परवन परियोजना की समीक्षा बैठक; लिफ्ट परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
सांगोद। Parwan Project Review Meeting: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को सांगोद स्थित अपने निजी आवास पर ईआरसीपी और बिजली विभाग से जुड़े उच्च अधिकारियों एवं अभियंताओं की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में परवन वृहद सिंचाई परियोजना की प्रगति, बिजली कनेक्शन और क्षेत्र की विभिन्न लिफ्ट परियोजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग और जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के आला अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को सख्त लहजे में स्पष्ट आदेश दिए कि परवन परियोजना के अंतर्गत दिए जाने वाले बिजली कनेक्शन ‘कमर्शियल’ या ‘इंडस्ट्रियल’ श्रेणी के बजाय ‘कृषि कनेक्शन’ के रूप में जारी किए जाएं। ये कनेक्शन जल उपयोक्ता संगम के नाम पर जारी होंगे।
मंत्री नागर ने कहा कि अभी तक इंडस्ट्रियल कनेक्शन जारी होने के कारण टैरिफ बहुत ज्यादा आ रहा था। जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। अब इसे संस्थागत और कृषि आधार पर प्राथमिकता से जारी किया जाए।
इसके साथ ही, उन्होंने सांगोद नगर पालिका के ईओ और स्थानीय तहसीलदार को मौके पर बुलाकर सांगोद में एईएन ऑफिस के नए भवन निर्माण के लिए जल्द से जल्द डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य जिले के प्रत्येक क्षेत्र को सतही जल से सिंचित करना है ताकि कोई भी गांव सिंचाई सुविधाओं से वंचित न रहे।
बैठक में जेवीवीएनएल के एसई शिवचरण जांगिड़, डब्ल्यूआरडी के अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर मीना, विजेंद्र कुमार सोनी और सहायक अभियंता ललित कुमार नुवाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
परियोजनाओं की गति बढ़ाने पर जोर देते हुए ऊर्जा मंत्री ने धुलेट टू लिफ्ट परियोजना से तत्काल कनेक्शन जारी करने को कहा, ताकि कनवास क्षेत्र के 14 गांवों को जल्द से जल्द पानी मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने देवली लिफ्ट परियोजना को भी शीघ्र पानी देने के लिए निर्देशित किया।
समीक्षा के दौरान परवन वृहद सिंचाई परियोजना के फेज-1 और फेज-2 की कछुआ चाल पर नाराजगी जताते हुए मंत्री नागर ने अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खेत खाली हैं, इसलिए पाइपलाइन और लिफ्ट की टेस्टिंग का कार्य तत्काल पूरा किया जाना चाहिए।
टेस्टिंग के लिए जरूरी 6 बिजली कनेक्शन अब तक जारी न होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि अभी टेस्टिंग नहीं हुई, तो अगले एक साल तक मौका नहीं मिलेगा। परियोजना में देरी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मंत्री नागर ने सुनीं जनसमस्याएं
इसके पश्चात, मंत्री नागर ने बोरिनाकलां, अमृतकुआं, किशनपुरा, हींगी और दीगोद क्षेत्रों का दौरा किया। वहां उन्होंने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ के तहत आयोजित जनसुनवाई में आमजन की समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को पाबंद किया कि जनता से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और स्थाई निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

