नई दिल्ली। देशभर के चना बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है। सीमित आवक, मजबूत उपभोक्ता मांग और सरकारी स्टॉक की सीमित बिक्री के कारण चने के भाव लगातार मजबूत हो रहे हैं। आने वाले दिनों में चने का भाव 7000 रुपये प्रति क्विंटल तक जाने का अनुमान है।
दिल्ली के लॉरेंस रोड में चना के भाव गुरुवार को ₹25 प्रति क्विंटल बढ़कर ₹6,425–6,450 प्रति क्विंटल दर्ज किए गए, जिससे देश के प्रमुख बाजारों में तेजी का रुख और मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
मध्य प्रदेश के दाहोद मंडी में चना के भाव ₹100 प्रति क्विंटल बढ़कर ₹5,850–6,400 प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। वहीं राजस्थान के बीकानेर में भी चना ₹50 प्रति क्विंटल मजबूत होकर ₹6,050 प्रति क्विंटल पर कारोबार करता रहा। बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
मानसून के दौरान बेसन और प्रोसेस्ड चना उत्पादों की मांग बढ़ी है। इसके साथ ही आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए व्यापारियों और प्रसंस्करण इकाइयों ने अग्रिम खरीद शुरू कर दी है। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों में चना के भाव लगभग ₹200 प्रति क्विंटल बढ़ चुके हैं और निकट भविष्य में इनमें ₹200 प्रति क्विंटल तक की और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
रबी सीजन की आवक अब काफी घट चुकी है और जो भी चना मंडियों में पहुंच रहा है, उसका अधिकांश हिस्सा तत्काल खपत की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल हो रहा है। दूसरी ओर, सरकार द्वारा चना की बिक्री भी सीमित मात्रा में की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में सरकारी चना स्टॉक की नीलामी के लिए कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया है, जिससे बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
यदि सरकार अपने चना स्टॉक की बिक्री पूरी तरह बंद कर देती है, तो बाजार में आपूर्ति और सख्त हो जाएगी। ऐसी स्थिति में चना के भाव तेज़ी से बढ़कर ₹7,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं।

