ईरान का अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत से इनकार, जानिए क्यों

0
18

तेहरान। Iran Rejected Second Round Talks: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के संभावित नए दौर में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। देश की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने रविवार को यह बताया।

यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेज रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने धमकी दी है कि अगर ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता है तो वह देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देंगे।

तेहरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत से पीछे हटने का तेहरान का फैसला वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगों और अवास्तविक अपेक्षाओं के चलते लिया गया है। अपनी रिपोर्ट में ईरान ने बातचीत में शामिल न होने के कई कारण बताए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा कि बातचीत के दूसरे दौर में उसकी अनुपस्थिति का कारण वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगें, अवास्तविक उम्मीदें, लगातार बदलते रुख, बार-बार के विरोधाभास और होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकाबंदी है, जिसे वह युद्धविराम का उल्लंघन मानता है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने पाकिस्तान में होने वाली बातचीत के दूसरे दौर की खबर को गलत बताया और कहा कि यह अमेरिका द्वारा ईरान पर दबाव बनाने के लिए रचे गए एक ‘मीडिया गेम’ का हिस्सा है। अमेरिका ने दावा किया था कि बातचीत का दूसरा दौर सोमवार को इस्लामाबाद में शुरू होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके लिए वार्ताकारों को भेजने की भी पुष्टि की थी।

युद्धविराम पर खतरा
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्ष विराम मंगलवार को खत्म हो रहा है। इसके पहले दोनों पक्षों के बीच 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में सीधी बातचीत हुई थी, जो 21 घंटे तक चली थी। वार्ता का यह दौर बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया था। हालांकि, इसके बाद भी बातचीत के लिए जमीनी स्तर पर काम जारी रहा था। इसके पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर डील नहीं होती है, तो वह शायद युद्धविराम को नहीं बढ़ाएंगे और ईरान पर बमबारी शुरू करने की धमकी दी थी।