Monday, July 13, 2026
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‘जंगल क्राई’ का ट्रेलर रिलीज, प्रेरित करने वाली है यह बायॉपिक

मुंबई । अभय देओल पिछली बार शाहरुख खान स्टारर ‘जीरो’ में कैमियो करते नजर आए थे। अब वह एक नई बायॉपिक में नजर आने वाले हैं। नई फिल्म ‘जंगल क्राई’ का ट्रेलर लॉन्च हो गया है और फैन्स के लिए यह काफी एक्साइटिंग है।

यह स्पोर्ट्स फिल्म गांव के ऐसे नए खिलाड़ियों के बारे में है जो रग्बी के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं और उन्हें लंदन में एक चैंपियनशिप में रग्बी खेलने का मौका मिलता है। ‘जंगल क्राई’ भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के रुद्राक्ष जीना की बायॉपिक है।

वह कुछ गांव के लड़कों को फुटबॉल सिखाने के लिए चुनते हैं। लेकिन रग्बी कोच पॉल वॉल्श के आने के बाद कहानी दिलचस्प मोड़ ले लेती है और ये फुटबॉल खिलाड़ी रग्बी प्लेयर्स बन जाते हैं। ट्रेलर देखते हुए कई जगह फिल्म चक दे इंडिया की भी याद आती है। हालांकि, यह फिल्म असल कहानी पर बेस्ड है। देखिए, ट्रेलर:

https://youtu.be/XcYVaj6hjoE

फिल्म का पोस्टर कान फिल्म फेस्टिवल में रिलीज किया गया। इसका ट्रेलर सोमवार को हाउस ऑफ लॉर्ड्स में दिखाया जाएगा। फिल्म इस साल अगस्त-सितंबर में रिलीज हो सकती है।

900 शाखाएं बंद करेगा बैंक ऑफ बड़ौदा! जानिए क्यों

नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB)ने अपनी कार्यकारी कुशलता को बढ़ाने के लिए देशभर में 800 से 900 शाखाओं को बंद या तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है। BoB यह कदम देना बैंक और विजया बैंक के विलय के बाद उठाने जा रहा है। आपको बता दें कि देना बैंक और विजया बैंक का एक अप्रैल से बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया है।

इसलिए उठाया जा रहा कदम
बैंक ऑफ बड़ौदा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, देना और विजया बैंक को विलय के बाद एक ही स्थान पर दोनों बैंकों की शाखाएं चल रही हैं, जिसका कोई औचित्य नहीं है। अधिकारी के अनुसार, कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें तीनों बैंकों की शाखाएं एक ही स्थान या एक ही बिल्डिंग में कार्यरत हैं।

ऐसे में या तो इन शाखाओं को बंद किया जाएगा या फिर दक्षता और डुप्लीकेसी रोकने के उद्देश्य इन शाखाओं को तर्कसंगत बनाया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि व्यापक समीक्षा के बाद हमने महसूस किया है कि 800 से 900 शाखाओं को तर्कसंगत बनाने की जरूरत है। इसमें कुछ शाखाओं को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित करना या फिर बंद करने का विकल्प शामिल हैं।

क्षेत्रीय कार्यालयों पर भी लटक सकता है ताला
अधिकारी ने बताया कि तीनों बैंकों के कई क्षेत्रीय और रीजनल कार्यालय भी एक ही स्थान पर चल रहे हैं। ऐसे में विलय के बाद इनको चलाने का कोई औचित्य नहीं है और इन्हें बंद करने की आवश्यकता है। अधिकारी का कहना है कि बैंक की दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत में मजबूत स्थिति है। ऐसे में हमें पूर्वी भारत में विस्तार की आवश्यकता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा बना दूसरा बड़ा सरकारी बैंक
देना बैंक और विजया बैंक के विलय से बैंक ऑफ बड़ौदा भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन गया है। इस समय BoB के पास 9500 शाखाएं, 13,400 एटीएम, 85,000 कर्मचारी और 12 करोड़ ग्राहक हैं। विलय के बाद बैंक का कुल कारोबार 15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो गया है। इससे पहले अप्रैल 2017 में भारतीय स्टेट बैंक में पांच एसोसिएट बैंक्स और भारतीय महिला बैंक का विलय हुआ था।

नई तकनीक न सीखने वाले कर्मियों को कंपनियों ने दिखाया बाहर का रास्ता

नई दिल्ली। कहते हैं जो वक्त के हिसाब से नहीं बदलता है, वक्त उसे ही बदल देता है। आईटी कंपनियों में काम कर रहे पेशेवरों के लिए यह बात सटीक बैठ रही है। नए दौर में अपडेट न होने के खामियाजा ऐसे पेशेवरों को उठाना पड़ा है। हाल में अमेरिका की दिग्गज आईटी कंपनी आईबीएम ने अपने 300 कर्मचारियों को निकाल दिया है।

यही नहीं अमेजन, अलीबाबा जैसी कंपनियों में भी अब नई स्किल के बिना नौकरी संभव नहीं है। जानकारों का कहना है कि अगर आईटी सेक्टर में काम करने वाले लोग नई टेक्नोलॉजी को सीखने में नाकाम रहते हैं तो उन्हें अपनी नौकरी तक गंवानी पड़ सकती है। जानकार कहते हैं कि दूसरे सेक्टरों में भी यही बात लागू हो रही है। हालांकि कंपनियों के लिए यह आसान नहीं होता है कि वह सीधे नौकरी से निकाल दे। इसलिए कंपनियां ट्रेनिंग सेशन भी करवा रही हैं।

मशीन लर्निंग की वजह से आए बदलाव
अमेजन अपना सारा काम मशीन लर्निंग और रोबोटिक ऑटोमेशन पर शिफ्ट कर रही है। भारत में भी बड़ी कंपनियां इस ओर अग्रसर हो रही हैं। फूड डिलीवरी कंपनी जोमेटो, ओलो,फ्लिपकार्ट, रिलायंस आदि ऑटोमेशन में काम कर रही हैं। इसी वजह से आईटी कंपनियों की डिमांड में बदलाव आया है।

अब सिर्फ जावा और डॉटनेट की जानकारी पर्याप्त नहीं रह गई है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर का पायथन, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA), बिग डाटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन, ऑगमेंटेड रियल्टी और यूआई/यूएक्स डिजाइन में दक्ष होना जरूरी है। हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि कंपनियों के लिए भी यह फैसला करना आसान नहीं होगा।

पारंपरिक रिवेन्यू घटकर महज 40 फीसदी आ जाएगा
एक रिपोर्ट के मुताबिक आईटी सर्विस इंडस्ट्री में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की संख्या करीब 30 लाख है। इनमें बिजनेस प्रोसेस मैनजमेंट कंपनियां शामिल नहीं हैं। इनमें से करीब 6,000,00 सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही डिजिटल टेक्नोलॉजी में दक्ष हैं।

अभी आईटी कंपनियों का करीब 80 फीसदी रेवेन्यू पारंपरिक सेवाओं से आता है। लेकिन, आईटी कंपनियों के संगठन नैस्कॉम का कहना है कि 2025 तक पारंपरिक टेक्नोलॉजी से रेवेन्यू घटकर 40 फीसदी पर आ जाएगी। उसने कहा है कि लगातार नई टेक्नोलॉजी सीखते रहना वक्त की मांग है।

The Girl on the Train : इंग्लैंड में होगी फिल्म की शूटिंग

नई दिल्ली। हॉलीवुड फिल्म ‘द गर्ल ऑन द ट्रेन’ की आधिकारिक बॉलीवुड रीमेक के लिए परिणीति चोपड़ा जुलाई से इंग्लैंड में दो महीनों के लिए शूटिंग शुरू करेंगी। मूल फिल्म में नायिका का किरदार एमिली ब्लंट ने निभाया था। इस फिल्म के लिए परिणीति चोपड़ा वास्तविक लोकेशन्स और असली ट्रेनों के अंदर फिल्म की शूटिंग करेंगी।

माना जा रहा है कि ट्रेन फिल्म का अहम हिस्सा है। फिल्म के निर्माता चाहते है कि फिल्म विश्वसनीय लगे इसलिए दो महीनों तक असल यात्रियों के बीच परिणीति कई ट्रेनों की सवारी करेंगी। करीबी सूत्रों की मानें तो यह एक थ्रिलर फिल्म है। ट्रेन के सफर के दौरान परिणीति चोपड़ा के किरदार की परतें खुलेंगी। दृश्यों को वास्तविक और प्रभावी बनाने के लिए शूटिंग के दौरान परिणीति को ट्रेनों में यात्रा करना जरूरी होगा।

परिणीत के किरदार के साथ जो ट्रेनों में घटित होता है वह फिल्म के दृश्यों और उसकी कहानी के लिए बहुत मायने रखता है। खबरे हैं कि इंग्लैंड में रहने के बावजूद परिणीत चोपड़ा ने तय किया है कि वह अपने किरदार के लिए पूरी फिल्म के दौरान न किसी से मिलेंगी न वहां घूमेंगी। पॉला हॉकिन्स की साल 2015 में प्रकाशित हुई किताब पर आधारित है यह फिल्म एक तलाकशुदा महिला की कहानी है जो एक लापता व्यक्ति की चौंकाने वाली जांच में उलझ जाती है, जिससे उसका जीवन हाशिये पर आ जाता है।

एग्जिट पोल: एक बार फिर मोदी सरकार, सीटें 300 के पार

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के सात चरणों की वोटिंग पूरी होने के साथ ही 542 सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। अंतिम परिमाण तो 23 मई को आएंगे लेकिन विभिन्न एग्जिट पोल के अनुमान बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के लिए बेहतर दिख रहे हैं।

लगभग सभी एग्जिट पोल में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है जबकि यूपीए और अन्य पिछड़ते नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं किस एग्जिट पोल में किस गठबंधन को कितनी सीटों का अनुमान लगाया गया है। बता दें कि तमिलनाडु के वेल्लौर लोकसभा सीट पर बड़े पैमाने पर कैश मिलने के बाद वहां वोटिंग रद्द हो गई थी।

एग्जिट पोल में NDA को बहुमत
हम आपको कुल छह एजेंसियों का एग्जिट पोल के जरिए बीजेपी गठबंधन और यूपी गठबंधन के साथ अन्य को मिलने वाले सीटों का अनुमान बता रहे हैं। एग्जिट पोल के अनुसार, एनडीए गठबंधन को 304 सीटें मिल रही हैं। जबकि यूपीए को 118 सीट मिलने का अनुमान है जबकि अन्य को 120 सीटें मिलती दिख रही हैं। यानी एनडीए गठबंधन आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए दिख रहा है।

एजेंसी बीजेपी+कांग्रेस+ अन्य
टाइम्स नाउ-वीएमआर306132104
सी वोटर 287 128127
जन की बात 305124113
न्यूज नेशन 282-290118-126130-138
टुडेज चाणक्य 3509597
ऐक्सिस माय इंडिया 339-36577-108 69-95
नीलसन277130137
महा एग्जिट पोल 308-309116115

लक्ष्य समर कैम्प 2019: 300 बच्चों ने क्रिएटिव फील्ड में बढ़ाई स्किल्स

कोटा। एस. आर. पब्लिक सी. सै. स्कूल में ‘लक्ष्य समर कैम्प 2019’ का समापन बड़े जोश और उत्साह के साथ हुआ । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मिसेज इण्डिया 2019 रॉयल ब्यूटी शैव्या गौतम थी । इस कैंप के जरिए विभिन्न विधाओं में बच्चों ने अपनी स्किल्स को बढ़ाया है तथा अपनी प्रतिभा को और भी निखारा है। कैंप में भाग लेने के लिए कोटा शहर के अलावा आसपास के क्षेत्र के बच्चे भी आए।

कैम्प में अलग-अलग ग्रुप में बच्चों ने योगा, शूटिंग, फुटबॉल, तायोक्वांडो, तैराकी, स्केटिंग, बास्केट बॉल, होर्स-राइडिंग, अटल टिंकरिंग में आर्डिनो प्रोग्रामिंग, कम्प्यूटर हार्डवेयर मेंटीनेन्स व ऐनिमेशन, जुम्बा, ट्रेजर-हंट, कोंगो, सिंथेसाइजर, वोकल, ड्रम, टॉयट्रेन, डांस (हिप-हॉप, सेमी क्लासिकल नुक्कड़-नाटक, नॉनफॉयर कुकिंग, ग्लास पेंटिग, ज्वैलरी मेकिंग, ऐरोबिक्स डांस और पेपर आर्ट जैसी अनेक गतिविधियों में भाग लिया।

समापन समारोह के अवसर पर बच्चों द्वारा क्राफ्ट्स व फूड कॉर्नर की प्रदर्शनी भी लगाई गई। अभिभावकों और आने वालों ने बच्चों की प्रतिभाओं को काफी सराहा। लक्ष्य समर कैंप 2019 में ट्रेजर-हंट में विजेता ग्रुप को ट्रॉफी दी, कैंप में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में चेयरमैन आनंद राठी, निदेशक अंकित राठी, प्रधानाचार्या सीमा शर्मा ने मुख्य अतिथियों को चाँदी का श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय फैशन डिजाइनर अनिभा डागा भी उपस्थित थीं ।

एग्जिट पोल : राजस्थान में बीजेपी को 20 सीट, कांग्रेस का बढ़ेगा वोट शेयर

नई दिल्ली। देशभर में सात चरणों में हुए लोकसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। इसी के साथ एग्जिट पोल्स में आ गए। Rajasthan Lok Sabha Exit polls 2019 की बात करें तो इसमें भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें तो मिलेंगी लेकिन 2014 के मुकाबले वह नुकसान में रहेगी। Times Now-VMR ने राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी को 25 में से 20 सीटें दी हैं। अगर असल नतीजे यही रहे तो बीजेपी को 2014 के मुकाबले 5 सीटों का नुकसान हो रहा है। एग्जिट पोल में कांग्रेस को 5 सीटें दी गई हैं।

वोटर शेयर में आगे निकल सकती है कांग्रेस
Times Now-VMR के एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी के वोट प्रतिशत में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। 2014 में बीजेपी का जो वोट शेयर था वह 54.9 प्रतिशत था जो 2019 में 50.1 प्रतिशत रह सकता है। वहीं कांग्रेस का वोट प्रतिशत जो 2014 में 30.4 प्रतिशत था वह बढ़कर 42.36 प्रतिशत हो सकता है।

एजेंसीबीजेपी+कांग्रेसअन्य
Times Now-VMR2050
इंडिया टुडे- माई ऐक्सिस
24 10
टुडेज चाणक्य2500
एबीपी-नीलसन1960

2014 के नतीजे
25 सीटों वाले राजस्थान में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। पिछली बार यानी 2014 में बीजेपी ने सभी सीटों से कांग्रेस का पत्ता साफ करते हुए अपना परचम लहराया था। हालांकि, इस बार बीजेपी के लिए राह आसान नहीं है। 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली थी और तत्कालीन वसुंधरा राजे सरकार को हार का मुंह देखना पड़ा था। सूबे में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनाने में सफल रही थी।

विधानसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस 2014 के निराशाजनक दौर को पीछे छोड़ चुकी है। यहां बीजेपी और कांग्रेस में एक बार फिर कड़ी टक्कर है। राजस्थान में दो चरणों में 29 अप्रैल और 6 मई को वोट डाले गए। 29 अप्रैल को 13 सीटों और 6 मई को 12 सीटों पर वोटिंग हुई। अब नतीजे 23 मई को आएंगे।

जावड़ेकर समेत कई केंद्रीय मंत्रियों पर सरकारी बंगलों का भुगतान बाकी

नयी दिल्ली। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा है कि विजय गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, निर्मला सीतारमण और सुषमा स्वराज समेत कई केन्द्रीय मंत्रियों ने अपने सरकारी बंगलों के फरवरी तक के बकाया का भुगतान नहीं किया है। मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और पूर्वोतर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने भी अपने बंगलों के बकाया का भुगतान नहीं किया है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि यह बकाया बंगले में उपलब्ध फर्नीचर तथा अन्य वस्तुओं से संबंधित है। मंत्रालय के अनुसार, नकवी और सिंह पर इस अवधि के दौरान क्रमश: 1.46 लाख और 3.18 लाख रुपये बकाया हैं। अजीत कुमार सिंह द्वारा दायर आरटीआई पर 26 अप्रैल को दिये गए जवाब में यह जानकारी दी गई है।

केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाला संपदा निदेशालय राष्ट्रीय राजधानी में केन्द्रीय मंत्रियों और सांसदों को बंगले आवंटित करता है। जवाब में कहा गया है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर फरवरी तक 53, 276 रुपये बकाया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर ने 86,923 रुपये के बकाया का भुगतान नहीं किया है।

इसके अलावा संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने भी करीब तीन लाख रुपये का भुगतान नहीं किया है जबकि कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह पर फरवरी तक का 2,88,269 रुपये बकाया है। आरटीआई के जवाब में निदेशालय ने कहा है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर भी इस अवधि तक 98,890 रुपये बकाया हैं। संपदा निदेशालय बकाया राशि का भुगतान करने वाले मंत्रियों और सांसदों को ‘नो डिमांड सर्टिफिकेट’ जारी करता है।

जिओ का ‘ट्रिपल प्ले’ प्लान : मिलेगी ब्रॉडबैंड, टीवी और लैंडलाइन सर्विस

नई दिल्ली। रिलायंस जियो ब्रॉडबैंड और डीटीएच सेक्टर में भी तेजी से जगह बनाना चाहता है और इसके चलते कस्टमर्स के लिए कई आकर्षक प्लान्स लेकर आ रहा है। रिलायंस जियो की ओर से होने वाली गीगाफाइबर FTTH (फाइबर-टू-द-होम) सर्विस कुछ ही महीनों में लॉन्च होने वाली है और अब इसके प्लान्स से जुड़ी जानकारी सामने आई है।

कुछ दिन पहले ही सामने आया था कि जियो गीगाफाइबर सर्विस के साथ ‘ट्रिपल प्ले’ समेत कई रिचार्ज प्लान्स लेकर आएगा। ट्रिपल प्ले में डीटीएच, ब्रॉडबैंड और लैंडलाइन सर्विस, तीनों एक ही कनेक्शन पर मिलेंगी।

आप जानते हैं कि देश के कई हिस्सों में रिलायंस जियो अपनी गीगाफाइबर सर्विस की मदद से अपने कर्मचारियों और कुछ कस्टमर्स को इंटरनेट सेवाएं दे रहा है। टेलिकॉम टॉक के मुताबिक, अब जियो एक नया ट्रिपल प्ले प्लान भी टेस्ट कर रहा है। हालांकि, इस सर्विस के लिए कस्टमर्स को कितना खर्च करना होगा, इसके डीटेल्स पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।

कहा जा रहा है कि ट्रिपल प्ले प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के लिए आएगा और इसमें 100 जीबी हाई-स्पीड डेटा (100Mbps स्पीड तक), अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग, जियो होम टीवी का सब्सक्रिप्शन और जियो ऐप्स का ऐक्सेस यूजर्स को मिलेगा।

जियो गीगाफाइबर के सामान्य यूजर्स को पुराने प्लान में 100 जीबी डेटा 30 दिनों के लिए मिल रहा है और साथ ही 1000 जीबी बोनस डेटा भी दिया जा रहा है। बोनस डेटा को 40 जीबी के सेट्स में बांटा गया है।

इसके मुकाबले ट्रिपल प्ले प्लान फिलहाल केवल रिलायंस जियो कर्मचारियों के लिए एक्सक्लूसिव हो सकता है। संभव है कि इसकी टेस्टिंग के बाद बहुत जल्द इसे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाए। अगले कुछ सप्ताह में कंपनी इससे जुड़े बड़े अनाउंसटमेंट कर सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्लान 600 रुपये के आसपास हो सकता है।

कंपनी के ट्रिपल प्ले प्लान की खास बात इसमें मिलने वाला जियो होम टीवी सब्सक्रिप्शन है। कई अफवाहों के मुताबिक, जियो अपनी आईपीटीवी सर्विस (या जियो गीगा टीवी) के लिए कर्मचारियों के साथ ट्रायल्स कर रहा है।

संभव है कि ये अफवाहें सच हों क्योंकि सामने आए प्लान में साफ कहा गया है कि कस्टमर्स को 28 दिनों के लिए जियो होम टीवी की सेवाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा जियो ब्रॉडबैंड, टीवी और बाकी बिल्स को एक में ही समेटने जा रहा है। ऐसे विकल्प बाकी देशों में मौजूद हैं, लेकिन भारत में यह अपनी तरह का पहला प्लान होगा।

कर्ज चुकाने के लिए संपत्ति बेचकर 10 हजार करोड़ रुपए जुटाएंगे अनिल अंबानी

नई दिल्ली। दिग्गज उद्योगपति अनिल अंबानी ने अपनी कंपनियों का कर्ज चुकाने के लिए अब नया प्लान बनाया है। इसके तहत वह कंपनियों की संपत्ति बेचकर धन जुटाएंगे। अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस कैपिटल ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह चालू वित्त वर्ष में संपत्तियों को बेचकर करीब 10 हजार करोड़ रुपए जुटाएगी। कंपनी ने अनुमान जताया कि इससे उसका कुल कर्ज 50 प्रतिशत कम हो जाएगा।

रिलायंस कैपिटल ने अपने बयान में कहा कि कंपनी अभी तक अपने कर्ज की किस्तें नियमित तौर पर भर रही है। किस्तों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए कंपनी लगातार काम कर रही है और इसी के तहत संपत्ति बेचने की योजना बनाई गई है।

रिलायंस कैपिटल ने कहा है कि वह रिलायंस निप्पन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट लिमिटेड में अपनी पूरी 42.88 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। इस बिक्री से कंपनी को करीब पांच हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जाएगी।

मूल कारोबार की कुछ संपत्तियां भी बेची जाएंगी
रिलायंस कैपिटल ने कहा है कि वह कर्जों के निस्तारण के लिए मूल कारोबार की कुछ संपत्तियों की भी बिक्री करेगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। कंपनी का कहना है कि इन सभी बिक्रियों से करीब 10 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे, जिससे चालू वित्त वर्ष में उसके कुल कर्ज में 50 प्रतिशत की कमी आएगी।

कंपनी ने कहा है कि वह रेटिंग एजेंसी केयर की ओर से कंपनी के दीर्घकालिक ऋणपत्र कार्यक्रम, बाजार से जुड़े डिबेंचर और सबऑर्डिनेटेड डिबेंचर की रेटिंग कम किए जाने से असहमत है।