Import: मई में सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात 32 से 37 फीसदी तक बढ़ा

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मुम्बई। Edible Oil Import: अप्रैल में पाम तेल का आयात घटकर पिछले चार माह के निचले स्तर पर आ गया था लेकिन मई में यह 7 प्रतिशत सुधरकर 5,49,356 टन पर पहुंच गया। इसके बावजूद इसका आयात सामान्य औसत स्तर से पीछे चल रहा है।

दरअसल पाम तेल का भाव प्रमुख निर्यातक देशों में महंगा होने से सोयातेल के आयात में भारतीय रिफाइनर्स की दिलचस्पी ज्यादा देखी जा रही है। सोयाबीन तेल और पाम तेल के बीच मूल्यान्तर काफी घट गया है। मई में सूरजमुखी तेल का आयात भी काफी बढ़ गया।

एक अग्रणी उद्योग संगठन-सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के आंकड़ों से पता चलता है कि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) में पाम तेल का औसत मासिक आयात 6.32 लाख टन के करीब रहा था लेकिन 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन में आयात का स्तर नीचे देखा जा रहा है।

उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार होटल, रेस्तरां एवं अन्य व्यावसायिक उपयोग क्षेत्र द्वारा अधिक मात्रा में पाम तेल की खरीद नहीं की जा रही है कूलिंग गैस की कमी के कारण उसे अपने पाम तेल की जरूरत घटाने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

एसोसिएशन के मुताबिक अप्रैल के मुकाबले मई 2026 में सोयाबीन तेल का आयात 37 प्रतिशत उछलकर 4,93,854 टन पर तथा सूरजमुखी तेल आयात 32 प्रतिशत बढ़कर 2,95,726 टन पर पहुंच गया।

इसके फलस्वरूप मई में खाद्य तेलों का कुल आयात भी बढ़ गया। वनस्पति तेलों का सकल आयात 4.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 13.70 लाख टन पर पहुंचा।

‘सी’ के आंकड़ों के मुताबिक चालू मार्केटिंग सीजन के शुरूआती सात महीनों में यानी 1 नवम्बर 2025 से 31 मई 2026 के दौरान भारत में वनस्पति तेलों का कुल आयात 12 प्रतिशत बढ़कर 92 लाख टन से ऊपर पहुंच गया।

एक अग्रणी उद्योग समीक्षक के अनुसार जून 2026 में पाम तेल का आयात बढ़कर 6 लाख टन से ऊपर पहुंच जाने की उम्मीद है जबकि सोयाबीन तेल का आयात घटकर 3.50 लाख टन के आसपास सिमट सकता है।