गेहूं की सरकारी खरीद में अव्यवस्था से खफा ऊर्जा मंत्री ने FCI अफसरों को लगाई फटकार

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कोटा। क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया में आ रही बाधाओं और अव्यवस्थाओं को लेकर ऊर्जा मंत्री ने बैठक कर कड़ा रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में मंत्री ने एफसीआई के जीएम राजेश चौधरी से फोन पर बात की।

उन्होंने बैठक में एफसीआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि अधिकारी अपनी मनमानी छोड़कर सरकार के नियमों के अनुरूप काम करें।

मंत्री नागर ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने ‘काले दाने’ वाले गेहूं की खरीद में नियमों में ढील दे दी है, तो रोजाना 1 लाख क्विंटल गेहूं खुली बोली (ओपन मार्केट) में क्यों बिक रहा है? उन्होंने कहा कि यह गेहूं रिजेक्टेड नहीं है, फिर भी किसान को कम दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक कमजोरी है।

खरीद केंद्रों पर बारदाने की भारी कमी है। जो बारदाना उपलब्ध कराया जा रहा है, वह कटा-फटा और दीमक लगा हुआ है। मंत्री नागर ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए तुरंत नया बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

​कोटडी जीएसएस गोदाम (लक्ष्मीपुरा) जिसकी क्षमता 5000 मीट्रिक टन है, उसका उपयोग सांगोद और आसपास के केंद्रों के लिए करने का सुझाव दिया गया। साथ ही, एफसीआई के गोदामों पर वाहनों की लंबी कतारों और माल न उठने के कारण टोकन इश्यू न होने पर जवाबदेही तय करने को कहा।

​तुलाई केंद्रों पर पर्याप्त मजदूर न होने और गाड़ियों के समय पर अनलोड न होने से खरीद पूर्ण क्षमता से नहीं हो पा रही है। मंत्री नागर ने एक्स्ट्रा लेबर लगाने और गाड़ियों का टर्न-अराउंड टाइम घटाने के निर्देश दिए।

​इस वर्ष सरसों और चने की पैदावार कम होने के कारण गेहूं की आवक 3 गुना अधिक रहने का अनुमान है। मंत्री नागर ने कहा कि एफसीआई अपनी तैयारी उसी स्तर की रखे और रोजाना एक रैक लगाने की व्यवस्था करे।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में संबंधित तहसील के स्थानीय किसानों और लोगों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। किसी भी किसान को तकनीकी कारणों से परेशान न होना पड़े। संभाग में रोटेशन के आधार पर साप्ताहिक रैक लगाने को कहा गया ताकि माल का उठाव तुरंत हो सके और केंद्रों पर जाम की स्थिति न बने।

ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता को परेशान करने वाले अधिकारी बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सरकार किसानों को राहत देने के लिए नियमों में छूट दे रही है, और इसका लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुंचना अनिवार्य है। बैठक में एडीएम, प्रधान जयवीर सिंह उप प्रधान ओम नागर अडूसा और राजफेड व एफसीआई के अधिकारी मौजूद रहे।