मेड़ता मंडी में नए जीरे की आवक शुरू, कालीमिर्च के भाव गिरे

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नई दिल्ली। जीरा के प्रमुख उत्पादक राज्य राजस्थान की मेड़ता मंडी में नए जीरे की आवक शुरू हो गई है। आज मंडी में 70/80 बोरी नए जीरे की आवक हुई और क्वालिटीनुसार भाव 270 से 310 रुपए प्रति किलो के बोले गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि अधिक बिजाई एवं मौसम भी फसल के अनुकूल होने के कारण इस वर्ष राजस्थान में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में दो गुणा होने की संभावना है। राजस्थान में मुख्यत: जीरा का उत्पादन जोधपुर, नागौर, मेड़ता, नौखा लाइन पर हो रहा है।

राजस्थान के जीरा कारोबारियों का मानना है कि आगामी दिनों में अन्य मंडियों में भी जीरे की आवक बढ़ने पर जीरे का भाव नीचे में 220/225 रुपए बन जाने की संभावना है बशर्ते आगामी दिनों में भी मौसम फसल के अनुकूल रहे। गुजरात की मंडियों में भी आवक दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। जिस कारण से कीमतों में गिरावट बनी हुई वायदा बाजार में भी भाव मंदे बोले जा रहे हैं।

कालीमिर्च के भाव गिरे : अधिक उत्पादन एवं कमजोर मांग के कारण कालीमिर्च के भाव दिन प्रतिदिन घट रहे है। अभी हाल-फिलहाल तेजी की संभावना भी नहीं है। इस वर्ष देश में कालीमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में अधिक माना जा रहा है।

हाजिर में कमजोर उठाव के कारण कोचीन बाजार में कालीमिर्च के भाव 10/15 रुपए प्रति किलो मंदे के साथ बोले गए। कर्नाटक की चिकमगलूर मंडी में भी भाव 15/20 रुपए मंदे रहे। उत्पादक केन्द्रों के मंदे समाचार मिलने के कारण खपत केन्द्रों पर भी कालीमिर्च के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे है।

सौंफ की कीमतों में गिरावट : चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात एवं राजस्थान में सौंफ का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में दोगुना होने की संभावना के चलते सौंफ की कीमतों में गिरावट बनी हुई है और अभी और मंदे की संभावना है।

वर्तमान में गुजरात की मंडियों में नए सौंफ की आवक हो रही है। मार्च माह के दौरान राजस्थान की मंडियों में भी नए सौंफ की आवक शुरू हो जाएगी। वर्तमान में पुरानी सौंफ का भाव निर्यात भाव 103/105 रुपए चल रहा है जबकि नई सौंफ का अप्रैल का भाव 80/87 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है।

अधिक पैदावार के कारण बाजार में धारणा मंदे की बनी हुई है। चालू सीजन के दौरान देश में सौफं का उत्पादन 40/42 लाख बोरी का माना जा रहा है जबकि गत वर्ष उत्पादन 20/22 लाख बोरी का रहा था।