Sunday, July 12, 2026
Home Blog Page 163

कोटा मंडल ने 74 वर्षों में भाप इंजन से कवच 4.0 तक का ऐतिहासिक सफर पूरा किया

स्थापना दिवस पर प्रदर्शनी, रेल सेवा पुरस्कार समारोह एवं कवि सम्मेलन आयोजित

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल का 74वाँ स्थापना दिवस बुधवार को मेनाल ऑफिसर्स क्लब, कोटा में उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर रेलवे प्रदर्शनी, रेल सेवा पुरस्कार समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का एक साथ भव्य संयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कोटा के हज़ारों नागरिक, विद्यार्थी एवं परिवारजन रेलवे की आधुनिक तकनीक एवं उपलब्धियों से सीधे परिचित हुए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा ने प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात् मंडल रेल प्रबंधक ने मीडिया को कोटा मंडल के चौहत्तर वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। मंडल रेल प्रबंधक कालरा एवं महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा अंशु कालरा ने महिला कल्याण संगठन की सदस्याओं के साथ प्रदर्शनी का भ्रमण किया तथा विभिन्न विभागों की स्टॉलों पर रेलवे की कार्यप्रणाली को निकट से समझा।

जैन ने बताया कि प्रदर्शनी में वाणिज्य, परिचालन, कार्मिक, रेलवे सुरक्षा बल, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, गति शक्ति यूनिट एवं निर्माण, सिग्नल एवं दूरसंचार, ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक शेड टीकेडी, ट्रैक्शन वितरण, ट्रैक्शन रोलिंग ऑपरेशन, यांत्रिक तथा विद्युत विभाग सहित कुल 13 स्टॉलें लगाई गई थीं।

प्रत्येक स्टॉल पर कार्यशील मॉडल्स, डिजिटल स्क्रीन और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से रेलवे की कार्यप्रणाली को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कवच 4.0 स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, अमृत भारत स्टेशन योजना, 2×25 केवी ओएचई विद्युतीकरण, हाई स्पीड ट्रायल्स, रेल मदद ऐप तथा रेलवन ऐप जैसी आधुनिक उपलब्धियाँ फ्लेक्स, डिजिटल डिस्प्ले और लाइव मॉडल्स के माध्यम से प्रदर्शित की गईं।

कोटा के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपने परिवारजनों के साथ प्रदर्शनी का भ्रमण किया और रेलवे की कार्यप्रणाली, तकनीक एवं सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद बताया। सेल्फी प्वाइंट व्यवस्था से बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

41 कर्मचारी रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित
इस अवसर पर आयोजित 70वें रेल सेवा पुरस्कार सप्ताह के अंतर्गत पुरस्कार समारोह में कोटा मंडल के कुल 41 समर्पित कर्मचारियों को उनकी निष्ठा, परिश्रम एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के लिए सम्मानित किया गया।

सायंकाल आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जगदीश सोलंकी, सुरेन्द्र यादवेन्द्र, रावजात शत्रु, निशामुनि गौड़ एवं सलोनी राणा आदि कवियों ने अपनी ओजस्वी काव्य-रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 1952 को पश्चिमी रेलवे के अंतर्गत स्थापित कोटा मंडल पचहत्तरवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। चौहत्तर वर्षों की इस यात्रा में मंडल ने भाप इंजन से विद्युत इंजन, एकल लाइन से दोहरी विद्युतीकृत लाइन, और मैन्युअल सिग्नल से कवच 4.0 स्वचालित सुरक्षा प्रणाली तक का ऐतिहासिक रूपांतरण देखा है। आज यह मंडल देश का पहला ऐसा रेलवे मंडल है, जहाँ दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग के मथुरा से नागदा तक पूरे पाँच सौ उनचास किलोमीटर पर कवच 4.0 पूर्णतः स्थापित है।

खुश होंगे हनुमान, राम राम रटे जा.. कलश यात्रा में बही श्रद्धा और भक्ति की बयार

श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर छावनी पर तीन दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव समारोह शुरू

​कोटा। छावनी स्थित प्रसिद्ध श्री मंशापूर्ण हनुमान मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव का भव्य शुभारंभ बुधवार को भक्तिमय वातावरण में शोभायात्रा के साथ हुआ।

उत्सव के प्रथम दिन श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर, छावनी से एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें हनुमान जी के जयकारों के साथ श्रद्धा और भक्ति की बयार बहती रही। शोभायात्रा में 1100 महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गान करती हुई चल रही थीं।

शोभायात्रा नगर निगम कॉलोनी मार्ग से होते हुए मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पहुँची। पूरी राह ‘घूमा दे म्हारा बालाजी घूमर घूमर घोटो..’ और ‘खुश होंगे हनुमान, राम राम रटे जा..’ जैसे भजनों से गुंजायमान रही। युवाओं की टोली बैंड की मधुर धुन पर थिरकती नजर आई। जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय हो गया।

मार्ग को भगवा पताकाओं और तोरण द्वारों से सजाया गया था। जगह-जगह सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं ने पुष्पवर्षा कर और अल्पाहार वितरित कर यात्रा का स्वागत किया। प्रथम दिन की पूर्व संध्या पर मंदिर परिसर में सुंदरकांड का पाठ भी संपन्न हुआ।

इस दौरान अध्यक्ष जयप्रकाश तुसिया, सचिव योगेश कोटिया, उपाध्यक्ष कमल शाक्यवाल, कोषाध्यक्ष नितेश सिंह, मुख्य यजमान घनश्याम प्रजापति, त्रिलोक नैनवानी, विजय सिंह राठौड़, भूपेंद्र प्रजापति, नागेंद्र सिंह गौड़ समेत कईं लोग उपस्थित रहे।

भजन संध्या आज
​समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश तुसिया ने बताया कि प्राकट्य उत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा। प्रातः काल बजरंगबली का पंचामृत से महाअभिषेक करने के बाद प्रतिमा का विशेष स्वर्ण श्रृंगार किया। शाम 7:30 बजे 125 दीपकों के साथ भव्य महाआरती का आयोजन होगा। इसके पश्चात रात्रि 9 बजे से बहुप्रतीक्षित ‘भजन संध्या’ शुरू होगी। जिसमें राजसमंद के सुप्रसिद्ध गायक भगवत सुथार एंड पार्टी द्वारा भजनों की अमृत वर्षा की जाएगी। इसी दौरान सामूहिक विवाह के ‘मुख्य माता-पिता’ के चयन की बोली प्रक्रिया भी संपन्न होगी।

सामूहिक विवाह सम्मेलन कल
​उत्सव का समापन शुक्रवार को सेवा कार्यों के साथ होगा। इस दिन प्रातः 9 बजे से 32 जोड़ों का निशुल्क सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिसमें सर्व समाज की जरूरतमंद कन्याओं का कन्यादान किया जाएगा। इसके साथ ही दोपहर 1 बजे से विशाल आम भंडारे का आयोजन भी होगा। जिसमें करीब 70 हजार लोगों के भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है।

Kota Mandi: लिवाली निकलने से कोटा मंडी में जौ, सोयाबीन और सरसों उछली

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को देसावरी मांग से लहसुन 500 तेज बिका। लिवाली निकलने से जौ, सोयाबीन और सरसों 50 रुपये और उछल गई। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 8000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं नया मिल. 2200 से 2275, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2300 से 2400, बेस्ट टुकड़ी 2400 से 2650, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3400 से 4000, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4400, धान (पूसा-1) 3600 से 4070, धान (1401-1886) 3800 से 4150, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5790, सरसों 6000 से 7290, अलसी 6800 से 7300, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 7000, उड़द 4500 से 8250, चना देशी पुराना 4700 से 5151, चना मौसमी नया 5100 से 5350, चना पेप्सी 5200 से 5751, चना डंकी पुराना 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5451 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 2500 से 11500, मैथी पुरानी 5000 से 6000, मैथी नयी 5800 से 6400, धनिया बादामी पुराना 9500 से 10500, धनिया ईगल नया 11200 से 12000, धनिया रंगदार 12500से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

Realme का 50MP AI कैमरा, 7000mAh बैटरी वाला यह फोन 3000 रुपये महंगा हुआ

नई दिल्ली। Realme Narzo 90x 5G New Price : भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बजट 5G फोन्स की मांग काफी है। लेकिन अब बजट स्मार्टफोन लगातार महंगे हो रहे हैं। 1 अप्रैल यानी आज से ही रियलमी ने Realme Narzo 90x 5G की कीमत भी बढ़ा दी है। इस फोन के दोनों वैरिएंट अब 2500 रुपए तक महंगे हो गए हैं।

Realme Narzo 90 5G में 7000mAh की टाइटन बैटरी दी गई है। इसके साथ 60W वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है। फोन में 50MP प्राइमरी रियर कैमरा भी है जो इस फोन को कम कीमत में एक अच्छा ऑप्शन बनाता था।

Realme Narzo 90x की नई कीमत
Realme Narzo 90x 5G के बेस वेरिएंट 6GB RAM + 128GB स्टोरेज फोन को 13,999 रुपये में लॉन्च किया गया था लेकिन अब यह फोन 16,499 रुपए का हो गया है। वहीं टॉप वेरिएंट के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज की कीमत 15,499 रुपये रखी गई थी, जो आज 1 अप्रैल से 17,999 रुपए में बेचा जायेगा। ये दोनों स्मार्टफोन भारत में Amazon और Realme इंडिया के ऑनलाइन स्टोर पर सेल के लिए उपलब्ध होंगे। Narzo 90x 5G नाइट्रो ब्लू और फ्लैश ब्लू रंगों में मिलेगा।

Realme Narzo 90x 5G के स्पेसिफिकेशन
Realme Narzo 90x 5G में थोड़ा बड़ा 6.80-इंच LCD डिस्प्ले मिलता है। इस फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट, 1,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलती है। Narzo 90x 5G में ऑक्टा कोर 6nm MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है।

Narzo 90x 5G में 50-मेगापिक्सल का Sony IMX852 प्राइमरी रियर कैमरा है। स्टैंडर्ड मॉडल में सेल्फी के लिए 50-मेगापिक्सल और Narzo 90x में 8-मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। रियलमी एआई एडिट जेनी, एआई एडिटर, एआई इरेजर और एआई अल्ट्रा क्लैरिटी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स भी देगी।

फोन में 7,000mAh की टाइटन बैटरी है। Narzo 90x 5G एक बार चार्ज होकर 136.2 घंटे म्यूजिक, 23.6 घंटे ऑनलाइन वीडियो प्लेबैक, 17.1 घंटे नेविगेशन, 27.7 घंटे चैट और 61.3 घंटे कॉलिंग का लाभ प्रदान कर सकता है। कंपनी बैटरी लाइफ के साथ 6 साल की गांरटी दे रही है। धूल और पानी से बचाव के लिए दोनों फोन में IP66/68/69 रेटिंग दी जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से डीजल 192 रुपये प्रति लीटर पर मिलेगा

तेल कंपनियों के बचाव में मोदी सरकार का बड़ा बयान, जानिए क्या बोला

नई दिल्ली। Diesel Rate: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार ने स्थिति साफ की है। मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने बताया कि दिल्ली में आम पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं। पेट्रोल करीब 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर ही मिल रहा है, यानी आम लोगों पर सीधा बोझ नहीं बढ़ाया गया है।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने में करीब 100% तक उछाल आया है। इसका असर सरकारी तेल कंपनियों पर साफ दिख रहा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन समेत PSU ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल पर करीब 24.40 रुपये और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान (अंडर-रिकवरी) झेल रही हैं। अगर यह बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जाता, तो पेट्रोल करीब 119 रुपये और डीजल 190 रुपये के पार पहुंच सकता था।

सरकार का कहना है कि यह फैसला आम जनता को राहत देने के लिए लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति के तहत कोशिश की जा रही है कि वैश्विक कीमतों में तेजी का सीधा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर न पड़े। यही वजह है कि बाकी कई देशों में ईंधन के दाम 30-50% तक बढ़ने के बावजूद भारत में आम ईंधन के दाम स्थिर रखे गए हैं।

वहीं, प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जरूर देखने को मिली है। इंडियन ऑयल ने XP100 पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जो पहले 149 रुपये थी। इसी तरह Xtra Green डीजल भी थोड़ा महंगा हुआ है। ये प्रीमियम फ्यूल मुख्य रूप से लग्जरी गाड़ियों और हाई-परफॉर्मेंस वाहनों में इस्तेमाल होते हैं और कुल खपत का बहुत छोटा हिस्सा हैं।

पेट्रोल- डीजल के दाम स्थिर
देश के अलग-अलग शहरों में भी आम पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में जहां पेट्रोल 94.72 और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर है, वहीं मुंबई में पेट्रोल 103.44 और डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। यानी आम ग्राहकों को फिलहाल राहत जारी है, भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो।

प्रमुख उत्पादक राज्यों में पैदावार कम होने से मेथी में अधिक मंदी का अनुमान नहीं

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान के अलावा गुजरात में भी मेथी का बिजाई क्षेत्रफल 12 प्रतिशत घटकर 1.15 लाख हेक्टेयर रह जाने के कारण देश में मेथी का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहेगा। हाल की बिजाई के पश्चात मौसम फसल के अनुकूल बना रहने से प्रति हेक्टेयर में 1 प्रतिशत की वृद्धि होने के अनुमान लगाए गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में मेथी की बिजाई 55.40 हजार हेक्टेयर पर की गई जबकि गत वर्ष बिजाई 64 हजार हेक्टेयर पर की गई थी। राजस्थान में बिजाई गत वर्ष 47.75 हजार हेक्टेयर के मुकाबले 41.75 हजार हेक्टेयर पर की थी। गुजरात में बिजाई गत वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत घटकर 17.50 हजार की रह गई।

उत्पादन अनुमान: जानकारों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान देश में मेथी का उत्पादन 15.20 लाख क्विंटल होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 17.16 लाख क्विंटल का माना गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश में मेथी का उत्पादन 7.38 लाख क्विंटल माना जा रहा है गत वर्ष उत्पादन 8.49 लाख क्विंटल रहा था। राजस्थान में उत्पादन गत वर्ष के 6.09 लाख के मुकाबले 5.40 लाख क्विंटल होने के समाचार है। गुजरात में उत्पादन 2.42 लाख क्विंटल होने के समाचार है जबकि गत वर्ष 2.57 लाख क्विंटल का उत्पादन माना गया था।

आवक:उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नए मालों की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन गुजरात एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में अवकाश होने के कारण व्यापार नहीं हो रहा है। जबकि राजस्थान की कोटा मंडी में नई मेथी की आवक 400/500 बोरी की रही और भाव 5800/6200 रुपए प्रति क्विंटल बोला गया। नौखा मंडी में भाव 5600/5800 रुपए रहा और आवक 400/500 बोरी की रही। सूत्रों का कहना है कि अप्रैल माह में मंडियों में आवक का दबाव बनने पर अप्रैल माह में भाव 3/5 रुपए घट सकते हैं इससे अधिक मंदे के आसार नहीं हैं।

निर्यात: मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में मेथी का निर्यात 13 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान मेथी का निर्यात 40633 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 304.97 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान निर्यात 35907 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 298.14 करोड़ की रही थी।

कोटा–पटना एक्सप्रेस अब शाम 06.10 बजे ही चलेगी, कुछ स्टेशनों पर ठहराव निरस्त

कोटा। गाड़ी संख्या 13238/13240 कोटा–पटना एक्सप्रेस का प्रस्थान समय 22.10 बजे करने का पुनर्निर्धारण दिनांक 01.04.2026 से निरस्त कर दिया गया है। अब यह गाड़ी कोटा से अपने सामान्य समय 18.10 बजे ही प्रस्थान करेगी।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी का प्रस्थान समय पूर्ववत् 18.10 बजे बहाल हो गया है, परंतु मार्ग परिवर्तन पूर्व की भाँति जारी रहेगा। यह गाड़ी वाया कानपुर सेंट्रल -प्रयागराज जंक्शन- मिर्जापुर-पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन होकर चलती रहेगी।

इस दौरान दोनों गाड़ियों के कुछ स्टेशनों पर ठहराव अस्थायी रूप से निरस्त रहेंगे। गाड़ी संख्या 13238 के लिए उन्नाव जंक्शन, लखनऊ, अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम जंक्शन, अकबरपुर जंक्शन, शाहगंज जंक्शन, जौनपुर जंक्शन एवं वाराणसी जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव नहीं रहेगा। वहीं गाड़ी संख्या 13240 के लिए लखनऊ, महाराजा बिजली पासी (निहालगढ़), सुल्तानपुर जंक्शन एवं वाराणसी जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव नहीं रहेगा।

यात्री अपनी यात्रा से पूर्व रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप के माध्यम से गाड़ियों की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

कोटा के औद्योगिक विकास पर एसएसआई एसोसिएशन का ‘विज़न’ डॉक्यूमेंट जारी

एआई से कोटा के उद्योगों को मिलेगी नई पहचान, केंटर फेयर चाइना जाएंगे उद्योगपति

​कोटा। एसएसआई एसोसिएशन, कोटा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना महत्वाकांक्षी विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया है। जिसमें वर्ष भर का शहर के औद्योगिक विकास का रोडमैप घोषित किया गया है।

अध्यक्ष दीपक मेहता ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि एसएसआई एसोसिशन का उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र को एक सशक्त और वैश्विक औद्योगिक पहचान दिलाना है। कोटा को एक ऐसा एमएसएमई हब बनाना है, जहाँ उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मंच मिल सके।

उन्होंने बताया कि सचिव समीर सूद और कोषाध्यक्ष राहुल जैन के नेतृत्व में गवर्निंग बोर्ड ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन एमएसएमई सेक्टर को मजबूती प्रदान करने के लिए एक परिणाम-उन्मुख कार्य योजना प्रस्तुत की है। इस दूरदर्शी विज़न को तैयार करने में मुख्य सलाहकार गोविंदराम मित्तल एवं सलाहकार मंडल के सदस्यों बीएल गुप्ता, विपिन सूद और कमलदीप सिंह का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।

दीपक मेहता ने बताया कि ​एसोसिएशन की कार्य योजना में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष बल दिया गया है। जिसके तहत सरकारी विभागों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सीधे तालमेल हेतु समर्पित वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किए जाएंगे।

ग्लोबल एक्सपोजर तक की तैयारी
व्यापारिक विस्तार के लिए दिसंबर में ‘राजस्थान बिजनेस कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, नए उद्यमियों को मार्गदर्शन देने के लिए विवेक बिंद्रा और हर्षवर्धन जैन जैसे ख्याति प्राप्त वक्ताओं के सत्र आयोजित होंगे। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अक्टूबर में एक विशेष ‘ऑल वूमेन एंटरप्रेन्योर कॉन्क्लेव’ का आयोजन प्रस्तावित है। ​वैश्विक बाजार में कोटा की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एसोसिएशन अक्टूबर में चीन के ‘कैंटन फेयर’ में 100 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा।

एआई तकनीक और स्थानीय उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग
स्थानीय उत्पादों जैसे कोटा स्टोन, सैंडस्टोन और ऑरेंज प्रोसेसिंग की ग्लोबल मार्केटिंग के लिए प्रोफेशनल प्रोफाइलिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त, “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देने हेतु एसएसआई संवाद’ मैगज़ीन के माध्यम से सदस्यों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के समावेशन हेतु एआई अवेयरनेस सेमिनार और स्टार्टअप्स के लिए “शार्क टैंक” मॉडल पर आधारित फंडिंग कॉन्क्लेव का आयोजन भी विज़न का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सटीक निगरानी और पारदर्शी प्रबंधन
सचिव समीर सूद और कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने जमीनी कार्यान्वयन और पारदर्शी संसाधन प्रबंधन पर जोर दिया है। प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि ​एसएसआई एसोसिएशन ने विज़न 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों के लिए प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। इसके तहत रीको विभाग का नेतृत्व मनोज अग्रवाल एवं आशुतोष जैन को दिया गया है। जबकि जिला उद्योग केंद्र और एमएसएमई की कमान अक्षय सिंह एवं कौशल बंसल संभालेंगे।

कोटा कलेक्टर, पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संदीप साबू, कौशल बंसल और उमेश गोयल को दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए नितिन अग्रवाल एवं शैलेष जैन तथा केईडीएल व जेवीवीएनएल विभाग हेतु नवेंदु द्विवेदी एवं मनोज जैन को नियुक्त किया गया है।

इसी क्रम में श्रम विभाग का कार्यभार नवेंदु द्विवेदी एवं अक्षय सिंह को सौंपा गया है। आई-स्टार्ट और कौशल विकास के लिए कपिल जैन एवं कुलदीप माथुर तथा जीएसटी व आयकर विभाग हेतु अनीश बिरला एवं अनुज माहेश्वरी को जिम्मेदारी दी गई है।

क्षेत्रीय व्यापार संघों के साथ समन्वय का कार्य ईशांत अरोड़ा, एमएस चौहान एवं उमेश गोयल करेंगे। इसके अतिरिक्त बड़े पैमाने के उद्योगों हेतु अनिमेश जैन एवं सुरेश अग्रवाल तथा हॉस्टल एवं शिक्षा क्षेत्र के लिए पंकज जैन एवं एमएस चौहान को नेतृत्व प्रदान किया गया है।

कोटा स्टोन को मिलेगी वैश्विक पहचान
‘कोटा स्टोन’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए एसएसआई एसोसिएशन ने अपने विजन 2026-27 में विशेष कार्ययोजना शामिल की है। इस पहल के तहत कोटा स्टोन और सैंडस्टोन जैसे क्षेत्रीय उत्पादों की गुणवत्ता को दुनिया के सामने लाने के लिए उनकी प्रोफेशनल प्रोफाइलिंग की जाएगी। जिससे वैश्विक बाजारों में प्रभावी मार्केटिंग संभव हो सके। ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती देते हुए एसोसिएशन अपनी ‘एसएसआई संवाद’ मैगजीन के माध्यम से सदस्यों के बीच इन स्थानीय उत्पादों के उपयोग और व्यापार को निरंतर प्रोत्साहित करेगा। इस रणनीतिक प्रयास का उद्देश्य स्थानीय खदान मालिकों और प्रोसेसिंग इकाइयों को सीधा वैश्विक मंच प्रदान करना है। जिससे कोटा का यह पारंपरिक उद्योग आधुनिक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बन सके।

पानी में छिपकर करेगा दुश्मन पर वार, नेवी को मिला समंदर का नया सिकंदर ‘मालवन’

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की ताकत और तटीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए 31 मार्च को ‘मालवन’ नामक पनडुब्बी रोधी युद्धक शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW SWC) नौसेना को सौंप दिया गया है। यह देश में स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने वाली ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस युद्धपोत का निर्माण कोच्चि स्थित ‘कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड’ (CSL) द्वारा किया गया है।

नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किए जा रहे आठ विशेष युद्धपोतों की श्रृंखला में ‘मालवन’ दूसरा जहाज है। अधिकारियों के अनुसार, इस जहाज के शामिल होने से भारत की तटीय रक्षा और पानी के भीतर युद्ध (अंडरवाटर वारफेयर) करने की क्षमताओं में भारी वृद्धि होगी।

इस युद्धपोत का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवशाली समुद्री विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह नाम भारतीय नौसेना के पूर्व जहाज ‘आईएनएस मालवन’ की विरासत को भी आगे बढ़ाता है, जो एक माइनस्वीपर था और जिसने वर्ष 2003 तक नौसेना में अपनी सेवाएं दी थीं।

तकनीकी क्षमताएं
इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो रक्षा उत्पादन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) सहित घरेलू उद्योग की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इसकी लंबाई लगभग 80 मीटर है और इसका विस्थापन करीब 1,100 टन है। यह उन्नत ‘वाटरजेट प्रोपल्शन’ प्रणाली द्वारा संचालित होता है।

हथियार और सेंसर
यह आधुनिक रडार, सोनार सिस्टम, टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है। यह पानी के भीतर छिपे खतरों का सटीक पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है। यह जहाज तटीय जल में पनडुब्बी रोधी अभियानों, अंडरवाटर सर्विलांस (निगरानी), कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन और खदान युद्ध (माइन वारफेयर) मिशनों को अंजाम देने में माहिर है

एक और बड़ा रक्षा सौदा
स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने के इस व्यापक अभियान के बीच, रक्षा मंत्रालय ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को और गति देते हुए, मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए दो माउंटेन रडार की खरीद हेतु ‘भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड’ (BEL) के साथ लगभग 1,950 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं।

Market: ईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीद से निवेशकों को लगी 10 लाख करोड़ की लॉटरी

सेंसेक्स 1187 अंक उछलकर 73,134 पर बंद, निफ्टी 22600 के पार

नई दिल्ली। Stock Market Closed Today: घरेलू बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत बढ़कर 73,134.32 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 348.00 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 22,679.40 पर बंद हुआ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध दो या तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। इसका बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। बाजार में हालिया गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी से भी रिकवरी देखने को मिली।

इंडेक्स हैवीवेट एचडीएफ़सी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एलएंडटी के शेयरों में तेजी से इंडेक्स को चढ़ने में मदद मिली। हालांकि, कारोबार के अंत में चुनिंदा शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार की दिन की बड़ी बढ़त कम हो गई।

इससे बीएसई सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 2,000 अंक से अधिक तेजी आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स 600 अंक से ज्यादा उछला। सेंसेक्स आखिरकार 1186.77 अंक यानी 1.65% तेजी के साथ 73,134.32 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 348 अंक यानी 1.56% उछलकर 22,679.40 अंक पर आ गया। इससे पहले दो सत्र में शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी।

आज की तेजी से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10 लाख रुपये बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। सेंसेक्स के 30 में से 26 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। ट्रेंट और इंडिगो में 6 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। अडानी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, एलएंडटी, इटरनल और एक्सिस बैंक में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर अल्ट्राटेक सीमेंट, पावरग्रिड, एनटीपीसी और सन फार्मा में गिरावट रही।