GST कलेक्शन 10.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.72 लाख करोड़ के पार

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नई दिल्ली। GST collection In January 2024: देश का अंतरिम बजट कल 1 फरवरी को पेश होने वाला है। इस बजट से पहले जनवरी महीने के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) रेवेन्यू कलेक्शन में 10.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इसी के साथ कलेक्शन 1.72 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया है। यह अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक कलेक्शन है। वहीं, वित्त वर्ष 2024 में तीसरी बार कलेक्शन ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लिया है।

चालू वित्त वर्ष का कलेक्शन: अप्रैल 2023-जनवरी 2024 की अवधि के दौरान जीएसटी कलेक्शन में 11.6% की वार्षिक वृद्धि देखी गई। इसी के साथ चालू वित्त वर्ष में कलेक्शन ₹16.69 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। एक साल पहले समान अवधि (अप्रैल 2022-जनवरी 2023) में ₹14.96 लाख करोड़ जुटाए गए थे।

दिसंबर में कितना कलेक्शन: दिसंबर, 2023 के महीने में जीएसटी कलेक्शन 1,64,882 करोड़ रुपये था। इसमें से सीजीएसटी 30,443 करोड़ रुपये है। एसजीएसटी 37,935 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 84,255 करोड़ रुपये और उपकर 12,249 करोड़ रुपये है। यह इस वर्ष का अब तक सातवां महीना है जिसमें कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपए से अधिक है।

कोर सेक्टर के आंकड़े: इस बीच दिसंबर 2023 के आठ कोर इंडस्ट्री के आंकड़े जारी हुए हैं। इस सेक्टर की रफ्तार धीमी होकर 14 महीने के निचले स्तर 3.8 प्रतिशत पर आ गई है। एक साल पहले इसी अवधि में उत्पादन 8.3 प्रतिशत बढ़ा था। इस दौरान कच्चा तेल, बिजली, इस्पात और सीमेंट क्षेत्र का प्रदर्शन कमजोर रहा। आठ प्रमुख कोर क्षेत्रों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। इनकी वृद्धि नवंबर में 7.9 प्रतिशत थी।

राजकोषीय घाटा : केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा दिसंबर, 2023 के अंत में 9.82 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो वार्षिक बजट अनुमान का 55 प्रतिशत है। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पिछले साल इसी अवधि में राजकोषीय घाटा 2022-23 के बजट अनुमान का 59.8 प्रतिशत था।