Sunday, July 12, 2026
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कोटा के 14 वर्षीय हृदय बिरला का राष्ट्रीय विद्यालय टेबल टेनिस टीम में चयन

कोटा। जिले के उभरते युवा खिलाड़ी हृदय बिरला का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से शहर के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग राजस्थान द्वारा जारी आदेश के अनुसार 14 वर्ष (छात्र) वर्ग की राज्य टेबल टेनिस टीम में हृदय बिरला को शामिल किया गया है। वे आगामी 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

हृदय के पिता अनीश बिरला ने बताया कि इस आयुवर्ग में कोटा शहर से चयनित वे एकमात्र टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे निरंतर अभ्यास, अनुशासन और कोच का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है।

यह प्रतियोगिता 16 अप्रैल से 22 अप्रैल तक नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित होगी। प्रतियोगिता से पूर्व चयनित खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शिविर 28 मार्च से 14 अप्रैल 2026 तक पाली में लगाया जा रहा है, जिसमें हृदय बिरला भी हिस्सा ले रहे हैं।

पीएम मोदी ने गुजरात को दी 20,000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

एक्सप्रेस-वे समेत कई सड़क-रेल परियोजनाओं का किया उद्घाटन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे और राज्य में विकास की रफ्तार को नई गति देते हुए यहां उन्होंने 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।

इसके अलावा प्रदेश के वाव थराद जिले के नानी गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब दुनिया युद्ध, अशांति और बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही है, भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति और अपने लोगों की एकजुटता के कारण स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला है।

इस दौरान उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तुलना ‘राजनीतिक गिद्धों’ से करते हुए कहा कि वह पश्चिम एशिया युद्ध से पैदा हुए हालात का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए ‘राजनीतिक गिद्ध’ की तरह घात लगाकर बैठी है।

सभा से पहले अपने गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने 5,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से बने अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो कि एक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने साबरकांठा में इडर-बडोली बायपास सेक्शन के निर्माण और धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतलपुर खंड (NH-754K का पैकेज-I) को अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखी।

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को राज्य में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के कुछ अहम प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी, जिनमें गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाला फ्लाईओवर भी शामिल है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग की जगह भी मिलेगी।

इसके अलावा उन्होंने इसी रोड पर PDPU जंक्शन पर बने फ्लाईओवर ब्रिज का भी उद्घाटन भी किया। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर हर दिन 1 लाख 40 हजार से ज्यादा गाड़ियां चलती हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच CH-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक ट्रैफिक के सुचारू और बिना किसी रुकावट के चलने को सुनिश्चित करेगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बिजली ट्रांसमिशन के कुछ अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी किया, जिनमें खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और 4.5 GW (गीगावाट) रिन्यूएबल एनर्जी को बाहर निकालने के लिए उससे जुड़े ट्रांसमिशन सिस्टम शामिल हैं। इन सभी प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपए है। ये प्रोजेक्ट्स रिन्यूएबल एनर्जी के एकीकरण और ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करेंगे।

रेलवे सेक्टर में प्रधानमंत्री ने कनालस-जामनगर दोहरीकरण प्रोजेक्ट (28 किमी) को राष्ट्र को समर्पित किया। यह प्रोजेक्ट राजकोट-कनालस दोहरीकरण प्रोजेक्ट (111.20 किमी) का ही एक हिस्सा है। इसके अलावा, उन्होंने गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन (10.69 किमी) के चौहरीकरण (चार-लेन बनाने) का भी उद्घाटन किया।

PM मोदी ने हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज परिवर्तन प्रोजेक्ट (54.83 किमी) का भी उद्घाटन किया, जिससे इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और यात्रियों की आवाजाही बेहतर होगी। उन्होंने खेड़ब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पूरे गुजरात में लगभग 5,300 करोड़ रुपए की लागत वाले शहरी विकास के 44 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी कई पहलों का भी उद्घाटन किया।

इनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले ‘रेन बसेरा’ (आश्रय स्थल) का उद्घाटन, और गांधीनगर सिविल अस्पताल तथा GMERS मेडिकल कॉलेज में भी इसी तरह की सुविधा का उद्घाटन शामिल है। गांधीनगर।

प्रधानमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें पाटन में ‘रानी की वाव’ में लाइट एंड साउंड शो और वडनगर में ‘शर्मिष्ठा झील’ पर वॉटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने बनासकांठा में ‘बलराम महादेव’ और ‘विश्वेश्वर महादेव’ में पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचों के कार्यों की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को लगभग 1,780 करोड़ रुपए की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाएं भी समर्पित कीं। इनमें बनासकांठा की ‘कसारा-दांतीवाड़ा पाइपलाइन’ और पाटण व बनासकांठा के बीच फैली ‘दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन’ शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने अंबाजी और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला भी रखी।

उन्होंने गांधीनगर जिले में ‘साबरमती रिवरफ्रंट’ विस्तार की तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने अहमदाबाद के वेजलपुर में स्थित ‘सरकारी लड़कों के छात्रावास’ का उद्घाटन भी किया।

इसके बाद मोदी ने प्रदेश के वाव थराद जिले के नानी गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘ऐसे समय में जब दुनिया युद्ध, अशांति और बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही है, भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति और अपने लोगों की एकजुटता के कारण स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला है।’ उन्होंने कहा कि कुछ दल, विशेषकर कांग्रेस, राष्ट्रीय एकता का समर्थन करने के बजाय दहशत और भय फैलाकर स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

नागरिक पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें, बच्चों ने दिया प्रेरक संदेश

कोटा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड, स्थानीय संघ कोटा दक्षिण तथा शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में 21 मार्च से 31 मार्च तक मनाए जा रहे विश्व वानिकी सप्ताह का मंगलवार को समापन उत्साहपूर्वक किया गया।

समापन समारोह में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया।

विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा किया गया रैंप वॉक रहा। जिसमें उन्होंने हाथों में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को प्रकृति बचाने का संदेश दिया। पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ, जल है तो कल है, जैसे नारों के माध्यम से बच्चों ने सभी को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें पर्यावरण, वन संरक्षण एवं जैव विविधता से जुड़े प्रश्न पूछे गए। प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में ज्ञानवर्धन के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी।

समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा सहकारी के अध्यक्ष एवं स्काउट गाइड के जिला प्रधान प्रकाश जायसवाल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीओ स्काउट बृज सुंदर मीणा ने की।

विशिष्ट अतिथियों में रामगंजमंडी स्थानीय संघ के सचिव दयाल सिंह, नीलम पारेता एवं भारती महावर उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रपति अवॉर्डी प्रवीण कुमार शर्मा ने कुशलतापूर्वक किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

पीएम ई-ड्राइव योजना: कोटा समेत प्रदेशभर में बिछेगा EV चार्जिंग स्टेशनों का जाल: नागर

राजस्थान में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए केंद्र से 81.12 करोड़ रुपये मंजूर

कोटा। PM e-Drive Scheme: राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ‘प्रधानमंत्री ई-ड्राइव’ योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए भारत सरकार द्वारा 81.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है। इस बजट से राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा प्रदेश के 262 चिह्नित स्थानों पर कुल 591 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। जिससे राज्य में क्लीन एनर्जी के प्रति आमजन का भरोसा बढ़ेगा।

​ऊर्जा मंत्री श्री नागर ने विशेष रूप से कोटा संभाग के संदर्भ में हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि औद्योगिक और शैक्षणिक हब के रूप में अपनी पहचान रखने वाले कोटा में 28 नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कोटा को भविष्य के स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त शहर के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। इन स्टेशनों की स्थापना से शहर के भीतर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर चालकों को सुलभ चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। जिससे स्थानीय परिवहन सुगम होगा और कोचिंग विद्यार्थियों और पर्यटकों को भी पर्यावरण अनुकूल यातायात के विकल्प मिलेंगे।

​योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह विस्तार केवल शहरों तक सीमित नहीं है। जयपुर में 112, अजमेर में 49 और उदयपुर में 39 चार्जिंग स्टेशनों के साथ-साथ प्रदेश के मुख्य राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर 34 स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि इन स्टेशनों के लिए सरकारी विभागों की भूमि का उपयोग किया जाएगा। जिससे परियोजना का क्रियान्वयन त्वरित गति से हो सकेगा। राजमार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से अंतर-राज्यीय और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ईवी उपभोक्ताओं की ‘रेंज एंग्जायटी’ (बैटरी खत्म होने का डर) समाप्त होगी।

​ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि ‘पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवॉल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव)’ योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करना है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम इस पूरी परियोजना की प्रभावी मॉनिटरिंग करेगा ताकि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक तकनीक वाले चार्जिंग पॉइंट स्थापित हों। ऊर्जा मंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से राजस्थान न केवल ग्रीन एनर्जी के उत्पादन में बल्कि हरित परिवहन के उपयोग में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा। जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण मिल सकेगा।

प्रदेश की कोई भी थर्मल पावर इकाई बंद नहीं होगी, निर्बाध बिजली देने के प्रयास

ऊर्जा मंत्री नागर ने जनसुनवाई कर मौके पर किया निस्तारण, अधिकारियों को दिए निर्देश

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को इंद्र विहार स्थित अपने निजी आवास पर जनसुनवाई की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जनसुनवाई में प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को भी तलब किया गया था। जिससे कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की गई।

ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर से विस्तृत चर्चा की है।

उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि पूरे संभाग में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए ताकि नुकसान का सटीक आकलन हो सके। किसानों को यथासंभव मुआवजा जल्द से जल्द मिल सके।

बढ़ती गर्मी को देखते हुए मंत्री नागर ने बिजली और पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की पहुंच नहीं है। वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाए। सरकार द्वारा बिजली और पानी की उपलब्धता की निरंतर समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है।

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री नागर ने कहा कि गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए सरकार ने 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। किसानों को तकनीकी और प्रक्रियात्मक परेशानियों से बचाने के लिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

पोर्टल को फिर से खोल दिया गया है ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। गिरदावरी की प्रक्रिया को भी सरल और विधिवत किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन किसानों के टोकन जारी हो चुके हैं, उनके गेहूं की तुलाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।

थर्मल यूनिट्स नहीं होंगी बंद, केंद्र से मांगी अतिरिक्त बिजली
ऊर्जा मंत्री ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें थर्मल पावर इकाइयों को बंद करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रम फैलाया जा रहा है, कोई भी इकाई बंद नहीं होगी। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की थर्मल पावर इकाइयों को बंद करने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।

गर्मी के सीजन में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता के लिए केंद्र सरकार से भी निरंतर संपर्क में है। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देना प्राथमिकता है।

किसानों को बोनस और गेहूं खरीद पर विशेष ध्यान
खेतों में आग लगने से फसलों के नुकसान पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाए और प्रभावितों को नियमानुसार सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि एमएसपी के साथ 150 रुपये अतिरिक्त बोनस का लाभ दिया जा रहा है। पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला है। वहीं गिरदावरी प्रक्रिया को भी आसान किया गया है। टोकन धारी सभी किसानों के गेहूं की शत-प्रतिशत तुलाई के निर्देश दिए गए हैं। बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए भी सर्वे कर उचित कार्रवाई करने के लिए कहा हैं।

Kota Mandi: मिलर्स की ग्राहकी से कोटा मंडी में सोयाबीन और सरसों में उछाल

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को आवक की कमी से गेहूं टुकड़ी 50 रुपये और बेस्ट टुकड़ी 150 रुपए तेज बिका। प्रोसेसिंग मिलर्स की ग्राहकी से सोयाबीन 100 रुपये और सरसों 150 उछल गई। लिवाली निकलने से लहसुन 500 रुपये ऊंचा बिका। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 8000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल. 2200 से 2275, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2300 से 2400, बेस्ट टुकड़ी 2400 से 2750, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3400 से 3950, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4400, धान (पूसा-1) 3600 से 4070, धान (1401-1886) 3800 से 4150, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5750, सरसों 6000 से 7260, अलसी 6000 से 6900, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 8250, चना देशी पुराना 4700 से 5151, चना मौसमी नया 5100 से 5350, चना पेप्सी 5200 से 5751, चना डंकी पुराना 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500 नया चना देशी 5000 से 5451 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 2500 से 11000, मैथी पुरानी 5000 से 6000, मैथी नयी 5800 से 6400, धनिया बादामी पुराना 9500 से 10500, धनिया ईगल नया 11200 से 12000, धनिया रंगदार 12500 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

120Hz डिस्प्ले वाला Lava Bold N2 Pro फोन 8000 रुपये से कम में लॉन्च

नई दिल्ली। भारतीय स्मार्टफोन ब्रैंड Lava ने अपना नया बजट स्मार्टफोन Lava Bold N2 Pro लॉन्च कर दिया है। यह डिवाइस खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो फर्स्ट-टाइम स्मार्टफोन यूजर्स हैं।

कंपनी का फोकस इस फोन के साथ आसान यूजर-एक्सपीरियंस, बढ़िया परफॉर्मेंस और अफॉर्डेबल प्राइस पर एक बैलेंस्ड एक्सपीरियंस देने पर है। Bold सीरीज को Lava लंबे समय से ‘value-driven’ स्मार्टफोन लाइनअप के तौर पर शोकेस करता रहा है, और N2 Pro उसी स्ट्रेटजी का हिस्सा है।

Lava Bold N2 Pro में 6.75 इंच का बड़ा HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इस कीमत के सेगमेंट में इतनी स्मूद स्क्रीन मिलना इसे खास बनाता है। परफॉर्मेंस के मामले में यह स्मार्टफोन UNISOC T7250 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर पर काम करता है।

इसमें 4GB RAM के साथ 4GB वर्चुअल RAM का सपोर्ट मिलता है, जिससे ऐप्स के बीच स्विच करना स्मूद हो जाता है। साथ ही 128GB का इंटरनल स्टोरेज इसका हिस्सा है।

कैमरा और बैटरी
Lava ने 50MP का AI रियर कैमरा सेटअप दिया है, जो अच्छी रोशनी में डीटेल्ड और क्लियर फोटोज क्लिक कर सकता है। वहीं, 8MP का फ्रंट कैमरा सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए परफेक्ट है।

बैटरी इस फोन का एक और बड़ा हाइलाइट है। Lava Bold N2 Pro में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जो पूरे दिन का बैकअप दे सकती है। इसके साथ Type-C पोर्ट और 10W चार्जिंग के अलावा 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है।

डिवाइस को IP54 रेटिंग के साथ लॉन्च किया गया है, जिसका मतलब है कि यह धूल और हल्के पानी के छींटों से सेफ रहेगा। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ड्यूल सिम (4G+4G) सपोर्ट दिया गया है। इसके अलावा इसमें ऑटो कॉल रिकॉर्डिंग, एनोनिमस कॉल हैंडलिंग और कॉन्फ्रेंस कॉलिंग जैसे फीचर्स भी शामिल हैं, जो रोजमर्रा के यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाते हैं।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो Lava ने इसमें क्लीन एक्सपीरियंस देने का वादा किया है। कंपनी इस डिवाइस के साथ एक OS अपडेट और दो साल के सिक्योरिटी अपडेट भी देगी, जो इस सेगमेंट में एक अच्छी बात है। साथ ही Lava की Free Service @ Home सुविधा इसे और खास बनाती है, जिसमें यूजर्स को रिपेयर के लिए सर्विस सेंटर जाने की जरूरत नहीं होती।

फोन की कीमत
Lava Bold N2 Pro को 7,999 रुपये कीमत पर लॉन्च किया गया है। यह डिवाइस 6 अप्रैल 2026 से Flipkart पर सेल के लिए उपलब्ध होगा। इसे Eclipse Grey और Aurora Gold जैसे आकर्षक कलर ऑप्शन्स में खरीदा जा सकेगा।

Vivo ने लॉन्च किया दुनिया का पहला 2x 200MP कैमरा फोन Vivo X300 Ultra

नई दिल्ली। Vivo ने अपने नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स Vivo X300 Ultra और Vivo X300s को चीन में लॉन्च कर दिया है। दोनों ही फोन शानदार कैमरा, पावरफुल परफॉर्मेंस और प्रीमियम डिजाइन के साथ आते हैं।

खास बात यह है कि इन दोनों स्मार्टफोन्स में 200MP का Zeiss कैमरा और टेलीकन्वर्टर सपोर्ट दिया गया है, जिससे DSLR जैसी फोटो खींची जा सकती है। Vivo X300 Ultra जहां हाई-एंड यूजर्स के लिए बनाया गया है, वहीं Vivo X300s थोड़ी कम कीमत में अच्छे फीचर्स देने पर फोकस करता है।

दोनों ही फोन Android 16 पर आधारित OriginOS 6 के साथ आते हैं। जबकि X300 में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9500 चिप, 144Hz डिस्प्ले और 7100mAh की बड़ी बैटरी दी गई है।

कीमत और कलर ऑप्शन
Vivo X300 Ultra की कीमत चीन में CNY 6,999 (लगभग 95,900 रुपए) से शुरू होती है। इसके अलग-अलग वेरिएंट्स की कीमत 1.23 रुपए लाख तक जाती है। वहीं Vivo X300s की शुरुआती कीमत CNY 4,999 (लगभग 68,500 रुपए) रखी गई है और इसका टॉप वेरिएंट करीब 95,900 रुपए तक जाता है। दोनों फोन कई आकर्षक कलर ऑप्शन में आते हैं। X300 Ultra Black, Green और Silver कलर में मिलेगा, जबकि X300s Purple, Green, Silver और Black में उपलब्ध होगा।

Vivo X300 Ultra फीचर्स
Vivo X300 Ultra में 200MP का मेन कैमरा, 50MP अल्ट्रावाइड और 200MP टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। यह फोन 3.7x ऑप्टिकल और 105x डिजिटल ज़ूम सपोर्ट करता है। इसके अलावा यह 8K वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर सकता है, जो इसे कैमरा के मामले में बेहद खास बनाता है।

वहीं Vivo X300s में भी 200MP का मेन कैमरा मिलता है, लेकिन इसमें 50MP का टेलीफोटो और अल्ट्रावाइड लेंस दिया गया है। यह 100x तक डिजिटल ज़ूम सपोर्ट करता है। दोनों फोन में 50MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जिससे शानदार सेल्फी और वीडियो कॉलिंग का अनुभव मिलता है।

Vivo X300 Ultra में लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, जो इसे काफी पावरफुल बनाता है। वहीं Vivo X300s में MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट मिलता है, जो स्मूद परफॉर्मेंस देता है। दोनों ही स्मार्टफोन्स Android 16 पर आधारित OriginOS 6 पर चलते हैं और इनमें 16GB तक RAM और 1TB तक स्टोरेज मिलती है।

Vivo X300 Ultra में 6.82 इंच का 2K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट मिलता है। वहीं Vivo X300s में 6.78 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। Vivo X300 Ultra में 6600mAh की बैटरी दी गई है, जो 100W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करती है।

वहीं Vivo X300s में 7100mAh की बड़ी बैटरी मिलती है, जो 90W फास्ट चार्जिंग के साथ आती है। दोनों फोन रिवर्स चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं, यानी आप दूसरे डिवाइस को भी चार्ज कर सकते हैं।

Vivo X300 Ultra में खास टेली-कन्वर्टर एक्सेसरीज मिलती हैं, जिससे ज़ूम और बेहतर हो जाता है। इसके अलावा फोन में 3D फिंगरप्रिंट सेंसर, फेस अनलॉक, Wi-Fi 7 और 5G जैसे लेटेस्ट फीचर्स भी दिए गए हैं।

MG मोटर्स भारत में वुलिंग स्टारलाइट 560 का रीबैज्ड वर्जन लॉन्च करेगी, जानिए फीचर्स

नई दिल्ली। MG मोटर्स कंपनी 2026 में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च करने की योजना बना रही है, जिनमें से एक वुलिंग स्टारलाइट 560 (Wuling Starlight 560) का रीबैज्ड वर्जन है। हाल के महीनों में भारी कैमूफ्लाज वाले टेस्ट म्यूल्स अक्सर देखे गए हैं।

लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वुलिंग स्टारलाइट 560 के लिए एक पेटेंट फाइल किया गया है। भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद इसका मुकाबला महिंद्रा XUV7X0 और टाटा हैरियर जैसे मॉडल से होगा।

एक्सटीरियर और डिजाइन
इस कार की पेटेंट इमेज में देखा जा सकता है कि ज्यादातर एक्सटीरियर फीचर्स इंटरनेशनल-स्पेक मॉडल जैसे ही हैं। इस SUV का प्रोफाइल बॉक्सी है, इसमें शार्प लाइटिंग एलिमेंट्स, मेश पैटर्न वाली ब्लैक-आउट ग्रिल और एक मजबूत बंपर डिजाइन है। साइड प्रोफाइल में चौकोर व्हील आर्च, मोटी बॉडी क्लैडिंग, बॉडी-कलर वाले दरवाजे के हैंडल, डुअल-टोन ORVMs, रूफ रेल्स और ब्लैक-आउट A, B और C पिलर्स हैं।

पीछे की तरफ, SUV में एक झुकी हुई विंडशील्ड, रैपअराउंड टेल लैंप और एक भारी-भरकम बंपर डिजाइन है। कुल मिलाकर, वुलिंग स्टारलाइट 560 की रोड प्रेजेंस बैलेंस है, ये न तो बहुत ज्यादा भड़कीली है और न ही बहुत ज्यादा दबदबा बनाने वाली। इसका डिजाइन फैमिली फोकस्ड यूजर्स को पसंद आएगा। डाइमेंशन के हिसाब से वुलिंग स्टारलाइट 560 की लंबाई 4,745 mm, चौड़ाई 1,850 mm और ऊंचाई 1,770 mm है। इसका व्हीलबेस 2,810 mm है।

इंजन और रेंज
इंटरनेशनल मार्केट में वुलिंग स्टारलाइट 560 पेट्रोल, PHEV और पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वर्जन में उपलब्ध है। पेट्रोल वैरिएंट में 1.5-लीटर टर्बोचार्ज्ड इनलाइन-4 LC4 इंजन लगा है, जो 177 PS की पावर और 290 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6-स्पीड मैनुअल या CVT ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है। स्टारलाइट 560 का PHEV (प्लग-इन हाइब्रिड) वैरिएंट इंटरनेशनल मार्केट में सबसे पॉपुलर ऑप्शन है।

इसमें 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन लगा है जो 106 PS की पावर और 130 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इलेक्ट्रिक मोटर के साथ मिलकर, कुल सिस्टम पावर आउटपुट लगभग 197-204 PS होता है। स्टारलाइट 560 PHEV में LFP (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी लगी है, जो 125 km (CLTC) की प्योर इलेक्ट्रिक रेंज देती है।

स्टारलाइट 560 PHEV की कुल रेंज 1100 km (WLTC) तक है। इस वैरिएंट में हाइब्रिड ट्रांसमिशन लगा है। प्योर EV वैरिएंट की बात करें तो, बैटरी पैक के ऑप्शन में 60 kWh LFP और 69.2 kWh MAGIC बैटरी Pro LFP शामिल हैं। इसकी CLTC रेंज 500 से 540Km है। इसका सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर 136 PS और 200 Nm की पावर जनरेट करता है। भारत में स्टारलाइट 560 EV में विंडो EV का बैटरी पैक मिल सकता है। वुलिंग स्टारलाइट 560 के सभी वैरिएंट में FWD कॉन्फिगरेशन है।

वुलिंग स्टारलाइट 560 के फीचर्स
वुलिंग स्टारलाइट 560 का इंटीरियर थीम काफी मिनिमलिस्ट है, जिसमें गाड़ी के अंदर ज्यादा जगह और पैसेंजर के कम्फर्ट पर खास ध्यान दिया गया है। इसके खास फीचर्स में 12.8-इंच की फ्लोटिंग टचस्क्रीन, 4G कनेक्टिविटी, OTA अपडेट और स्मार्टफोन ऐप के जरिए गाड़ी को रिमोट से कंट्रोल करने की सुविधा शामिल है। इसके लोअर वैरिएंट में 3.5-इंच का इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर लगा है, जबकि हायर वैरिएंट में बड़ी फ़ुल-LCD यूनिट दी गई है।

PHEV और EV वैरिएंट में गियर सेलेक्टर स्टीयरिंग कॉलम पर लगा होता है। इससे सेंटर कंसोल में काफी जगह बच जाती है। इसके अन्य खास फीचर्स में दो वायरलेस फोन चार्जिंग पैड, 180 डिग्री सीट रिक्लाइनर मोड, लेदरेट अपहोल्स्ट्री, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, एम्बिएंट लाइटिंग और पैनोरमिक सनरूफ शामिल हैं।

वुलिंग स्टारलाइट 560 की कीमत
उम्मीद है कि वुलिंग स्टारलाइट 560 को इस साल के आखिर में भारत में MG ब्रांड के तहत लॉन्च किया जाएगा। सबसे पहले इसका PHEV वैरिएंट लॉन्च किया जा सकता है। इसका टॉप-एंड प्योर EV वैरिएंट महिंद्रा XEV 9S को सीधी टक्कर देगा। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 19 लाख रुपए हो सकती है।

अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर 1000 किलो के बम गिराए, देखिये वीडियो

वाशिंगटन। US attacks Iran’s nuclear sites: अमेरिका ने ईरान पर बहुत बड़ा हमला कर दिया है। ताजा निशाना मुल्क का इस्फाहान शहर बना है, जिसे एक अहम परमाणु संयंत्र माना जाता है। खबर है कि अमेरिका ने 1 हजार किलो के बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल किया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन का वीडियो भी शेयर किया है। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब अटकलें हैं कि ट्रंप जल्द ही युद्ध को खत्म करने के मूड में हैं। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियोज में नजर आ रहा है कि हमले के बाद इस्फाहान में धमाके सुने गए।

खास बात है कि कुछ दिनों पहले ही इजरायल ने भी शहर को निशाना बनाया था। वहीं, मंगलवार को भी अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एयर स्ट्राइक की हैं। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस अटैक के बाद संयंत्र को कितना नुकसान पहुंचा है।

इस्फाहान में अटैक की बात इसलिए भी अहम है, क्योंकि खबरें आती रहीं हैं कि ईरान ने यहां यूरेनियम शिफ्ट किया है। हालांकि, यह जानकारी अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसका वजन करीब 540 किलोग्राम बताया जा रहा है और कहा जा रहा है ईरान ने इसे अंडरग्राउंड जगहों पर स्टोर किया है।

ट्रंप के प्रस्ताव में थे शामिल
ट्रंप की तरफ से ईरान को 15 सूत्रीय मांगें भेजी गईं थीं, जिन्हें ईरान ने खारिज कर दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें इस्फाहान का भी जिक्र था। 15 बिंदुओं में नतांज, इस्फाहान और फोर्डो परमाणु स्थलों को पूरी तरह से बंद करना और नष्ट करना शामिल है। साथ ही, ईरानी धरती पर सभी यूरेनियम संवर्धन पर पूर्ण और स्थायी रोक के साथ-साथ अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के सभी मौजूदा भंडार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को देने का प्रस्ताव शामिल है।

बंकर बस्टर बम
वॉल स्ट्रीट जनरल से बातचीत में अमेरिका अधिकारी ने बताया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में पेनेट्रेटर म्यूनिशन्स का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें भेदने वाले हथियार भी कहा जा सकता है, जिनका इस्तेमाल खासतौर से सख्त निशानों को खत्म करने के लिए किया जाता है।

इजरायल ने भी पहले बनाया था निशाना
शुक्रवार को ही इजरायल ने मिसाइल हमले किए थे, जिनमें तेहरान, इस्फहान और आसपास के क्षेत्रों को निशाना बनाया गया था। IDF यानी इजरायल रक्षा बल ने कहा था कि उसने ईरान के सैन्य ढांचे को निशाना बनाते हुए हमले शुरू किए हैं। इजरायली सेना के अनुसार, हवाई हमलों में तेहरान के हथियार निर्माण केंद्रों और पश्चिमी ईरान में मिसाइल भंडारण स्थलों को निशाना बनाया गया।