Monday, July 13, 2026
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ग्लोबल संकेतों से सोना 175 रुपये महंगा, जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली/कोटा । दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। मंगलवार सकारात्मक वैश्विक संकेत और घरेलू ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते सोना 175 रुपये की तेजी के साथ 29700 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। इसी तरह चांदी कीमतों में भी बढ़त देखने को मिली है।

इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से बढ़े उठान के चलते चांदी की कीमतें 150 रुपये की तेजी के साथ 38250 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। व्यापारियों का मानना है कि सकारात्मक वैश्विक संकेत के अलावा यूएस टैक्स रिकॉर्म्स बिल के चलते डॉलर में तेजी देखने को मिल रही है। इस कारण घरेलू ज्वैलर्स की ओर से खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिला है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.18 फीसद की बढ़त के साथ 1264 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.15 फीसद की बढ़त के साथ 16.16 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।  दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 175 रुपये की बढ़त के साथ क्रमश: 29700 रुपये और 29550 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

बीते सत्र में सोने की कीमतों में 25 रुपये की मामूली कमजोरी देखी गई थी। गिन्नी के भाव, हालांकि, सीमित दायरे में कारोबार के चलते 24500 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं। सोने की तरह चांदी तैयार भी 150 रुपये की तेजी के साथ 38250 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 165 रुपये की तेजी के साथ 37500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है।

कोटा सर्राफा 
चांदी 38200 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 29650 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34585 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 29800 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34760 रुपये प्रति तोला।

स्पोर्ट्स वीक के फाइनल में 200 बच्चों ने दिखाया दमखम

सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ स्कूल ने हाईटेक गुरूकुल में मनाया ‘इंटर ब्रांच स्पोर्ट्स वीक-2017’

कोटा । रानपुर स्थित सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ स्कूल के हाई-टेक गुरूकुल कैंपस में मंगलवार को इंटर ब्रांच स्पोटर्स वीक के तहत फाइनल राउंड में रोमांचक खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि सेंट जोसेफ ग्रुप के चेयरमेन डॉ. अजय शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की।

खेल मैदान में तीन स्कूलों के 200 से अधिक चयनित बच्चों ने मार्चपास्ट की सलामी दी। रिले में मशाल लेकर आए रजनीश राय, मरिया एवं किरण का उन्होंने माल्यार्पण कर स्वागत किया। डॉ.शर्मा ने कहा कि खेल बचपन और स्कूली जिंदगी का सबसे अहम पहलू है।

खेल के मैदान हमें अनुशासन, टीम भावना, पक्के इरादे और हार को जीत में बदलने का मंत्र सिखाते हैं। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्पोर्ट्स आपके भीतर छिपी शक्तियों को बाहर लाकर आत्मविश्वास जगा देता है। अध्यक्षता सीईओ नवीन कुमार ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्वेता शर्मा, सपना शर्मा एवं अन्थोनी डिसिल्वा मौजूद रहे।

जीत के लिए हुई ‘रस्साकसी’
कार्यक्रम संयोजक लोकेश औदिच्य ने बताया कि गत 16 दिसंबर को क्रॉस कंट्री स्पर्धा में ‘गो मोर मेक पॉल्यूशन फ्री रीको जोन’ में 150 से अधिक विद्यार्थियों ने रानपुर में रीको ऑफिस से स्कूल कैंपस तक मैराथन दौड़ में भाग लिया। फाइनल राउंड में सेंट जोसेफ सी.सै.स्कूल, कोटा बैराज, आकाशवाणी केंद्र तथा हाईटेक गुरूकुल की चयनित टीमों ने अभिभावकों के साथ भाग लिया।

फाइनल क्रिकेट मैच में कोटा बैराज टीम विजेता तथा रानपुर टीम उपविजेता रही। बच्चों की केला रेस, सेक रेस, बॉल रेस, ब्लाइंड रेस, लेमन रेस, फास्टेस्ट ड्रेसअप, फ्लेट रेस तथा बुक बेलेंस रेस गई। प्रतियोगिता में बच्चों के पेरेंट्स तथा सेंट जोसेफ ग्रुप के स्टाफ सदस्यों के बीच रस्साकसी का मैच सबसे रोमाचंक रहा।

बच्चे देर तक तालियां की गूंज से दोनों टीमों का उत्साह बढ़ाते रहे। जोर-अजमाइश के इस मैच में महिला अभिभावक प्रथम तथा पुरूष वर्ग में सेंट जोसेफ ग्रुप का स्टाफ विजेता रहा। इंटर ब्रांच स्पोटर्स वीक-2017 में 159 अंकों के साथ सेंट जोसेफ सी.सै. स्कूल,कोटा बैराज प्रथम विजेता रहा।

रानपुर ब्रांच को दूसरा तथा आकाशवाणी ब्रांच की टीम को तीसरा स्थान मिला। ग्रुप के चेयरमैन डॉ.अजय शर्मा एवं सीईओ नवीन कुमार ने विभिन्न खेलकूद स्पर्धाओं के विजेताओं को शील्ड एवं गुलदस्ते देकर सम्मानित किया।

जेईई एडवांस्ड-2018 के लिए मॉक टेस्ट सुविधा शुरू

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सुविधा : जेईई-मेन में चयनित 2.24 लाख विद्यार्थी 20 मई,2018 को देंगे आईआईटी की मुख्य प्रवेश परीक्षा

अरविंद, कोटा । आईआईटी की सबसे कठिन ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड,2018 परीक्षा की तैयारी के लिए मंगलवार से जेईई-एडवांस्ड की वेबसाइट पर मॉक टेस्ट सुविधा प्रारंभ की गई। आईआईटी, कानपुर द्वारा 20 मई,2018 को आयोजित होने वाली यह प्रवेश परीक्षा पहली बार केवल कम्प्यूटर आधारित (सीबीटी) मोड में होगी।

इससे पूर्व 6 नवंबर को जेईई-एडवांस्ड,2018 के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथ्स का विस्तृत सिलेबस जारी किया जा चुका है ताकि 12वीं बोर्ड परीक्षा के साथ कोचिंग या सेल्फ स्टडी करने वाले विद्यार्थी इसकी तैयारी कर सकें। प्रत्येक मॉक टेस्ट के लिए वेबसाइट www.jeeadv.ac.in पर लॉग इन करते ही विद्यार्थी को अपना नाम व फोटो कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देगा।

इस वर्ष कोटा के प्रमुख कोचिंग संस्थानों एलन कॅरिअर इंस्टीट्यूट, रेजोनेंस, बंसल क्लासेस, वाइब्रेंंट एकेडमी, न्युक्लियस एजुकेशन, कॅरिअर पॉइंट, आकाश इंस्टीट्यूट, मोशन आईआईटी, राव आईआईटी, एनर्जी कोचिंग आदि में जेईई एडवांस्ड-2018 की तैयारी के लिए ऑनलाइन टेस्ट प्रारंभ किए गए।

निदेशकों का कहना है कि संस्थानों में पहले से डिजिटल प्लेटफॉर्म होने से कोचिंग विद्यार्थियों को नए सिस्टम से 3 घंटे में ऑनलाइन पेपर देने में कोई परेशानी नहीं होगी। मॉक टेस्ट देने से सभी विद्यार्थियों को पेपर पैटर्न, टाइम मैनेजमेंट एवं एक्यूरेसी का पूर्वाभ्यास हो जाएगा।

90 फीसदी रूरल स्टूडेंट्स को चुनौती
जेईई-एडवांस्ड में 60 से 65 फीसदी विद्यार्थी देश के सभी राज्यों के ग्रामीण व अर्द्ध शहरी क्षेत्रों से आते हैं। जो स्कूल लेवल से ही फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स में दक्षता हासिल कर लेते हैं लेकिन कम्प्यूटर में दक्षता नहीं होने से वे ऑफलाइन मोड ही चुन रहे थे। इस बार जेईई-मेन से चयनित सभी 2.24 लाख परीक्षार्थियों को केवल ऑनलाइन मोड में पेपर देना होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि जेईई-मेन में 5 से 10 प्रतिशत परीक्षार्थी ही ऑनलाइन मोड में टेस्ट का ऑप्शन चुनते थे, करीब 95 प्रतिशत विद्यार्थी ऑफलाइन क्लासरूम कोचिंग लेने के कारण जेइेई-मेन में ऑफलाइन पेपर देना पसंद करते थे। देश में 90 प्रतिशत से अधिक सुदूर गांवों से आने वाले विद्यार्थी कम्प्यूटर व लेपटॉप पर पढाई नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें पहली बार कम्प्यूटर पर यह कठिन पेपर देने में मुश्किलें आ सकती हैं।

इस बार ऑनलाइन तैयारी के लिए उन्हें केवल 10 माह मिले हैं। 12वीं बोर्ड परीक्षा के दबाव के साथ टेस्ट पेपर ऑनलाइन होने से छात्रों की रैंक प्रभावित हो सकती है। हालांकि आईआईटी ने इसे ध्यान में रखते हुए दिसंबर माह से ही मॉक टेस्ट लांच कर दिया है।

मॉक टेस्ट की प्रेक्टिस से आएगा परफेक्शन
– जेईई वेबसाइट पर मल्टीपल मॉक टेस्ट देना प्रारंभ करेंं, इससे ऑनलाइन पैटर्न समझना आसान होगा।
– तीनों सब्जेक्ट पर पकड़ मजबूत करने के लिए रेगुलर प्रेक्टिस व प्रेक्टिकल पर फोकस करें।
– जेईई-एडवांस्ड क्रेक करने के लिए ट्रिक्स एवं टेक्निक से बहुत मदद मिलती है।
– टाइम मैनेजमेंट स्किल निरंतर इम्प्रूव करें।
– पेपर से पहले तीनों विषयों के प्रश्नों को हल करने की इमेज बनाकर सही रणनीति बना लें।
– प्रत्येक सेक्शन में कटऑफ पैटर्न को सुनिश्चित करने का अभ्यास करें।
– आत्मविश्वास के साथ एक-एक प्रश्न हल करते चलें। जहां संशय हो, बाकी 5 माह में उसे दूर कर लें।
– स्क्रीन पर टाइमर सामने होगा लेकिन प्रेषर या तनाव से बचें। रिलेक्स व कूल होकर आगे पढें।
– समय मिलने पर ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल पढ़ने की प्रेक्टिस भी करें।
– मॉक टेस्ट से जेईई-एडवांस्ड के पुराने पेपर्स हल करने जैसा विष्वास मिलेगा।

(न्यूक्लियस एजुकेशन के निदेशक विशाल जोशी द्वारा बताए गए 10 सक्सेस मंत्र)

प्रॉपर्टी खरीद को आधार कार्ड से जोड़ने का फिलहाल प्रस्ताव नहीं

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नई दिल्ली। प्रॉपर्टी के लेनदेन को फिलहाल आधार कार्ड से जोड़ने की अनिवार्यता का कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से संसद में एक सवाल के जवाब में यह बात कही गई है।

मंगलवार को शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा को लिखित जवाब में बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसी सलाह दी गई है, लेकिन ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

पिछले दिनों ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ऐसी सलाह दी थी कि 1908 के रजिस्ट्रेशन ऐक्ट के प्रावधानों के तहत संपत्ति की खरीद को आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री के इस जवाब को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले दिनों ही उन्होंने कहा था कि आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ने की तरह ही इसे प्रॉपर्टी मार्केट पर भी लागू किया जा सकता है।

इस मुद्दे पर सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा, ‘फिलहाल प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शंस को आधार कार्ड से जोड़ने की अनिवार्यता को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है।’

सांसद ने सवाल पूछा था कि आखिर सरकार ने प्रॉपर्टी की खरीद को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए क्या नीति तैयार की है और इसे लागू करने की समयसीमा क्या है।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने भी पिछले दिनों बेनामी संपत्तियों को निशाना बनाने की बात कही थी। इसके बाद आधार कार्ड से प्रॉपर्टी खरीद को जोड़ने के प्रस्ताव वाली खबरों के बाद इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

रेकॉर्ड स्तर बंद हुआ सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

मुंबई। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत ने शेयर बाजार में भी जोरदार उत्साह पैदा किया है। मंगलवार को सेंसेक्स 235.06 अंकों की बढ़त के साथ 33,836 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 74.45 अंकों की उछाल के साथ 10,463 अंकों पर बंद हुआ। यह सेंसेक्स का अब तक सबसे ऊंचा स्तर है।

इससे पहले सुबह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 112.49 मजबूत होकर 33,714.17 पर खुला तो नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफ्टी में 35.90 पॉइंट्स की तेजी के साथ 10,424.70 अंकों पर कारोबार शुरू हुआ।

गौरतलब है कि सोमवार को वोटों की गिनती के दौरान गुजरात में बीजेपी की सीटों के आंकड़े में कमी के रुझान आते ही सेंसेक्स 800 अंकों तक लुढ़क गया था। लेकिन, इसके बाजार ने बीजेपी के साथ ही रिकवरी की। गुजरात और हिमाचल में बीजेपी की मजबूती के साथ ही शेयर बाजार भी मजबूत होता गया। यही तेजी मंगलवार को भी देखने को मिली है।

7 किलोमीटर समुद्र के अंदर दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, देखिए वीडियो

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नई दिल्‍ली। भारत में बुलेट ट्रेन का सपना सच होने जा रहा है। 2022 तक इस सपने को हकीकत में बदलने का लक्ष्‍य रखा गया है, जिस पर तेजी और नई तकनीक से काम हो रहा है।

समुद्र के नीचे बुलेट ट्रेन की सुरंग बनाने के लिए भारत में पहली बार इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ‘हाइड्रोफोन तकनीक’ का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। परियोजना में एक 21 किमी लंबी सुरंग बनाई जाएगी जिसका 7 किमी हिस्सा समुद्र के अंदर होगा।

मुंबई में ठाणे क्रीक में समुद्र के भीतर बुलेट ट्रेन की सुरंग बनाने के लिए मिट्टी और चट्टानों का परीक्षण हाइड्रोफोन तकनीक से शुरू हो गया है। जापानी कंपनी कावासाकी साउंड स्टेटिक रिफ्रैक्टरी टेस्ट कर रही है।

मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबे रेल कॉरीडोर में समुद्र के अंदर करीब 21 किलोमीटर की सुरंग बनाई जानी है। बताया जा रहा है कि 21 किमी लंबी सुरंग के लिए 66 जगह पर बोरिंग कर समुद्र तल पर विशेष उपकरण फिट किए गए हैं।

इनमें ध्वनि तरंग बजकर उनसे प्राप्त आंकड़ों से चट्टान की क्वालिटी का पता चलता है। इंफ्रास्ट्रक्चर में यह तकनीक देश में पहली बार इस्‍तेमाल की जा रही है।बुलेट ट्रेन का मार्ग ठाणे के बाद विरार की ओर जाने पर समुद्र के अंदर बनी सुरंग से गुजरेगा।

जापान के सहयोग से बन रही इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1.10 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें सिर्फ सुरंग बनाने की लागत 3500 करोड़ रुपये है। परियोजना का करीब 81 फीसदी बजट जापान की ओर से उपलब्ध कराए गए कर्ज की रकम से किया जा रहा है।बुलेट ट्रेन साबरमती से मुंबई तक पहुंचेगी और इसके लिए दोहरी लाइन होंगी।

इसका लगभग 156 किमी महाराष्ट्र और 351 किमी गुजरात में होगा। बुलेट ट्रेन का पहला स्‍टेशन साबरमती है, जिसके बाद यह अहमदाबाद, आणंद/ नादिया, वडोदरा, भरच, सूरत, बिलीमोरा, वापी, वोइसर, विरार और ठाणे स्‍टेशन होते हुए अंतिम स्‍टेशन मुंबई पहुंचेगी।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट से प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष रूप से लगभग 40 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। 20 हजार लोगों को बुलेट ट्रेन की वजह से निर्माण क्षेत्र में 4 हजार ऑपरेशन में और 20 हजार अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा पूरे रूट में शहरी औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

4 साल से विकास नहीं, अब एक साल में 410 करोड़ खर्च करेगी सरकार

कोटा। नगर विकास न्यास की ओर से सरकार का कार्यकाल पूरा होने से पहले करीब 410.71 करोड़ रुपए की योजनाओं को पूरा करने के लिए मशक्कत की जा रही है।

न्यास की ओर से हर सप्ताह बुधवार को बैठक लेकर प्रगति की समीक्षा की जा रही है। सूत्रों के अनुसार मौजूदा सरकार के कार्यकाल में परियोजनाओं का उद्घाटन करने के दवाब के चलते एेसा किया जा रहा है।

न्यास अध्यक्ष आर.के. मेहता और सचिव ए.एल. वैष्णव हर योजना की समीक्षा कर रहे हैं। इनमें झालीपुरा से गांवड़ी गामछ तक 14.2 किमी लम्बा 2लेन बाइपास निर्माण मार्च 2018 तक पूरा हो जाएगा।

इसी तरह रंगपुर रोड पर 850 मीटर लम्बर रेलवे ओवरब्रिज और दानबाड़ी से केशवपुरा सर्किल तक 1500 मीटर फोरलेन फ्लाईओवर प्रमुख योजनाएं हैं। इस तरह बैराज के समानान्तर 1200 मीटर लम्बा पुल भी नवम्बर 2018 पहले से पूरा होगा।

20 नई सौगात का दिखाया सपना
नगर विकास न्यास ने शहर को साल 2018 में करोड़ों रुपए खर्च करके करीब 20 नई सौगातों का कार्य शुरू करने का सपना दिखाया है। इन विकास और सौंदर्यन के कार्यों पर करीब 400 करोड़ से ज्यादा राशि खर्च करना प्रस्तावित है।

प्रस्तावित कार्यों में एरोड्राम सर्किल पर यातायात समस्या से निजात के लिए घोड़े वाले चौराहे से डीसीएम रोड तक फ्लाईओवर का निर्माण्, शिल्पग्राम उदयपुर की तर्ज पर डेजर्ट पार्क विकास, भीमगंजमंडी थाने से रेलवे स्टेशन तक करीब 840 मीटर लम्बा 16 स्पान के फ्लाईओवर का निर्माण महत्वपूर्ण हैं।

इसके अलावा सीबी गार्ड के पास स्थित क्रिकेट एवं फुटबाल स्टेडियम में स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्र्रस्तावित है, इस कार्य पर कुल 83.94 करोड़ खर्च होंगे, पहले चरण में 31.88 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

कोटा बैराज के समान्तर पुल से नयापुरा पुल के बीच चम्बल नदी में पीपीपी मोड पर रोप वे का निर्माण करने की योजना बनाई गई है। कुन्हाड़ी में आधुनिक श्मशान गृह का निर्माण किया जाएगा।

मनमोहन के खिलाफ टिप्पणी पर संसद में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली । नरेंद्र मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मंगलवार को लोकसभा में हंगामा हुआ। इसके चलते सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस लीडर गुलाम नबी आजाद ने पीएम से माफी मांगने की बात कही।

सोमवार को भी कांग्रेस समेत अन्य सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों में टिप्पणी को लेकर हंगामा किया था और नारेबाजी करते हुए मोदी से माफी मांगने की बात कही थी। हंगामे और शोरशराबे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी।

देश के प्रति ईमानदार रहे हैं मनमोहन
– गुलाम नबी आजाद ने कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह की देश के प्रति ईमानदारी रही है। इसको लेकर कोई सवाल नहीं उठा सकता। पीएम मोदी को सदन में आकर इसके लिए सफाई देनी चाहिए।”

– वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने क्रिमिनल नेताओं के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जाने के मुद्दे पर कहा कि ज्यादा कोर्ट बनाए जाने को लेकर सरकार को फंड जारी करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि कोर्ट की ज्यादा तादाद होने से कैदियों का ट्रायल जल्दी होगा और उन्हें जेल में लंबा वक्त नहीं गुजारना होगा।

– इस पर आजाद ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। विधायिका को इसके लिए अलग से नहीं देखा जा सकता।
पूर्व पीएम का अपमान हुआ

– सोमवार को भी हंगामे के कारण दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल नहीं हो पाया। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान हुआ है। यह कोई छोटी बात नहीं है।

– खड़गे ने अध्यक्ष से इस पर अपनी बात रखने की अनुमति मांगी। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने विपक्षी सदस्यों के कार्यस्थगन का नोटिस नामंजूर कर दिया।

हंगामे के बीच पेश किए 5 विधेयक – हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अनुपूरक अनुदान मांगें पेश कीं।
– मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, श्रम मंत्री संतोष कुमार ने उपदान संदाय (संशोधन) विधेयक, स्वास्थ्य मंत्री ने जेपी नड्डा ने दंत चिकित्सा (संशोधन) विधेयक और वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. हर्षवर्द्धन ने भारतीय वन (संशोधन) विधेयक पेश किया।

– दोनों ही सदनों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव नतीजों के रुझान का असर देखने को मिला। भाजपा सदस्य विशेषकर गुजरात से आए भाजपा सांसद एक-दूसरे को बधाई देते दिखे।

बिटकॉइन में निवेश करने वाले 5 लाख अमीरों को इनकम टैक्स का नोटिस

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नई दिल्ली। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट वर्चुअल करंसी बिटकॉइन में निवेश व ट्रेड मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाने जा रहा है। इस क्रम में डिपार्टमेंट देश के चार से पांच लाख अमीरों (एचएनआई) को नोटिस जारी करने की तैयारी में है।

ये ऐसे अमीर हैं जो इस वर्चुअल करंसी के एक्सचेंजेस में कारोबार कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि कर अधिकारियों ने इस मामले में पिछले सप्ताह इस तरह के नौ एक्सचेंजों का सर्वे किया था। यह कार्रवाई टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के प्रयासों के तहत की गई।

सर्वे में मिली थी यह जानकारी
अधिकारियों के अनुसार इन एक्सचेंजों में अनुमानत: 20 लाख इकाइयां रजिस्टर्ड थीं, जिनमें से चार से पांच लाख ऑपरेशन में हैं और ट्रेडिंग व निवेश कर रही हैं।

सूत्रों ने कहा कि टैक्स डिपार्टमेंट विभाग की बेंगलुरू जांच इकाई ने अपने सर्वे में मिली जानकारी को देश भर में आठ ऐसी ही इकाइयों को भेजी है। इकाई ने सर्वे में डेटा बेस से व्यक्तियों व इकाइयों के बारे में जानकारी मिली थी।
 
 देना होगा टैक्स
सूत्रों के मुताबिक, विभाग को सर्वे में जिन इकाइयों व व्यक्तियों का रिकॉर्ड मिला है उनकी जांच टैक्स चोरी आरोपों के तहत की जा रही है। नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उन्हें बिटकॉइन निवेश व ट्रेडिंग पर कैपिटल गेन टैक्स का भुगतान करना होगा।

उन्होंने कहा कि लगभग 4-5 लाख एचएनआई व उनके कारोबारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके तहत पहले उनसे वित्तीय जानकारी मांगी जाएगी और उसके बाद कर मांग तय होगी।
 
 एक्सचेंज में की थी पड़ताल
इनकम टैक्स डिपार्टमें ने मौजूदा प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। डिपार्टमेंट ने कथित रूप से कर चोरी के मामले में पिछले सप्ताह दिल्ली, बेंगलुरू, हैदराबाद, कोच्चि और गुरुग्राम सहित नौ बिटकॉइन एक्सचेंज परिसरों की पड़ताल की है।

बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहेगा जोर

नई दिल्ली। गुजरात चुनाव में गैर-शहरी क्षेत्रों में बीजेपी को झटका लगने से सरकार को लेकर किसानों की नाराजगी का संकेत मिला है। ऐसे में आगामी बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अधिक जोर दिया जा सकता है।

कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने एलडी न्यूज़ को बताया कि सरकार पिछले कुछ समय से किसानों की आमदनी बढ़ाने के उपाय भी तलाश रही है। वह किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलवाएगी। आमदनी बढ़ाने के लिए डेयरी सेक्टर, मधुमक्खी पालन, कोल्ड चेन और फूड प्रोसेसिंग पर भी जोर दिया जाएगा।

सिंह ने माना कि ग्रामीण क्षेत्र मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए पिछले सात दशकों की नीतियों को जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि गुजरात में किसानों ने बीजेपी को समर्थन दिया है। सिंह ने कहा, ‘किसानों ने हमें समर्थन दिया है। अगर ऐसा नहीं होता तो हमें जीत नहीं मिलती।’

उन्होंने बताया कि सरकार किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाने के साथ ही उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया, ‘किसानों की आमदनी दोगुनी करने और उत्पादन बढ़ाने की कोशिशों में तेजी लाई जाएगी।

कुछ राज्य खरीदारी और समर्थन मूल्य देने की पूरी कोशिश नहीं कर रहे हैं। केंद्र उन पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए दबाव डालना जारी रखेगा।’ एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि गुजरात में कम सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखने वाली बीजेपी के लिए चिंता केवल ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याओं को लेकर है।

2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने, सिंचाई और कृषि उत्पादन के लिए अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ज्यादा जोर दिया जा सकता है। संघ परिवार से जुड़े भारतीय किसान संघ के सेक्रटरी मोहिनी मोहन मिश्रा ने कहा कि गुजरात के किसान नाराज हैं।

उन्होंने बताया, ‘किसानों में गुस्सा है क्योंकि उन्हें खरीफ फसल के अच्छे दाम नहीं मिले और खराब मॉनसून के दौरान मुआवजा नहीं दिया गया। 2018 में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिहाज से किसानों को मुनाफे वाली कीमत देनी होगी। इसके साथ ही किसानों से सरकार की फसलों की खरीदारी की व्यवस्था में भी सुधार करना होगा।’

मौजूदा केंद्र सरकार फरवरी में अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश करेगी। इस बजट पर 2019 के लोकसभा चुनाव का बड़ा असर होने की संभावना है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘कमोडिटी के दाम गिरने से किसानों को अपनी फसलों के लिए अच्छी कीमत नहीं मिली है।

दुनिया भर में कृषि कीमतें नीचे हैं। किसान मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और सरकार उनके लिए कुछ कर सकती है।’ एचडीएफसी बैंक के चीफ इकनॉमिस्ट, अभीक बरुआ ने कहा, ‘आने वाले समय में आर्थिक नीति में न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, मनरेगा के लिए अधिक आवंटन, राज्यों में किसानों की कर्ज माफी का दबदबा हो सकता है।’