Sunday, July 12, 2026
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जीएसटी कलेक्शन कम रहने से सरकार चिंतित

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वित्त सचिव ने नौ दिसंबर को शीर्ष टैक्स अधिकारियों की बैठक बुलायी

नई दिल्ली। जीएसटी संग्रह में गिरावट आने के बाद सरकार हरकत में आ गयी है। वित्त सचिव हसमुख अढिया ने राजस्व संग्रह के ट्रेंड का जायजा लेने के लिए नौ दिसंबर को शीर्ष टैक्स अधिकारियों की एक बैठक बुलायी है। इस बैठक में राज्यों के टैक्स अधिकारी भी शामिल होंगे।

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में जीएसटी संग्रह में कमी पर चर्चा के साथ-साथ उन उपायों पर भी विचार विमर्श किया जाएगा जिनके जरिये जीएसटी संग्रह में किसी भी तरह के लीकेज को रोका जा सके और राजस्व को बढ़ाया जा सके। राज्यों में जीएसटी का क्रियान्वयन देख रहे अधिकारी भी शामिल होंगे।

सूत्रों ने कहा कि वित्त सचिव की अध्यक्षता में होने वाली इस अहम बैठक से पहले सीबीईसी भी इस दिशा में उपाय करने में जुट गया है। बोर्ड पांच दिसंबर को देश भर में आला अधिकारियों के साथ एक वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये जीएसटी से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगा।

सूत्रों का कहना है कि संबंधित टैक्स अधिकारियों को जीएसटी से संबंधित तात्कालिक महत्व के मुद्दों को इस बैठक में उठाने को कहा गया है। वित्त सचिव जीएसटी संग्रह की समीक्षा ऐसे समय कर रहे हैं जब अक्टूबर के लिए जीएसटी संग्रह अपेक्षानुरूप कम रहा है और नवंबर में भी इसमें गिरावट आने का अनुमान है।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर के लिए जीएसटी संग्रह 83,346 करोड़ रुपये रहा है जबकि जुलाई, अगस्त, सितंबर के लिए यह आंकड़ा 90,000 करोड़ रुपये से ऊपर था। इस तरह अक्टूबर में जीएसटी संग्रह लगभग 10 प्रतिशत कम रहा है। वित्त मंत्रालय के सूत्र मानते हैं कि जीएसटी संग्रह में कमी वजह हाल में कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कटौती है।

जीएसटी काउंसिल ने 10 नवंबर को गुवाहाटी में जब 215 वस्तुओं और रेस्तरां सेवाओं पर जीएसटी की दर में कटौती का अहम फैसला किया था तो काउंसिल को भी इस बात का अहसास था कि इस लोकलुभावन फैसले का असर केंद्र और राज्यों के खजाने पर भी पड़ेगा।

उस समय अनुमान भी लगाया गया था कि इससे सालाना तकरीबन 20,000 करोड़ रुपये की राजस्व हानि सरकार को होगी। काउंसिल को इस निर्णय के साथ यह भी उम्मीद थी कि जीएसटी की दरें कम रहने से अनुपालन बेहतर होगा तो आगे चलकर जीएसटी संग्रह बढ़ेगा। हालांकि अब तक इस दिशा में कुछ सकारात्मक प्रगति देखने को नहीं मिली है।

इसकी वजह यह है कि अक्टूबर के लिए रिटर्न दाखिल करने वाले असेसीज का आंकड़ा भी करीब 56 प्रतिशत रहा है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि जीएसटी की दरों में कटौती तथा रिटर्न दाखिल करने में जो ढिलाई दी गयी है, उससे नवंबर का जीएसटी संग्रह भी कम रहने का अनुमान है।

टैक्स रिफंड के लिए नया लिफाफा लाएगा एसबीआई

बंद लिफाफे में पैन नंबर जानना होगा मुश्किल

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपने ग्राहकों को टैक्स रिफंड के चेक भेजने के लिए काम आने वाले लिफाफों को नए सिरे से डिजाइन करेगा।

बैंक एसबीआई ने ग्राहकों के पैन व मोबाइल फोन नंबर की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला किया है।उल्लेखनीय है कि एक कार्यकर्ता सेवानिवृत्त कमोडोर लोकेश बत्रा ने लगभग डेढ साल पहले यह मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा था कि एसबीआई द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे लिफाफों से कोई भी संबंधित करदाता के पैन व फोन नंबर जान सकता है और इनका दुरुपयोग किया जा सकता है।

बत्रा ने इस मुद्दे को रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के समक्ष उठाया था। रिजर्व बैंक ने इस मुद्दे को एसबीआई के पास भेजा। एसबीआई ने अब कहा है कि वह इन लिफाफों को नए सिरे से डिजाइन करेगा ताकि किसी भी करदाता की पैन संख्या दिखाई नहीं दे।

चालू वित्त वर्ष में विकास दर साढ़े छह फीसद से ज्यादा संभव

नई दिल्ली । मौजूदा वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसद के ऊपर रह सकती है। यह कहना है प्रमुख अर्थशास्त्री व नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पानगड़िया का। पानगड़िया का कहना है कि बीते तीन साल में वृहद आर्थिक संकेतक स्थिर रहे हैं। चालू खाते का घाटा एक फीसद के इर्द-गिर्द है और महंगाई भी ज्यादा नहीं है।

एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, ‘एक जुलाई 2017 से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया गया। इसके लागू होने से पहले उद्योगों ने सतर्कता बरती और आपूर्ति कम रही। इस कारण अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर 5.7 फीसद के स्तर तक गिर गई। आगे हम सुधार होता हुआ देखेंगे।

वित्त वर्ष 2017-18 में विकास दर का आंकड़ा 6.5 फीसद या इससे ऊपर रह सकती है।’ पानगड़िया ने हाल ही में आई गोल्डमैन सैक्श की एक रिपोर्ट का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया था कि 2018-19 में विकास दर आठ फीसद तक पहुंच जाएगी।  पांच महीने की गिरावट से उबरते हुए चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर 6.3 फीसद रही है।

अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सरकार राजकोषीय घाटे पर उदारता बरतने के सवाल पर पानगड़िया ने कहा, ‘निजी तौर पर मुङो नहीं लगता कि वित्त मंत्री या प्रधानमंत्री वित्तीय प्रबंधन के मामले में मुश्किल से हासिल हुई सफलता को इस मौके पर आकर गंवाना चाहेगी।’

इस सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में लोकलुभावन घोषणाओं की संभावना पर उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार ऐसी कोई घोषणा नहीं करेगी, जो लंबी अवधि में देश के लिए नुकसानदायक हो या जिसे बाद में वापस लेना राजनीतिक रूप से मुश्किल हो जाए।

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा को 200 गरीब जिलों से बढ़ाकर सभी जिलों में लागू कर देना, सरकारी सेवाओं में वेतन बढ़ा देना या इसी तरह के अन्य कदम लंबी अवधि में नुकसान पहुंचाने वाले होंगे।

HSBC जेनेवा लिस्ट में शामिल खाताधारकों की आयकर विभाग ने शुरू की घेराबंदी

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मुंबई। दो वर्षों तक चुप्पी के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने स्विट्जरलैंड में एचएसबीसी जेनेवा के पास गोपनीय खाते रखनेवालों के खिलाफ कदम बढ़ाया है।

पिछले पखवाड़े में 50 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके नाम गोपनीय स्विस अकाउंट्स रखनेवालों की लिस्ट में हैं। इन लोगों को उनके मामलों में सुनवाई की तारीखों की जानकारी दी गई है।

मामले की जानकारी रखने वालों के मुताबिक, इस कदम से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए इन कथित अकाउंट होल्डर्स और बेनेफिशरिज की अपीलें पहले चरण में खारिज होने के बाद मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने की राह खुलेगी।

यह साल खत्म होने से पहले कार्रवाई करने को उत्सुक दिख रहे टैक्स अधिकारियों का हौसला एक अपेलट ट्राइब्यूनल की रूलिंग से बढ़ा है। ट्राइब्यूनल का फैसला उन लोगों के खिलाफ गया, जिन्हें बावेरियन टैक्स हेवन में एक बैंक में अकाउंट्स रखनेवाले विदेशी ट्रस्टों के बेनिफिशरिज के रूप में बताया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि ट्रस्ट बेनेफिशिरिज को तब तक टैक्स देने की जरूरत नहीं है, जब तक कि उन्हें ट्रस्ट से कोई रकम न मिली हो।

इस फैसले के बावजूद अपेलट ट्राइब्यूनल ने पिछले महीने टैक्स डिपार्टमेंट के पक्ष में फैसला दिया था। डिपार्टमेंट ने उन लोगों को घेरा था, जिन्होंने लिस्टंस्टाइन के एलजीटी बैंक में कथित रूप से अघोषित रकम जमा की थी। लिस्टंस्टाइन ऑस्ट्रिया के पास एक छोटा सा स्टेट है।

लिस्टंस्टाइन मामले में पहली अपेलट रूलिंग भी टैक्स डिपार्टमेंट के पक्ष में गई थी। वह 2014 में आई थी। इन दोनों रूलिंग्स में संभवत: स्थानीय कानूनों का ध्यान रखा गया, जिनके तहत डिस्क्रीशनरी ट्रस्ट के बेनिफिशरिज के लिए टैक्स चुकाने से बचना मुश्किल है।

सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट दिलीप लखानी ने कहा, ‘सीबीडीटी ने आईटी अपील्स के हर कमिश्नर को हर महीने कम-से-कम 50 मामलों के निस्तारण का टारगेट दिया है।

सीआईटी अपील्स में डिपार्टमेंट के पक्ष में आनेवाला कोई भी निर्णय डिमांड पर स्टे हटा देगा और टैक्स की वसूली तब तक हो सकेगी, जब तक कि सीआईटी अपील्स में अगली अपेलट बॉडी यानी ट्राइब्यूनल की ओर से फिर स्टे नहीं दे दिया जाता।’

एचएसबीसी के मामले में मुद्दा डायरेक्ट अकाउंटहोल्डर्स के साथ उन लोगों से भी जुड़ा है, जो ट्रस्ट बेनिफिशरि बताए जा रहे हैं। कई कथित खाताधारकों ने एचएसबीसी स्विट्जरलैंड के पास बैंक खाते खोलने से इनकार किया है और कुछ मामलों में ट्राइब्यूनल के फैसले असेसीज के पक्ष में गए हैं।

100 अंकों की तेजी के साथ खुला सेंसेक्स, निफ्टी 10,150 के पार

नई दिल्ली। नए सीईओ और एमडी की नियुक्ती के बाद इन्फोसिस के शेयरों में आई उछाल के बदौलत शेयर बाजार ने नए सत्र की सकारात्मक शुरुआत की।

सोमवार को 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 89.51 पॉइंट्स चढ़कर 32,922.45 अंकों पर खुला जबकि 50 शेयरों का एनएसई निफ्टी 23.60 पॉइंट्स मजबूत होकर 10,145.40 पर खुला। कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 980 शेयरों ने तेजी दिखाई जबकि 291 शेयर टूटते नजर आए।

सोमवार को इन्फोसिस के शेयरों ने 2.5 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करना शुरू किया। इसके अलावा, इंडियाबुल्स हाउजिंग, टाटा मोटर्स, डॉ. रेड्डीज लैब्स, एसबीआई, ऑरबिंदो फार्मा और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयरों में भी तेजी देखने को मिली जबकि टेक महिंद्रा, सन फार्मा और हीरो मोटोकॉर्प जैसे शेयरों पर शुरुआत में दबाव दिखा।

अमेरिकी ड्रग कंट्रोल एजेंसी एफडीए से कैंसर की दवा को हरी झंडी मिलने के बाद बायकॉन के शेयर 10 प्रतिशत उछल गए। इधर, सिनजीन इंटरनैशनल, एमटी एजुकेयर, जी लर्न, विडियोकॉन इंडस्ट्रीज और अशोक लेलैंड के शेयर 8 प्रतिशत तक मजबूत हुए।

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की पांचवीं द्विमासिक समीक्षा 5-6 को

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम, जीडीपी में सुधार से आरबीआई पर कम हुआ दबाव

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक इस बुधवार को अपनी नीतिगत ब्याज दरों की घोषणा करेगा, लेकिन जानकारों को इसमें बदलाव की उम्‍मीद कम ही है। लगातार दूसरी द्विमासिक समीक्षा में ब्याज दरों को यथावत रखे जाने के आसार अधिक हैं।

उनका मानना है कि आरबीआई का ध्यान महंगाई नियंत्रण पर केंद्रित रह सकता है। इकोनॉमिक ग्रोथ में लगातार पांच तिमाही की गिरावट के बाद सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में सुधार होने से रिजर्व बैंक पर रेट कट का दबाव कम है।

हालांकि कंपनी जगत औद्योगिक गतिविधियों में तेजी के लिए रेट कट की मांग कर रहा है, ताकि क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज द्वारा देश की रेटिंग सुधारने से बाजार में बने सकारात्मक माहौल को और बढ़ाया जा सके।

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक 5 और 6 दिसंबर को होगी। यह केंद्रीय बैंक की इस वित्त वर्ष 2017-18 की पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा होगी।

इसके नतीजे 6 दिसंबर को जारी होंगे। बैंकर्स और विशेषज्ञों का मानना है कि हो सकता है केंद्रीय बैंक लगातार दूसरी बार रेपो रेट या शॉर्ट टर्म लेंडिंग रेट में बदलाव करे, क्योंकि आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है।

यूनियन बैंक के एमडी सीईओ राजकिरण राय ने कहा, रेपो रेट पिछले स्तर पर ही रह सकती है। बैंकों के पास कैश प्रवाह कम है। डिपॉजिट रेट्स बढ़ रहे हैं और महंगाई बढ़ने की चिंताएं बनी हुई हैं।

आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई दर बढ़ने का अंदेशा : अक्टूबर में थोक महंगाई दर 3.59% के साथ छह माह के और खुदरा महंगाई दर 3.58% के साथ सात माह के अधिकतम स्तर पर रही है।

ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज नोमुरा के मुताबिक जीएसटी रेट कम होने से प्रोडक्ट्स की कीमतें नीचे आई हैं। लेकिन उत्पादन लागत बढ़ने से खुदरा महंगाई दर आरबीआई के 4% के लक्षित दायरे से बाहर निकल सकती है।

नोमुरा का अनुमान है कि आरबीआई रेट कट के लिए फिलहाल ठहर सकता है। वह अगले पूरे साल इन्हें यथावत रख सकता है। मॉर्गन स्टैनली का मानना है कि जून 2018 तक खुदरा महंगाई दर 5.3% तक पहुंच सकती है।यूबीएस और डन एंड ब्रैडशीट ने भी अपनी-अपनी रिपोर्ट में महंगाई बढ़ने का अंदेशा जताया है। 

अक्टूबर की समीक्षा में नहीं किया था बदलाव : आरबीआई ने अक्टूबर की समीक्षा में महंगाई बढ़ने के अंदेशे के मद्दे नजर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था। साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान को घटाकर 6.7% कर दिया था। इससे पहले अगस्त में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट 0.25% घटाकर 6% किया था। यह छह साल में सबसे कम है।

कारोबारी सेंटिमेंट बूस्ट करने का अच्छा मौका : फिक्की
उद्योग संगठन फिक्की प्रेसिडेंट पंकज पटेल ने कहा, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग, मूडीज की रेटिंग में सुधार और बैंकों में सरकार द्वारा पूंजी डालने की योजना जैसी पॉजिटिव खबरें हैं। कारोबारी सेंटिमेंट बढ़ाने के लिए मौद्रिक समीक्षा उपायों की घोषणा के लिए सही समय है।’

18 शहरों में सरकारी, सिवायचक अवाप्त भूमि की नियमन दरें बढ़ाईं

रेरा प्रोजेक्ट्स सहित सभी कार्य प्रभावित होंगे

जयपुर। राज्य सरकार ने 18 नगरीय निकाय वाले बड़े और उद्योगों वाले शहरों में जमीन नियमन (अप्रूवल-रेगुलेशन) की दरों में बढ़ोतरी की है। आवासीय जमीन की नियमन दरें 25 फीसदी तक और कॉमर्शियल की दरें 40 फीसदी तक बढ़ाई गई हैं। बाकी छोटे शहरों में भी दरें बढ़ाने की तैयारी है।

अब रेरा के प्रोजेक्ट्स सहित कई तरह के जमीन आवंटनों का शुल्क ज्यादा चुकाना होगा।के इस फैसले से 2022 तक सभी को छत देने के मुख्यमंत्री के सपने को झटका लग सकता है।

आवासीय कॉलोनियों की जमीन और उनके भूखंडों का नियमन महंगा होगा। जनता और बिल्डर सहित विकासकर्ताओं को एक से डेढ़ गुना ज्यादा शुल्क देना होगा। यूडीएच ने राजकीय भूमि के नियमन की नई दरें निर्धारित करते हुए सभी नगरीय क्षेत्रों के लिए प्रभावी की है।

शहर
{जयपुर,जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा
{50हजार से अधिक आबादी के अन्य शहर
{50हजार से कम आबादी के शहर 

आवासीय नियमन दरें
{आवासीय आरक्षित दर का 25 फीसदी या 2 हजार रुपए प्रति वर्गगज जो अधिक हो
{आवासीय दर का 25% या एक हजार रु. प्रति वर्गगज जो अधिक
{आवासीयदर का 25% या 400 रु. प्रति वर्गगज में जो अधिक हो 

कॉमर्शियल नियमन दरें
{कॉमर्शियल आरक्षित दर का 25% या 6500 रुपए प्रतिवर्ग गज में से जो भी अधिक हो
{कॉमर्शियल दर का 25% या 3500 रु. वर्गगज में जो अधिक
{कॉमर्शियलदर का 25% या 1500 रु. वर्गगज में जो अधि

युवा डिजिटल क्रान्ति के सूत्रधार, विकास में भागीदार बनें- मुख्यमंत्री

राजस्थान डिजिफेस्ट उदयपुर-2017 का समापन समारोह 

उदयपुर/जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि देश एवं प्रदेश में डिजिटल क्रांति का जो नया दौर चल रहा है, युवा उसके सूत्रधार हैं। उन्होंने युवा शक्ति का आह्वान किया कि अन्तिम छोर पर जीवन यापन कर रहे लोगों तक सेवाओं की बेहतर डिलीवरी के लिए तकनीक एवं नवाचार आधारित समाधान सुझाने के लिए आगे आएं और राजस्थान की विकास यात्रा में प्रदेश के युवा सक्रिय भागीदार बनें।

राजे रविवार को उदयपुर के मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय सभागार में राजस्थान डिजिफेस्ट उदयपुर-2017 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रही थीं।

उन्होंने इस अवसर पर उदयपुर के अभय कमाण्ड सेन्टर, मल्टीपरपज इन्डोर हॉल सहित उदयपुर शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई विकास कार्याें एवं परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन एवं शिलान्यास किया।

देश का 20 प्रतिशत प्रत्यक्ष लाभ हस्तान्तरण राजस्थान में 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भामाशाह योजना देश में प्रत्यक्ष लाभ हस्तान्तरण (डीबीटी) का सबसे व्यापक और सफल प्लेटफार्म है, जिससे 1.5 करोड़ परिवारों के माध्यम से 5.5 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं।

भामाशाह प्लेटफार्म पर अब तक 11,500 करोड़ रुपए के लाभ लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं, जो पूरे देश में कुल डीबीटी का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अविभाजित आन्ध्र प्रदेश को 20,000 राशन दुकानों को ई-पीडीएस प्लेटफार्म पर लाने में 6 साल लग गए थे, जबकि हम 2 साल में ही 25,000 राशन दुकानों को ई-पीडीएस पर ले आए। 

ई-मित्र प्लस सेवा की शुरूआत
राजे ने लोगों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के मकसद से ई-मित्र प्लस सेवा लॉन्च करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में ई-मित्र केन्द्रों की शुरूआत कर नागरिक सेवाओं की डिलीवरी का कायापलट करके दिखाया है। अब पूरे देश में इस मॉडल को अलग-अलग ढंग से लागू किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में तीन हजार ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से तीस सेवाएं प्रदान की जा रही थी। पांच साल बाद वर्ष 2013 में जब फिर से हमारी सरकार बनी तब भी इतनी ही सेवाएं इतने ही ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से दी जा रही थीं।

हम अपने वर्तमान कार्यकाल में तीस से बढ़ाकर 300 सेवाओं को ई-मित्र प्लेटफार्म पर लेकर आए जो पूरे देश में सर्वाधिक हैं। ई-मित्र केन्द्रों की संख्या 3000 से बढ़कर अब 45,000 हो गई है। आज पूरे देश के एक चौथाई नागरिक सेवा केन्द्र राजस्थान में हैं। 

‘आई-स्टार्ट’ इनक्यूबेटर जयपुर का शुभारम्भ, उदयपुर को भी सौगात
राजे ने इस अवसर पर जयपुर में स्थापित किए गए ‘आई-स्टार्ट नेस्ट’ इनक्यूबेटर का शुभारम्भ किया। जयपुर में शुरू किया गया यह इनक्यूबेटर प्रदेश के नए युवा उद्यमियों को दुनियाभर की वैन्चर कैपिटल संस्थाओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए डिजिफेस्ट कोटा में हमने आई-स्टार्ट प्लेटफॉर्म का शुभारम्भ किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उदयपुर में भी स्टार्ट अप इनक्यूबेटर शुरू किया जाएगा।

100 प्रतिभाशाली युवा जाएंगे सिलिकन वैली
राजे ने इस अवसर पर कहा कि 25 छात्राओं सहित प्रदेश के 100 प्रतिभाशाली युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण के लिए सिलिकन वैली भेजा जाएगा।  

अब टीवी पर मिलेंगी नागरिक सेवाएं
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर टाटा ट्रस्ट एवं अमेरिका की प्रोडिया टैक्नोलॉजी के सहयोग से प्रदेश में टेलिविजन पर नागरिक सेवाएं प्रदान करने के लिए ध्रुव सेट टॉप बाक्स लॉन्च किए। प्रोडिया टैक्नोलॉजी की अनुशय अंसारी ने इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।

हिन्दी में ई-मेल आईडी सुविधा देने वाला पहला राज्य बना राजस्थान
राजे ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिन्दी में फ्री ई-मेल आईडी की सुविधा प्रदान करने के लिए राज मेल लॉन्च किया। राजस्थान भारतीय भाषा में इस तरह की आमजन को सुविधा प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। हिन्दी में ई-मेल आईडी राजस्थान.भारत डोमेन पर बनाए जा सकेंगे।  

क्यूरेट काड्र्स का वितरण
राजे ने क्यूरेट रेटिंग सिस्टम में सिल्वर रैंकिंग प्राप्त करने वाले राजस्थान के स्टार्टअप्स टीम बोधि, टीम सृजना एवं टीम ड्रीम वॉलेट को क्यूरेट काड्र्स प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कोटा में डिजिफेस्ट के दौरान स्टार्टअप्स के लिए क्यूरेट रैंकिंग एवं रेटिंग सिस्टम की घोषणा की थी। इसमें चयनित स्टार्टअप्स को आईटी विभाग की ओर से सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। 

राज वाई-फाई की लॉन्चिंग
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आमजन को फ्री वाई-फाई सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से राज वाई-फाई भी लॉन्च किया। उदयपुर के गिरवा, बड़गांव एवं आरएनटी हॉस्पिटल से शुरूआत कर इस सुविधा का विस्तार प्रदेश के 10,000 ग्रामीण एवं 5000 नगरीय क्षेत्रों तक किया जाएगा।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने नवीनतम डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपना कर आमजन तक सुशासन के लाभ पहुंचाने का पूरा प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का इकलौता ऎसा राज्य है, जहां सभी ग्राम पंचायतें राजनेट के माध्यम से हाई-स्पीड इन्टरनेट से जुड़ी हुई है।

राजे ने कहा कि बिग डेटा एनालिटिक सिस्टम्स और फ्रॉड डिटेक्शन फ्रेमवर्क को अपनाने वाला राजस्थान देश का इकलौता राज्य है। इसी प्रकार राजस्थान ब्लॉकचेन टैक्नोलॉजी फ्रेमवर्क में निवेश करने वाला देश का पहला राज्य है।

मुख्यमंत्री हुईं अभिभूत, जब रोबोट ने दी भामाशाह योजना की जानकारी

उदयपुर/जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने राजस्थान डिजिफेस्ट के दौरान राज्य सरकार की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी ‘राजस्थान टुडे टू टूमारो द डिजिटल जर्नी’ का अवलोकन किया।

राजे ने प्रदर्शनी में ईयूरीज कंपनी द्वारा कस्टमाइज किए जा रहे ‘नाओ’ रोबोट से हिंदी व अंग्रेजी में बातचीत की। उन्होंने रोबोट से भामाशाह तथा डीबीटी योजना के बारे में पूछा तो रोबोट ने योजनाओं की जानकारी दी।

रोबोट ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपको यहां कैसा लग रहा है तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि बहुत अच्छा लग रहा है।राजे ने रोबोट के सिर पर हाथ रखा तो रोबोट ने गुलाब का फूल एवं रूमाल देकर उनका स्वागत किया।

रोबोट ने इस दौरान योगाभ्यास करके दिखाया। मुख्यमंत्री ने रोबोट की सराहना करते हुए कहा कि यह किसी क्यूट से बच्चे जैसा है। प्रदर्शनी में ही मुख्यमंत्री ने राजस्थान पुलिस की ओर से विकसित किए गए अभेद सॉफ्टवेयर को प्रदेश में लॉन्च किया और कहा कि यह सॉफ्टवेयर प्रदेश में अपराधों की रोकथाम में उपयोगी साबित होगा।

अधिकारियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर में अपराधी के फोटो, स्पीच, फिंगरप्रिंट आदि के आधार पर एक डाटाबेस तैयार होगा। अब तक इसका पायलट बेसिस पर अलवर में इस्तेमाल किया जा रहा था। 

थ्री डी चश्मे से निहारा आमेर फोर्ट का मॉडल
मुख्यमंत्री ने थ्री डी चश्मा लगाकर थ्री डी मॉडल ऑफ आमेर फोर्ट को निहारा और वर्चुअल इमेजिंग का भी अवलोकन करते हुए वहां खड़े होकर उदयपुर सिटी पैलेस की वर्चुअल इमेज के साथ फोटो खिंचवाया।

उन्होंने इस दौरान इंटीग्रेटेड हैल्थ मैनेजर सिस्टम की स्टॉल का अवलोकन किया और कहा कि ई हेल्थ कार्ड के माध्यम से लोगों की जान बच सकेगी और उन्हें भामाशाह योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने राजकाज सॉफ्टवेयर का भी अवलोकन किया।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा ने बताया कि इस पोर्टल के जरिए इसमें कार्मिकों की समस्त डिटेल रहेगी और छुट्टी लेने जैसी अनेक प्रक्रिया ऑनलाइन ही संपन्न हो सकेगी। 

डिजिफेस्ट में चयनित शिक्षकों को दिए टैबलेट
प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री  राजे ने राजस्थान डिजिफेस्ट प्रतियोगिता में चयनित शिक्षकों को टैबलेट देकर पुरस्कृत किया। उन्होंने इस दौरान राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों से कहा कि वे ऎसे तकनीक व नवाचारों से शिक्षकों को प्रोत्साहित करें। 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिलिकोसिस पोर्टल का भी शुभारंभ किया तथा राजस्थली, ई-बाजार, आईवीवाईपी पोर्टल, राज-एसआईपीएफ पोर्टल, भामाशाह वॉलेट, सिंगल विंडो सिस्टम, ई ऑक्शन, ई देवस्थान सहित विभिन्न नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली स्टॉल का अवलोकन किया और श्रीमती राजे ने प्रदर्शनी की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने किया दो अन्नपूर्णा रसोई का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ही उदयपुर शहर को दो अन्नपूर्णा रसोई का तोहफा दिया। उन्होंने गृह मंत्री श्री गुलाब चन्द कटारिया एवं पंचायती राज राज्य मंत्री  धनसिंह रावत की उपस्थिति में फीता काटकर उद्घाटन करने के पश्चात टोकन कटाकर अपने हाथों से महिलाओं को भोजन परोसा।

मुख्यमंत्री ने हाथों-हाथ यह भी पूछा कि-“खाना कैसा है“। इसी के साथ शहर में न्यूनतम मूल्य पर जरूरतमंद वर्ग के लिए भोजन उपलब्ध कराने वाली अन्नपूर्णा रसोई की संख्या 9 हो गई है। 

राजस्थान की सभी जिलों को हवाई सेवा से जोड़ने की योजना

नयी दिल्ली। राजस्थान सरकार राज्य के सभी जिलों को हवाई संपर्क के जरिये जोड़ने की योजना बना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी सूचना दी।

जहां केंद्र सरकार महत्वाकांक्षी क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान को प्रोत्साहित कर रही है वहीं राजस्थान सरकार की राज्य की अंदरूनी विमानन सेवा मुहिम एक साल से कुछ अधिक समय से परिचालन में है।

राजस्थान के नागर विमानन के निदेशक कप्तान केसरी सिंह के अनुसार, राज्य सरकार के पास ऐतिहासिक इमारतों, किलों और महलों को वायुमार्ग से जोड़ने के लिए पैलेस ऑन विंग्स सेवा शुरू करने की योजना है।

उन्होंने हमारे चैनल LEN DEN NEWS से कहा, सरकार की योजना सभी जिलों को राज्य की योजना या उड़ान योजना या नियमित उड़ान के जरिये विमानन सेवा से जोड़ने की है।

राज्य में अभी भारतीय विमानपान प्राधिकरण के हवाई अड्डों, रक्षा हवाई क्षेत्रों तथा निजी हवाई अड्डों के अतिरिक्त राज्य सरकार के स्वामित्व वाले 18 हवाईअड्डे हैं।

सिंह ने कहाकि राज्य विमानन क्षेत्र को मजबूत करने पर काम कर रहा है। इसमें राज्य के स्वामित्व वाले हवाई अड्डों को नियमित वाणिज्यिक परिचालन के योग्य बनाने के लिए उन्हें विस्तृत करना, लाइसेंस प्रदान करना आदि शामिल है।