Monday, July 13, 2026
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डाटा स्पीड 1000 गुना ज्यादा, मोबाइल बैटरी खपत होगी 10 गुना कम

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रायपुर। वर्तमान में हम 4जी यूज करते हैं और सोचते हैं कि कितनी अच्छा स्पीड है, लेकिन आने वाले समय में ये स्पीड भी कम लगने वाली है, क्योंकि आने वाले दिनों में सब कुछ इंटरनेट से जुड़ा होगा और इंटरनेट से ही संचालित होगा। तब 4जी लोगों के डाटा स्पीड की मांग को पूरा नहीं कर पाएगी और देशभर में अधिक डेटा स्पीड की मांग होने लगेगी।

इस मांग को ध्यान में रखते हुए एनआईटी के पीएचडी स्कॉलर डॉ. पवन कुमार मिश्रा ने अपने पीएचडी शोध के माध्यम से 5जी नेटवर्क्स का एनालिसिस करके उसके मापदंडों में वृद्धि की है। इससे डाटा स्पीड 4जी की अपेक्षा 1000 गुना ज्यादा और बैटरी की खपत भी 10 गुना तक कम हो सकेगी।

उन्होंने अपने रिसर्च ‘द एनालिसिस एंड एनहासमेंट ऑफ क्वालिटी ऑफ सर्विस पैरामीटर्स फॉर 5जी नेटवर्क्स’ विषय पर किया है। यह शोध कार्य उन्होंने डॉ. सुधाकर पांडेय और डॉ. संजय कुमार विश्वास के मार्गदर्शन में किया गया है, जिसमें उन्होंने 5जी नेटवर्क्स के क्वालिटी और सर्विस पैरामीटर्स पर काम किया है।

डाटा स्पीड बढ़ेगी : डॉ. पवन ने बताया कि जब डाटा स्पीड में वृद्धि और टावरों की संख्या में वृद्धि होगी तो इसका असर बैटरी पर भी पड़ेगा। बैटरी खपत 10 गुना तक कम हो जाएगी, क्योंकि 5जी से टॉवरों की संख्या में वृद्धि होने से हर क्षेत्र में बेहतर कनेक्टीविटी मिलेगी, जिससे मोबाइल में आसानी से नेटवर्क प्राप्त होगा।

ये कम इस लिए भी होंगे, क्योंकि अभी टावर बहुत दूर दूर है। इससे कारण कनेक्टीविटी में प्राब्लम आती है और मोबाइल को काफी मेहनत करना पड़ता है। इसके कारण बैटरी जल्दी-जल्दी खत्म होता है। जो उसे समय अधिक टावरों या कनेक्टीविटी के कारण नहीं होगा।

मांग को देखते हुए किया काम : उन्होंने बताया आने वाले दिनों में डाटा की मांग को ध्यान में रखते हुए इसके लिए 5जी आर्किटेक्चर मॉडल पर काम किया गया, जिसके माध्यम से 5जी के उसके सर्विस मापदंडों की वृद्धि की जा सकती है। रिसर्च में कई प्रकार के नई-नई टेक्नीक्स का उपयोग करके काम किया गया है।

जिसके फायदे को देखते हुए शोध के दौरान किए गए कार्य को अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त जनरल और कॉन्फ्रेंस में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके फायदे यह होंगे कि डाटा किमत अभी के अपेक्षा बहुत कम हो जाएगा, जिससे हर र्व्यक्ति इसका उपयोग कर सकेगा। साथ ही गांव-गांव तक इंटरनेट सर्विस पहुंच जाएंगे। रिसर्च का उपयोग हर क्षेत्र में किया जा सकता है।

देह को संदेहरहित बनाओ, दुख मिट जाएंगे : पूज्य नागरजी

विराट धर्मसभा: बड़ां के बालाजी धाम पर मां व परमात्मा की अनुभुति से कथा पांडाल में 60 हजार श्रद्धालुओं की आंखे भर आईं।

अरविंद,  बारां/कोटा। बड़ां के बालाजी धाम में श्रीमद् भागवत कथा में गौसेवक संत पूज्य कमलकिशोर नागरजी ने शनिवार को ऐसा मार्मिक भक्ति रस बरसाया कि विराट पांडाल में बैठे 60 हजार श्रद्धालुओं की आखों से अश्रुधार बह निकली।

उन्होंने कहा कि दुख ईश्वर ने नहीं बनाया, हम देह जनित दुख भोग रहे हैं। दुख और देह दोनों एक साथ इस जीवन को चला रहे हैं। दुख हमेशा देह में बना रहता है। कथा में कारूणिक भजन ‘गिरधर नहीं आयो रे….’ सुनकर समूचा पांडाल विरह भाव में बिलखता रहा।

उन्होंने देह-संदेह-श्रद्धा-भक्ति-मुक्ति के चिंतन से आत्म साक्षात्कार कराते हुए कहा कि सबसे पहले देह से संदेह को मिटाओ। जब तक संदेह होगा ब्रह्म ज्ञान नहीं मिलेगा। क्योंकि संदेह श्रद्धा को जन्म नहीं लेने देता। जब तक हमारे भीतर श्रद्धा नहीं आएगी, भक्ति प्रवेश नहीं करेगी।

भक्ति नहीं आई तो मुक्ति नहीं मिलेगी। आज गुरू तप-तपस्या वाले नहीं रहे, इसलिए अपने घर में देह को गोपी बनाओ, फिर अपना-पराया, लाभ-हानि जैसा संदेह स्वतः दूर हो जाएगा। गोपी भाव में देह सुख व दुख से परे हो जाती है।

याद रखें, कथा जब भक्ति रसायन बनकर आती है तो गोपी बना देती है। जिस देह में दोष नहीं, वो संदेह रहित गोपी बन जाती है। फिर कितना भी सुख मिले, उस पर असर नहीं होता।

इसी तरह, कितना भी दुख मिले, वह डिगती नहीं। गोपी से विरह की वेदना को समझें और अपनी देह को विरह जन्य बनाएं। उन्होंने कहा कि आज गोपियों के विरह में श्रीकृष्ण को मजाक करते हैं कि वे वस्त्र लेकर चले गए। स

च तो यह है कि देहभान नहीं था गोपियों में, उन्हें केवल विरह सताता था। यहां देह पर संदेह मत करना क्योंकि श्रीकृष्ण देह से परे हो गए थे।

अंत में महावीर गौशाला कल्याण संस्थान के संरक्षक पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बड़गांव मप्र के गौसेवक विरोध बम तथा जीरापुर के गौसेवक श्रीनाथदास टांक को निस्वार्थ गौशालाएं चलाने के लिए सम्मानित किया।

मां व परमात्मा ‘आप’ नहीं केवल ‘तू’ सुनते हैं
शब्द के एक मार्मिक प्रसंग में पूज्य नागरजी ने नम आखों से पूरे पांडाल में ‘तू’ से अपनत्व रस बरसाया। उन्होंने कहा कि ‘आप’ से ज्यादा आनंद ‘तू’ कहने में हैं। आज पद या प्रतिष्ठा देख ‘आप’ कहने वाले बहुत मिल जाएंगे लेकिन ‘तू’ कहने वाले नगण्य हैं।

केवल मां और परमात्मा दोनों ही ‘तू’ को सुनते हैं। दुनिया ‘तू’ अक्षर को नहीं सुनती है, केवल मां इसे सुनती है। तू कहने वाली मां की आंखे अंदर झांक लेती है। वो कहती है- तू आ गया। बस यही उसका धन है। हमारे उपर जब कोई दुख या संकट आए तो हम कहते हैं- हे प्रभू, अब तू ही देख लेना।

हवा साथ दे आग का और दीपक दे बुझाय’
35 वर्षों से तुलसी पत्र दक्षिणा लेकर कथाएं कर रहे पूज्य नागरजी ने कहा कि ‘सबही साथी सबल के, दुर्बल के न सहाय, हवा साथ दे आग का और दीपक दे बुझाया।’

अर्थात् मन डांवाडोल हो तो समझ लेना मैं दीपक हूं, इष्ट साथ नहीं दे रहा। साधना, भजनशक्ति धीरे-धीरे बढकर प्रचंड हो जाए तो इष्ट साथ हो जाता है।

उन्होंने तीर्थंकर के त्याग के बारे में कहा कि वस्त्रहीन होकर जो बंगले से विहार पर निकल पडे़, वे जहां भी रूके, वो बंगला नहीं बना, तीर्थ बन गया। जिधर से विहार किया, निहाल कर दिया। संपत्ति वो दी, जिसे कोई चोर भी लूट न सके।

अनमोल सूत्र-
 -कोई ‘आप’ कहे तो चेहरे पर चमक आती है, लेकिन ‘तू’ कहने से चेेहरे पर रति आ जाती है।
 -कोई विदेश से आता है तो पत्नी उसकी जेब देखती है, जबकि मां मुखड़ा देखकर बोलती है- आ गया तू। ये ही उसका      असली धन है।
 -आज यहां माथे पर हाथ फेरने वाले कम है, माल पर हाथ फेरने वाले ज्यादा हैं।
 -ऐसी कथाएं सुनें जो स्वार्थ से भरे संसार से हमें एक क्षण में फीका कर देती है।
 -ज्ञान अर्जित कर ऐसे स्तर पर पहुंच जाओ, जहां आराध्य आपका ध्यान रखे।

अप्रैल-नवंबर के दौरान 4.8 लाख करोड़ का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन

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नई दिल्ली ।  चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से नवंबर तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन लगभग 4.8 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो बीते साल की समान अवधि की तुलना में 14.4 फीसदी ज्यादा है। टैक्स कलेक्शन का यह आंकड़ा 2017-18 के बजट एस्टीमेट का 49 फीसदी है। सरकार ने बजट में 9.8 लाख करोड़ डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का अनुमान लगाया था।

4.8 लाख करोड़ रहा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने एक स्टेटमेंट में कहा, ‘इस वित्त वर्ष के दौरान नवंबर, 2017 तक के डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के प्रोविजनल आंकड़ों से पता चलता है कि कुल टैक्स कलेक्शन 4.8 लाख करोड़ रुपए रहा, जो बीते साल की समान अवधि की तुलना में 14.4 फीसदी ज्यादा है।’

जारी किए 1 लाख करोड़ रु के रिफंड
सीबीडीटी के मुताबिक कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 2017-18 के बजट एस्टीमेट (9.8 लाख करोड़ रुपए) का लगभग 49 फीसदी है। वहीं अप्रैल-नवंबर, 2017 के दौरान ग्रॉस कलेक्शन 10.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी के साथ 5.82 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं वित्त वर्ष के शुरुआती 8 महीनों के दौरान लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपए के रिफंड जारी किए गए।

मोदी सरकार अब लोगों को सस्‍ता पेट्रोल देने की तैयारी में

नई दिल्‍ली। पिछले दिनों पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से निशाने पर आई मोदी सरकार अब लोगों को सस्‍ता पेट्रोल देने की तैयारी में है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी है। गडकरी ने बताया कि  सरकार जल्‍द ही पॉलिसी का एलान करेगी। इसके तहत लोगों को सस्‍ता पेट्रोल तो मिलेगा ही, साथ ही पॉल्‍युशन भी कम होगा।  

गडकरी ने कहा, आने वाले पार्लियामेंट सेशन में पेट्रोल में 15 फीसदी मेथेनॉल मिलाने वाली नीति को फ्लोर पर रखा जाएगा।  एक कार्यक्रम में शामिल गडकरी ने कहा कि मेथेनॉल कोयला से बनाया जाता है। जहांपे ट्रोल  के 1 लीटर की कीमत 80 रुपए है वहीं इसके मुकाबले 22 रुपए प्रति लीटर लागत होती है। उन्‍होंने यह भी कहा है कि चीन कोयले की उपज 17 रुपए प्रति लीटर में खुद ही बना रही है।
 
स्‍वीडन का दिया उदाहरण 
उन्‍होंने कहा कि मुंबई और उसके आसपास की फैक्‍ट्रियां मेथेनॉल का उत्‍सर्जन कर सकती हैं। इन कंपनियों में दीपक फर्टिलाइजर और राष्‍ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइजर (RCF) शामिल हैं।

गडकरी ने कहा कि स्‍वीडिश ऑटो कंपनी वोल्‍वो ने एक स्‍पेशल इंजन बनाया है जो मेथेनॉल पर चलता है। स्‍थानीय स्‍तर पर भी मेथेनॉल का इस्‍तेमाल किया जाता है। वह इस ईंधन पर 25 बसें चलाने का भी प्रयास कर रहे हैं।  

कोटा संभाग को मिलेगी 729 करोड़ की सड़कों की सौगात

कोटा । कोटा संभाग को इसी माह 729.23 करोड़ रुपए की लागत की सड़क परियोजनाओं की सौगात मिलेगी। बारां कृषि उपज मंडी में 15 दिसम्बर को आयोजित होने वाले एक समारोह में कोटा संभाग के लिए स्वीकृत 294.03 किलोमीटर लम्बाई के सड़क विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास किए जाएंगे। 6489.59 करोड़ की परवन वृहद सिंचाई परियोजना के कार्य का शुभारंभ भी किया जाएगा।

सड़क कार्यों का शिलान्यास
कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। समारोह में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 पर 30 करोड़ रुपए की लागत से 20 किमी लम्बी सड़क के सुदृढ़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया जाएगा।

वहीं पीपीपी परियोजना के तहत स्टेट हाइवे-74 पर कनवास-खानपुर-अकलेरा के बीच 175 करोड़ की लागत से 74.82 किमी, स्टेट हाइवे-74 ए पर देवली-कनवास के बीच 34.78 करोड़ की लागत से 14.85 किमी तथा स्टेट हाइवे-19 सी पर अलोट-गंगधार-सुवासरा के बीच 58.11 करोड़ रुपए की लागत से 24.55 किमी लम्बाई के सड़क कार्यों का शिलान्यास होगा।

पांच उच्च स्तरीय पुलों का भी उद्घाटन
संभाग में सड़कों के उन्नयन के लिए सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) के तहत करीब 431 करोड़ की लागत से करवाए गए सड़क विकास कार्यों तथा नवनिर्मित पांच उच्च स्तरीय पुलों का उद्घाटन भी किया जाएगा। काली सिंध, आहू, उजाड़ तथा कालीखाड़ नदियों पर विभिन्न मार्गों पर 133.48 करोड़ रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण किया गया है।

भाजपा देहात कार्यकर्ताओं की शुक्रवार को जीएमए प्लाजा में तैयारियों को लेकर बैठक हुई। इसमें कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन में परवन परियोजना को अटकाए रखा गया। अब भाजपा सरकार इसका काम करवाएगी। बारां में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।

सांसद ओम बिरला ने कार्यकर्ताओं को केन्द्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम कड़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। सांगोद विधायक हीरालाल नागर ने कहा कि इस परियोजना से सांगोद क्षेत्र के 48 गांवों तथा कनवास तहसील के गांवों को भी फायदा मिलेगा।

विधायक चन्द्रकांत मेघवाल के नेतृत्व में झालावाड़ जिले में निर्माणाधीन रेवा सिचांई परियोजना से बनने वाली 9 किमी नहर को पूर्व सर्वे अनुसार बनाने की मांग की गई। इस नहर का 4 किमी झालावाड़ जिले एवं 5 किमी कोटा जिले में निर्माण प्रस्तावित है। इसमें रामगंजमडी विधानसभा क्षेत्र की लगभग 5 हजार बीघा जमीन उदपुरिया, गादिया, हनौतिया व गोला सहित कई गांवों की भूमि सिचिंत होगी

देश-दुनिया में पहचान बना रही है राजस्थान की खादी – मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा है कि राजस्थान का खादी फेब्रिक और बुनकर नये-नये उत्पादों और डिजाइनों के साथ देश-दुनिया में प्रदर्शित हो रहे हैं और अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह ‘राजस्थान हैरिटेज वीक’ की सफलता है कि बड़ी संख्या में लोग, विशेषकर युवा, राजस्थान की खादी के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। 

 राजे होटल डिग्गी पैलेस में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग की ओर से आयोजित ‘राजस्थान हैरिटेज सप्ताह 2017’ के दौरान आयोजित फैशन शो ‘हैण्डमेड इन राजस्थान’ के अवसर पर मीडियाकर्मियों से बात कर रही थीं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 10 वर्ष पहले जब इस शो की शुरूआत कर हमने स्थानीय बुनकरों को आधुनिकता से जोड़ने की कोशिश की, तब कई आशंकाएं व्यक्त की गई थीं। लेकिन आज बाड़मेर की महिलाओं ने अपनी कला एवं डिजाइन के साथ जयपुर पहुंचकर उन्हें इस शो में प्रदर्शित किया और मुझे धन्यवाद दिया तो दिल भर आया।

उन्होेंने कहा कि इस शो का उद्देश्य राजस्थान के खादी को अधिक से अधिक पहचान दिलाना है। फैशन शो में ‘हैण्डमेड इन राजस्थान’ मशहूर फैशन और टेक्सटाइल डिजाइनर अब्राहम और ठाकोर, हिम्मत सिंह, बीबी रसेल, मदीना कासिमबाएवा, राजेश प्रताप सिंह तथा मालविका सिंह द्वारा डिजाइन किये गये तथा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बुनकरों द्वारा तैयार परिधानों को मॉडल्स ने आकर्षक ढंग से पेश किया।

शो के दौरान कई डिजाइनर भी मॉडल्स के साथ रैम्प पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फैशन शो के प्रतिभागियों तथा दर्शकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए डिजाइनरों, बुनकरों तथा आयोजन से जुड़े अधिकारियों को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बुनकर अब्दुल मजीद सहित अनेक डिजाइनरों के उत्पादों पर आधारित परिधान प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

उन्होंने कारीगरों से प्रदर्शित परिधानों के डिजाइन, फेब्रिक की गुणवत्ता आदि की जानकारी ली तथा हैंडब्लॉक प्रिंटिंग पर हाथ भी आजमाए। राजे ने मशहूर फैशन डिजाइनर स्वर्गीय मार्तंन्ड सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने टैक्सटाइल, क्राफ्ट एण्ड हैंडीक्राफ्ट डिजाइन पर आधारित फोलियो ’राजस्थान मॉडर्न’ के नये संस्करण का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद की सदस्य मालविका सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव निहालचंद गोयल, प्रमुख शासन सचिव लघु उद्योग सुबोध अग्रवाल, डिजाइनर बीबी रसेल, फैशन क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियां, वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे। 

लिवाली कमजोर रहने से धान, धनिया, तिल्ली और सरसों में गिरावट

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को लहसुन की आवक 8000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 55000 हजार बोरी की रहीं ।धान की आवक 35 हजार बोरी की रहीं। लिवाली कमजोर रहने से धान 50 रुपये, चना 100 तिलली 200 सरसो 50 और धनिया 150 प्रति क्विंटल मन्दा रहे। 

गेहूं मिल 1550 से 1560 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल रहे। धान सुगंधा 2300 से 2501 पूसा-1 2500 से 2700 पूसा-4 (1121) 2500 से 3150 धान (1509) 2000 से 2721 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 2960 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रहे।  मैथी 2000 से 3050 धनिया बादामी 3400 से 4500 ईगल 4500 से 5000 रंगदार 4500 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मूंग 3300 से 4200 उडद 2400 से 3800 चना 3400 से 3900 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

चना मौसमी 4000 से 4200 मसूर 3000 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। ग्वार 2500 से 3450 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे। लहसुन 800 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा सर्राफा
चांदी 37700 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 29550 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34470 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 29700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34640 रुपये प्रति तोला। 

जीएसटीआर-6 जीएसटी पोर्टल पर 31 तक भर सकेंगे

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नई दिल्ली । जीएसटी नेटवर्क यानी जीएसटीएन पोर्टल पर अब इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर जुलाई का जीएसटीआर-6 फॉर्म भर सकेंगे। इससे वे पोर्टल पर रजिस्टर्ड अपनी इकाइयों को इनपुट क्रेडिट का लाभ वितरित कर पाएंगे। रिटर्न की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी जीएसटीएन ने यह जानकारी दी है।

जुलाई के लिए जीएसटीआर-6 भरने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तारीख तय की गई है। जीएसटीएन ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के टैक्स अधिकारियों को जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2, जीएसटीआर-3बी, ट्रांजिशनल रिटर्न से जुड़े ट्रान-1, इलेक्ट्रॉनिक कैश और क्रेडिट लेजर को विस्तृत रूप से देखने की सुविधा भी दी है।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में दरों को लेकर जंजाल कुछ कम होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ संकेत दिया है कि जीएसटी की 12 और 18 फीसद की दरों का विलय हो जाएगा। इससे जीएसटी दरों की संख्या घटकर तीन रह जाएगी। अंतत: इसके दो ही स्लैब बचेंगे। हालांकि जीएसटी की फीसद वाली उच्चतम दर बनी रहेगी।

अलबत्ता इसमें मौजूद वस्तुओं की संख्या बेहद कम हो जाएगी। फिलहाल जीएसटी के 5, 12, 18 व फीसद के चार स्लैब हैं। इसके अलावा रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजों पर कोई टैक्स नहीं है। जेटली ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि इस नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की शुरुआत कई दरों के साथ की गई।

इसका मकसद कर भार को जीएसटी के पहले वाले स्तर पर बनाए रखना था। आगे चलकर अंतत: दो ही दरें रह जाएंगी। सरकार की राजस्व स्थिति से तय होगा कि यह काम कितनी जल्दी होगा। वित्त मंत्री के मुताबिक पहले ही फीसद के स्लैब से वस्तुओं की संख्या घटाकर 48 तक लाई गई है।

इस स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या में और कमी लाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से लक्जरी और सिगरेट जैसी अवगुणी वस्तुएं (सिन गुड्स) ही बचेंगी। जब जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होगी, तो सरकार देखेगी कि क्या 12 और 18 फीसद वाली दरों को मिलाने की गुंजाइश है।

जनवरी से दो फीसदी महंगी होंगी होंडा की कारें

नई दिल्ली। होंडा कंपनी नए साल से अपनी कारों के दाम बढ़ाने जा रही है। कंपनी की ओर से घोषणा की गई है कि एक जनवरी 2018 से कारों की कीमत में एक से दो प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी के अनुसार मैटेरियल की लागत बढ़ने की वजह से कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है। कंपनी के इस फैसले के बाद होंडा की कारों के दाम 25,000 रूपए तक बढ़ जाएंगे। यहां देखिए होंडा कारों की मौजूदा कीमत….

  • होंडा ब्रियो: 4.66 लाख रुपएसे 6.74 लाख रुपए
  • होंडा अमेज़: 5.50 लाख रुपए से 8.40 लाख रुपए
  • होंडा जैज़: 5.89 लाख रुपए से 9.19 लाख रुपए
  • होंडा डब्ल्यूआर-वी: 7.66 लाख रुपए से 9.91 लाख रुपए
  • होंडा सिटी: 8.58 लाख रुपए से 13.62 लाख रुपए
  • होंडा बीआर-वी: 9.05 लाख रुपए से 13.22 लाख रुपए
  • होंडा सीआर-वी: 24.07 लाख रुपए से 26.36 लाख रुपए
  • होंडा अकॉर्ड हाइब्रिड: 43.27 लाख रुपए

नए साल से कारों के दाम बढ़ाने की घोषणा करने वाली होंडा तीसरी कंपनी है, इससे पहले स्कोडा और इसुज़ु भी नए साल से कारों के दाम बढ़ाने की घोषणा कर चुकी है। कुछ समय स्कोडा ने घोषणा की थी कि वह एक जनवरी 2018 से कारों के दाम दो से तीन फीसदी तक बढ़ाएगी। इसके बाद इसुज़ु ने नए साल से कारों के दाम तीन से चार फीसदी तक बढ़ाने की घोषणा की थी।

ताज मानसिंह होटल 30 जनवरी तक होगा नीलाम

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लुटियन जोन में स्थित ताजमान सिंह होटल अगले साल 30 जनवरी तक नीलाम हो जाएगा। नई दिल्ली महानगर पालिका (एनडीएमसी) ने इसके अलावा दो अन्य होटलों की नीलामी का आदेश दे दिया है। दो अन्य होटल है होटल कनॉट और होटल एशियन। 

एनडीएमसी ने ताज मानसिंह के लिए 32.2 करोड़ का रिजर्व प्राइस रखा है। वहीं कनॉट होटल के लिए 49 लाख और एशियन होटल के लिए 9.9 लाख रुपये का रिजर्व प्राइस रखा है। नीलामी के बाद जो भी खरीददार इनको खरीदेगा, उसको 33 साल का लाइसेंस दिया जाएगा इससे पहले एनडीएमसी ने अशोका रोड पर बने ली मेरिडियन होटल का लाइसेंस भी कैंसिल कर दिया है।

टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड ने ताज मानसिंह को नीलामी से बचाने के लिए पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने नवंबर 2016 में ताज मानसिंह को नीलाम करने का आदेश दिया था।

टाटा ग्रुप ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि ऐसा करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वो एनडीएमसी के लिए अच्छी खासी रकम जुटाता है। हालांकि ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से भी किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली थी।