नई दिल्ली। WPI Inflation: देश में थोक महंगाई (Wholesale Price Inflation) जून 2026 में बढ़कर 9.87 फीसदी पर पहुंच गई है। मई में यह दर 9.68 फीसदी थी।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं, खनिज तेल, बेसिक मेटल और रसायन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण थोक महंगाई में इजाफा दर्ज किया गया है। लगातार दूसरे महीने थोक महंगाई में तेजी यह संकेत देती है कि कई जरूरी वस्तुओं की लागत अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) जून में बढ़कर 110.2 पर पहुंच गया, जबकि मई में यह 109.9 था। सालाना आधार पर जून 2026 में WPI महंगाई दर 9.87 फीसदी रही, जो पिछले महीने के मुकाबले अधिक है।
थोक महंगाई के आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब एक दिन पहले जारी सरकारी डेटा में खुदरा महंगाई (CPI) में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई बढ़कर 4.38 फीसदी हो गई, जबकि मई में यह 3.93 फीसदी थी।
वहीं, कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) के आधार पर खाद्य महंगाई जून में 5.32 फीसदी रही, जो मई के 4.78 फीसदी के मुकाबले अधिक है। इससे साफ है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार दबाव बना हुआ है।
जून में प्राइमरी आर्टिकल्स यानी प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई बढ़कर 7 फीसदी हो गई, जो मई में 4.99 फीसदी थी। इस श्रेणी का इंडेक्स भी 113.7 से बढ़कर 116.1 पर पहुंच गया।
खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर जून में 5.49 फीसदी रही, जबकि मई में यह 3.60 फीसदी थी। वहीं, गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई भी बढ़कर 11.07 फीसदी हो गई, जो पिछले महीने 9.49 फीसदी थी।
ईंधन और बिजली श्रेणी में महंगाई जून में 27.41 फीसदी रही। हालांकि यह मई के 30.33 फीसदी के मुकाबले कुछ कम है, लेकिन अब भी काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है इस दौरान मिनरल ऑयल की महंगाई दर 46.48 फीसदी रही, जो मई में 49.82 फीसदी थी।
वहीं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई घटकर 34.75 फीसदी रह गई, जबकि मई में यह 61.51 फीसदी थी। दूसरी ओर, बिजली की कीमतों में गिरावट का रुख जारी रहा और इस श्रेणी में 0.76 फीसदी की डिफ्लेशन दर्ज की गई।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महंगाई स्थिर रही
जून में विनिर्मित उत्पादों (Manufactured Products) की महंगाई दर 7.48 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो मई के समान है। इस श्रेणी का इंडेक्स भी 107.8 पर अपरिवर्तित रहा। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के भीतर अलग-अलग श्रेणियों में बदलाव देखने को मिला। विनिर्मित खाद्य उत्पादों की महंगाई 6.14 प्रतिशत से बढ़कर 7.2 प्रतिशत हो गई। वहीं, टेक्सटाइल उत्पादों की महंगाई 10.22 प्रतिशत से बढ़कर 10.85 प्रतिशत पर पहुंच गई। बसिक मेटल (Basic Metals) श्रेणी में महंगाई 12.31 प्रतिशत पर बनी रही, जो अब भी ऊंचे स्तर पर है। दूसरी ओर, केमिकल और केमिकल उत्पादों की महंगाई में हल्की राहत मिली। यह 13.4 प्रतिशत से घटकर 12.78 प्रतिशत दर्ज की गई।
WPI फूड इंडेक्स में तेज बढ़ोतरी
खाद्य वस्तुओं से जुड़े दबाव का असर WPI फूड इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। प्राथमिक खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित खाद्य उत्पादों को शामिल करने वाला WPI फूड इंडेक्स जून में 6.14 प्रतिशत रहा, जबकि मई में यह 4.49 प्रतिशत था। इसी अवधि में फूड इंडेक्स 114.0 से बढ़कर 115.8 पर पहुंच गया, जो खाद्य कीमतों में तेजी का संकेत देता है।

