US Iran War: अमेरिका सेना ने ईरान को फिर दहलाया, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज धुआं-धुंआ

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यह सेटेलाइट तस्वीर उस जगह की है, जहाँ पर अमेरिका ने ईरान के परमाणु बंकरों पर हमला किया है

तेहरान। US Iran War: पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध की आग भड़क उठी है। बीते कुछ घंटों में पहले अमेरिका ने ईरान पर बहुत बड़े हमले किए हैं। कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिनमें ईरान का न्यूक्लियर प्लांट वाला शहर भी मौजूद है। साथ ही अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी निशाना बनाया है।

इन हमलों में दर्जनों लोगों के मारे जाने की खबरें हैं और तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है और कहा है कि आने वाला हफ्ता बेहद बुरा होने वाला है।

ट्रंप की धमकी के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका ने ताजा हमले शुरू कर दिए। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को तबाह करना है ताकि ईरान समुद्री रास्तों से गुजरने वाले जहाजों को निशाना न बना सके। अमेरिकी विमान ने इस बीच हेलफायर मिसाइलें भी दागी हैं।

परमाणु प्लांट वाले इलाके पर भी हमला
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के कई बड़े शहरों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। शुरुआती रिपोर्टों में दक्षिणी हिस्सों जैसे केश्म और बंदर इमाम खुमैनी के आसपास धमाकों की बात कही गई थी। इसके अलावा बंदर अब्बास, रास्क और चाबहार जैसे शहरों में भी विस्फोट हुए। सरकारी मीडिया ने पुष्टि की कि नए अमेरिकी हमलों ने बुशहर शहर को भी निशाना बनाया है, जहां ईरान का एकमात्र सिविल परमाणु संयंत्र मौजूद है।

एक महीने में ही टूटा शांति समझौता
बता दें कि करीब एक महीने पहले ही अमेरिका और ईरान ने युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया थे। लेकिन अब एक दूसरे पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाते हुए दोनों देशों ने एक बार फिर हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेड़े को निशाना बनाया। वहीं जॉर्डन की सेना ने भी ईरान की तरफ से आई तीन मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। इसके अलावा इराक के उत्तरी कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी दूतावास के पास विस्फोट हुआ है। इरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास धमाकों की आवाज सुनी गई है।

होर्मुज फिर बना अखाड़ा
इधर युद्ध की शुरुआत से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज निशाना बनता आया है। पिछले महीने समझौते के बाद इसे कुछ समय के लिए खोला गया था, लेकिन ईरान ने पिछले हफ्ते इसे दोबारा बंद करने की कसम खाई है। मैरीटाइम ट्रैकर केपलर के मुताबिक, मंगलवार को इस रास्ते से सिर्फ 21 जहाजों की आवाजाही हुई। रास्ते पर दोबारा संकट के चलते वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं।