नियमित रक्तदान से दिल के दौरे का जोखिम कम होता है: डॉक्टर पांडे

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कोटा। मोशन एजुकेशन के संस्थापक और सीसीईओ नितिन विजय ने कहा कि रक्तदान करके हम किसी को जीवनदान दे सकते हैं। इसलिए रक्तदान को महादान कहा गया है। वे गुरुवार को मोशन एजुकेशन के द्रोणा-2 कैंपस में रक्तदान शिविर के दौरान संबोधित कर रहे थे।

मोशन की डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय ने बताया कि डोनेट किए गए ब्लड को उन रोगियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें सर्जरी या रोग के उपचार के दौरान जरूरत पड़ती है। कई बार सड़क दुर्घटना या चोट लगने पर भी खून की जरूरत पड़ती है और आपके आसपास सेम ब्लड ग्रुप के लोग मौजूद नहीं होते। ऐसे समय पर ब्लड बैंक ही है, जो आपकी मदद करता है। अगर ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त आसानी से उपलब्ध हो तो मरीजों को तुरंत इलाज मिल सकता है। इसलिए हमको नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ब्लड बैंक के इंचार्ज अजय मेघवानी बताया कि कोटा मेडिकल कॉलेज के सहयोग से आयोजित इस शिविर में मोशन स्टाफ के 85 लोगों ने रक्तदान किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आनन्दप्रकाश पांडे और नर्सिंग स्टाफ नीतीश शर्मा, रवि आर्य, हर्षिला, निर्मला सुमन, भूपेंद्र मीणा, सत्यप्रकाश, देवकीनंदन जांगिड़, ललित, अमर सिंह सहित एक दर्जन से अधिक सदस्यों ने सेवाएं दी।

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आनन्दप्रकाश पांडे ने रक्तदान के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि रक्तदान से पहले डोनर की जांच की जाती है, जिससे उसकी कोलेस्ट्रॉल, ऑयरन लेवल, हीमोग्लोबिन आदि की जांच हो जाती है। इसके अलावा रक्तदान करने के बाद शरीर में सेल्स की संख्या कम हो जाती है और नए सेल्स बनने शुरू होते हैं। इससे पूरा शरीर तरोताजा हो जाता है। यह निश्चित रूप से एक हेल्दी प्रोसेस है, जिसे करने के बाद व्यक्ति फिट रह सकता है।

इससे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी खत्म हो जाती हैं। रक्तदान से हमारे शरीर में कैलोरी बर्न होती है, आयरन का लेवल कम होता है। नियमित रक्तदान से रक्तचाप कम होता है और दिल के दौरे का जोखिम कम होता है। उन्होंने बताया कि पुरुष हर 12 सप्ताह में रक्तदान कर सकते हैं जबकि महिलाओं को अपने आयरन लेवल की रक्षा के लिए 16 सप्ताह तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।