Sunday, July 12, 2026
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महिलाओें व युवाओं के लिए खास होगा इण्डिया इंडस्ट्रियल फेयर

जयपुर । उद्योग आयुक्त कुंजी लाल मीणा ने बताया कि जनवरी में जयपुर में आयोजित इण्डिया इंडस्ट्रियल फेयर राजस्थानी हस्तशिल्पियों, महिलाओं और युवा उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शन करने, देश-दुनिया के औद्योगिक विकास से रुबरु होने और बाजार की मांग को समझने का अवसर प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

मीणा आज जयपुर मंगलवार को उद्योग केन्द्र और लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित संवाद एवं परिचर्चा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बेहतर औद्योगिक माहौल बनाने और लघु, सूक्ष्म एवं मध्य उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ ही बाजार उपलब्ध कराने में प्रमुख भूमिका तय होगी।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में एमएसएमई सेक्टर से विस्तारित और सशक्त हो रहा है। सरकार का भी प्रयास है कि उत्पादक और उपभोक्ताआें के बीच सीधा संवाद कायम किया जाए ताकि इस सेक्टर की उत्तरोत्तर प्रगति हो सके।

आयुक्त ने कहा कि इण्डिया इन्डस्टि्रयल फेयर में राजस्थानी हस्तशिल्प के लिए अलग से पेवेलियन बनाया जाएगा। इसके साथ ही युवा एन्टरप्रोन्योर्स की व्यावहारिक समस्याओें के समाधान के लिए इन्ट्रक्शन सत्रों का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि यह फेयर परस्पर सहयोग व संवाद का फेयर होगा।

लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष योगेश गौतम ने बताया कि 5 से 8 जनवरी तक जयपुर के जेइसीसी में आयोजित इण्डिया इंडस्ट्रियल फेयर में देश के अधिकांश प्रदेशों के एमएसएमई उद्योग हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 800 स्टॉलों में देश का एमएसएमई उद्योग इस मेले में उद्योग दर्शन के रुप में साकार होगा।

गौतम ने कहा कि इण्डिया इन्डस्टि्रयल फेयर को बहुआयामी व बहउपयोगी बनाया जाएगा। लघु उद्योग भारती के उपाध्यक्ष श्री नटवर लाल अजमेरा ने इण्डिया इन्डस्टि्रयल फेयर से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा।

जीएसटी की खामियां आने वाले दिनों में दूर होंगी : रिपोर्ट

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नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी-कलेक्शन) संग्रह और इसका अनुपालन नई कर व्यवस्था लागू किए जाने के बाद के अगले चार महीनों तक लक्ष्य से नीचे रहेगा। हालांकि निकट अवधि में इस स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है।

ब्रोकरेज कोटक सिक्योरिटी की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन आंकड़ों में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी के कलेक्शन और बेसिक कस्टम ड्यूटी को बाहर रखा गया है, इन दोनों में ही कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के कारण बढ़ोतरी हुई है।

इसमें कहा गया, “दोनों संग्रह आंकड़े और साथ ही जीएसटी का अनुपालन कम रहा है। कर अनुपालन करीब 50 फीसद के आस पास रहा है और इसमें वृद्धि की तब तक संभावना नहीं है जब तक कि रिटर्न मैचिंग, ई-वे बिल और रिवर्स शुल्क सहित जीएसटी के पूरे ढांचे को सही तरह से कार्यान्वित नहीं कर लिया जाता है।”

इसमें आगे कहा गया कि संग्रह के आंकड़ों में आगे और भी गिरावट देखी जा सकती है क्योंकि सरकार ने हाल ही में ज्यादातर मदों पर कर की दरें कम कर दी हैं और अनुपालन में बड़े पैमाने पर सुधार किया जाना बाकी है।

गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल की 23वीं बैठक में 28 फीसद की टैक्स स्लैब में सिर्फ 50 वस्तुओं को ही सीमित कर दिया गया था। 200 से अधिक सामानों को 28 फीसद की टैक्स स्लैब से घटाकर 18 फीसद पर ला दिया गया था।

सेंसेक्स 121 अंक गिरकर 33,576 पर बंद

नई दिल्ली। बाजार में मंगलवार को सुस्ती देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी की 8 दिनों की तेजी पर भी ब्रेक लग गया। निफ्टी 10,370 के करीब बंद हुआ है, जबकि सेंसेक्स में 121 अंकों की गिरावट देखने को मिली है।

मंगलवार के कारोबार में निफ्टी ने 10,355 तक गोता लगाया, जबकि सेंसेक्स 33,576 तक गिरा था। मिडकैप इंडेक्स की बात करें तो ये भी अपने रेकॉर्ड स्तर से नीचे फिसलकर बंद हुआ।

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,039 के स्तर पर बंद हुआ है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 17,093 के रेकॉर्ड उच्चतम स्तर तक पहुंचा था। निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स सपाट होकर 20,098 के स्तर पर बंद हुआ।

सुस्त मांग से सोना 50 रुपए लुढ़ककर 30,500 प्रति 10 ग्राम रहा

नई दिल्ली,कोटा । मंगलवार के कारोबार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोना 50 रुपए लुढ़ककर 30,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।

कमजोर वैश्विक रुख और स्थानीय आभूषण निर्माताओं की ओर से कमजोर मांग के चलते सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वहीं चांदी में भी सोने की ही तरह गिरावट देखने को मिली।

चांदी आज 200 रुपए टूटकर 40,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई। इसकी प्रमुख वजह औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान रही है।

व्यापारियों का मानना है कि विदेशों में कमजोर रुख के अलावा घरेलू बाजार में स्थानीय जौहरी और खुदरा विक्रेताओं की ओर से सुस्त मांग ने सोने की कीमतों पर असर डाला है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.16 फीसद की गिरावट के साथ 1,291.90 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 0.38 फीसद की गिरावट के साथ 16.95 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 50 रुपए गिरकर 30,500 और 30,350 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

सोमवार के कारोबार में सोने में 100 रुपये की तेजी देखने को मिली थी। गिन्नी के भाव हालांकि, 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर स्थिर रहे हैं।

चांदी तैयार 200 रुपये की गिरावट के साथ 40200 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 190 रुपये घटकर 39,140 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। 

कोटा सर्राफा
चांदी 40000 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 30400 रुपये प्रति ग्राम, सोना 35460 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30550 रुपये प्रति ग्राम, सोना 35630 रुपये प्रति तोला।

नोटबंदी में जमा राशि छुपाने वालों को आयकर विभाग का नोटिस

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आयकर विभाग ने 18 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया है जिन्होंने देश में नोटबंदी के बाद खाते में 2.5 लाख रुपये पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट के रूप में जमा किये थे

नई दिल्ली । आयकर विभाग ने 1.16 लाख लोगों और कंपनियों को नोटिस भेजा है। ये वे कंपनियां और इंडिविजुअल्स हैं जिन्होंने देश में नोटबंदी के दौरान 25 लाख रुपये से ऊपर की नकद राशि बैंक खातों में जमा कराई थी। लेकिन आयकर रिटर्न फाइल करने से चूक गए।

यह जानकारी सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने दी है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों ने भारी मात्रा में नकदी जमा की है और आईटी रिटर्न भी फाइल की है वे भी जांच दायरे में है।

आयकर विभाग ने 18 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया है जिन्होंने देश में नोटबंदी के बाद खाते में 2.5 लाख रुपये पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट के रूप में जमा किये थे।

इनमें से जिन इंडिविजुअल्स और कंपनियों ने अपने आयकर रिटर्न फाइल नहीं किये हैं उन्हें दो श्रेणियों में बांट दिया गया है। एक जिन्होंने बैंक खाते में 25 लाख रुपये से ऊपर जमा किये है और दूसरे वो जिन्होंने खाते में 10 से 25 लाख रुपये जमा किये हैं।

चंद्रा ने यह भी बताया, “1.6 लाख लोगों ने 25 लाख रुपये से ऊपर की नकद राशि नोटबंदी के बाद बैंक खाते में जमा की है, लेकिन आयकर रिटर्न फाइल नहीं की है।

इसलिए हमने उनसे 30 दिनों के भीतर अपना आयकर रिटर्न फाइल करने को कहा है। करीब 2.4 लाख लोगों ने 10 से 25 लाख रुपये कैश में जमा किये हैं और रिटर्न फाइल नहीं की है। इन लोगों को दूसरे चरण में नोटिस भेजा जाएगा।”

चाइना डिवेलपमेंट बैंक ने आरकॉम के खिलाफ किया बैंकरप्सी का आवेदन

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मुंबई। घाटे में चल रहे अनिल अंबानी के रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ चाइना डिवेलपमेंट बैंक (सीडीबी) ने नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) में बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया है। सीडीबी ने आरकॉम को करीब 125 अरब रुपये का कर्ज दिया था। सीडीबी ने यह आवेदन 24 नवंबर को दाखिल किया था।

सीडीबी की याचिका में आरकॉम के साथ कोर्ट के बाहर समझौते की किसी भी संभावना से इनकार किया गया है। इससे आरकॉम की स्ट्रैटिजिक डेट रिस्ट्रक्चरिंग पर भी असर पड़ने की आशंका है जो भारतीय बैंकों ने दिसंबर में शुरू की थी।

सीडीबी की ओर से इस मामले की पैरवी मुंबई हाई कोर्ट के सीनियर ऐडवोकेट दारिस खंबाटा कर रहे हैं। सीडीबी ने अपने आवेदन में अभिलाष लाल को एक इंडिपेंडेंट रेजॉलूशन प्रफेशनल नामांकित किया है और यह हलफनामा दिया है कि कंपनी को टेक ओवर करने के लिए अल्वारेज ऐंड मार्शल उसका अडवाइजर होगा।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि अल्वारेज ऐंड मार्शल एक महीने के अंदर कमान संभालने के बाद रेजॉलूशन प्लान पेश कर सकता है। इस बारे में ईटी की ओर से भेजे गए प्रश्नों का सीडीबी, लाल, खंबाटा और अल्वारेज ऐंड मार्शल ने उत्तर नहीं दिया।

सूत्रों ने बताया कि आरकॉम ने सीडीबी के साथ मामले के निपटारे के लिए नवी मुंबई में धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी में अपनी जमीन के डिवेलपमेंट में इक्विटी का प्रपोजल दिया था। हालांकि, आरकॉम का कहना है कि उसे एनसीएलटी में सीडीबी की ओर से दायर आवेदन को लेकर कोई नोटिस नहीं मिला है।

आरकॉम ने कहा कि वह स्ट्रैटिजिक डेट रिस्ट्रक्चरिंग (एसडीआर) प्रोसेस के सफल समाधान के लिए जॉइंट लेंडर्स फोरम (जेएलएफ) के साथ काम कर रही है।

उसका कहना था कि सीडीबी भी जेएलएफ में सक्रियता से हिस्सा ले रहा है। आरकॉम का कहना है कि वह सीडीबी की ओर से उठाए गए इस तरह के कदम से हैरान है। आरकॉम ने कहा कि उसे उम्मीद है कि वह सीडीबी सहित सभी लेंडर्स के साथ मिलकर इस संकट का समाधान निकाल लेगा।

एयरटेल के साथ आरकॉम की मर्जर की योजना रद्द होने के बाद यह कंपनी के खिलाफ दायर चौथा मामला है। स्वीडन की टेलीकॉम इक्विपमेंट मेकर एरिक्सन आरकॉम से 1,150 करोड़ रुपये की अपनी बकाया रकम वसूलने क लिए संघर्ष कर रही है।

मणिपाल टेक्नॉलजीज ने भी अपनी 2.74 करोड़ रुपये की रकम वसूलने के लिए एनसीएलटी के पास गुहार लगाई है। बीएसई पर सोमवार को आरकॉम का शेयर 1.1 पर्सेंट गिरकर 13.35 रुपये पर बंद हुआ।

तमिलनाडु में आयकर अधिकारियों ने व्यापारिक समूहों पर की छापेमारी

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चेन्नई। संदिग्ध कर चोरी और मुखौटा कंपनियों से संबंधित मामलों में आयकर विभाग के अधिकारियों ने आज तमिलनाडु में व्यापारिक समूह से जुड़े 33 ठिकानों पर छापेमारी की। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

एक कपड़ा कंपनी और रीयल एस्टेट से जुड़ी एक कंपनी समेत चार समूहों के खिलाफ छापेमारी की कार्वाई की गई।अधिकारी के मुताबिक आज सुबह छापेमारी की कार्वाई को अंजाम दिया गया और इसमें शहर के 21 स्थान और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में 12 जगह शामिल हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इन समूहों के कर चोरी और मुखौटी कंपनियों में शामिल होने की आशंका है। मुखौटा कंपनियों के बारे में आयकर विभाग को प्राप्त सूचना और पिछले साल नोटबंदी के बाद आए आंकड़ों के आधार पर छापेमारी की कार्वाई की गई।ै

हाल ही में आयकर विभाग ने ऑपरेशन क्लीन मनी के तौर पर कई शहरों में कार्वाई की थी। इसमें 10 समूहों से संबंधित 1430 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला था। इनमें जेल में बंद अन्नाद्रमुक की नेता वी के शशिकला, उनके रिश्तेदार और उनकी सहयोगियों से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं।

दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा रुपया, जानिए आपको कितने फायदे

नई दिल्ली । बीते दो दिनों के दौरान रुपए के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। मंगलवार को 9 पैसे की कमजोरी के साथ खुला रुपया 11 बजे के आस-पास 64.41 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। वहीं सोमवार के कारोबार में भारतीय रुपया बीते दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

शुरुआती उतार-चढ़ाव के साथ भारतीय रुपया बीते दिन 20 पैसे की मजबूती के साथ दो महीने के उच्चतम 64.50 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को अपरिवर्तित रखा। वहीं दिन के कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 64.83 के स्तर पर कारोबार करता दिखा था। डॉलर के मुकाबले रुपए में आई यह मजबूती एक बेहतर संकेत है।

बीते पांच सालों में मासिक आधार पर रुपए का प्रदर्शन:

आम आदमी को कौन से 4 बड़े फायदे होंगे

सस्ता होगा विदेश घूमना: रुपए के मजबूत होने से वो लोग खुश हो सकते हैं जिन्हें विदेश की सैर करना काफी भाता है।

क्योंकि अब रुपए के मजबूत होने से आपको हवाई किराए के लिए पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे खर्च करने होंगे। फर्ज कीजिए अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट भारत में खरीद रहे हैं तो अब आपको कम भारतीय रुपए खर्च करने होंगे।

विदेश में बच्चों की पढ़ाई होगी सस्ती: अगर आपके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं तो रुपए का मजबूत होना आपके लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब आपको पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे भेजने होंगे। मान लीजिए अगर आपका बच्चा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, तो अभी तक आपको डॉलर के हिसाब से ही भारतीय रुपए भेजने पड़ते थे।

यानी अगर डॉलर मजबूत है तो आप ज्यादा रुपए भेजते थे, लेकिन अब आपको डॉलर के कमजोर (रुपए के मजबूत) होने से कम रुपए भेजने होंगे। तो इस तरह से विदेश में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई भारतीय अभिभावकों को राहत दे सकती है।

क्रूड ऑयल होगा सस्ता : डॉलर के कमजोर होने से क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है। यानी जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले (डॉलर के मुकाबले) कम रुपए खर्च करने होंगे।

भारत जैसे देश के लिहाज से देखा जाए तो अगर क्रूड आयल सस्ता होगा तो सीधे तौर पर महंगाई थमने की संभावना बढ़ेगी। आम उपभोक्ताओं के खाने-पीने और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति परिवहन माध्यम से की जाती है, इसलिए महंगाई थम सकती है।

डॉलर में होने वाले सभी पेमेंट सस्ते हो जाएंगे: वहीं अगर डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर के मुकाबले भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी सस्ता हो जाएगा। यानी यह भी भारत के लिए एक राहत भरी खबर है।

बजट के बाद सोना होगा सस्ता, घटेगी इंपोर्ट ड्यूटी

नई दिल्ली। बुलियन मार्केट की बेहतरी और इसकी तस्करी पर लगाम लगाने के लिए इस वर्ष बजट में सोने पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी में कुछ राहत मिल सकती है।

इस समय देश में सोने के आयात पर 10 फीसदी का आयात शुल्क लग रहा है। इस वजह से जहां अन्य देशों के मुकाबले यहां सोना खरीदना महंगा पड़ता है, वहीं तस्करों के लिए एक बार फिर से यह अवैध तरीके से यहां सोना लाना फायदे का सौदा हो गया है।

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों की तरह इस साल भी स्वर्ण आभूषण उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले कई संगठनों ने सोना पर आयात शुल्क में कटौती की मांग की है।

इस मांग का राजकोष पर और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, इस बारे में अप्रत्यक्ष कर विभाग ने विस्तृत प्रजेंटेशन तैयार कर राजस्व सचिव के सेल में भिजवा दिया गया है।

अब फैसला वहीं से होगा कि इसे यथास्थिति छोड़ दिया जाए या कटौती किया जाए। हालांकि मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत किया कि इस बार शुल्क में कुछ कटौती हो सकती है।

कितनी होगी कटौती, इस पर सब खामोश
सोना पर आयात शुल्क में कितनी कटौती होगी, इस पर सभी खामोश हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने पिछले वर्ष सोने पर आयात शुल्क दो फीसदी के स्तर पर रखने की बात कही थी।

अब कहा जा रहा है कि इस पर आयात शुल्क में इतनी कटौती ठीक नहीं है, यह यदि छह फीसदी पर भी रहे तो स्वर्ण आभूषण उद्योग को काफी राहत मिलेगी।

हालांकि रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्द्घन परिषद का कहना है कि सोना पर आयात शुल्क में कम से कम पांच फीसदी की कटौती हो।