नई पेंशन योजना में आवेदन शुरू, यूपीएस या एनपीएस में से एक चुन पाएंगे कर्मचारी

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नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों को गारंटीयुक्त पेंशन देने वाली एकीकृत पेंशन योजना (UPS) की शुरुआत एक अप्रैल से होने जा रही है। वर्तमान और नए भर्ती होने वाले कर्मचारी इस नई पेंशन योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों ही तरीके से आवेदन कर सकेंगे।

खास बात यह है कि कर्मचारियों को आवेदन करते वक्त अपने लिए पंजीकृत पेंशन निधि और निवेश पैटर्न का विकल्प भी चुनना होगा ताकि उनके जमा कोष का उचित तरीके से निवेश हो सके और उन्हें अच्छा रिटर्न प्राप्त हो सके। यह तरीका राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की तर्ज पर काम करेगा।

यह होगा अंशदान का पैटर्न

  1. व्यक्तिगत जमा फंड : इस फंड में कर्मचारी जो 10 फीसदी अंशदान करेगा, उसे जमा किया जाएगा। साथ ही सरकार की ओर से किए गए 10 फीसदी अंशदान को भी जमा किया जाएगा। इसका प्रबंधन पेंशन निधियां करेंगी।
  2. पूल जमा फंड : इस फंड में सरकार अपनी ओर से 8.5 फीसदी का अतिरिक्त अंशदान देगी। इस कोष का निवेश सरकारी योजनाओं में होगा।

व्यक्तिगत फंड में निवेश विकल्प

  1. यूपीएस चुनने वाले कर्मचारियों को एनपीएस की तर्ज पर निवेश पैटर्न चुनने का विकल्प मिलेगा। साथ ही पंजीकृत पेंशन निधि का चुनाव करना होगा।
  2. यानी सदस्य वे अपने व्यक्तिगत जमा कोष को पेंशन नियामक पीएफआरडी द्वारा निर्धारित किसी निवेश योजना में लगा सकते हैं। इसमें होने वाला लाभ सीधे कर्मचारी को मिलेगा।
  3. अगर कर्मचारी कोई निवेश योजना नहीं चुनता है तो वह डिफाल्ट पैटर्न में खुद-ब-खुद चला जाएगा। इस स्थिति में पीएफडीआरडी द्वारा निर्धारित निवेश योजनाओं में सदस्य के कोष को निवेशित किया जाएगा।

पंजीकृत पेंशन निधि चुनने पर निवेश के कई विकल्प मिलेंगे।

  1. पूरे फंड को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जा सकता है। या
  2. इनमें से किसी एक जीवन-चक्र आधारित योजना का विकल्प चुनना होगा।
  • कंजर्वेटिव फंड : इसमें इक्विटी में अधिकतम निवेश सीमा 25% तक होगी
  • मॉडरेट फंड : इसमें इक्विटी में अधिकतम निवेश सीमा 50% तक होगी

आंशिक निकासी कर सकेंगे
इसके साथ ही यूपीएस में शामिल होने की तारीख से तीन साल पूरे होने के बाद सदस्य अपने व्यक्तिगत कोष से 25 फीसदी तक रकम निकाल सकते हैं। पूरी योजना के दौरान अधिकतम तीन बार निकासी की जा सकती है। यदि एनपीएस के तहत पहले निकासी की गई हो तो उसे भी इसमें गिना जाएगा। निकासी के लिए कुछ शर्तें लागू होंगी, जिन्हें सदस्यों को पूरा करना होगा।

सरकार ने वर्तमान और नए कर्मचारियों के लिए एनपीएस और यूपीएस दोनों में से किसी एक को चुनने के विकल्प खुले रखे हैं। कर्मचारियों को यह विकल्प मिलेगा कि वे एनपीएस के तहत यूपीएस का विकल्प चुनें। या बिना यूपीएस विकल्प के एनपीएस को जारी रखें। एक बार विकल्प चुनने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

जानें कौन सा फॉर्म भरना होगा

  1. वर्तमान कर्मचारी : 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में शामिल मौजूदा कर्मचारी, जिन्होंने एनपीएस को चुना है, वे यूपीएस को चुन सकते हैं। उन्हें फॉर्म ए2 भरना होगा।
  2. नए भर्ती कर्मचारी : 1 अप्रैल 2025 को या इसके बाद सेवा में शामिल होने वाले नए कर्मचारी भी इस विकल्प को चुन सकते हैं। उन्हें फॉर्म ए1 भरना होगा।
  3. सेवानिवृत्त कर्मी : जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और जो एनपीएस से जुड़े थे, वे भी यूपीएस में शामिल हो सकते हैं। उन्हें केवाईसी दस्तावेजों के साथ फॉर्म बी2 जमा करना होगा।
  4. कर्मचारी की मृत्यु होने पर : कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में, कानूनी रूप से विवाहित पति या पत्नी को केवाईसी दस्तावेजों के साथ फॉर्म बी6 प्रस्तुत करना होगा।

एनपीएस से यूपीएस में जाने के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

  1. कर्मचारी को सबसे पहले https://enps.nsdl.com/eNPS/NationalPension System.html लिंक पर जाना होगा। फिर यूनिफाइड पेंशन स्कीम मेनू के अंतर्गत NPS To UPS माइग्रेशन पर क्लिक करना होगा।
  2. फिर पीआरएएन (PRAN) और जन्म तिथि दर्ज करें। इसके बाद कैप्चा दर्ज कर सत्यापन करें। इससे सदस्य के पास पंजीकृत मोबाइल नंबर ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करें। इससे नई घोषणा विंडो खुलेगा।
  3. इसे पढ़कर सहमति दें और फिर प्रोसीड टू ई-साइन विकल्प पर क्लिक करें।
  4. इसके बाद वर्चुअल आईडी (वीआईडी – 16 अंकों की संख्या) या आधार विवरण दर्ज कर e-Sign सत्यापन पूरा करें।
  5. सत्यापन सफल होने के बाद, स्थानांतरण अनुरोध सफलतापूर्वक दर्ज हो जाएगा और एक पावती संख्या मिल जाएगी।

ऑफलाइन तरीके से ऐसे कर सकते हैं आवेदन

  • पात्र कर्मचारी को अपने ऑफिस (जैसे डीडीओ या पीएओ) या संबंधित नोडल कार्यालय में प्रक्रिया से जुड़ा उचित फॉर्म (जैसे-ए1, ए2 और बी2) जमा करना होगा।
  • डीडीओ को कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड के अनुसार फॉर्म की जांच करेगा और सीआरए ट्रांजैक्शन वेबसाइट के माध्यम से अनुरोध प्रक्रिया को पूरा करेगा