हत्या से डकैती तक में शामिल 41 अपराधी किस्म की महिलाएं CJP प्रोटेस्ट में थीं

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नई दिल्ली। कोई आत्महत्या करने वाले NEET छात्रों के समर्थन में आया था तो कोई पेपर लीक के बाद मानसिक रूप से टूट चुके स्टूडेंट्स का समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंचा था, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में कुछ ऐसे लोग भी पहुंचे थे, जिनका रिकॉर्ड गंभीर किस्म की आपराधिक गतिविधियों से भरा पड़ा है।

दिल्ली पुलिस ने ऐसे 2,873 लोगों की पहचान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए की है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें 41 ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराध
दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक 8 महिलाएं हत्या के मामले में आरोपी थीं, जबकि एक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में 9 महिलाएं शामिल थीं। 12 महिलाओं पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। सात अन्य लूट और डकैती के मामलों में आरोपी थे, जबकि चार पर अपहरण के मामले दर्ज किए गए थे।

सास-ससुर की हत्या करने वाली महिला
जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों में एक ऐसी महिला भी शामिल थी, जिसे 2023 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के गोकलपुरी में अपने सास-ससुर की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक महिला के सास-ससुर के पास करीब 1.3 करोड़ रुपये की कीमत की एक प्रॉपर्टी थी। जांचकर्ता के मुताबिक ससुराल वालों के विरोध को खत्म करने, प्रॉपर्टी बेचने और अपने बॉयफ्रेंड के साथ नई जिंदगी शुरू करने के लिए महिला ने हत्याओं की साजिश रची थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हत्या के मामलों में आरोपी महिलाओं में से 3 आदतन अपराधी थीं। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कितनी महिलाएं, कौन से अपराध

अपराधसंख्या
हत्या8
अपहरण4
लूट-डकैती7
हत्या का प्रयास1
एनडीपीएस एक्ट12
महिला-बच्चों के खिलाफ अपराध9

989 लोगों पर गंभीर मामले में केस
पुलिस ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध में दर्ज 9 महिलाओं में से एक अनैतिक तस्करी रैकेट में शामिल थी। डकैती और डकैती के मामलों में पहचानी गई एक अन्य महिला के खिलाफ पांच मामले थे, जबकि कथित ड्रग तस्करों में से एक का नाम 10 मामलों में था। जांचकर्ता विरोध प्रदर्शन में उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं। जांच करने वालों के मुताबिक आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोग 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च की कोशिश के दौरान हुए लाठीचार्ज और उसके बाद हुई हिंसा में मौजूद थे। इनमें से 989 लोगों के गंभीर अपराधों में शामिल होने का रिकॉर्ड पाया गया है।