Tuesday, July 28, 2026
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सोलर सिस्टम हरियाणा सरकार दे रही है सिर्फ 7,500 रुपए में

नई दिल्ली। देश में लोगों को बिजली का समस्या से छुटकारा देने के लिए सरकार सोलर होम लाइटिंग सिस्टम लेकर आई है। भारते के कई गांव और शहर ऐसे हैं जहां दिन में कई बार लाइट जाती है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने सभी जिलों में मनोहर ज्योति होम लाइटिंग सिस्टम अनुदान पर वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस प्रणाली में 150 वाट का सोलर मोडयूल, 80 एएच -12.8 वोल्ट लिथियम बैटरी, 2 एलईडी लाइट, एक ट्यूब व एक छत का पंखा शामिल है। दिन में बैटरी को 150 वाट के सोलर मोडयूल से चार्ज किया जाएगा। इन उपकरणों का इस्तेमाल बिजली रहित घरों और क्षेत्रों में किया जा सकेगा।

सोलर होम सिस्टम की कीमत
वैसे तो सोलर होम सिस्टम की कीमत 22,500 रुपए है लेकिन हरियाणा सरकार इसपर लगभग 15 हजार रुपए का अनुदान दे रही है। जिससे लाभार्थियों को इसके लिए अपनी जेब से केवल 7,500 रुपए खर्च करने पड़ेंगे।
ऐसे करे आवेदन

  • आवेदन अंत्योदय सरल केंद्र के माध्यम से केवल सरल पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
  • इसके अतिरिक्त कॉमन सर्विस सेंटर से भी अंत्योदय सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा हैं।

सोलर सिस्टम के लिए पात्र आवेदक

  • विद्युत रहित ढाणी में रहने वाला परिवार।
  • अनुसूचित जाति परिवार।
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाला परिवार (खाद्य एंव आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड अनुसार)
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण/ शहरी) का लाभपात्र
  • शहरी महिला बस्ती में रहने वाला विद्युत रहित परिवार।
  • महिला मुखिया वाला परिवार
  • ग्रामीण परिवार, जिसमें विद्यालय जाने वाली छात्रा हो
  • ग्रामीण परिवार

बता दें कि केवल उपरोक्त श्रेणियों के पात्र आवेदक ही आवेदन कर सकते हैं। ये उपकरण ‘पहले आवेदन -पहले सेवा’ के आधार पर दिए जाएंगे। जिसमें उपरोक्त श्रेणियों में से पहले 5 श्रेणियों को वरियता दी जाएगी।

जरूरी दस्तावेज
आवेदन के लिए आवेदकों के पास ये जरूरी दस्तावेज होने बेहत जरूरी हैं जिसमें, राशन कार्ड/ आधार कार्ड/ पैन कार्ड/ बिजली का बिल/ गरीबी रेखा कार्ड/ अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र/ बैंक खाते का विवरण होना जरूरी है।

चंदा कोचर ने टैक्स हेवन में जमा किए रिश्वत के पैसे: ईडी

मुंबई। आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने शंका जताई है कि दो कंपनियों द्वारा कथित तौर पर कोचर दंपति को दी गई रिश्वत की रकम को टैक्स हेवन में जमा किया गया है। मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी है।

एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने पैसों की हेराफेरी को लेकर कोचर दंपत्ति, उनके रिश्तेदारों और उनके कुछ सहयोगियों से पूछताछ की है। पूछताछ और छापेमारी के दौरान जब्त किए गए कुछ दस्तावेजों से हमारे हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि रिश्वत में मिले पैसे टैक्स हेवन में जमा कराए गए।’

अधिकारी ने कहा कि टैक्स हेवन के नाम का खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, ‘हम सूचना की प्रामाणिकता की पुष्टि करने का प्रयास कर रहे हैं। नाम का खुलासा करने से जांच में बाधा पहुंचेगी।’आईसीआईसीआई की पूर्व सीईओ चंदा कोचर के खिलाफ विडियोकॉन और एस्सार ग्रुप से जुड़ी कंपनियों को लोन देने के बदले फायदा लेने के आरोपों की जांच चल रही है। इन कंपनियों के साथ उनके पति दीपक कोचर के कारोबारी रिश्ते थे।

अधिकारी ने कहा, ‘अब तक हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि विडियोकॉन और फर्स्टलैंड होल्डिंग्स की ओर से दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रिव्यूएबल्स (एनआरएल) को दी गई रकम कुछ और नहीं, बल्कि रिश्वत थी। कोचर दंपति को यह रिश्वत चंदा कोचर द्वारा विडियोकॉन ग्रुप कंपनी को लोन देने के बदले दी गई थी, जब चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ के पद पर थीं।’

विडियोकॉन ग्रुप को 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से 3,250 करोड़ रुपये का लोन दिया गया। यह लोन कुल 40 हजार करोड़ रुपये का एक हिस्सा था, जिसे विडियोकॉन ग्रुप ने एसबीआई के नेतृत्व में 20 बैंकों से लिया था। विडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत पर आरोप है कि उन्होंने 2010 में 64 करोड़ रुपये न्यूपावर रीन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) को दिए थे। इस कंपनी को धूत ने दीपक कोचर और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर खड़ा किया था।

ऐसे आरोप हैं कि चंदा कोचर के पति दीपक कोचर समेत उनके परिवार के सदस्यों को कर्ज पाने वालों की तरफ से वित्तीय फायदे पहुंचाए गए। आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक से लोन मिलने के 6 महीने बाद धूत ने कंपनी का स्वामित्व दीपक कोचर के एक ट्रस्ट को 9 लाख रुपये में ट्रांसफर कर दिया।

सीलिंग फैन अब मोबाइल से कर सकेंगे कंट्रोल

अब आपको बार-बार अपनी जगह से उठकर घर की छत में लगे पंखे को बंद और चालू नहीं करना पड़ेगा । लावा इंटरनेशनल के सब-ब्रांड Ottomate इंटरनेशनल ने भारत में अपना एक स्मार्ट सीलिंग फैन लॉन्च किया है। Ottomate Smart Fan की खासियत यह है इसमें ब्ल्टूथ का सपोर्ट दिया है और इसकी मदद से आप फोन के जरिए पंखे को बंद और चालू कर सकते हैं। इस पंखे की अन्य खासियतों की बात करें तो इसे 16 महीने की टेस्टिंग के बाद बाजार में उतारा गया है।

इसके लिए भारत के करीब 750 घरों में रिसर्च किया गया है। इस पंखे को एक ऐप के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें क्वॉलकॉम का चिपसेट इस्तेमाल हुआ है और इसे बैंगलुरू में फोले डिजाइन की मदद से डिजाइन किया गया है।

इस पंखे में आम पंखे की तरह ही स्पीड के लिए 5 लेवल दिए गए हैं। पंखे को कंट्रोल करने वाले ऐप को गूगल प्ले-स्टोर से एंड्रॉयड फोन में डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप में स्लाइडर फीचर की मदद से आप पंखे की स्पीड बढ़ा या घटा सकेंगे। साथ ही ऐप में एक टर्बो मोड है जिसकी मदद से पंखे की स्पीड को 10 फीसदी तक बढ़ाया जा सकेगा।

साथ ही कंपनी ने यह भी कहा है कि इस पंखे में गूगल असिस्टेंट का सपोर्ट देने के लिए गूगल से बातचीत चल रही है। इसके बाद पंखे को बोलकर कंट्रोल किया जा सकेगा। इस पंखे की अच्छी बात यह है कि एक साथ 200 ब्लूटूथ डिवाइस से यह कनेक्ट हो सकता है।

ऐसे में यदि आपके घर पर कोई मेहमान आए हैं और उनके फोन में ऐप है तो वह भी अपने फोन से पंखे को कंट्रोल कर सकेंगे। इस फैन की कीमत 3,999 रुपये है और इसके साथ मिलने वाले रिमोट की कीमत 149 रुपये है। साथ ही आपको बता दें कि फैन इंस्टॉलेशन चार्ज कीमत में ही जुड़ा है।

सत्ता मिलते ही बदल गए मंत्री धारीवाल के स्वर

दिनेश माहेश्वरी
कोटा। शहर से KEDL को भगाने का वादा करने वाले शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल के सत्ता मिलते ही स्वर बदल गए। विधान सभा चुनाव से पहले उन्होंने कई लोक लुभावन वादे किये थे। शहर की जनता को अच्छी तरह याद है जब से KEDL आई है तब से बिजली उपभोक्ताओं के बिलों की राशि दुगनी हो गई है। इसके विरोध में शहर में कई बार आंदोलन हुए।

लोगों ने घरों के बाहर लगे स्मार्ट मीटर उखाड़ फेंके। इस विरोध को कांग्रेस के नेताओं ने खूब हवा दी। इस बीच पूर्व में भी मंत्री रह चुके धारीवाल ने जनता से यह भी वादा किया था कि कांग्रेस की सरकार आई तो कोटा से KEDL को भगा देंगे।

अब बोल रहे धारीवाल
शहर में जयपुर विद्युत वितरण निगम की फ्रेंचाइज कंपनी केईडीएल की ओर से शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के मामले पर प्रदेश के एक अख़बार को दिए वक्तव्य में उन्होंने कहा, पिछली सरकार ने केईडीएल के साथ 20 साल का करार किया था।

ऐसे में बिना विधिक प्रक्रिया से इसे भगाया नहीं जा सकता, लेकिन इस बारे में रास्ता खोजा जा रहा है। जब तक निजी कंपनी कोटा में तब तक स्मार्ट मीटर के साथ पुराने मीटर भी लगाए जाएंगे। जिस मीटर में रीडिंग कम आएगी, उसी मीटर के अनुसार बिल का भुगतान किया जाएगा।

शहर को राहत और नई सुविधाएं देने के लिए सरकार की क्या योजना के बारे में उन्होंने कहा, वे शहर की जरूरतों की प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार कर रहे हैं। इसमें जनता के सहयोग की भी जरूरत पड़ेगी।

नए हवाई अड्डे के लिए जमीन देने को तैयार
नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट ऑथिरिटी कोटा में नया हवाई अड्डा बनाने की योजना पर काम करे तो सरकार नि:शुल्क जमीन देने के लिए तैयार है। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, वे और उनकी सरकार कोटा में नया हवाई अड्डा बनाना चाहते हैं।

इसलिए उपयुक्त जगह पर जितनी जरूरत होगी उतनी जमीन देने के लिए तैयार है। इसके एवज में कोई राशि नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा, राज्य सरकार जमीन दे सकती है, लेकिन हवाई अड्डे का निर्माण नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट ऑथिरिटी की पहल पर ही हो सकेगा।

राजस्थान में भी अब एक लिमिट तक मुफ्त मिलेगा पानी, CM की घोषणा

जोधपुर । लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की जनता को निर्धारित मात्रा तक मुफ्त में पानी देने की घोषणा की है। शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जलदाय विभाग की जलप्रदाय योजनाओं के तहत उपभोक्ताओं को इसका फायदा होगा।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान इस बारे में घोषणा की। नि:शुल्क पानी का यह आदेश एक अप्रेल से होने वाली बिलिंग से प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से ग्रामीण इलाकों के दो करोड़ 8 लाख और शहरी इलाकों के छप्पन लाख लोगों को फायदा मिलेगा। इस घोषणा से उपभोक्ताओं को करीब 160 करोड़ रुपए की बचत मिलेगी।

पीएचईडी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति 40 लीटर पानी प्रतिदिन के हिसाब से मुफ्त दिया जा सकता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में हर महीने हर कनेक्शन पर 15 हजार लीटर तक पानी नि:शुल्क दिया जा सकता है। दोनों की क्षेत्रों में निर्धारित मात्रा से अधिक जल उपयोग में लेने पर उपभोक्ताओं को शुल्क देना होगा।

गौरतलब है कि राज्य में 222 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की जलप्रदाय योजनाएं हैं। जलदाय विभाग को पेयजल बिलों हर साल करीब 650 करोड़ रुपए की राजस्व आय होती है। निर्धारित मात्रा में नि:शुल्क पानी देने से करीब 160 करोड़ रुपए का भार अब उपभोक्ताओं पर नहीं आएगा।

CBI इंस्पेक्टर ने मांगी डेढ़ करोड़ की रिश्वत, दलाल गिरफ्तार

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई इंस्पेक्टर के दलाल को 30 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 45 लाख रुपए के 11 चैक भी मिले है। रिश्वत की यह रकम आनंद गृहनिर्माण सहकारी समिति के एक पदाधिकारी से ली गई। एसीबी की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि रिश्वत मांगने वाला मुख्य आरोपी सीबीआई, जयपुर शाखा में तैनात इंस्पेक्टर प्रकाशचंद है।

वह गुरुवार रात को उसके दलाल शांतिलाल के एसीबी ट्रेप की भनक लगने पर फरार हो गया। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। एसीबी ने सीबीआई अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। उनके सहयोग से भूमिगत हुए सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाशचंद की तलाश की जा रही है।

एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शांतिलाल आंचलिया है। वह टोंक रोड पर जय जवान कॉलोनी में रहता है। वहीं, फरार सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाशचंद दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर है। वह सीबीआई जयपुर ब्रांच में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित है और फिलहाल सीबीआई की एंटी करप्शन सेल में तैनात है।

उसके खिलाफ आनंद गृह निर्माण सहकारी समिति के एक पदाधिकारी ने गुरुवार को एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि पिछले चार माह महिने से सीबीआई में पदस्थापित इंस्पेक्टर प्रकाशचंद उसे फोन कर डेढ़ करोड़ की रिश्वत मांग रहा है। जनवरी, 2018 में हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन की धोखाधड़ी से संबंधित 18 मुदकमों का अनुसंधान सीबीआई को ट्रांसफर किया गया था।

इसमें तीन केसों की जांच इंस्पेक्टर प्रकाशचंद के पास थी। आरोपी ने उसे धमकाते हुए कहा कि तेरे खिलाफ मुकदमों की जांच मेरे पास है। जिनमें कार्रवाई मदद करने और शेष 15 मुकदमों में आरोपी बनाने की धमकियां देकर वह उससे डेढ़ करोड़ मांग रहा था। रिश्वत की यह रकम आरोपी दलाल शांतिलाल के मार्फत मांगी।

इस पर डीजी आलोक त्रिपाठी और एडीजी सौरभ श्रीवास्तव के निर्देशन में एसीबी ने तत्काल ट्रेप की कार्रवाई शुरु की। इसके लिए आईजी दिनेश एमएन के सुपरविजन में एएसपी नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की। जिन्होंने आरोपी दलाल शांतिलाल को उसके आवास पर परिवादी बिल्डर से 30 लाख रुपए नकद और 45 लाख रुपए के 11 चेक लेते धरदबोचा।

तब एसीबी अधिकारियों ने सीबीआई के उच्चाधिकारियों को सूचना दी। एडीजी सौरभ श्रीवास्तव के मुताबिक परिवादी बिल्डर का कहना है कि वह पिछले चार माह के भीतर आरोपी सीबीआई इंस्पेक्टर को 90 लाख रुपए की रिश्वत पहले ही दे चुका है। आरोपी प्रकाशचंद के घर की भी शुक्रवार को तलाशी ली जा रही है।

विश्व महिला दिवस पर जेसीआई की रन फॉर नाइन मैराथन आयोजित

कोटा। जेसीज ऑफ कोटा की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ’रन फॉर नाइन मैराथन’ एक जागरूकता दौड़ का आयोजन शहीद स्मारक, अंटाघर चैराहा से किया गया। दौड़ की शुरुआत मुख्य अतिथि लाड़पुरा विधायक कल्पना देवी ने झंडा दिखाकर की। दौड़ में शामिल हुई आईपीएस अमृता दुहान ने समाज के हर तबके तक जागरूकता फैलाने की अपील की।

को-ऑर्डिनेटर लोकेश माहेश्वरी, आशीष जैन एवं तृप्ति नागर ने बताया कि जूनियर चैंबर के इस प्रयास द्वारा स्वस्थ, सशक्त व जागृत महिला के लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष में विश्व महिला दिवस पर नाइन कंपनी के संग तकरीबन 500 शहरों में महिलाएं एवं पुरुष इस दौड़ का हिस्सा बने। इस मुहिम का उद्देश्य महिलाओं में जगरूकता फैलाना एवं अपनी बात समाज के बीच संकोच छोड़कर आत्मविश्वास के साथ से रखने का है।

कोटा में जेसीआई के विभिन्न अध्याय अध्यक्ष नम्रता जोशी, यशिका विजय, मनप्रीत माहेश्वरी, मंदीप सिंह सोहल, सौरभ जैन, पीयूष सक्सेना, नवनीत मोहता, आशीष जैन, धीर परेता, आकाश अंबवानी, सागर सोवलका, प्रशांत सिंह ने महिलाओं को जागरूक व स्वस्थ बनाने की जेसीआई की इस जागरूकता दौड़ में शामिल होकर जन पुनीत कार्य के सहभागी बने। दौड़ मे भाग लेने वाली विभिन्न संस्थाओ से इस मुहिम के अंतर्गत जागरूकता फैलाने की अपील की।

कमजोर वैश्विक संकेतों से तांबा वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। विदेशों में बेसधातुओं की कीमतों में कमजोरी के रुख के बीच सटोरियों ने अपने जमा सौदों की कटान की जिससे यहां वायदा कारोबार में शुक्रवार को तांबा की कीमत 0.7 प्रतिशत की हानि के साथ 450.90 रुपये प्रति किग्रा रह गई। इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार की कमजोर मांग के कारण भी तांबा कीमतें प्रभावित हुई।

एमसीएक्स में तांबा के मार्च महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 3.20 रुपये अथवा 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 450.90 रुपये प्रति किग्रा रह गई। इसमें 14,663 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

बाजार विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार की कमजोर मांग, विदेशों में बेसधातुओं की कीमतों में कमजोरी के रुख के कारण वायदा कारोबार में तांबा कीमतों में गिरावट आई। वैश्विक स्तर पर लंदन मेटल एक्सचेंज में तीन माह में डिलीवरी वाले तांबा की कीमत 0.69 प्रतिशत घटकर 6,423.50 डॉलर प्रति टन रह गई।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार फिर 400 अरब डॉलर के पार

मुंबई। देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर बढ़कर 400 अरब डालर के पार पहुंच गया। गत एक मार्च को समाप्त सप्ताह में यह 25.99 अरब डॉलर बढ़कर 400 अरब डॉलर के स्तर को लांघकर 401.77 अरब डालर पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्राभंडार 94.47 करोड़ डॉलर बढ़कर 399.21 अरब डॉलर था।

रिज़र्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में, विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा यानी विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ 2.06 अरब डॉलर बढ़कर 374.060 अरब डॉलर पर पहुंच गई। विदेशी मुद्रा भंडार को डालर बताया जाता है लेकिन इसमें यूरो, पौंड ओर येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में आये उतार चढ़ाव को भी शामिल किया गया है।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार इससे पहले 13 अप्रैल, 2018 को समाप्त सप्ताह में 426.028 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से इसमें काफी गिरावट आई है। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह अपरिवर्तित रहने के बाद समीक्षाधीन सप्ताह में देश का आरक्षित स्वर्ण भंडार 48.87 करोड़ डॉलर बढ़कर 23.25 अरब डॉलर हो गया।

सप्ताह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास सुरक्षित विशेष निकासी अधिकार भी 30 लाख डॉलर बढ़कर 1.463 अरब डॉलर हो गया। केन्द्रीय बैंक ने कहा कि आईएमएफ में देश का आरक्षित भंडार भी 62 लाख डॉलर बढ़कर 2.999 अरब डॉलर हो गया।