कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने बताया कलयुग में परमात्मा प्राप्ति का सहज मार्ग

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कॉमर्स कॉलेज प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ

कोटा। शिक्षा नगरी के कॉमर्स कॉलेज प्रांगण में शुक्रवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। देश के विख्यात कथाकार और ‘भगवत भास्कर’ की उपाधि से विभूषित कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज से कथा श्रवण करने के लिए लोक सभा स्पीकर ओम बिरला समेत बड़ी संख्या में श्रोता भक्त पहुंचे थे।

कार्यक्रम के आयोजक महंत पं. अशोक तिवारी ने बताया कि कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से महाराज श्री ने श्रीमद्भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए भक्तों को भक्ति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

कथाव्यास कृष्ण चंद्र ठाकुर महाराज ने वेदों और उपनिषदों की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान राम और कृष्ण ‘परिपूर्ण अवतार’ हैं। कलयुग की विभीषिका का वर्णन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस युग में कठिन तप और साधन करना सामान्य मनुष्य के लिए संभव नहीं है।

परमात्मा को पाने का सबसे सरल और सहज मार्ग ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ महामंत्र का जाप है। महाराज ने कहा कि जिनकी प्रभु में अनन्य भक्ति और समर्पण है, वही वास्तव में परमहंस हैं।

उन्होंने संस्कारों पर बल देते हुए कहा कि जो व्यक्ति संतों और विद्वानों को नमन करते हैं, उनकी आयु, विद्या, यश और बल में स्वतः ही वृद्धि होती है। महापुरुषों की संगति ही जीवन की दिशा और दशा बदलने में सक्षम है।

नारी सम्मान और जीवन की सहजता
मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए महाराज ने नारी शक्ति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जहाँ नारी और बेटी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। जहाँ नारी का निरादर होता है, वहाँ समस्त सत्कर्म निष्फल हो जाते हैं। उन्होंने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में कहा कि कई विकसित देशों में आज भी नारी को दोयम दर्जा प्राप्त है, लेकिन भारत की संस्कृति में नारी आज भी घर की ‘मालकिन’ और पूजनीय शक्ति है।

लोकसभा अध्यक्ष ने किया कथा श्रवण
कथा के प्रथम दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी पांडाल में पहुंचकर व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया और कथा श्रवण किया। कथा विश्रांति के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री बिरला ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जन्म से मोक्ष तक का मार्ग दिखाती है। यह हमें जीवन की कठिन चुनौतियों से लड़ने का साहस प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक पहचान पूरे विश्व में है और ऐसी कथाओं के श्रवण से ही समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

10 मई को समय में परिवर्तन
महंत पं. अशोक तिवारी ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित की जा रही है। हालांकि, 10 मई (रविवार) को समय में विशेष परिवर्तन किया गया है। उस दिन श्रद्धालु शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक अमृत वर्षा का लाभ उठा सकेंगे। इस अवसर पर राकेश जैन, अरुणा नागर, सुरेंद्र विजय, मोहन ईंट, अजय कपिल सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।