कोटा। Thalassemia awareness program: विश्व थैलेसीमिया दिवस की पूर्व संध्या पर कोटा ब्लड बैंक सोसायटी द्वारा शहर में जन-जागरूकता के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
सोसायटी के सचिव राजकुमार जैन ने बताया कि थैलेसीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति समाज को जागरूक करने और नियमित रक्तदान के महत्व को रेखांकित करने के लिए यह पहल की जा रही है।
यह कार्यक्रम 7 मई, गुरुवार को सायं 5:30 बजे केएसटी परिसर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में युवाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि नई पीढ़ी में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो सके।
राजकुमार जैन ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया के कारणों, लक्षणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, आमजन को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को समय पर जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध हो सके।
इस संबंध में वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सी.बी. दास गुप्ता ने बताया कि थैलेसीमिया एक गंभीर रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता।
उन्होंने कहा कि अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (बीएमटी) इस रोग का स्थायी उपचार है और 2 से 7 वर्ष की आयु में इसके परिणाम अधिक प्रभावी रहते हैं। इसके अलावा, जीन थेरेपी तथा ‘हैप्लो डोनर’ जैसे आधुनिक उपचार विकल्प भी उपलब्ध हैं।
कोटा ब्लड बैंक सोसायटी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता कर इस जनहित अभियान को सफल बनाएं। संस्था का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही थैलेसीमिया मुक्त समाज की दिशा में सार्थक कदम उठाया जा सकता है।

