नई दिल्ली। ITR Filing AY 2026-27: सैलरी पाने वाले कर्मचारियों, पेंशनर्स और बिना ऑडिट वाले अन्य टैक्सपेयर्स के लिए असेसमेंट ईयर (AY) 2026-2027 का इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2027 है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ( CBDT ) ने इस साल के ITR फॉर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। टैक्समैन (Taxmann) के वाइस-प्रेसिडेंट और चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन वाधवा के अनुसार इस बार फॉर्म में फाइनेंस एक्ट 2025 के संशोधनों के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त जानकारियां भी मांगी गई हैं। ऐसे में अगर आप आईटीआर फाइल कर रहे हैं तो पहले इन बदलावों के बारे में जान लें।
- F&O ट्रेडिंग की जानकारी
नए आईटीआर फॉर्म में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग से होने वाली कमाई और टर्नओवर की रिपोर्टिंग के लिए खास कॉलम जोड़े गए हैं। अब टैक्सपेयर्स को इससे होने वाले टर्नओवर और प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में क्रेडिट हुई इनकम की अलग से जानकारी देनी होगी। - MSME ब्याज पर नई रिपोर्टिंग
फॉर्म के अदर इंफॉर्मेशन (Part A- OI) सेक्शन में एक नया कॉलम जोड़ा गया है। इसके तहत धारा 43B(h) के तहत MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों) को दिए जाने वाले ब्याज की अस्वीकृति राशि का खुलासा करना अनिवार्य होगा। - पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर्स के लिए नियम कड़े
अगर कोई टैक्सपेयर किसी पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर है, तो उसे अब फर्म से मिलने वाले या बकाया ब्याज और पारिश्रमिक की पूरी डिटेल अलग से देनी होगी। - रिवाइज्ड रिटर्न की फीस का कॉलम
अगर कोई टैक्सपेयर अपना रिवाइज्ड (संशोधित) रिटर्न दाखिल करता है, तो धारा 234-I के तहत चुकाई गई फीस की रिपोर्टिंग के लिए फॉर्म में एक नया कॉलम शामिल किया गया है। - धारा 80G कटौती के लिए IFSC जरूरी
जो टैक्सपेयर धारा 80G के तहत दान (Donation) पर टैक्स छूट या कटौती का दावा कर रहे हैं, उन्हें अब फॉर्म में IFSC कोड और ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर दर्ज करना होगा। - प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन में निवेश की जानकारी
अनुमानित कराधान योजना (Presumptive Taxation Scheme) का विकल्प चुनने वाले करदाताओं को अब फॉर्म में अपने निवेश की जानकारी देना आवश्यक कर दिया गया है। - चैरिटेबल ट्रस्ट्स के लिए नया नियम
चैरिटेबल ट्रस्टों को अब शेड्यूल जे (Schedule J) में अपने निवेश का नॉमिनल वैल्यू बताने के बजाय कुल मूल्य रिपोर्ट करना होगा। इसके अलावा, अन्य कानूनों के तहत मिले रजिस्ट्रेशन की वैधता अवधि भी बतानी होगी। - अनिवासियों (NRI) के लिए बदलाव
धारा 44B, 44BB, 44BBA, 44BBC या 44BBD के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन चुनने वाले अनिवासियों (NRIs) को अब एक नए कॉलम में अपने व्यवसाय से ग्रॉस रिसीट्स/टर्नओवर और नेट प्रॉफिट का खुलासा करना होगा। - NBFC और कंपनियों से मिले ब्याज की रिपोर्टिंग
आईटीआर फॉर्म में यह साफ किया गया है कि कंपनियों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFCs) से कमाए गए ब्याज को शेड्यूल ओएस (Schedule OS) के अदर (Other) कॉलम में दिखाना होगा। - धारा 44BBD के तहत नया डिक्लेरेशन
फॉर्म के ‘Part A-GEN’ सेक्शन में घोषणापत्र को अपडेट किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनकम धारा 44BBD के तहत दिखाई जा रही है या नहीं। इसके साथ ही, ऐसे अनुमानित मुनाफे का खुलासा करने के लिए शेड्यूल बीपी (Schedule BP) में विशिष्ट रिपोर्टिंग जोड़ी गई है।

