100 करोड़ की लागत से होगा चंबल गार्डन और किशोरपुरा मुक्तिधाम का पुनर्विकास
कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को चंबल गार्डन एवं किशोरपुरा मुक्तिधाम के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास करते हुए कहा कि चंबल गार्डन हाड़ौती की विरासत और कोटा की पहचान है। लगभग पाँच दशक पहले विकसित इस ऐतिहासिक स्थल को अब आधुनिक सुविधाओं के साथ नया स्वरूप दिया जाएगा, ताकि यह राजस्थान और देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सके।
बिरला ने कहा कि चंबल नदी का प्राकृतिक सौंदर्य, निकट स्थित भगवान शिव का प्राचीन धार्मिक स्थल भीतरिया कुंड और आधुनिक सुविधाएं मिलकर इसे पर्यटन का नया आकर्षण बनाएंगी। उन्होंने कहा कि दो वर्ष बाद यह गार्डन केवल कोटा ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा।
बिरला ने कहा कि कोटा के समग्र विकास का जो सपना हमने देखा था, वह अब तेजी से धरातल पर साकार हो रहा है। आने वाले वर्षों में हमारा कोटा शिक्षा के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी शहरों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
बिरला ने कहा कि जिला स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, नेचुरल हेल्थ सिटी, योग एवं आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को भी विकसित किया जा रहा है। ट्रिपल आईटी का विस्तार, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, कृषि उत्पादों के लिए प्रोसेसिंग प्लांट तथा खेल अधोसंरचना के विकास की योजनाएं क्षेत्र के युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर सृजित करेंगी।
बिरला ने कहा कि आने वाले वर्षों में कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र प्रदेश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में शामिल होगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, अटल एक्सप्रेसवे, भोपाल मार्ग तथा अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार से क्षेत्र को नई गति मिलेगी। रेल संपर्क भी और मजबूत होगा तथा वर्ष 2027 तक एयर कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद कोटा देश के प्रमुख शहरों से सीधे जुड़ जाएगा। चंबल गार्डन, चंबल रिवर फ्रंट, मुकुंदरा अभयारण्य, रामगढ़ अभयारण्य, संविधान पार्क, वैदिक पार्क तथा दिव्यांगजनों के लिए विकसित किए जाने वाले विशेष पार्क जैसे प्रकल्प कोटा और बूंदी को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान देंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से नगर निगम, कोटा विकास प्राधिकरण तथा अन्य विभागों की कार्यप्रणाली को सरल बनाया जाएगा। अगले दो वर्षों में नई मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) लागू कर आमजन को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत देने और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता के सुझाव और सहभागिता से ही बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं। लोकतंत्र की यही शक्ति है कि हर मत का सम्मान हो। उन्होंने कोटा-बूंदी को देश का सबसे स्वच्छ, हराभरा तथा सबसे कम प्रदूषण वाला संसदीय क्षेत्र बनाने का आह्वान किया।
कोटा को मिलने जा रही नई पहचान-खर्रा
स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि लगभग 50 वर्ष पहले कोटा की पहचान बने चंबल गार्डन को अब आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का विजन केवल चंबल गार्डन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कोटा को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। इसी सोच के अनुरूप रिवर फ्रंट सहित शहर की अन्य पर्यटन परियोजनाओं को भी नई दिशा देने पर कार्य किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से अधिकाधिक पर्यटक कोटा आएं और शहर राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना सके। खर्रा ने कहा कि कि लोकसभा अध्यक्ष के नेतृत्व और कोटावासियों के सहयोग से आने वाले वर्षों में कोटा देश के प्रमुख पर्यटन, चिकित्सा और विकासशील शहरों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
कोटा के लिए स्वर्णिम होगा यह कार्यकाल-संदीप शर्मा
विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में कोटा विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है और 2023 से 2028 का यह कार्यकाल स्वर्णिम होने जा रहा है। चंबल गार्डन से कोटावासियों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इसके पुनर्विकास से शहर को नई पहचान मिलेगी। विकास पथ परियोजना का लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। संविधान पार्क, डिजिटल लाइब्रेरी तथा वैदिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
भीतरिया कुंड के विकास कार्य का भी शीघ्र शुभारंभ होगा। जवाहर नगर स्मार्ट रोड, मथुराधीश मंदिर जैसे अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। इस दौरान विधायक कल्पना देवी, जिलाध्यक्ष राकेश जैन, निवर्तमान महापौर राजीव अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी, आयुक्त ओपी मेहरा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

