नी के भाव 100 रुपये की गिरावट के साथ 24400 रुपये प्रति आठ ग्राम हो गए हैं। चांदी की कीमतों में भी 375 रुपये की गिरावट देखने को मिली है।

यह अब 38125 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 440 रुपये की कमजोरी के साथ 37335 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

चांदी के सिक्कों के भाव भी 1000 रुपये की गिरावट के साथ 71000 रुपये लिवाल और 72000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर आ गए हैं।

वायदा कारोबार में सोना 57  रुपये सस्ता: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी का सोना 178 लॉट के कारोबार में 57 रुपये यानी 0.20 प्रतिशत गिरकर 28,910 रुपये प्रति दस ग्राम के भाव बोला गया। बाजार विश्‍लेषकों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सोने में नरमी से स्थानीय वायदा बाजार पर असर दिखा। 

कोटा सर्राफा
चांदी 38000 रुपये प्रति किलो।
सोना केटबरी 29800 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34760 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 29950 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34930 रुपये प्रति तोला।

राजस्थान कंज्यूमर फ्रेण्डली स्टेट घोषित, सरकार ने गिनाई उपलब्धियाँ 

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं के सार्वकालिक संरक्षण के लिये महती-प्रभावी पहल की गयी है, जो रेखांकित करने योग्य है। राजस्थान भारत के उन तीन अग्रणी राज्यों में है; जहां, उपभोक्ता संरक्षण हेतु उपभोक्ता मामले विभाग का पृथक गठन कर उपभोक्ता आन्दोलन का नये सिरे से शंखनाद किया गया है।

उपभोक्ताओं के सार्वकालिक कल्याण, हित चिन्तन, संरक्षण, संवद्र्धन, प्रोत्साहन, प्रोन्नति एवं उपभोक्ताओं की समस्याओं को एक छत के नीचे सुने जाने एवं निराकरण के लिए राज्य मुख्यालय पर उपभोक्ता भवन की घोषणा करते हुए उसकी क्रियान्विति के लिए राजधानी मुख्यालय पर भूमि का आवंटन किया गया है।

यही नही, उपभोक्ता विषयक गतिविधियों एवं उल्लेखनीय कार्याे के लिए 15 मार्च, 2017 को  राष्ट्रीय स्तर पर ‘कंज्यूमर फ्रेण्डली स्टेट’  का अवार्ड दिया गया है।

महाविद्यालयों में उपभोक्ता क्लब की स्थापनाः-
नवाचार के अन्तर्गत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर उपभोक्ता आन्दोलन को मजबूत करने के लिए राज्य के चुनिन्दा 33 महाविद्यालयों में उपभोक्ता क्लबों का गठन किया गया है। इन क्लबो को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (24 दिसम्बर, 2017) सक्रिय किया जाना है। उपभोक्ता शिक्षा के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण को एक व्यापक दिशा मिलेगी।

राजस्थान उपभोक्ता कल्याण कोषः
सीमित सहायता योजना-विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों को आर्थिक सहायता देने के लिये राजस्थान उपभोक्ता कल्याण कोष ‘सीमित सहायता योजना’ जारी की है।

इस योजना के अन्तर्गत स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठन उपभोक्ता संरक्षण गतिविधियों के लिए जिला स्तर पर ही वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे। जिला स्तर पर जिला कलक्टर को कोष से सहायता प्रदान करने के लिए अधिकृत किया गया है।

राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद् का पुनर्गठन एवं मनोनयनः-
राज्य स्तरीय उपभोक्ता संरक्षण परिषद् के पुनर्गठन किये जाने की अधिसूचना 04 जनवरी, 2014 को जारी की जा चुकी है। राज्य परिषद् के पुनर्गठन के पश्चात् पहली बैठक 06 अगस्त, 2014 को आयोजित की जाकर उपभोक्ता के हितों में व्यापक निर्णय लिये गये हैं। राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद् में गैर सरकारी सदस्यों का मनोनयन भी किया जा चुका है।

जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषदों का पुनर्गठनः-
राज्य के सभी जिलों में जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषदें 1987 से ही कार्यरत थी; तथापि अधिनियम में संशोधन के आलोक में 31 अक्टूबर, 2017 को नवीन अधिसूचना जारी कर दी गई है। 

आईटी सेक्टर में लौटा बूम ? बंपर भर्तियां कर रहीं दिग्गज कंपनियां

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मुंबई। आईटी सेक्टर में मंदी अब शायद बीते दौर की बात हो चुकी है। इस साल आईटी कंपनियां जिस तरह से प्लेसमेंट कर रही हैं, उससे तो यही लगता है। 2017 में आईटी कंपनियों ने अब तक ज्यादातर कैम्पसों में बल्क में हायरिंग की है।

हर कंपनी ने अपने पसंदीदा कॉलेज जाकर बड़े पैमाने पर ग्रैजुएट्स को भर्ती किया है। इसके चलते ही यह माना जा रहा है कि आईटी में एक बार फिर से बूम आ गया है। दिग्गज आईटी कंपनी इंटेल ने आईआईटी कानपुर के 59 स्टूडेंट्स की एक साथ भर्ती की है।

कंपनी ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के प्रोफाइल के लिए लोगों को भर्ती किया है। सॉफ्टवेयर के लिए कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट्स को लिया गया है, जबकि हार्डवेयर के लिए कंपनी ने इलेक्ट्रिकल इंजिनियरिंग के छात्रों पर भरोसा जताया है।

आईआईटी रुड़की के प्लेसमेंट हेड एन.पी. पाधी ने कहा, ‘मैं आईटी सेक्टर में ग्रोथ देख रहा हूं। बड़े पैमाने पर भर्ती करने वाली कंपनियां बेहद सतर्क हैं। उन्हें जब अच्छे स्लॉट मिलते हैं और वह जब हमारे 9 बिंदुओं के साथ इंटर्नशिप करने वाले छात्रों से मिलते हैं तो हायरिंग से खुद को रोक नहीं पाते।’

कुछ कंपनियों के साथ प्लेसमेंट हेड्स की बातचीत कुछ ही लोगों की नियुक्ति के लिए बात होती है, लेकिन बाद में वे इससे अधिक संख्या में रिक्रूटमेंट करते हैं। पाधी कहते हैं, ‘वह यहां 5 से 6 छात्रों के प्लेसमेंट का मूड बनाकर आए थे, लेकिन अंतत: 23 लोगों को मौका मिल गया।’

हालांकि बल्क रिक्रूटमेंट अब भी बड़े ब्रैंड्स की ओर से ही हो रही है, ऐसे में यह एक बड़ी लहर की शुरुआत होने जैसा ही है। आईआईटी बॉम्बे की बात करें तो सैमसंग ने यहां से 30 छात्रों को भर्ती किया है।

इनमें से 15 को कैम्पस प्लेसमेंट के जरिए लिया गया है, जबकि इतने ही छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर के तहत जगह दी गई है। कंपनी की ओर से हायर के लिए गए छात्रों को कोरिया, नोएडा, दिल्ली और बेंगलुरु के दफ्तरों में प्लेस किया जाएगा। बीते साल सैमसंग ने यहां से सिर्फ 22 छात्रों को ही प्लेसमेंट दी थी।

शेयर बाजारों में लौटी रौनक, सेंसेक्स में 352 अंक उछला

मुंबई। आरबीआई की ओर से बुधवार को ब्याज दरों में कटौती न करने के फैसले के बाद गुरुवार को शेयर बाजारों में रौनक लौट आई। लिवाली के चलते बाजारों में तेजी देखी गई। सेंसेक्स 352.03 अंकों की उछाल के साथ 32,949.21 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 122.60 अंकों की तेजी दिखी और वह 10,166 पर बंद हुआ।

जानकारों का कहना है कि घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ने के कारण बाजार का मूड सकारात्मक दिख रहा है। निफ्टी बैंक और निफ्टी PSU बैंक में भी तेजी देखी गई। इससे पहले सुबह में भी देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में मजबूती का रुख देखा गया था।

प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.37 बजे 148.48 अंकों की मजबूती के साथ 32,745.66 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 39.40 अंकों की बढ़त के साथ 10,083.50 पर कारोबार करते देखे गए।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 17.87 अंकों की बढ़त के साथ 32615.05 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 19.35 अंकों की मजबूती के साथ 10,063.45 पर खुला था।

बिटकॉइन पहली बार 14,000 डॉलर के पार, एक दिन में 1,29,000 बढ़ी कीमत

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने भले ही भारत में बिटकॉइन को लेकर निवेशकों को आगाह किया हो, लेकिन इसकी कीमत दिन-दूनी रात चौगुनी गति से बढ़ रही है। बुधवार को 12,000 अमेरिकी डॉलर पर कारोबार कर रहे बिटकॉइन की कीमत महज 24 घंटे के भीतर 14,000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई।

इस तरह कह सकते हैं कि महज एक दिन में ही निवेशकों ने इस डिजिटल करंसी से करीब 1,29,084 रुपये की कमाई कर ली। इस साल की शुरुआत से ही बिटकॉइन की कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है।

हालांकि बुधवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक ने आगाह करते हुए कहा था कि इसमें लेन-देन या निवेश करने का जोखिम निवेशकों को खुद उठाना होगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह इसमें किसी भी धोखाधड़ी के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

इस साल की शुरुआत में 1,000 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहे बिटकॉइन ने बीते सप्ताह ही 10,000 डॉलर के लेवल को पार किया था।

दिग्गज अर्थशास्त्रियों और बिजनस लीडर्स की ओर से बिटकॉइन को लेकर चेतावनी जारी किए जाने के बाद भी इसमें निवेशकों का उत्साह बरकरार है।

बीते 24 घंटे में ही इसने 12,000 के स्तर और फिर 13,000 के स्तर को पारकर 14,000 डॉलर के आंकड़े को छू लिया। हॉन्ग कॉन्ग में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में इसकी कीमत 14,000 डॉलर तक पहुंच गई।

इस क्रिप्टोकरंसी में इस साल बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। बीते सप्ताह ही 11,000 डॉलर के आंकड़े तक गिरने के बाद इसमें अचानक इजाफा हुआ है और 3,000 डॉलर तक की ग्रोथ देखने को मिली है।

गौरतलब है कि सितंबर में ही अमेरिका के सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमॉन ने कहा था कि बिटकॉइन फ्रॉड करंसी है।

उन्होंने तो यहां तक कहा था कि यह ड्रग डीलर्स और धोखाधड़ी करने वाले लोगों की करंसी है। जेमी ने कहा था, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं अचंभित हूं कि इस करंसी को कोई देख भी नहीं सकता कि आखिर यह क्या है।’

अब अमेरिका में बैंक खाते रखने वालों की शामत

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नई दिल्ली। अमेरिका फॉरेन अकाउंट टैक्स कंप्लायंस ऐक्ट (FATCA) के तहत भारत को जो सूचनाएं दे रहा है, उनके आधार पर टैक्स अथॉरिटीज ने ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है। ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिनके बैंक खाते अमेरिका में हैं। इससे विदेश में काला धन छिपाने के आरोपों में उन पर मुकदमे की राह बन सकती है।

जिन लोगों को ऐसे नोटिस मिले हैं, उनमें एक मल्टीनैशनल के एक टॉप रैंक एग्जिक्युटिव्स भी हैं, जो कुछ साल पहले भारत लौट आए थे। उनसे अमेरिकी बैंक खाते में उन्हें मिले डिविडेंड्स के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अमेरिका में कुछ वित्तीय लेनदेन रखने वाले कई अन्य सीनियर एग्जिक्युटिव्स को भी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ इनकम टैक्स (इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन) की ओर से लेटर मिले हैं।

भारत ने FATCA पर दस्तखत करने के बाद सितंबर 2015 में अमेरिका से ऐसी सूचना का लेनदेन शुरू किया था। अधिकारियों के मुताबिक, सवाल मुख्य तौर पर ऐसे लोगों के बैंक खातों में डिविडेंड्स, इंटरेस्ट इनकम और डिपॉजिट्स से जुड़े हैं, जिन्होंने अमेरिका में कुछ वक्त बिताया है। यह साफ नहीं है कि ऐसे कितने नोटिस भेजे जा चुके हैं।

अगर एसेट्स और इनकम कुछ साल पहले की हों, लेकिन उनका खुलासा पिछले साल विदेश में रखी ब्लैक मनी को रेगुलराइज करने के लिए पेश की गई स्कीम के तहत नहीं किया गया होगा तो ऐसे लोगों को दिक्कत हो सकती है।

सरकार ने विदेश में एसेट्स रखने वालों को इस स्कीम के तहत खुलासा करने का आखिरी मौका दिया था। अनडिसक्लोज्ड फॉरेन इनकम ऐंड एसेट्स (इंपोजिशन ऑफ टैक्स) ऐक्ट ने विदेश में संपत्ति छिपाने को अपराध घोषित किया था और ऐसे अपराध में 10 साल तक के सश्रम कारावास और 120 पर्सेंट टैक्स का प्रावधान है। इस तरह पूरी संपत्ति कुर्क हो जाएगी।

एक सीनियर इनकम टैक्स ऑफिशल ने कहा, ‘FATCA के तहत मिली सूचना के आधार पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ इनकम टैक्स प्राथमिक रूप से फिल्टरिंग कर रहा है। शुरुआती जांच के बाद जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए असेसिंग ऑफिसर्स के पास भेज दी जाएगी।