Brent Oil: होर्मुज को लेकर अनिश्चितता से ब्रेंट ऑयल अक्टूबर वायदा 84 डॉलर के पार

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नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। इसकी बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर बनी अनिश्चितता है। ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ नए शिपिंग रूट को लेकर बातचीत समझौते के करीब है, लेकिन अमेरिका को अभी कुछ और शर्तें पूरी करनी होंगी।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट ऑयल अक्टूबर वायदा 0.91 फीसदी बढ़कर 84.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसका भाव 83.70 डॉलर से 84.97 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहा।

वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड सितंबर वायदा 0.65 फीसदी की तेजी के साथ 78.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसका दिन का हाई 79.41 डॉलर और लो 78.19 डॉलर प्रति बैरल रहा।

तेल की कीमतों में तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति साफ नहीं होना है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वीकेंड में कहा कि ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग रूट बनाने का समझौता बहुत करीब है।

हालांकि, उन्होंने फिलहाल अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की संभावना से इनकार किया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने जून में हुए अंतरिम शांति समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है।

अराघची ने यह भी साफ किया कि ओमान के साथ समझौता हो जाने का मतलब यह नहीं होगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत पूरी तरह खुल जाएगा। इसी वजह से बाजार में तेल की सप्लाई जल्द सामान्य होने की उम्मीद कमजोर हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम रास्ता है। युद्ध से पहले दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती थी। पिछले सप्ताह ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई दोनों में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी, क्योंकि बाजार को उम्मीद थी कि ईरान और ओमान जल्द समझौता कर सकते हैं और यह रास्ता दोबारा खुल सकता है।

पश्चिम एशिया में तनाव अब भी बरकरार
तेल बाजार पर पश्चिम एशिया में दोबारा संघर्ष बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है। यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की जजान रिफाइनरी पर हमले की जिम्मेदारी ली है। इसके अलावा वीकेंड में होर्मुज जलडमरूमध्य में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी द्वारा संचालित एक टैंकर को भी निशाना बनाया गया।