नई दिल्ली। गाड़ियों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज कम होने की बात आखिर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मान ही ली। सोशल मीडिया से लेकर गले-मोहल्ले तक इस मुद्दे की चर्चा है।
इस बीच मंत्री गडकरी ने स्वीकार किया है कि इथेनॉल का माइलेज पर थोड़ा असर पड़ता है। गडकरी ने कहा कि यह सड़क और ट्रैफिक की स्थितियों पर भी निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि गाड़ियों के फ्यूल से जुड़े मामलों पर पेट्रोलियम मंत्रालय फैसला लेगा।
मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि लोगों के पास अलग-अलग इलाकों में वैकल्पिक फ्यूल चुनने का विकल्प होना चाहिए। अगर किसी इलाके में मेथनॉल उपलब्ध है, जो कि सस्ता है, तो लोग उसे चुन सकते हैं। जिन जगहों पर इथेनॉल का ज्यादा मिश्रण उपलब्ध है, वहां लोग फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां चुन सकते हैं।”
E25 पर क्या बोले पुरी
इथेनॉल पर चल रही बहस के बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि E25 (25% इथेनॉल वाला पेट्रोल) की अभी सिर्फ टेस्टिंग हो रही है और इसे लागू करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, “हमने अभी इस पर कोई फैसला नहीं किया है और E25 की अभी सिर्फ टेस्टिंग हो रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस फ्यूल की टेस्टिंग की समय-सीमा साफ नहीं है। पुरी का कहना है कि सरकार कोई भी फैसला लेने से पहले वैज्ञानिक स्टडी पूरी करेगी और सभी स्टेकहोल्डर्स से सलाह-मशविरा करेगी।
पुरी ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि गडकरी ने उन लोगों को बुलाया था जिनकी गाड़ियों के इंजन को ब्लेंडेड फ्यूल की वजह से नुकसान पहुंचा था। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन इसकी वजह फ्यूल के बदले कुछ और निकली।

