गुरुधाम कॉलोनी में 12 दिवसीय भव्य गणेश महोत्सव एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ
कोटा। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के संयोजन में 240 किलो शुद्ध मिट्टी से निर्मित 7 फीट ऊंची इको फ्रेंडली संत स्वरूपा ‘श्री चंदन गणेश’ की भव्य प्रतिमा की स्थापना सोमवार को गुरु धाम कॉलोनी में मुख्य अतिथि कुलम शक्तिपीठ महामंडलेश्वर माता श्री नीति अंबा द्वारा विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई।
इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब के अध्यक्ष डॉ एम एल अग्रवाल ने बताया कि इस प्रतिमा पर 15 किलो औषधीय चंदन पाउडर का विशेष लेप किया गया है। प्रतिमा का दिव्य श्रृंगार पूरी तरह प्राकृतिक घटकों केसर, कुमकुम, हल्दी, चूने तथा 1200 रुद्राक्ष की मालाओं से किया गया है।
विसर्जन के समय यह चंदन जल में घुलकर जलीय जीवों के लिए औषधीय वरदान साबित होगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को समर्पित 45 दिवसीय विशाल जन जागरण रथ यात्रा का सोमवार को विनायक स्थापना के साथ सफल समापन हुआ।
संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने 12 दिवसीय धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सायंकाल 7:30 बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के अंतर्गत 15 सितम्बर को बाल कलाकारों की प्रस्तुतियां, 16 सितम्बर को स्थानीय महिलाओं द्वारा भक्ति नृत्य, 17 सितम्बर को प्रख्यात लोक कलाकार बंटी सुल्तानपुरी द्वारा लोक नृत्य व कच्छी घोड़ी, 18 सितम्बर को भक्तिमय नृत्य नाटिका तथा 19 सितम्बर को संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ आयोजित होगा।
सांस्कृतिक श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए 20 सितम्बर को कथक नृत्यांगना नेहा पांचाल द्वारा गणेश वन्दना, 21 सितम्बर को श्री रघुराज सिंह कर्मयोगी के संचालन में भव्य कवि सम्मेलन और 22 सितम्बर को जलझूलनी ग्यारस के पावन अवसर पर विशाल खाटू श्याम भजन जागरण का आयोजन किया जाएगा।
तत्पश्चात 23 सितम्बर को स्थानीय कलाकारों का भजन गायन एवं 24 सितम्बर को पंडित प्रदीप जोशी व वैभव जोशी समूह द्वारा महाआरती के साथ विशाल लड्डू-बाटी-चूरमा का महाभोग वितरण किया जाएगा। अंत में 25 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी पर प्रातः 11 बजे धूमधाम से भव्य विसर्जन शोभायात्रा निकाली जाएगी।
गणेशजी और मूषकराज का संदेश आपके लिए
पंडाल में भगवान गणेश के साथ-साथ उनके वाहन मूषक हाथों में तख्तियां (बैनर) थामे जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दे रहे हैं।
- पर्यावरण व जल संरक्षण का अनोखा संदेश: मूषक ने संभाली कमान
- दूषित पेयजल: समस्त बीमारियों का मुख्य कारण है।
- जल सुरक्षा: जल प्रकृति की अनमोल संपदा है; जलीय जीवों की सुरक्षा व पर्यावरण की रक्षा करें।
- प्रदूषण रोकथाम: बहते जल प्रदूषण को रोकने का उत्तरदायित्व हम सभी का है।
- इको-फ्रेंडली गणेश: मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा की ही स्थापना करें।

