भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के पहले दिन 14 करोड़ डॉलर का निर्यात

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नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को ब्रिटेन के साथ अपने अहम व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) को लागू कर दिया और पहले ही दिन 14 करोड़ डॉलर की कीमत वाले सामान की खेप को रवाना किया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बुधवार को कहा, ‘दोनों तरफ से जरूरी अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं, ताकि हम पहले दिन से ही मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का फायदा उठा सकें। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि अभी देश के अलग-अलग हिस्सों से सीईटीए के तहत ब्रिटेन को सामान भेजा जा रहा है।’

सरकार ने बुधवार को इस समझौते के तहत ब्रिटिश मूल के माल की एक विस्तृत श्रृंखला पर तरजीही शुल्क लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की। यह अधिसूचना पिछले एक सप्ताह में जारी की गई अधिसूचनाओं की श्रृंखला पर आधारित है, जिसमें नियमों के मूल प्रमाण पत्र प्राप्त करने से लेकर समझौते के तहत शुल्क रियायत का दावा करने के लिए टैरिफ-रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रमाण पत्र शामिल हैं।

नई दिल्ली में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने कहा, ‘बातचीत से लेकर कार्यान्वयन तक की यात्रा में इस समझौते ने महत्त्वाकांक्षाओं को कार्रवाई में बदला है।’ उन्होंने कहा, ‘यह उम्मीद की जाती है कि इससे दीर्घकालिक हिसाब से ब्रिटेन-भारत द्विपक्षीय व्यापार में सालाना 25 अरब पाउंड से अधिक की वृद्धि होगी, जिससे कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे।’व्यापार समझौते के तहत भारत ने अपनी 89.5 प्रतिशत टैरिफ लाइन को खोलने पर सहमति व्यक्त की है, जबकि ब्रिटेन ने 99 प्रतिशत टैरिफ लाइन पर उदार शुल्क की पेशकश की है।

लेबर इंसेंटिव एक्सपोर्ट की ​यूके में बढ़ेगी पहुंच
भारत से कपड़ा, परिधान, जूते, कालीन, समुद्री खाद्य, ऑटोमोबाइल और कुछ कृषि उत्पादों जैसे श्रम केंद्रित निर्यात के लिए ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच की उम्मीद है। इसके बदले में ब्रिटेन को भारत के बड़े और संरक्षित बाजार में व्यापक पहुंच मिलेगी, जिसमें ऑटोमोबाइल, अल्कोहलिक बेवरिज, औद्योगिक सामान और सरकारी खरीद शामिल हैं। व्यापार समझौते के तहत भारत ने ऑटोमोबाइल पर शुल्क को 5 साल में 110 प्रतिशत से 10 प्रतिशत करने की प्रतिबद्धता जताई है।

भारत ने किया स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क घटाने का वादा
भारत ने स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क को तत्काल 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत और अगले 10 वर्षों में 40 प्रतिशत करने का भी वादा किया है। प्राइस वाटरहाउस ऐंड कंपनी एलएलपी के प्रिंसिपल गौतम खट्टर ने कहा कि इससे प्रीमियमकरण में तेजी आएगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। व्यापार समझौते के बाद भारत और ब्रिटेन का लक्ष्य 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान में लगभग 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करना है।