अमूल घी, ENO, टाटा नमक, ऑलआउट समेत कई नकली प्रोडक्ट का भंडाफोड़

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की ईस्टर्न रेंज-एक क्राइम ब्रांच ने नकली घरेलू सामान बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गैंग उत्तम नगर और कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले में उत्तम नगर निवासी नितिन कुमार, रजत सिंघल उर्फ चिंटू, सुरेंद्र गुज्जर और मंगोलपुरी निवासी मुजाहिद उर्फ कार्तिक को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली खाद्य और घरेलू उत्पाद बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब पांच हजार किलोग्राम टाटा का नकली नमक, 1,100 लीटर से अधिक नकली घी (पतंजलि, अमूल और मधुसूदन ब्रांड के नाम पर), 8,640 ईनो सैशे, 1,200 ऑलआउट की शीशियां, 1,152 वीट पैक, बड़ी संख्या में खाली पैकिंग सामग्री, पाउच सिलाई मशीन, पैकिंग मशीनें, एक टेंपो, कच्चा तेल, खाली कंटेनर और नकली रैपर जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ कर रहा था।

टेंपो से बड़ी खेप बरामद
पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग उत्तम नगर इलाके में नकली ब्रांडेड सामान की बड़ी खेप सप्लाई करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेट्रो पिलर संख्या 680 के पास जाल बिछाया और दोपहर करीब 2:15 बजे एक टेंपो को रोककर तलाशी ली। टेंपो में सवार चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान टेंपो से नकली सामान की बड़ी खेप बरामद हुई, जिसमें 345 लीटर मधुसूदन, 255 लीटर पतंजलि और 531 लीटर अमूल ब्रांड के नाम से पैक किया गया नकली घी शामिल था।

ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर निलोठी एक्सटेंशन स्थित एक गोदाम पर छापा मारा, जहां से 2,000 किलोग्राम अतिरिक्त नकली टाटा नमक, वजन और पैकिंग मशीन, पाउच सीलिंग मशीन, सिलाई मशीन और बड़ी मात्रा में खाली पैकिंग सामग्री जब्त की गई। इस तरह कुल 5,000 किलोग्राम नकली टाटा नमक बरामद हुआ। पुलिस ने जब इस माल की जांच कराई तो टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने पुष्टि की कि बरामद नमक और पैकिंग सामग्री पूरी तरह नकली थी।

मुनाफे का 50 फीसदी हिस्सा बांटते थे
आरोपी रजत सिंघल उर्फ चिंटू और सुरेंद्र गुज्जर भी लंबे समय से थोक व्यापारी है जो नितिन के साथ मिलकर नकली उत्पादों की सप्लाई करते थे। रजत ग्राहकों से संपर्क और ऑर्डर जुटाने का काम करता था, जबकि सुरेंद्र बिक्री और नकद लेनदेन संभालता था। तीनों आपस में मुनाफे का 50 प्रतिशत हिस्सा बांटते थे। क्राइम ब्रांच अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन और नकली माल के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नकली ब्रांडेड सामान की तस्करी पर बड़ा प्रहार हुआ है और आगे भी ऐसे रैकेट के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

गोदामों में स्टोर करते थे सामान
मुख्य आरोपी 38 वर्षीय नितिन कुमार ने खुलासा किया कि वह पिछले 10 से 12 वर्षों से घरेलू सामान की थोक सप्लाई का काम कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान नकली सामान बनाने वाले लोगों से हुई। बाद में उसने कंझावला औद्योगिक क्षेत्र में एक अवैध फैक्टरी स्थापित की, जहां नकली घी तैयार कर उसे अमूल, पतंजलि, मधुसूदन और मदर डेयरी जैसे नामी ब्रांडों की पैकिंग में भरकर बाजार में उतारा जाता था। तैयार माल को वह उत्तम नगर और डाबड़ी स्थित गोदामों में स्टोर कर स्थानीय बाजारों और साप्ताहिक बाजारों में सप्लाई करता था।

लिवर, किडनी और पाचन तंत्र को खतरा
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरीश त्यागी ने बताया कि नकली घी में मिलाए गए रसायन उपभोक्ताओं के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। यदि रसायन न भी हों और वनस्पति तेल से देसी घी तैयार किया गया हो, तब भी इसका सेवन लिवर, किडनी और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे घी में अत्यधिक फैट होता है, जो लंबे समय तक उपयोग से अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालता है और हृदय रोग का जोखिम बढ़ाता है। कमजोर इम्युनिटी के कारण बुजुर्ग और बच्चे इससे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, नकली नमक के सेवन से थायरॉयड से जुड़ी समस्याएं पैदा होने की आशंका रहती है।

ऐसे पहचान करें

  1. पैकिंग, प्रिंटिंग और रंगों की गुणवत्ता की जांच कर लें, ये अक्सर असली से भिन्न होते हैं।
  2. स्पेलिंग या फॉन्ट में गड़बड़ी पर सतर्क हों
  3. एमआरपी, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट देखें
  4. बारकोड/क्यूआर कोड स्कैन कर पुष्टि करें
  5. टूटी या ढीली सील का सामान न लें
  6. बहुत सस्ती कीमत पर शक करें और दुकानदार से पूछताछ करें
  7. संदेह होने पर कंपनी के कस्टमर केयर से पुष्टि करें