Sunday, July 12, 2026
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जेईई मेन्स : ऑनलाइन ऑप्शन चुना तो ऑफलाइन मॉड में नहीं जा पाएंगे

ऑफलाइन मॉड का चयन करने वाले ऑनलाइन में कर सकेंगे कनवर्ट

कोटा। जेईई मेन्स की ऑनलाइन फॉर्म फिलिंग प्रक्रिया के दौरान अगर छात्र ने पहली बार ऑनलाइन मॉड चुना है तो जनवरी में होने वाले संशोधन में वह अपना एग्जाम मॉड ऑफलाइन नहीं कर पाएंगे।

हालांकि पेपर पेन मॉड का चयन करने वाले स्टूडेंट्स बाद में ऑनलाइन मॉड ले सकते हैं। जेईई मेन्स के लिए अब तक करीब 80000 स्टूडेंट्स फॉर्म भर चुके हैं। ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रैल और ऑनलाइन परीक्षा 15 16 अप्रैल को होगी। एक्सपर्ट का कहना है कि स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन के समय हिंदी माध्यम का चयन करें।

ऐसा करने पर उन्हें पेपर हिंदी अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्राप्त होगा। गुजराती माध्यम का चयन करने पर पेपर गुजराती और अंग्रेजी भाषा में मिलेगा। अगर स्टूडेंट सिर्फ अंग्रेजी भाषा का चयन करता है तो उसको अंग्रेजी में ही पेपर दिया जाएगा। हिंदी माध्यम का चयन करने से उसके पास हिंदी अंग्रेजी दोनों में सवाल समझने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

उधर, जेईई एडवांस के ऑनलाइन होने के कारण इस साल जेईई मेन्स का ऑनलाइन एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में बढ़ोतरी होगी। पिछले साल करीब 85,000 छात्रों ने ऑनलाइन मॉड में परीक्षा दी थी।

इस साल यह संख्या एक लाख से अधिक रहेगी। परीक्षा में करीब 12 लाख स्टूडेंट्स बैठेंगे। जेईई मेन्स की कट ऑफ के आधार पर दो लाख 24 हजार स्टूडेंट्स एडवांस के लिए क्वालीफाई करेंगे।

3 राज्यों के स्टूडेंट्स के आधार कार्ड की अनिवार्यता नहीं
जेईईमेन्स की ऑनलाइन फॉर्म फिलिंग प्रक्रिया के दौरान 3 राज्यों के छात्रों को आधार कार्ड की अनिवार्यता से छूट दी गई है। इसमें असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय शामिल हैं।

इन राज्यों के स्टूडेंट्स जेईई मेन्स की परीक्षा उनके राज्यों में ही देनी होगी, बशर्ते उन्होंने 12वीं की परीक्षा संबंधित राज्यों से ही दी हो। बैंक खाता, पासपोर्ट संख्या और राशन कार्ड संख्या से वेरीफिकेशन होगा।

अच्छे कार्यों में पति-पत्नी एक-दूजे की हां में हां मिलाओ -पं.नागरजी

अमृत प्रवाह : बड़ां के बालाजी धाम पर श्रीमद भागवत कथा में दूसरे दिन बरसात व ठिठुरती सर्दी के बावजूद दोगुना हुआ श्रद्धालुओं का सैलाब।

अरविंद, बारां। दिव्य गौसेवक संत पूज्य पं.कमल किशोर ‘नागरजी’ ने कहा कि विवाह में पति-पत्नी सुंदर जोड़ी बनाते हैं। लेकिन आज दोनों की दिशा उलटी हो जाने से कई घरों में अशांति, दुख और क्लेश बन रहा है। यदि जोड़ी एकमत रहे, पति-पत्नी अच्छे कार्यों में एक दूसरे की हां में हां मिलाते रहें तो जोड़ी अखंड बनी रहती है। 

मंगलवार को बारां के पास बड़ां के बालाजी धाम में चल रहे श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव में पूज्य नागरजी ने कहा कि जूते दोनो पैरों में एक ही नंबर के हों तो सही चलते हैं। घर में किसी कार्य में एक 8 नंबर और दूसरा 9 नंबर की तरह मत बनो। जोड़ी हमेशा नंबर-1 जैसी बनी रहे।

घरों में एकमत होने की हवा चले। कहीं मंदिर बनाना हो या गौशाला, दोनों की हां होने से ईश्वर भी प्रकट होते हैं। घर में पिस्तौल या लकड़ी रखना केवल सुरक्षा के साधन हैं लेकिन काल यातना से बचने के लिए घर में माला हो, उससे यमदूत भी डरेंगे। उन्होने ‘मुझे ला दो भजन की वही माला, जिसने विष पीकर अमृत कर डाला..’ भजन सुनाकर विराट पांडाल में भक्ति रस बरसाया।

उन्होंनें कहा कि परिवार में खुशहाली के लिए पति-पत्नी एक दूसरे का साथ निभाओ, कभी धोखा मत देना। अपनी पत्नी को लक्ष्मी समझो। यदि पत्नी अज्ञानी है तो उसकी गलती सहना भी पति की तपस्या है। इसी तरह, पति शराबी होने पर पत्नी ने मजदूरी करके घर चलाया, छल या धोखा नहीं दिया, वह अनुसूईया है।

मंगलवार को कथा स्थल पर बरसात एवं ठिठुरती सर्दी के बावजूद पांडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। दूसरे दिन भक्तों की संख्या बढ़ जाने से आयोजकां ने कथा के पांडाल का विस्तार किया।

जहां धन नहीं, वहां गुण मिलेंगे
उन्होंने व्यथित होकर कहा कि आजकल महिलाओं के साथ जो घटनाएं हो रही है, उसे केवल सतीत्व रोक सकता है। आधुनिक दौर में मोबाइल के गलत प्रयोग से सतीत्व कम हो रहा है। हम वही देखें और सुने, जिससे सतीत्व का स्तर न गिरे। यदि घर में सतीत्व है तो गृहस्थ जीवन स्वर्ग के समान है।

दहेज लालसा पर उन्होने कहा कि ईश्वर ने आपको धनवान तो पहले ही बना दिया, अब केवल अच्छी लड़की मांग रहे हो फिर धन क्यों चाहिए। याद रखें, जहां धन मिलेगा, वहां गुण नहीं मिलेंगे। इसी तरह, जहां धन नहीं है, वहां गुण मिलेंगे। दुर्भाग्य से आज धन के लालच में बेटियों की उम्र 30 से 35 वष तक हो जाती है।

शब्द को गुरू मानो, उसे जपते रहो
पूज्य नागरजी ने कहा कि आज धर्म में आडम्बर व तनाव बढ़ रहे हैं। हम बीच के रास्ते से निकलने वाले जीव हैं। शरीर में दोष आ सकता है लेकिन शब्द को गुरू मानोगे तो कभी दोष नहीं आएंगे। शब्द ब्रह्यांड में छाई आभा है, वायु है। यही हवा हमें तैराने का काम करेगी।

जिस तरह अपने वाहनों में पौंड देख हवा भरते हो, उसी तरह हमें साढे़ तीन करोड़ जप करना है। इसलिए भक्ति से निरंतर जुडे़ रहो। उन्होंने ‘भजन करो, गोविंद नहीं है दूर, गोविंद मिलेगा जरूर..’ भजन सुनाते हुए कहा कि जब मन में मंदिर बनाओगे तो वह आएगा जरूर। किसी गुरू की आवश्यकता नहीं है।

‘जब महावीर स्वामी इत्र बन गए..’
उन्हांने कहा कि महावीर स्वामी एक पर्वत किनारे तप कर रहे थे। मंत्र जाप के समय उनके अंदर मनोमय कोष उर्द्धाधर हुआ तो कुछ लोगों ने उनके उपर शिला गिरा दी। वहां सत्य में निष्ठा नहीं थी, फिर भी वे ध्यान मग्न रहे। उन्होंने कहा, मेरे अंदर का मनोमय कोष खुल चुका है। मैं शत्रु को मित्र मानता हूं। अभी वर्धमान हूं।

गिराने वाले ने पूछा- आप महान कैसे बनोगे? वे बोले- जो पुष्प  मेरे अंदर खिला है, वो भजन से खिला है। जब चट्टान गिरेगी तो ये इत्र बन जाएगा। इसी मनोमय कोष के खुलने से वे वर्धमान से महावीर कहलाए। महावीर नाम उपाधि नहीं, तपस्या की एक उपलब्धि थी। उसी इत्र को हम चांदी के श्रृंगार से कान में लगाते हैं। प्रतीक स्वरूप चांदी वास्तव में इत्र है।

द्वितीय सोपान सूत्र-

  • कान से कथा सुनना ही इत्र लगाना है।
  • शब्द ब्रह्यांड में छाई हुई आभा है, हवा है, जो हमें तैराएगी।
  • आप भक्ति में जहां भी रहें, ईश्वर की दया वहां पहुंच जाएगी।
  • आज हर मन काम, क्रोध, लोभ से हाउसफुल है, केवल भक्ति ही इससे बचाएगी।
  • गृहस्थी गलती करेगा तो चलेगा लेकिन साधू गलती न करे।
  • जिस गुरू ने जिम्मेदारी ली, उसने भक्ति बीज ही गलत दिया तो जन्म बिगड़ जाएगा।

भजन से ज्यादा ईश्वर पर भरोसा बढ़ाओ : पं.नागरजी

ज्ञान महायज्ञ : बारां के पास श्री बड़ां के बालाजी मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव के पहले दिन उमड़ा भक्तों का सैलाब

अरविंद, बारां। दिव्य गौसेवक संत पूज्य पं.कमलकिशोर ‘नागरजी’ ने कहा कि लौकिक व्यवहार में कुछ चीजें हमें ईश्वर प्रदत्त मिलती हैं। घर-परिवार में सुख, सम्पत्ति या संतान की कमी होने पर हम दुखी हो जाते हैं।

जरा सोचो, कितना काम उसके भरोसे छोड़कर कर रहे हो। हम भजन तो कर रहे हैं लेकिन उस पर भरोसा कम है। जबकि भजन से ज्यादा उसका भरोसा बड़ा है।

बारां के नजदीक प्राचीन बड़ा के बालाजी मंदिर परिसर में श्रीमहावीर गौशाला कल्याण संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव एवं गौ-सम्मेलन में सोमवार को पूज्य नागरजी ने कहा कि इच्छा रहित मन बनाओ। मन में सोच लो कि ये मैने नहीं किया, ये हरि इच्छा से हुआ है।

भजन ‘मुसाफिर यूं क्यूं भटके रे, ले ले हरि का नाम, काम तेरो कभी न अटके रे…’ सुनाते हुए उन्होंने कहा कि हम ईश्वर पर आश्रित को देखना भूल गए। आज अस्पतालों के हड्डी वार्ड में दोनों आंखों वालों से भरे हुए हैं, वहां किसी अंधे के पैरों पर प्लास्टर नहीं देखा होगा।

वो बिना आंख सब जगह घूम लेता है लेकिन गिरता नहीं है। ईश्वर ने हमें सुंदर शरीर दिया, फिर दूसरी अपेक्षाएं क्यों बढ़ रही हैं। उसी पर आश्रित जीवन जीओ। समय से पहले वह नहीं देता है।

एक वृतांत में उन्होंने व्यवहारिक जीवन के यथार्थ को समझाया। उन्होंने कहा कि सब्जी या किराने वाले के पास हम चीजों का नाम लेते हैं, लेकिन मेडिकल स्टोर पर हम पर्ची देकर खडे़ रहते हैं।

क्या दवा देना है, वो जानता है। यही प्रयोग ईश्वर के आगे करो। प्रार्थना भाव में खडे़ रहो, ईश्वर से वस्ुतओं का नाम लेकर आदेश मत दो। वह अन्तर्यामी है, जो खड़ा रहा, मौन रहा, उसे जल्द मिला है।

जैन संतों का उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि वे पहले बताते नहीं कि क्या आहार लेंगे, लेकिन उन्होंने जो सोचा किसी घर में वह मिल गया तो ग्रहण कर लेते हैं, अन्यथा आगे चल देते हैं।

इसीलिए 12 करोड़ बच्चे जन्म लेने के बाद तीर्थंकर अवतरित होते हैं। सोमवार सुबह मंदिर से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें यजमान पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया व  उर्मिला भाया ने श्रीमद् भागवत को मंच पर विराजित किया

देनहार कोई ओर है…
पूज्य ‘नागरजी’ ने एक प्रसंग में कहा कि जीवन में दूसरों से अपेक्षाएं बढ़ती जा रही हैं। इसमें तीन बातें अहम हैं। पहला, माता-पिता ने जीवन दिया, उनसे और कोई अपेक्षा मत रखो। दूसरा, ससुराल से दहेज की अपेक्षा मत करो।

तीसरा, दुकान में किसी ग्राहक से कुछ ज्यादा लेने की अपेक्षा मत रखो। सोचो, यदि ये ही हमें सब कुछ दे देंगे तो फिर ईश्वर हमारे लिए क्या करेंगे। परिवारों में सम्पत्ति लेने के लिए लड रहे हैं। देनहार कोई और है। उसका देने का तरीका ही अलग है। हम उसमें आस रखें और आश्रित होकर केवल उसे देखें।

श्रीमद्भागवत कथा का आनंद लेते श्रद्धालु।

ईश्वर से तार जुडे़ या नहीं, यह प्रयोग करके देखो
‘पूज्य ‘नागरजी’ ने कहा कि अपनी कर्मगति को तीन बातों से समझ सकते हैं। पहला, हमने कोयला उठाकर बाहर फेंका तो हाथ काले हो गए, वही हाथ मुंह पर लगे तो मुंह भी काला हुआ लेकिन इसे हम धो सकते हैं। दूसरा, कोई धूप में ज्यादा देर खड़ा रहा तो काला हो गया लेकिन क्रीम से कुछ दिन में वह ठीक हो जाएगा।

तीसरा, जो जन्मजात काला है, उसे ईश्वर ही ठीक कर सकता है। इसी तरह, कर्म करते हुए रिश्वत या भ्रष्टाचार से गलत पैसा कमाया, तो समझ लेना मैने कोयला पकड़ लिया है।

इस पाप को किसी पवित्र अनुष्ठान से दूर कर सकते हैं लेकिन जो जन्मजात आसुरी वृत्ति लेकर आए और उत्पात मचा रहे हैं, वे इसी भोग में जीवन बिताएंगे। हमें सतोगण, रजोगुण व तमोगुण तीन तरह के लोग दिखते हैं। हम दोष रोज कर रहे हैं, इसलिए नित्य भजन को आदत बनाओ।

किसी काम को ईश्वर को सौगंध खाकर पूरा मत करो, उसमें भरोसा बढ़ाओ। ईश्वर से मेरे तार जुडे़ या नहीं, यह प्रयोग करके देखो। कथा में कोई पवित्र शब्द भी आपके पाप को हर लेते हैं। भजन ‘निज में निज का बोध करा दे, हरे पाप, हरि हर से मिला दे. मेरी सीधी बात करा दे, ऐसा कोई संत मिले..’ सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

प्रथम सोपान के सूत्र-

  • जिसके पास पवित्र तन, मन व धन है, वही धन्य है।
  • ईश्वर पर भरोसा बढाओ, जो आज नहीं दिया, वो बाद में भेजेगा जरूर।
  • हम उसके द्वार खडे़ हैं, क्या देना है, ये केवल वो ही जानता है।
  • हे प्रभू, बुढापा ऐसा देना कि मेरे भजन मैं ही कर सकूं। मेरे काम मैं स्वयं कर सकूं।
  • इच्छा रहित मन हो, हरि इच्छा से हर कर्म हो।

गणतंत्र दिवस पर प्रशंसा एवं योग्यता प्रमाण पत्र के लिए प्रस्ताव आमंत्रित

जयपुर । राज्य सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह-2018 के अवसर पर लोक कलाकारों, आर्टिजन्स, विशिष्ट व्यक्तियों, सामाजिक, कला, साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों, संस्थाओं एवं खिलाड़ियों को प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

प्रशंसा प्रमाण पत्र के लिए प्रस्ताव संबंधित जिला कलक्टर को अपनी अनुशंषा के साथ संबंधित विभाग के  अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव या शासन सचिव को 20 दिसम्बर, 2017 तक भेजने होंगे।

जिला कलक्टर से प्राप्त प्रस्ताव का संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा परीक्षण एवं सक्षम स्तर पर अनुमोदन करवाकर विभागीय अनुशंषा के साथ मंत्रिमण्डल सचिवालय को 2 जनवरी, 2018 तक भिजवाना होगा। 

इसी प्रकार आगामी गणतंत्र दिवस समारोह-2018 के अवसर पर राज्य सरकार तथा सहकारी संस्थाओं, नगरपालिकाओं, परिषदों, निगमों, मण्डलों, बोर्डों एवं जिला परिषदों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए योग्यता प्रमाण-पत्र प्रदान करने हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

योग्यता प्रमाण पत्र के लिए प्रस्ताव निर्धारित प्रपत्र में सभी प्रविष्टियां पूर्ण कर विभागीय प्रशासनिक सचिव की सिफारिश तथा विभाग के मंत्री से अनुमोदन प्राप्त कर 6 प्रतियों में भेजना होगा। प्रस्ताव में उल्लेखनीय कार्य का संक्षिप्त विवरण अधिकतम एक पृष्ठ में देना होगा। राजपत्रित अधिकारियों एवं अराजपत्रित कर्मचारियों के प्रस्ताव अलग-अलग भेजना होगा।

प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी के प्रस्ताव संबंधित विभागीय प्रशासनिक सचिव के माध्यम से भेजने होंगे। प्रशासनिक विभाग के अतिरिक्त अन्य माध्यमों से मंत्रिमण्डल सचिवालय को सीधे प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिला कलक्टर एवं विभागाध्यक्ष को यह भी प्रमाणित करना होगा कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच लंबित नहीं है और न ही उसे पूर्व में दण्डित किया गया है। 

राजस्थान में ब्लॉक स्तर पर “महिला शक्ति केन्द्र” बनाने की घोषणा

पर्यवेक्षक के 295 पदों, महिला पर्यवेक्षक के 221 पदों एवं संरक्षण अधिकारियों के 33 पदों 
पर सीधी भर्ती की जायेगी।
•वर्ष 2017-18 में तीन गुना करते हुए विभाग का बजट 288.74 करोड़ रूपये कर दिया गया।
•प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना इसी माह से लागू की जाने की घोषणा की गई।
•राज्य में राष्ट्रीय पोषण मिशन NNM लागू किया जायेगा।

जयपुर। राज्य सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अनिता भदेल ने प्रदेश को सौगात देते हुए महिला अधिकारिता विभाग में महिला अधिकारिता पर्यवेक्षक के 295 पदों, महिला पर्यवेक्षक के 221 पदों एवं संरक्षण अधिकारियों के 33 पदों पर सीधी भर्ती किये जाने की घोषणा की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भदेल ने कहा कि महिला अधिकारिता विभाग का वर्ष 2012-13 में बजट प्रावधान 91.92 करोड़ रू. था उसे वर्ष 2017-18 में तीन गुना करते हुए 288.74 करोड़ रूपये कर दिया है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर “महिला शक्ति केन्द्र” बनाए की जाने की घोषणा की है। 

भदेल ने प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व तथा प्रसव के पश्चात आर्थिक सहायता देने हेतु तथा शिशु टीकाकरण को प्रोत्साहन देने हेतु प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना इसी माह से लागू की जाने की घोषणा की है।

इस योजना के अन्तर्गत परिवार में प्रथम डिलीवरी पर गर्भकाल के पहले 6 माह में प्रथम किस्त 1000 रू., गर्भकाल में अन्तिम त्रैमास में 2000 रू. एवं शिशु जन्म के पश्चात् टीकाकरण आदि होने के पश्चात् 2000 रू. बैंक खाते में भुगतान किए जाएंगे।

इसी प्रकार उन्होंने घोषणा कि राज्य में राष्ट्रीय पोषण मिशन NNM लागू किया जायेगा। इसके तहत वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक छोटे बच्चों, किशोरियों एवं गर्भवती/धात्री महिलाओं में अन्य पोषण, एनीमिया व ठिगनेपन के स्तर को कम किया जाएगा। इसके तहत आई.सी.टी. आधारित रियल टाइम मोनिटरिंग कर, कुपोषण का समाधान तंत्र विकसित किया जाएगा।

भदेल ने इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य में “आदर्श आंगनबाड़ी अभियान” प्रारम्भ किया जाएगा। जिसमें प्रत्येक परियोजना में न्यूनतम 5 केन्द्रों को आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा। 

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में महिला एवं बाल विभाग की उपलब्धियों तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं और बालक-बालिकाओं से जुड़ी अनेक योजनाओं और नवाचारों से राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है। 

बटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 
देश के 161 जिलों में राज्य के 14 जिले सम्मिलित। योजनान्तर्गत बेटी जन्मोत्सव, बेटी के सम्मान में वृक्षारोपण,आठवां फेरा, ग्राम सभा में अनिवार्य एजेण्डा, स्कूलों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आदि नवाचारों को अपनाया गया है योजना के प्रयासों के तहत राज्य के 14 जिलों में से 10 जिलों में जन्म शिशु लिंगानुपात में सुधार दर्ज किया गया है। 

राष्ट्रीय पुरस्कारः-
राजस्थान को भारत सरकार द्वारा “नारी शक्ति पुरस्कार 2016-17” से सम्मानित किया। बाल लिंगानुपात सुधारने पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला नारी शक्ति पुरस्कार वर्ष 2017 राष्ट्रपति द्वारा राजस्थान राज्य को प्रदान किया गया।

बेटी बचाओ, बेटी पढाओ योजना के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने पर झुंझुनूं जिला को 24 जनवरी, 2017 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।

अपराजिता बना भारत का रोल मॉडल केन्द्र
हिंसा अथवा उत्पीड़न की शिकार महिलाआें को न्याय एवं राहत दिलाने हेतु भारत का पहला केंद्र अपराजिता जयपुर में संचालित है। अपराजिता की तर्ज पर भारत सरकार द्वारा देश के समस्त राज्याें में इस प्रकार के केंद्रों को स्थापित किया जा रहा है।

अपराजिता की तर्ज पर सखी के नाम से राज्य में 15 केन्द्र संचालित किये जा रहे है। राज्य के 40 जिलों में महिला थानोंमें संचालित महिला एवं सुरक्षा केंद्रों के माध्यम से कुल 51044 प्राप्त प्रकरणों में से 44634 का निस्तारण। 

सामूहिक विवाह अनुदान योजना
नव विवाहित जोड़े को अनुदान राशि 15000 रू. तथा विवाह आयोजक संस्था को 3000 रू. जाती है। अब तक कुल 20337 जोड़ों को राशि रू. 2732.81 लाख का वितरण किया जा चुका है। वर-वधु व आयोजक संस्था को मुख्यमंत्री बधाई संदेश का वितरण किया जाता है। 

कोचिंग छात्रों के लिए जयपुर और कोटा में खुलेंगे 5-5 छात्रावास

जयपुर। सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मेडिकल एवं इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों के लिए जयपुर एवं  पांच-पांच छात्रावास खोलेगा। इनमें प्रत्येक छात्रावास में 100-100 विद्यार्थी रह सकेंगे। 

चतुर्वेदी ने यह जानकारी सोमवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में राज्य सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियां बताते हुए दी।

उन्होंने बताया कि विभाग ने गत चार वर्ष में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 23 हजार 816 करोड़ रूपए से अधिक राशि खर्च  की है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे पांच वर्ष में यह राशि मात्र 6135 करोड़ रही। हमने चार वर्ष में चार गुना अधिक राशि खर्च कर जरूरतमंद लोगों को संबल प्रदान किया है।

पेंशन के सबसे ज्यादा लाभार्थी राजस्थान में
सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों की संख्या के अनुसार राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।

उन्होंने बताया कि पेंशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए आवेदन, स्वीकृति एवं भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। वर्तमान में राज्य के 96 प्रतिशत लाभार्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। 

पेंशन योजनाओं में दोगुनी की रा​शि
चतुर्वेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत 1 जुलाई, 2017 से वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना में 60 से 70 वर्ष तक पेंशन राशि 500 रूपए से बढ़ाकर एक हजार रूपए तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थी हेतु 750 रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए कर दी गई है।

इसी तरह मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना के तहत सभी आयु वर्ग के लाभार्थियों के लिए राशि में एकरूपता लाते हुए पेंशन की राशि बढ़ाकर 750 रूपए प्रतिमाह की गई है।

आवासीय विद्यालय की गुणवत्ता में सुधार
छात्रों और आवासीय विद्यालयों में रहने वाले छात्रों को उत्तम सुविधाएं मिले इसके लिए उपभोक्ता भंडार के माध्यम से एकमार्ग खाद्या सामग्री और अन्य उपयोग की वस्तुओं का राज्य स्तर पर क्रय करके सप्लाई किया जा रहा है साथ ही भवन सुधारों अभियान के तहत विभाग के 600 छात्रावासों में मरम्मत साफ सफाई एवं अनुपयोगी सामानों का निस्तारण किया जा रहा है। 

 

अभिनव प्रयोग एवं नवाचार 
विभागीय छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक के रिक्त पदों पर निकटतम राजकीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को लगाया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभ भामाशाह प्लेटफार्म के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजे जा रहे है। पेंशन के आवेदन को पूर्णत ऑनलाइन कर दिया गया है।पेंशन रिलीज होते ही लाभार्थी को एसएमएस के जरिए सूचना मिल रही है। 

निर्वासित महिलाओं का पुर्नवास
राज्य महिला सदन में रहने वाली 22 निर्वासित महिलाओं का भामाशाहों के सहयोग से पुननिर्वासित कराकर पुर्नवास किया गया है। विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना के तहत 2146.88 लाख खर्च कर 5995 विशेष योग्यजन को लाभ पहुंचा है। मूक बधिर के लिए आवासीय विद्यालय अजमेर में शुरू किया गया है।

2 किलोमीटर से दूर छात्रावास तो साईकिल की सुविधा
चतुर्वेदी ने बताया कि ऎसे 220 विभागीय छात्रावास जो विद्यालय से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं, उनमें आवासरत विद्यार्थियों को विद्यालय जाने के लिए साईकिल उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि छात्रावासों में आवासित छात्रों की प्रगति में गुणात्मक सुधार की दृष्टि से हर तीन माह में आवासी विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ बैठक का नवीन प्रयोग किया गया है। 

अब तक 2 हजार करोड़ रूपए की छात्रवृत्ति
सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री ने बताया कि विगत चार वर्ष में एसटी, एससी और ओबीसी श्रेणी के 20 लाख 42 हजार विद्यार्थियों को 2 हजार करोड़ रूपए की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति जारी की गई। इसी तरह पालनहार योजना के अंतर्गत करीब सवा दो लाख बच्चों के पालनहारों को 708 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की गई ।

उन्होंने बताया कि विभाग को सशक्त बनाने के लिए ब्लॉक लेवल पर 150 से अधिक सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों की भर्ती की गई है। साथ ही करीब 450 छात्रावास अधीक्षकों की भर्ती की गई है, जिससे छात्रावासों की व्यवस्था में और सुधार होगा। केश कला बोर्ड के तहत तैयार हैयर ड्रेसर खोलने के लिए 2 लाख रुपए तक का ऋण 5 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। 

कमजोर वैश्विक संकेतों से सोने में भारी गिरावट, जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली/कोटा । कमजोर वैश्विक संकेत और ज्वैलर्स की ओर से मांग के चलते दिल्ली के सर्राफा बाजार में गिरावट देखने को मिली है। सोना 300 रुपये सस्ता होकर 30200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

इसी तरह चांदी भी 150 रुपये सस्ती होकर 39000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। कीमतों में गिरावट इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते देखने को मिली है।

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सटोरियों की मुनाफावसूली के चलते सोने का वायदा भाव 198 रुपये टूटकर 29,197 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। एमसीएक्स पर 330 लॉट के कारोबार में फरवरी डिलिवरी के सोना का वायदा भाव 198 रुपये यानी 0.67 प्रतिशत गिरकर 29,197 रुपये प्रति दस ग्राम रहा।

इसी प्रकार, दिसंबर में डिलिवरी के लिए यह भाव 189 रुपये यानी 0.65 प्रतिशत कमजोर रह कर 29,020 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। इसके लिए मात्र पांच लॉट का कारोबार हुआ। वैश्विक बाजार में सिंगापुर में सोने का भाव 0.46 प्रतिशत गिरकर 1273.70 डॉलर प्रति औंस रहा।

व्यापारियों का मानना है कि डॉलर में मजबूती के चलते सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है। वहीं, घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से कमजोर मांग के चलते भी पीली धातु की कीमतों में गिरावट देखने मिली है।

दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 300 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 30200 रुपये और 30050 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। जानकारी के लिए बता कि बीते सत्र सोने में 250 रुपये की तेजी देखने को मिली थी।

गिन्नी के भाव, हालांकि 100 रुपये की कमजोरी के साथ 24600 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर आ गये हैं।
चांदी तैयार 150 रुपये की कमजोरी के साथ 39000 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 10 रुपये की मामूली कमजोरी के साथ 37,570 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। 

कोटा सर्राफा
चांदी 38800 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 30100 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35110 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30250 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 35280 रुपये प्रति तोला। 

कंपनियों को देनी होगी 24 घंटे सातों दिन बिजली वरना जुर्माना

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नई दिल्ली। सरकार देश में सभी घरों को सातों दिन 24 घंटे भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इसे प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक में वितरण कंपनियों के लिए बाध्यकारी बनाया जाएगा। इसका पालन नहीं करने पर संबंधित विद्युत वितरण कंपनियों पर जुर्माना भी लगेगा। इसे मार्च 2019 से लागू करने की योजना है।

बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने विशेष बातचीत में कहा, ‘हम मार्च 2019 से चौबीसों घंटे और सातों दिन बिजली उपलब्ध कराना बाध्यकारी बनाने के लिए मंत्रिमंडल में जाएंगे। तकनीकी खामी या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति को छोड़कर बिजली कटौती की अनुमति नहीं होगी।

इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा।’उन्होंने कहा, हमने सौभाग्य योजना शुरू की है जिसके तहत हर घर तक बिजली पहुंचाई जानी है। इसे हमने दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही हम मार्च 2019 से 24 घंटे सातों दिन बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे।

मंत्री ने कहा, ‘बिजली वितरण कंपनियों को अगर किसी इलाके का काम मिला है तो उसके लिए उन्हें शत प्रतिशत जरूरत के हिसाब से बिजली खरीद समझौता (पीपीए) करना होगा। यह कानून संशोधन का हिस्सा होगा।’

यह पूछे जाने पर कि क्या इसके लिए ग्राहकों को अधिक शुल्क देना होगा, मंत्री ने कहा कि नहीं, इसका शुल्क पर कोई असर नहीं होगा। सिंह ने कहा कि बिजली शुल्क अधिक होने का एक बड़ा कारण चोरी और तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटीऐंडसी) नुकसान है। इसमें कमी लाने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं।

उन्होंने बताया, ‘बिजली मंत्रालय ने कुछ राज्यों की पहचान की है जहां एटीऐंडसी नुकसान 21 प्रतिशत से अधिक है। उसमें कमी लाने के लिए हम उन्हें पत्र लिख रहे हैं। इन राज्यों में जम्मू कश्मीर, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत अन्य शामिल हैं।

पत्र में इन राज्यों से मार्च 2019 तक एटीऐंडसी नुकसान को 15 प्रतिशत से नीचे लाने को कहा गया है और इसके लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं।’ मंत्री ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इन मीटरों से बिजली खपत और बिल के बारे में कंपनी के साथ-साथ ग्राहकों को सही जानकारी मिलेगी तथा खपत के हिसाब से बिल का भुगतान होगा।  इससे वितरण कंपनियों की स्थिति मजबूत होगी।

गौरतलब है कि हाल में बिजली मंत्रालय के अधीन आनेवाली एनर्जी इफीशिअंशी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) ने 50 लाख स्मार्ट मीटर की खरीद की प्रक्रिया पूरी की है।

एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, राज्यों के बीच ट्रांसमिशन सिस्टम बेहतर है पर राज्यों के अंदर ट्रांसमिशन को मजबूत करने की जरूरत है। डिस्ट्रब्युशन नेटवर्क और राज्यों के अंदर ट्रांसमिशन को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा, ‘हम ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम, आरएपीडीआरपी (रीस्ट्रक्चर्ड एक्सलरेटेड पावर डिवेलपमेंट ऐंड रिफॉर्म प्रोग्राम), डीडीयूजीजेवाई (दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना) और आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पावर डिवेलपमेंट स्कीम) के तहत मीटर, केबल, और ट्रांसफॉर्मर के लिए राज्यों को फंड उपलब्ध करा रहे हैं। कोई अंतर रहता है तो उसे पूरा करने पर विचार करेंगे।’

मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ सेंसेक्स, निफ्टी

मुंबई। इन्फोसिस के नए सीईओ और एमडी की नियुक्ति के चलते सोमवार को सुबह सेंसेक्स में आई करीब 100 अंकों की तेजी बाजार बंद होने तक 36 अंकों तक ही सिमट गई।

कारोबार बंद होने तक शुक्रवार के मुकाबले सेंसेक्स 36.78 अंक चढ़कर 32,869 और निफ्टी 5.95 पॉइंट्स की मामूली मजबूती के साथ 10,127 के स्तर पर बंद हुआ।

इससे पहले इन्फोसिस के शेयरों में आई अप्रत्याशित तेजी की मदद से बाजार में उछाल देखने को मिला थी। सुबह करीब 30 शेयरों का बीएसई सेंसेक्स 89.51 पॉइंट्स चढ़कर 32,922.45 अंकों पर खुला।

50 शेयरों का एनएसई निफ्टी 23.60 पॉइंट्स मजबूत होकर 10,145.40 पर खुला। कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 980 शेयरों ने तेजी दिखाई जबकि 291 शेयर टूटते नजर आए।