नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. पाण्डेय सम्मानित

0
9

कोटा। जिला प्रशासन द्वारा सुवि नेत्र चिकित्सालय एवं लेसिक लेज़र सेंटर, कोटा के निदेशक एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. सुरेश पाण्डेय को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नेत्र चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, जनजागरूकता एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, कलेक्टर पीयूष समारिया तथा पुलिस महानिरीक्षक, कोटा रेंज हरेन्द्र कुमार महावर की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

डॉ. पाण्डेय पिछले तीन दशक से नेत्र चिकित्सा, नेत्र दान जागरूकता, युवा नेत्र चिकित्सकों के प्रशिक्षण, स्कूल के बच्चों में नेत्र जागरूकता तथा समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्हें एक लाख से अधिक नेत्र शल्य चिकित्साएँ करने तथा 20 लाख से अधिक नेत्र रोगियों के उपचार का व्यापक अनुभव है।

आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ उनका विशेष प्रयास रहा है कि नेत्र रोगों की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार से संबंधित जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचे।

वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक होने के साथ डॉ. पाण्डेय लेखक, प्रेरक वक्ता एवं समाजसेवी के रूप में भी सक्रिय हैं। स्वास्थ्य जागरूकता, युवा प्रेरणा, सकारात्मक जीवनशैली और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर वे निरंतर लेखन एवं संवाद करते हैं।

उनकी प्रमुख पुस्तकों में ‘ज़िंदगी का जश्न: सुखद, सफल और सार्थक जीवन के 101 सुनहरे सूत्र’, ‘ऑपरेशन महाशक्ति भारत 2047’ तथा ‘डायरी ऑफ एन आई सर्जन’ सहित अनेक पुस्तकें शामिल हैं। समाचार पत्रों, डिजिटल माध्यमों, व्याख्यानों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भी वे स्वास्थ्य और सामाजिक विषयों पर व्यापक जनसंवाद करते रहे हैं।

नेत्रदान एवं कॉर्नियल ब्लाइंडनेस की रोकथाम भी डॉ. पाण्डेय के जनजागरूकता अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। वे लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए प्रेरित करने तथा कॉर्नियल दृष्टिहीनता से जूझ रहे रोगियों के जीवन में फिर से रोशनी लाने के उद्देश्य से समाज में सकारात्मक जागरूकता उत्पन्न करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

नेत्र चिकित्सा सेवा के साथ-साथ डॉ. पाण्डेय ने चिकित्सा शिक्षा एवं युवा चिकित्सकों के प्रशिक्षण में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। सुवि नेत्र चिकित्सालय, कोटा में विगत लगभग दो दशकों के दौरान देश-विदेश से आए 100 से अधिक युवा नेत्र चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।