Thursday, June 18, 2026
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बेनामी लेनदेन : 240 से अधिक मामलों में 600 करोड़ की संपत्ति कुर्क

आयकर विभाग की बेनामी लेनदेन के खिलाफ कार्रवाई, 400 से ज्यादा की पहचान,

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने 400 से ज्यादा बेनामी सौदों की पहचान कर ली है। विभाग ने कहा कि बेनामी कानून के तहत कुल 240 से अधिक मामलों में 600 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों की कुर्की की है।

आयकर विभाग ने बुधवार को बताया कि उसने नए बेनामी कानून को अच्छी तरह लागू करने के लिए आयकर विभाग ने पिछले सप्ताह देशभर में 24 बेनामी निषेध इकाइयां (बीपीयू) स्थापित कीं, ताकि इस कानून के जमीनी परिणाम दिखना सुनिश्चित हो।

विभाग ने पिछले साल नवंबर से नए बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन कानून, 2016 के तहत कार्रवाइयां करनी शुरू कर दी थी। कानून के तहत अधिकतम सात साल जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

बेनामी संपत्ति में चल या अचल, मूर्त या अमूर्त (ब्रैंड, इक्विटी या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) एवं वैसी संपत्तियां शामिल हैं जो उस व्यक्ति के नाम पर नहीं होती हैं जो हकीकत में इसका लाभ उठाता है। ‘इनकम टैक्स डायरेक्टरेट्स ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने 23 मई 2017 तक 400 से ज्यादा बेनामी लेनदेन का पता लगाया है। 

कानून के तहत 240 से ज्यादा संपत्तियों की अस्थाई तौर पर कुर्की कर ली गई है। बाजार में इनकी कीमत 600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा, ’40 मामलों में कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश से 530 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की अचल संपत्ति कुर्क हुई है।’

विभाग ने बताया कि पिछले एक महीने में 10 वरिष्ठ सरकारी अधिकारों के यहां भी तलाशी अभियान चलाए गए, ताकि भ्रष्ट आचरण से की गई काली कमाई का खुलासा कर सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही एवं विश्वनीयता सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने तलाशी अभियानों का ब्योरा देते हुए बताया कि जयपुर में एक ‘बेनामीदार’ ड्राइवर निकला जिसके नाम पर 7.7 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पाई गई।

 हकीकत में वह संपत्ति मध्य प्रदेश की एक लिस्टेड कंपनी की है जहां वह काम करता है। इसी तरह एक अन्य मामले में राजस्थान के सांगनेर में एक जूलर ने अपने पूर्व कर्माचरी के नाम पर नौ अचल संपत्तियां रखी थीं। विभाग ने कोलकाता में शेल कंपनियों से खरीदी गईं कुछ संपत्तियां भी जब्त कर लीं।

डीसीएम श्रीराम को 188 करोड़ के डिस्टलरी संयंत्र के लिए हरित मंजूरी

नई दिल्‍ली। विविधीकृत व्यवसाय करने वाले कंपनी समूह डीसीएम श्रीराम को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 188 करोड़ रुपये की लागत से शीरा आधारित डिस्टलरी कारखाना लगाने के लिए हरित मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कारखाने में बिजली उत्पादन संयंत्र भी लगेगा। 

प्रस्ताव हरियावन गांव में 200 किलोलीटर प्रतिदिन क्षमता वाले शीरा आधारित डिस्टलरी तथा छह मेगावाट के सह सृजन बिजली संयंत्र को स्थापित करने के लिए है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘डीसीएम श्रीराम की उत्तर प्रदेश में नई डिस्टलरी परियोजना को पर्यावरण संबंधी मंजूरी दी गई है।

पर्यावरण मंत्रालय ने अपनी विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर यह मंजूरी दी है।’ अधिकारी ने कहा कि परियोजना को मंजूरी कुछ निश्चित शर्तो के साथ दी गई है और परियोजना की लागत करीब 188 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। कंपनी को इसके साथ ही कुछ शर्तों का पालन करने को भी कहा है।

गन्ने की खोई को जलाने से चलने वाले बॉयलर से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित दायरे में रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। कंपनी के लिए भूजल का दोहन करने की सीमा तय की गई है। उसे कहा गया है कि वर्षा जल का संचयन करे और जल रिचार्ज मापन की व्यवस्था करे। इसके साथ ही कंपनी से कहा गया है कि वह डिस्टलरी से निकलने वाले दूषित जल को कारखाना परिसर से बाहर नहीं निकलने दे।

परिसर के भीतर ही उसके समायोजन की व्यवस्था होनी चाहिए। गन्ने के खोई को इस तरह रखने को कहा गया है कि हवा उडऩे पर यह आसपास के इलाके में नहीं उड़े। डीसीएम श्रीराम ने कहा है कि वह शीरा और गन्ने की खोई पास स्थित अपनी चीनी मिल से प्राप्त करेगी। कंपनी चीनी, रसायन के अलावा बीज, सीमेंट और उर्वरक के कारोबार में भी लगी है।

जीएसटी का क्रियान्वयन 1 जुलाई से उद्योग के लिए चुनौती : एसोचैम

नई दिल्‍ली ।वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का 1 जुलाई से क्रियान्वयन उद्योग के लिए चुनौती है। उद्योग मंडल एसोचैम का मानना है कि सरकार को कुछ तिमाहियों के लिए जुर्माने के प्रावधान में ढील देनी चाहिए जिससे लोगों को इस नई कर व्यवस्था के अनुपालन में मदद मिल सकेगी।

सरकार जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करने के लिए रातदिन काम कर रही है। इसके अलावा व्यापारियों और उद्योग को इसके बारे में जागरूक करने को कार्यशालाओं और संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।

एसोचैम के अध्यक्ष संदीप जजोदिया ने LEN-DEN NEWS से साक्षात्कार में कहा, ‘जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करना उद्योग के लिए निश्चित रूप से एक चुनौती होगा। लोग गलतियां कर सकते हैं।

मेरा मानना है कि विभाग को पहली एक-दो तिमाहियों तक इसको लेकर नरम रुख इख्तियार करना चाहिए क्योंकि यह सीखने की प्रक्रिया होगी।’ उन्होंने कहा कि यदि पूरे साल के लिए संभव न हो तो कम से कम एक या दो तिमाहियों तक जुर्माना प्रावधान में छूट दी जानी चाहिए।

जीएसटी कानून में विभिन्न अपराधों के लिए कम से कम 21 प्रकार के जुर्मानों का प्रावधान है। कम भुगतान मामले में बकाये कर पर 10 प्रतिशत का जुर्माना लगेगा। यह अधिकतम 10,000 रुपये होगा। विभिन्न प्रकार की  गलतियों के लिए बकाया कर पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगेगा।

BSE सेंसेक्स 63 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ

मुंबई। बुधवार को शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए हैं। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 63 अंक की कमजोरी के साथ 30301 के स्तर पर और निफ्टी 25 अंक की कमजोरी के साथ 9360 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 1.75 फीसद और स्मॉलकैप में 2.04 फीसद की कमजोरी के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं।

मेटल और फार्मा शेयर्स में मुनाफावसूली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो सेक्टर को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। बैंक (0.21 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.16 फीसद), एफएमसीजी (0.06 फीसद), आईटी (0.01 फीसद), मेटल (2.26 फीसद), फार्मा (2.09 फीसद) और रियल्टी में 1.58 फीसद की गिरावट हुई है।

बैंक ऑफ बड़ौदा टॉप लूजर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में 14 हरे निशान में और 37 लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स डीवीआर, अदानीपोर्ट्स, गेल और बीपीसीएल के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट बैंक ऑफ बड़ौदा, इंफ्राटेल, एलएंडटी, ऑरोफार्मा और हिंडाल्को के शेयर्स में हुई है।

रुपया हुआ कमजोर
बुधवार के कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोरी के साथ खुला है। एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 3 पैसा कमजोर होकर 64.91 के स्तर पर खुला है। वहीं, मंगलवार के सत्र में रुपया 35 पैसे की गिरावट के साथ 64.89 के स्तर पर बंद हुआ था।

किसानों की आय दोगुनी कर उनके जीवन में खुशहाली लाने का भरोसा दिलाया

  • ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का आगाज, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया शुभारम्भ 
  • केन्द्रीय शहर विकास मंत्री वैंकया नायडू व किसान आयोग के अध्यक्ष सांवरलाल जाट भी पहुंचे

कोटा ।  आरएसी परेड मैदान में  26 मई तक चलने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) का शुभारम्भ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया . इसी के साथ तीन दिवसीय  ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आगाज हो गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैकया नायडू, राजस्थान की मुख्यमंत्री, सांसद ओम बिरला, सांसद दुष्यंत सिंह, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी भी मौजूद रहे।

कृषि मंत्री सैनी ने कहा, पहले राजस्थान में  प्रतिवर्ष औसत आय  64 हजार से बढ़कर 88 हजार प्रति किसान आय हो गई है। 2022 तक किसान की आय दुगना करने का प्रयास होंगे। इसमें संभाग में कृषि क्षेत्र में हुए नवाचारों की जानकारी दी । ग्राम में 7800 वर्ग मीटर क्षेत्र में लगी प्रदर्शनियों में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों की स्टॉलों पर मशीनरी एवं संबद्ध सेवाओं, एग्री इनपुट्स एवं संरक्षित खेती, सिंचाई, प्लास्टि कल्चर एवं प्रिसिजन वार्मिंग, फूड एवं फूड प्रोसेसिंग तकनीक, डेयरी एवं पशुधन, एग्री डायवर्सिफि केशन एवं रिटेलर्स, पोस्ट हार्वेस्टिंग तकनीक की जानकारी दी गई।

इसका उद्देश्य किसानों का सशक्तिकरण, कृषि नवाचारों का प्रदर्शन, मार्केटिंग अनुबंध, संयुक्त उपक्रम, तकनीकी हस्तांतरण, अंतरराष्ट्रीय निवेश, व्यवसाय के अवसर, कृषि आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और कृषि एवं संबंधित क्षेत्र को साझा मंच उपलब्ध करना है। ग्राम में बारां, बूंदी, झालावाड़ एवं कोटा की क्षमताएं प्रदर्शित की गई  हैं। 

सरकार चली गई थी प्याज के कारण 

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम) में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनके भाषण का मुख्य आकर्षण वह स्वीकारोक्ति रही, जिसमें उन्होंने किसानों को नजर अंदाज करने से सरकार से हाथ धो बैठने का जिक्र किया। उन्होंने बताया, प्याज की ताकत को याद करते कहा बोले- प्याज बहुत पावरफुल है… एक बार हम चुनाव हार गए थे क्योंकि प्याज के दाम बढ़ गए थे।

1000 करोड़ रुपए के एमओयू

इसमें प्रमुख रुप से रुसी दूतावास का समूह, वर्ल्ड बैंक, एशियन डवलपमेंट बैंक की टीमें शामिल होंगी। वहीं नेपाल के वाणिज्य मंत्री, मलेशिया के राजदूत, म्यांमार व यूक्रेन के राजदूत भी ग्राम में सम्मलित होंगे। ग्राम—2017 के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कोल्ड चेन, मंडी यार्ड व वेयर हाउस से जुड़े 1000 करोड़ रुपए के एमओयू होंगे।

 

आठ लाख इंजीनियर स्‍नातक हर साल बेरोजगार

-दिनेश माहेश्वरी
कोटा। देश भर में तकनीकी संस्‍थानों में 60 प्रतिशत से अधिक यानी आठ लाख इंजीनियर स्‍नातक हर साल बेरोजगार रह जाते हैं। जब इंजीनियरिंग स्‍टूडेंट को मेडिकल की ही तरह सफलता का पर्याय माना जाता था। आज देश में ढेर सारे इंजीनियर हैं जिनमें से अधिकांश रोजगार योग्‍य नहीं हैं।

यही नहीं, केवल 15 प्रतिशत इंजीनियर प्रोग्रामर को ही 3200 संस्‍थानों से प्रस्‍ताव मिलते हैं जो नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिएशन से संबद्ध हैं।अब जबकि ऑटोमेशन अधिकांश कार्यप्रणाली को रिप्‍लेस कर रहा है, ऐसे में रोजगार की चुनौतियां और गहरा गई हैं। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का कहना है कि देश भर में तकनीकी संस्‍थानों में 60 प्रतिशत से अधिक आठ लाख इंजीनियर स्‍नातक हर साल बेरोजगार रह जाते हैं। 

कुछ वर्षों पहले एक मैककिन्‍से रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में केवल एक चौथाई इंजीनियर ही रोजगार योग्‍य हैं। कुछ दूसरे अध्‍ययनों में यह प्रतिशत महज 20 ही आंका गया। कर्मचारी योग्‍यता फर्म के एक सर्वेक्षण में कहा गया कि 95 फीसदी भारतीय इंजीनियर अनफिट हैं। भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्‍थान जैसे आईआईटी से निकले स्‍नातक अभी भी डिमांड में हैं।

शेष अन्‍य इंजीनियरिंग कॉलेजों से हर साल हजारों की संख्‍या में स्‍नातक निकलकर आते हैं जिनके लिए रोजगार एक बड़ा सवाल है।आज भी, कई भारतीय अभिभावक अपने बच्‍चों को इंजीनियर बनने के लिए दबाव बनाते हैं। केवल मुट्ठी भर आईआईटी के बेहतरीन स्‍टूडेंट्स बहुत अच्‍छा वेतन पा रहे हैं लेकिन अधिकांश फ्रेशर्स के लिए यह आसान नहीं है।

 

आयुर्वेद उत्पादों पर जीएसटी में १२ फीसदी टैक्स से पतंजलि को एतराज

नई दिल्ली। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि का कहना है कि वह आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स पर 12 पर्सेंट GST लगाने के फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए सरकार को पत्र लिख रही है। अभी इन प्रॉडक्ट्स पर 5 पर्सेंट टैक्स लगता है।

पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने LEN-DEN NEWS को बताया, ‘हम आम आदमी के हित में सरकार से आयुर्वेदिक कैटिगरी के लिए GST रेट पर दोबारा विचार करने का निवेदन कर रहे हैं। अच्छी सेहत या अच्छे जीवन के बिना अच्छे दिन नहीं आएंगे।’
आयुर्वेद पर आधारित टूथपेस्ट से लेकर शैंपू और बिस्कुट तक जैसे कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स बनाने वाली पतंजलि खुद को ‘स्वदेशी’ के तौर पर पेश करती है।

तिजारावाला ने कहा कि कंपनी मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए किफायती दामों पर इलाज और देखभाल के लिए बिजनस कर रही है। उन्होंने बाबा रामदेव की ओर से कहा, ‘आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स पर अधिक GST रेट निराश करने वाला है। हम उन लोगों में से हैं , जिन्होंने कंज्यूमर्स के लिए किफायती दामों पर आयुर्वेद को फायदेमंद बनाया है। अब इस रास्ते पर अन्य कंपनियां चल रही हैं।’

बाबा रामदेव ने बताया था कि पतंजलि का टूथपेस्ट में 9 पर्सेंट और हेयर ऑयल में 8 पर्सेंट मार्केट शेयर है। पतंजलि की ओवर-द-काउंटर यूनिट दिव्य फार्मेसी ने कंपनी की कुल सेल्स में 8 पर्सेंट का योगदान दिया है। आयुर्वेदिक सेगमेंट में पतंजलि की बड़ी सफलता के बाद अधिकतर बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनियों ने अपने पोर्टफोलियो में आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स को शामिल किया है।

अधिक GST रेट के कारण प्रभावित होने वाली अन्य कंज्यूमर गुड्स कंपनियों में डाबर और इमामी शामिल हैं। डाबर इंडिया के सीएफओ ललित मलिक ने पिछले सप्ताह कहा था कि आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स पर 12 % GST लगाने के सरकार के फैसले से कंपनी को निराशा हुई है। उनका कहना था।

‘हमारा मानना है कि इससे आयुर्वेदिक कैटिगरी पर ऐसे समय में प्रतिकूल असर पड़ेगा । जब सरकार परंपरागत भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के बारे में बात कर रही है।’ 1 जुलाई से GST रेट लागू होने से कंज्यूमर प्राइसेज पर असर के बारे में पतंजलि आयुर्वेद का कहना है कि वह प्राइस बढ़ाने पर अंतिम फैसला लेने से पहले इनपुट क्रेडिट अजस्टमेंट को देखेगी।

2.65 लाख रुपए सस्ती हुई एक्सई सेडान पेट्रोल

नई दिल्ली। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली ब्रिटिश कार कंपनी जगुआर ने एक्सई सेडान के पेट्रोल वर्जन की कीमतों में 2.65 लाख रूपए की कटौती की है, कीमत घटने के बाद इसका पेट्रोल वर्जन डीज़ल की तुलना में और भी सस्ता हो गया है, पहले इनके बीच अंतर 1.1 लाख रूपए का था।

जगुआर एक्सई पेट्रोल के प्योर, प्रेस्टिज़ और पोर्टफोलियो वेरिएंट की कीमत पहले क्रमशः 39.9 लाख, 43.69 लाख और 47.99 लाख रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) थी, जो अब क्रमशः 37.25 लाख, 41.04 लाख और 45.34 लाख रूपए हो गई हैं।

एक्सई पेट्रोल में 2.0 लीटर का 4-सिलेंडर इंजन लगा है, जो 200 पीएस की पावर और 320 एनएम का टॉर्क देता है। यह इंजन 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जुड़ा है, जो पिछले पहियों पर पावर सप्लाई करता है। 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पाने में इसे 7.7 सेकंड का समय लगता है, इसकी टॉप स्पीड 237 किमी प्रति घंटा है।

इस सेगमेंट में वोल्वो एस60 के टी5 और टी6 वेरिएंट के अलावा कोई दूसरी कार जगुआर एक्सई पेट्रोल से ज्यादा पावरफुल नहीं है। जगुआर एक्सई का मुकाबला ऑडी ए4, बीएमडब्ल्यू 3-सीरीज और मर्सिडीज़-बेंज सी-क्लास से है। संभावना है कि कीमतें कम होने के बाद इसकी बिक्री बढ़ेगी।

केबल, डीटीएच पर लगेगा कम दर से जीएसटी

नयी दिल्ली। सरकार ने आज कहा कि वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के तहत मनोरंजन, केबल, डीटीएच सेवाओं पर कर घट जाएगा क्योंकि इन पर राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला मनोरंजन कर जीएसटी में समाहित हो जायेगा।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मनोरंजन कार्यक्रमों एवं सिनेमाघरों में फिल्में एक जुलाई से प्रभावी होने जा रही जीएसटी व्यवस्था के तहत ये 28 फीसदी श्रेणी में आएगी।

फिलहाल, राज्य सिनेमाघरों में फिल्मों के प्रदर्शन पर 100 फीसदी तक मनोरंजन कर लगाते हैं। मनोरंजन कर को जीएसटी के अंतर्गत लाया गया है इसलिए ऐसे में पंचायत और नगरपालिकाओं द्वारा मनोरंजन एवं अन्य रोमांचक कार्यक्रमों पर लगाये जाने वाले कर ही अब लगेंगे।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ऐसे में मनोरंजन सेवाएं जीएसटी के तहत निम्न कराधान में आ जाएंगी। जीएसटी की निचली दरों के लाभ के साथ ही सेवा प्रदाता इन पर इनपुट सेवाओं के संदर्भ में जीएसटी में कर क्रेडिट के भी हकदार होंगे।’’ जीएसटी परिषद ने केबल टीवी और डायरेक्ट टू होम सर्विसेज पर 18 फीसदी कर तय किया है।

फिलहाल इन सेवाओं पर राज्यों में 15 फीसदी सेवा कर के उपर 10-30 फीसदी तक मनोरंजन कर लगाया जाता है।सर्कस, थियेटर, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, लोकनृत्य, ड्रामा के सिलसिले में जीएसटी दर मूल्यानुसार 18 फीसदी रखी गयी है।

टाटा मोटर्स का शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में 16.79 फीसदी घटा

मुम्बई। टाटा मोटर्स ने मार्च, 2017 को समाप्त हुई तिमाही में 16.79 फीसदी की गिरावट के साथ 4,336.43 करोड़ रपये का समेकित शुद्ध लाभ अर्जित किया।

इस शीर्ष ऑटो निर्माता कंपनी ने 2015-16 की चौथी तिमाही में 5,211.49 करोड़ रपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था। कम्पनी का कहना है कि वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में उसका समेकित राजस्व 77,272 करोड़ रपये रहा जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह 79,549 करोड़ रपये था।

उसने कहा कि भारतीय मुद्रा और पाउंड के बीच विनिमय दर में बदलाव के चलते 2016-17 की चौथी तिमाही में समेकित राजस्व में रपये के हिसाब से 9032 करोड़ रपये का नुकसान हुआ।टाटा मोटर्स ने कहा कि 2016-17 की चौथी तिमाही में उसके जगुआर लैंड रोवर :जेएलआर: कारोबार में खुदरा बिक्री में 13 फीसदी की तेजी आयी।