Sunday, July 12, 2026
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भारत को पूर्ण विकसित 4G पावर बना देगा रिलायंस जियो: रिपोर्ट

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नई दिल्ली। जियो वेव पर सवार होकर भारत धीरे-धीरे डिवेलपिंग कंट्री से एक 4G पावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2018 में भारत एक पूर्ण विकसित 4G कंट्री बन सकता है। लंदन स्थित वायरलस कंपनी OpenSignal ने कहा है कि भारतीय बाजार में जियो की एंट्री के बाद टेलिकॉम इंडस्ट्री में प्राइस वार शुरू हो गया। ग्राहकों को इससे बड़ा फायदा हुआ। सभी ऑपरेटरों को सस्ती LTE सेवाएं शुरू करने को मजबूर होना पड़ा। इससे बड़ी संख्या में ग्राहक 4G पर शिफ्ट हुए, जैसा पहले कभी नहीं हुआ थ

OpenSignal के एंड्री टॉथ ने कहा, ‘यह ट्रेंड अगले साल भी जारी रहेगा। 4G मार्केट में जियो का दबदबा आगे भी बने रहने की पूरी संभावना है। एक साल तक फ्री और सस्ते डेटा देने के बाद जियो के रेट 2018 में बढ़ सकते हैं। इसके बाद भारत के ऑपरेटर्स के लिए भी नई रणनीति पर काम करना होगा।’

टॉथ ने आगे कहा, ‘जियो के शानदार 4G नेटवर्क ने बहुत जल्दी लोगों का दिल जीत लिया। पहली कंपनी है, जिसने फ्री में सेवा दी और सस्ते डेटा प्लान पेश किए। इसी का नतीजा था कि देशभर में 10 करोड़ से ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता उसके साथ जुड़ गए।’

Crisil के अनुमाल के मुताबिक भारत में इस समय 40% मोबाइल डेटा ग्राहक हैं जो 2022 तक दोगुना बढ़कर 80% तक हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘पिछले साल बड़ी संख्या में डेटा यूजर्स बढ़ने में LTE सेवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोटे तौर पर इसके लिए जियो को ही धन्यवाद करना होगा।’

TRAI के डेटा के मुताबिक जून 2017 में समाप्त हुई तिमाही के दौरान कुल डेटा का इस्तेमाल बढ़कर 4.2 मिलियन टेराबाइट्स हो गया, जिसमें से 3.9 मिलियन टेराबाइट्स 4G डेटा ही था।

टॉथ ने कहा, ‘भारत में LTE की उपलब्धता उल्लेखनीय है। यूजर्स 84 फीसदी समय LTE सिग्नल से कनेक्ट रहने में कामयाब रहे। LTE उपलब्धता के मामले में भारत दुनिया के कुछ प्रमुख देशों जैसे स्वीडन, ताइवान, स्विट्जरलैंड या यूके से भी आगे चल रहा है।’

मार्केट में महज 6 महीने में ही जियो ने इस साल 4G रेस में खुद को पहले पायदान पर पहुंचा दिया। कंपनी की पूर्व की एक रिपोर्ट के मुताबिक 91.6 फीसदी समय यूजर्स LTE सिग्नल से कनेक्ट रहे। जबकि इस टेस्ट में कोई दूसरा मोबाइल ऑपरेटर 60% से ज्यादा स्कोर करने में कामयाब नहीं हो सका।

टॉथ के मुताबिक 6 महीने के बाद सभी बड़े ऑपरेटर्स की उपलब्धता में काफी सुधार देखा गया, लेकिन यह सुधार जियो के साथ बने गैप को भरने के लिए पर्याप्त नहीं था। रिपोर्ट में बताया गया है, ‘हमारी ताजा LTE रिपोर्ट में 77 देशों में से भारत सबसे नीचे वाले पायदान पर रहा।

यहां औसत डाउनलोड स्पीड 6.1M थी, जो वैश्विक औसत से 10 Mbps से भी ज्यादा कम थी।’ एक समस्या यह देखी जा रही है कि ज्यादा 4G ग्राहक बढ़ने के कारण नेटवर्क में कन्जेशन बढ़ा है, जिससे औसत डाउनलोड स्पीड घटी है।

‘ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का बचाव नहीं करें जनप्रतिनिधि’: सैनी

कोटा। वाहन चालक अपनी जिंदगी को अनमोल समझें। घर पर उनका कोई इंतजार कर रहा है। यातायात नियमों को बोझ नहीं मानें। जरा सी चूक परिवार को बड़ा दंश दे जाती है। लोग स्वप्रेरित हों और वाहन चलाते समय सुरक्षा बरतें।

यातायात के नियम तोड़ने वालों के लिए समझाइश के बाद भी नहीं मानते तो ट्रैफिक पुलिस परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करे। जनप्रतिनिधि नियम तोड़ने वालों के बचाव में कभी ट्रैफिक पुलिस आरटीओ को फोन नहीं करेंगे।

यह बात शुक्रवार को श्रीनाथपुरम स्थित यूआईटी के ऑडिटोरियम में आयोजित सड़क सुरक्षा जन जागृति अभियान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कही।

उन्होंने कहा कि देश में हर चार मिनट में एक सड़क दुर्घटना होती है। देश विश्व में सड़क दुर्घटनाओं में वर्ष 2006 से अब तक पहले स्थान पर है। देश में हर साल 1.45 लाख लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत होती है। 5 लाख से ज्यादा लोग घायल होते हैं।

मंत्री ने कहा वर्ष 2016 में राजस्थान में कुल 23066 दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 10465 लोग मारे गए। 24103 लोग घायल हुए। वर्ष 2015 में दुर्घटना में मृतकों की संख्या के अनुसार राजस्थान देश में 5वें स्थान पर है जो चिंता का विषय है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद ओम बिरला ने कहा कि यह अभियान एक दिन का नहीं 365 दिन का है। ट्रैफिक पुलिस यातायात पुलिस वाहन चालक ने शराब पी रखी है या नहीं इसी पुष्टि करें। चूंकि ज्यादातर दुर्घटनाएं शराब के कारण होती हैं।

वाहन चालक पूरी नींद निकालें, उसके बाद वाहन चलाएं। ओवरटेकिंग में वाहन चालक बड़ी लापरवाही करते हैं। इसके लिए नियमित समझाइश हो। स्कूल कॉलेजों में सड़क सुरक्षा के नियम पढ़ाए जाएं।

सड़क सुरक्षा में लापरवाही करने वालों के लिए कोई राजनेता फोन करे तो उसकी बात नहीं मानी जाए। सांसद ने कहा कि कम्प्यूटर का जमाना आने से आरटीओ में भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है। अन्यथा विभाग की ओर से बिना देखें लाइसेंस बना दिया जाता था। यूआईटी चेयरमैन आरके मेहता ने कहा अभिभावक कम उम्र के बच्चों को वाहन नहीं दें।

सीए, डॉक्टर एवं आईआईटीएन को बनाएं रोल मॉडल : चेतन भगत

कोटा। श्रेष्ठता का सिद्धांत देश की सबसे बड़ी समस्या है। इसको खत्म करने से देश में ही रियल डेमोक्रेसी आएगी। एक तबका दूसरे तबके को आगे बढ़ने नहीं देता। इन क्षेत्रों में यही कल्चर है। वर्तमान हालातों को देखते हुए ही मैंने कहा कि इट्स बेटर टू बी नीच। व्यक्ति को जमीन से जुड़ा रहना चाहिए।

यह बात नॉवेल राइटर चेतन भगत ने तीन दिवसीय कॅरिअर उत्सव के शुरुआती सेशन में मोटिवेशन स्पीकर चेतन भगत ने कोटा में कही। अंग्रेजी लेखकों को भारतीय लेखकों से अधिक महत्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि बाहर की चीजें लोगों को ज्यादा पसंद आती है।

भारतीय लेखक भी अच्छा लिख रहे हैं। उन्होंने भी माना कि बच्चों और लोगों की रीडिंग हैबिट कम हो रही है। इस कारण फोन सोशल मीडिया पर लोग अधिक समय दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तक बच्चों के रोल माॅडल क्रिकेटर्स और एक्टर्स हैं। अब समय गया है कि उनके रोल मॉडल सीए, आईआईटीयन और डॉक्टर होने चाहिए। उन्होंने माना है कि आईआईटी एंट्रेंस बहुत स्ट्रेस देने वाला एग्जाम है।

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर उन्होंने कहा कि कुर्सी तो घर में ही थी। हालांकि विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उम्मीद है कि नई जिम्मेदारी को अच्छी तरीके से निभाएंगे।

आज यह होगा कॅरिअर उत्सव में
एक्सपर्ट की ओर से सुबह दस से 12 बजे तक ऑडिटोरियम एक में इंजीनियरिंग के अतीत, वर्तमान भविष्य के बारे में बताया जाएगा। दोपहर तीन से पांच बजे महत्वपूर्ण सेशन आईआईटी फैक्ट्स एंड मिथ के बारे में बताया जाएगा। आईआईटी पास आउट स्टूडेंट्स ही कोचिंग स्टूडेंट्स की जिज्ञासाओं को शांत करेंगे। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के अनछुए पहलू डिजाइन आर्किटेक्चर में कॅरियर के बारे में बताया जाएगा।

जीएसटी: ऑटोमेटिक हो सकता रिफंड, संशोधित रिटर्न की इजाजत

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एडवाइजरी ग्रुप ने नियमों में करीब 100 संशोधनों के सुझाव दिए

नई दिल्ली। वस्तुओं पर टैक्स रेट में संशोधन के बाद अब जीएसटी नियमों में भी बड़े बदलाव होने के आसार हैं। जीएसटी एडवाइजरी ग्रुप ने नियमों में छोटे-बड़े करीब 100 संशोधनों के सुझाव दिए हैं।

इनमें रिफंड की प्रक्रिया ऑटोमेटिक करने, रिटर्न समेत सभी प्रोसेस आसान बनाने, रिटर्न में संशोधन की इजाजत देने और नेशनल एडवांस रुलिंग अथॉरिटी के गठन का सुझाव भी शामिल है। एडवाइजरी ग्रुप के मेंबर और रिटेलरों की संस्था कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने यह जानकारी दी।

ग्रुप ने अपनी सिफारिशें 5 दिसंबर को सौंपी थी। वित्त मंत्रालय के अनुसार इन सिफारिशों को लॉ रिव्यू कमेटी के पास भेजा गया है। कमेटी की बैठक अगले हफ्ते बुधवार या गुरुवार को होगी। जीएसटी नियमों में संशोधन के सुझाव देने के लिए लॉ रिव्यू कमेटी के गठन का फैसला हुआ था।

इस कमेटी को सुझाव देने के लिए एक एडवाइजरी ग्रुप बनाया गया था। दोनों का गठन 2 नवंबर को हुआ था। कमेटी में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी हैं। एडवाइजरी ग्रुप में लघु उद्योग भारती, फियो, कैट और प्राइवेट टैक्स प्रैक्टिसनर हैं।

12 और 18% टैक्स मिलाकर नया स्लैब बनेगा : सुशील मोदी
कोलकाता। जीएसटी में 12% और 18% टैक्स स्लैब को मिलाकर एक नया स्लैब बनाया जा सकता है। जीएसटी काउंसिल इस संभावना पर विचार करेगी। लेकिन ऐसा करने से पहले जीएसटी से होने वाले टैक्स संग्रह का आकलन किया जाएगा। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने शुक्रवार को यहां भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में यह बात बताई।

उन्होंने कहा कि 28% स्लैब में अभी 50 वस्तुएं हैं। आगे इसे भी कम किया जा सकता है। मोदी ने बताया कि टैक्स रेट से जुड़े 90% मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि जीएसटी में ज्यादा दिक्कतें छोटे कारोबारियों (एमएसएमई) और टेक्सटाइल सेक्टर को हो रही हैं।

जीएसटी से पहले उन्हें सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी पड़ती थी। उन पर सिर्फ वैट लागू होता था। उन्होंने कहा कि रिटर्न फाइलिंग में कुछ समस्याएं हैं, लेकिन ये दिनों-दिन कम हो रही हैं। अब जीएसटी नेटवर्क पर हर घंटे 13 लाख रिटर्न फाइल किए जा रहे हैं।

नई टैक्स व्यवस्था स्थिर होने के बाद सरकार पेट्रोल-डीजल समेत सभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट, बिजली और प्रॉपर्टी स्टांप ड्यूटी को इसमें शामिल करने पर विचार करेगी। मोदी ने तृणमूल कांग्रेस के साथ एक और विवाद को छेड़ दिया।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा की अध्यक्षता में राज्य करों पर बनाई गई समिति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जीएसटी व्यवस्था के प्रभाव में आते ही अब इस समिति का उद्देश्य ही खत्म हो गया है। इसकी बैठक स्थगित करनी चाहिए।

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सम्बल

कोटा में अमृता हाट का शुभारंभ, महिला समूहों द्वारा विभिन्न घरेलू उत्पादों का प्रदर्शन एवं विपणन किया 

जयपुर। कोटा में संभागीय स्तरीय अमृता हाट मेले का शुभारंभ शुक्रवार को कृषि मंत्री तथा कोटा जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी के द्वारा ग्रामीण हाट बाजार में किया गया। इस अवसर पर सांसद ओम बिरला, विधायक  हीरा लाल नागर, अध्यक्ष यूआईटी  रामकुमार मेहता, जिला कलक्टर  रोहित गुप्ता भी उपस्थित रहे। 

पांच दिवसीय अमृता हाट आयोजन में प्रदेश भर के महिला समूहों द्वारा विभिन्न घरेलू उत्पादों का प्रदर्शन एवं विपणन किया जायेगा। इस अवसर पर जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सम्बल प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि महिला समूहों द्वारा तैयार किये गये उत्पाद गुणवत्ता पूर्ण होने के साथ-साथ उचित दरों पर भी मिलते हैं। अमृता हाट जैसे आयोजनों से महिला समूहों एवं आम उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलता है। सांसद ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक उत्थान हेतु समूह गठन कर उन्हें सम्बल प्रदान करते हुए इस प्रकार के मेले आयोजन महत्वपूर्ण साबित होते हैं। 

सहायक निदेशक महिला अधिकारिता युगल किशोर मीणा ने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों के हुनर विकास हेतु उन्हें कौशल विकास के विविध प्रशिक्षण सरकार द्वारा निरन्तर प्रदान किए जा रहे हैं।

इसके पश्चात् इनके द्वारा निर्मित उत्पादों को मार्केट प्रदान करके महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अधिकतम अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में आयोजित हो रहे ‘‘राष्ट्रीय अमृता हाट‘‘ के क्षेत्र को विस्तृत कर इसका आयोजन वर्ष 2015-16 में राज्य के सभी संभागों में किया गया।

वर्ष 2016-17 में सभी संभागों के अलावा 8 जिलों में भी अमृता हाट का आयोजन किया गया। इस वित्तीय वर्ष में एक राष्ट्रीय, 6 संभागीय व 15 जिला स्तरीय अर्थात् कुल 22 अमृता हाट आयोजित किए जाएंगे। इससे महिला स्वयं सहायता समूह से जुडी महिलाओं के हुनर को स्थानीय स्तर पर भी मार्केटिंग के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। 

विभाग की प्रतिनिधि राजकुमार हाडा ने बताया कि अमृता हाट में भाग लेने वाली स्वयं सहायता समूह सदस्य महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क स्टॉल्स, भोजन, आवास के साथ-साथ आने-जाने का वास्तविक किराया भी दिया जाता है।

अमृता हाट में भाग लेने वाले समूहों की महिलाओं को हाट के दौरान ही खाली समय में सरकारी योजनाओं की जानकारी, महिलाओं से जुड़े एक्ट एण्ड रूल्स की जानकारी, उनके स्वास्थ्य संबंधी जागृति आदि के लिए सत्र/ संगोष्ठी आदि का आयोजन किया जाता है।

वहीं मनोरंजन के लिए घूमर, कठपूतली, कच्ची घोड़ी, तेरहताली, चकरी, भवई आदि लोकनृत्य के अलावा लोक गायन एवं मेंहदी, रंगोली, पोस्टर पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है। अमृता हाट के आयोजन के पूर्व व मध्य में प्रचार-प्रसार का ध्यान रखा जाता है ताकि हाट में अधिक से अधिक फुटफॉल हो एवं समूह अपने सामान की अच्छी बिक्री कर सकें।

इनकी लगी है प्रदर्शनी
अमृता हाट में राज्य के विविध जिलों के समूहों के उत्पादों में कोटा डोरिया, टाई एण्ड डाई, बगरू प्रिंट, बंधेज, गोटापत्ती वर्क की साडियां व सूट्स, दुपट्टे स्टॉल्स पेचवर्क, सांगानेरी व बगरू प्रिंट, जैसलमेरी-बाडमेरी कढाई की चद्दरें व कुशन कवर्स व बैड कवर्स, हैण्ड बैग्स, डिजाइनर साडियां, सूट्स, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, सिक्के की ज्वैलरी, लाख की चूडियां, मोजडी, ब्ल्यू पोटरी, पेपरमेशी, कॉनवर्क, कठपुतलियां, ऊन के खिलौने, दरियां, खेस, भगवान की पोशाक, टेराकोटा व मोलेला उत्पाद, हैण्डमेड पेपर प्रोडक्ट्स, खाघ्य पदार्थ जैसे पापड, मंगोडी, अचार, मसाले, राबोडी, मठरी, नमकीन, मीठी सेव, चिप्स, आम-पापड, खांखरे, तिलपट्टी आदि प्रमुख है। 

सफलता के लिए सही प्लानिंग और मेहनत जरूरी :चेतन भगत

कोटा । सक्सेस कोई भी हो सकता है। इसके लिए जरूरत है लम्बी मेहनत और डेली प्लान की। शॉर्टकट अपनाकर भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। प्लानिंग के अनुसार उसे काम करना होगा, तभी सफलता मिलेगी। यह कहना है मोटिवेशन गुरु व जाने-माने लेखक चेतन भगत का।

उन्होंने ने शुक्रवार को कॉसर्म कॉलेज में आयोजित कॅरियर उत्सव में कोचिंग स्टूडेंट्स से सीधा संवाद किया। स्टूडेंट्स को जिंदगी में सफलता व कॅरियर की बातें बताई। कहा कि केवल एक्टर और क्रिकेटर ही रोल मॉडल नहीं हो सकते, बल्कि सीए, इंजीनियर और एमबीए टॉपर भी रोल मॉडल हो सकते हैं। आईआईटी व मेडिकल एंट्रेंस एक्जाम में ज्यादा मेहनत नहीं करें, शॉर्टकट अपनाकर सफलता अर्जित करें।

अपने आप पर भरोसा रखना होगा
उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि कभी भी गिरने-पडऩे से घबराना मत। संभलना और खुद पर भरोसा रखना।

उठकर मेहनत कर आगे बढऩा। जिन्दगी में कभी निराश मत होता। इससे पहले पीयूष पंवार ने फिल्मी गीतों से स्टूडेंट्स को मोटिवेट किया।

राजनीति में विपक्ष भी जिम्मेदार
राजनीति में विपक्ष के हमलों पर उन्होंने कहा कि जितनी जिम्मेदार सरकार होती है, उतना ही जिम्मेदार विपक्ष को भी होना चाहिए, क्योंकि विपक्ष ही सत्ता पक्ष की कमियों की ओर ध्यान दिलाता है।

ये दिए टिप्स
– पढ़ाई के लिए शॉर्टकट अपनाएं।
– डेली प्लानिंग बनाएं, उस पर काम करें।
– स्टूडेंट्स ग्रुप डिस्कशन करें, अच्छे दोस्त बनाएं।
– संस्कारवान बनें।

भगत के सवाल : विद्यार्थियों से जवाब
मोटिवेशन कार्यशाला में चेतन ने स्क्रीन पर फिल्म अभिनेता वरुण धवन व गांव की एक लड़की के टीवी एंकर बनने की सक्सेस की तुलना की। उन्होंने स्टूडेंट्स से इस पर सवाल किए।

भगत: आपकी नजर में सक्सेस क्या है?
स्टूडेंट्र्स : जो लोग पेशन के पीछे भागे वही सक्सेस है।
स्टूडेंट्स: आपकी फैमेली, सोसायटी व आप सुखी रहें, वही सक्सेस है।
स्टूडेंट्स: आपसे आस-पास लोग खुश रहें, यही सफलता है।
स्टूडेंट्स: मैं भी आपकी तरह राइटर बनना चाहता हूं?
भगत : आप डेली पढ़ाई करें और अच्छा लिखने का शौक रखें।

एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को समान पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम का आदेश कैसे दे सकते है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा हम इस विषय पर क्या कहे, सबकुछ कोर्ट तो नही कर सकता। ये संभव नही है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में यह यचिका गाजियाबाद के प्राइमरी स्कूल की असिस्टेन्ट टीचर नीता उपाध्याय की तरफ से दायर की गई थी।

इस याचिका में सरकार को छह से 14 साल के सभी बच्चों को समान पाठ्यक्रम से पढ़ाई करवाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया है कि बच्चों के अधिकारों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा तक सीमित नहीं करना चाहिए, बल्कि बच्चों के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आधार पर भेदभाव किए बगैर गुणवत्ता योग्य शिक्षा उपलब्ध करवाने तक इसका विस्तार किया जाना चाहिए।

इसमें आगे कहा गया है कि शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। याचिका में इस बात का भी जिक्र है कि समान शिक्षा प्रणाली धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्मस्थान के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करेगी।

देर रात को पढ़ाई करने से हार्मोन्स होते हैं डिस्टर्ब :डॉ नीलम

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कोटा। क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. नीलम खण्डेलवाल ने रेजोनेंस कोचिंग संस्थान की छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि देर रात तक पढ़ाई करने से शरीर के हार्मोन्स डिस्टर्ब हो जाते हैं। संतुलित खान पान पर और जीवन शैली से स्वस्थ रहना आसान है।

उन्होंने गत दिवस कहा कि खान पान और जीवन शैली में आए जबर्दस्त बदलाव के कारण सर दर्द,कमजोरी,पेट की तकलीफें,अवसाद एवं पीसीओडी जैसी बीमारियां फैल रही है। डॉ. नीलम खण्डेलवाल ने बताया कि खाली पेट कभी चाय व काफी नहीं पीना चाहिए। दिन की शुरूआत एक फल से करनी चाहिए।

पूरे दिन दो दो घण्टे के अंतराल में हल्का भोजन लेना चाहिए।नाश्ते में कॉर्नफ्लेक्स और हाई फाईबर ओट्स जैसे पैकेट बंद उत्पादों की जगह पोहा,उपमा,सैंडविच आदि खाना चाहिए।मेस के खाने में जो पोषण की कमी रह जाती है उसे ड्राय फ्रूट्स,मूंगफली, नारियल एवं घर के बने लड्डू तथा मठरी से पूरा किया जा सकता है।

मेस से अपने पसंद की डिमांड करें,डिमांड होगी तभी सप्लाई होगी। सप्लाई से डिमांड नहीं होती। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले फल प्रिजर्वेटिव केमिकल में डूब कर आते हैं। उनसे बचें। हमारे यहां के फल सस्ते होगें और स्वास्थ्य के अनूकूल भी। बच्चों को व्यायाम और खेलों के लिए समय निकालना चाहिए। 

गाय, बेटी और ग्रंथ तीनों की रायल्टी सबसे ऊंची : संत नागरजी

जीवन मंथन : बड़ा के बालाजी में विराट श्रीमद् भागवत कथा में गौसेवक संत पूज्य नागरजी के ओजस्वी प्रवचन सुनने उमड़ा जनसैलाब। डेढ लाख वर्गफीट में पांडाल छोटा पड़ा 

अरविंद, बारां/कोटा।  बड़ां के बालाजी धाम में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन दिव्य गौसेवक संत पूज्य पं.कमलकिशोर नागरजी ने कहा कि सामाजिक बुराइयों से कलियुग की उम्र बढ़ती है। संस्कृति की रक्षा के लिए पहल करो।

तीन बातों पर अमल करो, पहला, आज देश में दर-दर की ठोकर खा रही है-गाय। दूसरा, धक्के खा रही है- बेटी और तीसरा, दर-दर धूल खा रहे है- ग्रंथ। ईश्वर ने हमे अतिरिक्त धन दिया वह अलमारी या बैंकों में जमा है, दूसरी तरफ रोज गायें कट रही है। बेटियों की उम्र बढ़ रही है, पिता के घर में जवान बेटियां बैठी है।

समय पर बेटी का संबंध करने की चिंता करो। भागवत ग्रंथ ब्राह्मणों के घर कपडों में बांध कर धूल खा रहे हैं। ये ग्रंथ हंस है जो सुनने वाले को ज्ञान के पंख देते हैं। जहां संभव हो सके श्रीमद् भागवत सत्संग सुनो। गाय, बेटी और ग्रंथ मनुष्य जीवन में सबसे बडी रॉयल्टी देते हैं। इनका खयाल करो।

दर्शन से बड़ी है कथा
पूज्य नागरजी ने ज्ञानदेव-नामदेव प्रसंग में कहा कि दर्शन करने से इच्छा पूरी होती है जबकि कथा सुनने से सारी इच्छाएं समाप्त हो जाती है। हमारे मन में केवल हरि इच्छा शेष रह जाती है। हरि हमें खजाने की चाबी देता है जबकि उसका सत्संग हरि को पाने की चाबी देता है।

उन्होंने कहा कि जिनके पास कुछ हो न हो, केवल कथा श्रवण पास में हो। साधारण भोजन करके भी कथा सुन लो। कम खर्च में वहां कथा कराओ, जहां पहले कभी नहीं हुई।

आध्यात्मिक ढंग से मनाया भाया का जन्मदिन
शुक्रवार को आयोजक महावीर गौशाला कल्याण संस्थान के संरक्षक पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया का जन्मदिन आध्यात्मिक ढंग से विशाल पांडाल में मंत्राच्चार के साथ मनाया गया। पूज्य नागरजी ने भाया दम्पत्ति को पुष्पाहार पहनाकर ऐसे पुण्य कार्य करते रहने के लिए आशीर्वाद दिया। इस मौके पर हजारों भक्तों ने पुष्पवर्षा की।

इस अवसर पर एआईसीसी के महासचिव अविनाश पांडे, पीसीसी के प्रदेश महासचिव रघु शर्मा, नारकोटिक्स विभाग के कमिश्नर एसआर मीणा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बडी संख्या में मथुरा, वृंदावन, द्वारका, अहमदाबाद, दिल्ली व मप्र के कई शहरों व कस्बों से श्रद्धालु संत नागरजी के ओजस्वी प्रवचन सुनने पहुंचे।

अमृत से आशीर्वाद का पलडा भारी
खचाखच भरे विशाल पांडाल में उन्होंने महाभारत का एक प्रसंग सुनाया। दुर्योधन ने द्वारकाधीश से कहा कि तुमने कूटनीति से पांडवों को जितवा दिया। उन्होने जवाब दिया- तुम भीष्म से पूछो ये बेईमानी से जीते या आशीर्वाद से। इस पर भीष्म ने बताया कि मैने दुर्योधन से कहा था कि सुबह जब आंख खुले तो पत्नी को खडा कर देना।

मैं एक को अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद दूंगा। दुर्योधन की पत्नी लेट हो गई और द्रोपदी वहां पहुंच गई। तप भरी आंखों ने उसे अखंड सौभाग्यवती भवः का आशीर्वाद दे दिया। इसलिए ये युद्ध पितामह के आशीर्वाद से जीता गया। हम ऐसे कर्म करें कि जीवन में श्राप नहीं आशीर्वाद मिले।

ज्ञान से ज्यादा गुणों के लायक बनो
उन्होंने ‘जय हनुमान ज्ञान गुण सागर’ चौपाई सुनाते हुए कहा कि हनुमान ने ज्ञान को तुरंत गुण बना लिया। क्योंकि ज्ञान का अहम आते ही अहंकार आ जाता है। आज यूनिवर्सिटी या कॉलेजों में ज्ञान मिल रहा है, गुण नहीं। जहां मिले वहां गुणानुवाद सुनो। कहीं न जा सको तो घर में गोविंद के गुण गाओ।

आजकल ‘मैं’ ज्यादा और ‘तू’ कम चलता है। इसलिए अहंकार बढ़ रहा है। सभी लायक से प्रार्थना है कि जीवन में अच्छे गुणों के लायक बनो। आज जो जिस कार्य के लायक है, वह उसके लायक कर्म नहीं कर रहा।

पंचम सोपान सूत्र-
– हम अवगुणों की खान हैं जबकि हमारी देह गुणों की खान है।
– शास्त्र हंस के समान है, ये सुनने वाले को ज्ञान के पंख देते हैं।
– मंदिर में खूब धक्के खाते हैं, फिर भी ईश्वर से नजर नहीं हटती, यही सच्ची आस्था है।
– गुणीजन की पूजा सर्वत्र होती है, जबकि राजा की पूजा केवल उसकी सीमा में होती है।
– स्वर्ग में सुख मिलता है लेकिन ग्रंथ सुनने में हमें आनंद मिलता है।
– जैन संतों से त्याग वृत्ति सीखो, हम वृत्ति बदली तो आनंद जरूर मिलेगा।