कोटा। Stamps-Coins-Notes Exhibition: स्टैम्प्स, कॉइन्स, और नोट्स सोसाइटी (एसएनसी) कोटा के तत्वावधान में सेवन वंडर रोड स्थित एक होटल में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी का सोमवार को समापन हुआ।
अंतिम दिन भी प्रदर्शनी स्थल पर इतिहास प्रेमियों, शोध छात्रों और आमजन का भारी जमावड़ा रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए मुद्रा विशेषज्ञों और संग्रहकर्ताओं की मौजूदगी में भारत के समृद्ध अतीत, प्राचीन इतिहास और दुर्लभ विरासत की एक अनूठी झलक देखने को मिली। जिससे हर कोई अभिभूत नजर आया।
सोसायटी के फाउंडर सौरभ लोढ़ा और को-फाउंडर शुभम लोढ़ा ने बताया कि प्रदर्शनी के अंतिम दिन भी दुर्लभ मुद्राओं और नोटों का बड़े पैमाने पर क्रय-विक्रय हुआ। संग्रहकर्ताओं के बीच वीआईपी नंबर वाले नोटों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। जहां 2000 रुपये का वीआईपी नंबर वाला पुराना नोट 1 लाख रुपये में और 10000 नंबर वाला 5 रुपये का नोट 50 हजार रुपये में खरीदा गया।
सिक्कों की श्रेणी में 2011 में ढला 2 रुपये का स्टील का सिक्का 30 हजार रुपये में, जबकि 1 रुपये का नाम-लिस्टेड नोएडा मिंट का स्टील सिक्का 10 हजार रुपये में बिका। इसके अलावा 1 रुपये के सामान्य दुर्लभ सिक्के 70 रुपये और 1 आने का सिक्का 500 रुपये तक में खरीदा-बेचा गया।
रियासती ताम्रपत्रों का अनोखा प्रदर्शन
प्रदर्शनी में भारत के प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास से जुड़े कई दुर्लभ कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इनमें कोटा के महाराव भीमसिंह जी का ऐतिहासिक ताम्रपत्र और सोने की तलवार का सोने का केस विशेष रूप से दर्शनीय रही। मुद्रा प्रदर्शनी में प्राचीन 16 महाजनपदों के समय चले चांदी के पंचमार्क सिक्कों से लेकर इंडो-ग्रीक, कुषाण, गुप्त काल, इंडो-रशियन, अरब गवर्नर, आदि वराह, घुड़सवार वृषभ, कलचुरी, दिल्ली सल्तनत, मुगलकालीन और ब्रिटिश काल के सिक्कों तक का बेहतरीन संग्रह प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी के समापन अवसर पर सोसाइटी के संरक्षक आनंद राठी, नरेंद्र कटियाल, उद्धवदास मरचुनिया सहित देश के प्रमुख संग्रहकर्ता निखिलेश सेठी, सुधीर तुलस्यान और अभिनंदन सेठी विशेष रूप से मौजूद रहे।

