शिकायत मिलने पर सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ ने की कार्यवाही
कोटा। शहर के सोगरिया स्थित अक्षत विला एक्सटेंशन में किन्नर समूह की दबंगई और अमानवीयता का गंभीर मामला सामने आया है। प्राइवेट जॉब करने वाले राहुल रावत के घर 10 दिन पूर्व जन्मे नवजात को ढाल बनाकर ‘तारा देवी किन्नर समूह’ के 12 सदस्यों ने जबरन वसूली की घटना को अंजाम दिया।
17 जुलाई को ही अस्पताल में इलाज के बाद अस्वस्थ मासूम घर लौटा था। 18 जुलाई की सुबह तारा देवी राजपुरोहित समूह के किन्नर जबरन बेडरूम में घुसे और बीमार बच्चे को मां से छीनकर बाहर ले आए। परिजनों ने बच्चे की नाजुक हालत का हवाला देकर गिड़गिड़ाते हुए बच्चे को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन 21 हजार की मांग पर अड़े किन्नरों ने अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी। आखिर में भयभीत परिवार से जबरन 11 हजार ऐंठकर ही वे रवाना हुए।
घटना के बाद पीड़ित पिता राहुल रावत ने साक्ष्यों (वीडियो/फोटो) के साथ ‘सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ’ से न्याय की गुहार लगाई। महासंघ के मुख्य संयोजक अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के निर्देश पर महामंत्री राजाराम जैन कर्मयोगी ने 20 जुलाई की रात रेलवे कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहीं 21 जुलाई को पुलिस अधीक्षक एवं जिला कलेक्टर को थाने में दी गई शिकायत की प्रतिलिपि पहुंचाई जिसमें दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं: महासंघ
महासंघ के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बधाई के नाम पर गुंडागर्दी और अवैध वसूली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके खिलाफ शहर के व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और धर्माचार्यों का समर्थन लेकर एकजुट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2 अगस्त को मित्रता दिवस पर प्रेस वार्ता करते हुए महासंघ को मिले व्यापक सामाजिक समर्थन का खुलासा किया जाएगा। किन्नर समाज को महासंघ द्वारा लिखित पत्र जारी करते हुए आखिरी मौका देकर आमजन से मित्रवत व्यवहार की अपील की जाएगी। यदि इसके बाद भी बदसलूकी और वसूली जारी रही, तो दोषी किन्नरों को जेल भिजवाने के लिए विधिक लड़ाई लड़ी जाएगी।

