अतिशयकारी चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में श्री शांतिनाथ विधान का आयोजन
कोटा। रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित अतिशयकारी चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में ‘विराग वर्धन वर्षायोग-2026’ के अंतर्गत गुरुवार को गणधर मुनि विवर्धनसागर महाराज के पावन सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ श्री शांतिनाथ विधान का आयोजन किया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि मुनिसंघ विधान के दौरान भक्तों ने अर्घ्य समर्पित कर भगवान शांतिनाथ की आराधना की तथा विश्वशांति, आत्मकल्याण और समस्त जीवों के मंगल की कामना की। मंदिर परिसर पूरे समय भक्ति, श्रद्धा और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि विवर्धनसागर महाराज ने कहा कि श्री शांतिनाथ विधान केवल पूजन की विधि नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, शांति, संयम और वीतरागता की साधना का माध्यम है।
भगवान शांतिनाथ का जीवन हमें क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रद्धा, भक्ति और सम्यक भाव से किया गया विधान आत्मा को निर्मल बनाकर मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करता है।
कोषाध्यक्ष ताराचंद बडला ने बताया कि मुनिसंघ के सान्निध्य में 31 जुलाई को मंदिर परिसर में भव्य मंगलकलश स्थापना महोत्सव का आयोजन होगा। कार्यक्रम के अंतर्गत ध्वजारोहण, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन का सौभाग्य मनोज-नेहा जैसवाल, आशीष-रोजी जैसवाल, प्रज्ञम, राशि, अर्शिशा, थनीशा एवं समस्त जैसवाल परिवार, इंद्राविहार, कोटा को प्राप्त होगा।
धर्मसभा में सकल समाज अध्यक्ष प्रकाश बज, राजमल पटौदी, टीकम पाटनी, राजकुमार पटौदी, निर्मल अजमेरा, बसंतीलाल पाटनी, राकेश खटोड़, सुरेश देई, पवन सेठिया, अनिल मित्तल, नितेश खटोड़, विजय सेठी, अशोक पांडिया, पारस आदित्य सहित समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

