Monday, July 13, 2026
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गूगल मैप्स बताएगा ‘कब उतरना है बस या ट्रेन से 

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नई दिल्ली।  गूगल अपने  ‘गूगल मैप्स’ में नया फीचर लेकर आ सकता है। यह नया फीचर बस या ट्रेन से उतरने का अलर्ट देने में सक्षम होगा, जो आपके सफर को और आरामदायक बनाएगा। मिसाल के तौर पर अगर आप किसी बस या ट्रेन से सफर कर रहे हैं तो आपकी मंजिल आने से पहले गूगल मैप्स आपको अलर्ट दे देगा कि अगले स्टेशन पर आपको उतरना है। गूगल अभी इस फीचर पर परीक्षण कर रहा है। सभी परीक्षण पूरे होने के बाद इसे जारी कर दिया जाएगा।

कैसे काम करता है गूगल मैप्स  : गूगल मैप्स को स्मार्टफोन में ओपेन करते हैं। इसके बाद जिस जगह पर जाना है, उसका नाम सर्च करें। जगह का चुनाव करने के बाद एंड्रॉयड फोन में स्क्रीन में नीचे की तरफ डायरेक्शन लिखा आ जाएगा। डायरेक्शन पर क्लिक करते ही अपनी लोकेशन का चुनाव करें।

इसके लिए यूजर जीपीएस लोकेशन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके बाद अगर आप सार्वजनिक वाहन का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो बाईं से तीसरे नंबर पर मौजूद विकल्प का चुनाव करें। फिर यह आपको दिशा निर्देश देना शुरू कर देगा।

फेडरल रिजर्व के फैसले से तय होगी बाजार की चाल

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह जबरदस्त तेजी के बाद आने वाले हफ्ते में महंगाई के आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत ब्याज दरों पर होने वाले फैसले से निवेशकों का रुख तय होगा।

बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 1.27 प्रतिशत यानी 417 अंक की बढ़त के साथ सप्ताहांत पर 33,000 के पार पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी में भी 1.42 प्रतिशत यानी 144 अंक की बढ़त देखी गई।

घरेलू स्तर पर 12 दिसंबर यानी मंगलवार को औद्योगिक उत्पादन और खुदरा महंगाई के तथा 14 दिसंबर को थोक महंगाई के आंकड़े आने हैं। रिजर्व बैंक ने आशंका जताई है कि चालू वित्त वर्ष में आगे महंगाई बढ़ सकती है। इससे भी निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी।

इसके अलावा आने वाले सप्ताह में 12 और 13 दिसंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक होनी है। दो दिवसीय बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना मानी जा रही है।

फेड के फैसले के साथ आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर उसके रुख पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) 14 दिसंबर को ब्याज दरों पर अपने फैसले की घोषणा करेगी।

अगले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों के प्रदर्शन के आधार पर भी बाजार की दिशा तय होगी। इसके अलावा निवेशकों की गुजरात विधानसभा चुनाव, वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए गए निवेश और डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल पर भी होगी।

सेंसेक्स में 100 अंकों की मजबूती, निफ्टी 10300 के पार खुला

नई दिल्ली। शेयर बाजार में सोमवार को नए सप्ताह की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। इसे अमेरिकी जॉब रिपोर्ट के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख का असर के रूप में देखा जा सकता है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 141.65 की बढ़त के साथ 33,391.95 जबकि 500 शेयरों के नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक निफ्टी 43 पॉइंट 

सबीआई, ऐक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी और आयशर मोटर्स जैसे शेयरों ने शुरुआतीक कारोबार को मजबूती दी जबकि इन्फोसिस और एचयूएल जैसे शेयर टूट गए।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत की तेजी दिखी। उकल फ्यूल ने 20 प्रतिशत की तेजी दिखाई तो अरविंद, जेट एयरवेज, मदरसन सुमी, रेडिंगटन इंडिया, शारदा मोटर, कावेरी सीड, थायरोकेयर और श्रीराम ईपीसी के शेयर 1 से 13 प्रतिशत मजबूत हुए।

मैं अमिताभ बच्चन के पिता का रोल निभाने के लिए तैयार: अनिल कपूर

मुंबई। फिल्म ‘रेस 3’ में सलमान खान के पिता का रोल निभाने की चल रही चर्चा के बीच बॉलिवुड ऐक्टर अनिल कपूर ने कहा है कि वह मेगास्टार अमिताभ बच्चन के पिता का रोल निभाने के लिए भी तैयार हैं। बता दें, इससे पहले ‘रेस’ सीरीज के दोनों पार्ट में अनिल कपूर नजर आए थे।

‘रेस 3’ में क्या वह सलमान के पिता का रोल निभा रहे हैं, इस सवाल के जवाब में अनिल ने कहा, ‘मुझे इसमें कोई समस्या नहीं है। मैं ऐक्टर हूं तो मैं तो अमित जी (अमिताभ बच्चन) के पिता का रोल निभाने के लिए भी तैयार हूं।’

अनिल ने आगे कहा, ‘मैं अभी फिल्म के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता हूं लेकिन यही कह सकता हूं कि मैं ‘रेस’ के दोनों पार्ट का हिस्सा रहा हूं लेकिन ‘रेस 3′ की कहानी बिल्कुल अलग है और इस बार भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन होगा।’

बता दें, अनिल ने हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म ‘फन्ने खां’ के कुछ हिस्सों की शूटिंग पूरी की है। फिल्म में वह ऐश्वर्या राय बच्चन और राजकुमार राव के साथ नजर आएंगे।

अनिल ने कहा, ‘मेरे सभी के साथ हमेशा से अच्छे रिश्ते रहे हैं। फन्ने खां में भी ऐश्वर्या के साथ काम करने का अनुभव बेहतरीन रहा। मैंने अपने हिस्से की शूटिंग हाल ही में खत्म की है। मुझे लगता है कि दो या तीन गानों की शूटिंग बची है।’

धोखाधड़ी से बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने शुरू की हेल्पलाइन

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने बैंक खातों में होने वाली धोखाधड़ी की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए SMS अभियान तथा मिस्ड कॉल हेल्पलाइन की शुरुआत की है।

केंद्रीय बैंक द्वारा लोगों को भेजे जा रहे SMS में कहा जा रहा है, ‘बड़ी धनराशि मिलने के नाम पर किसी तरह का भुगतान न करें। रिजर्व बैंक या इसके गवर्नर या फिर सरकार की ओर से कभी भी इस तरह के ई-मेल, संदेश या कॉल नहीं की जाती।

बैंक ने विस्तृत जानकारी और मदद के लिए मिस्ड कॉल हेल्पलाइन 8691960000 की शुरुआत की है। इस नंबर पर मिस्ड कॉल किए जाने के बाद उपभोक्ता को वापस कॉल आती है, जिसमें इस तरह की गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जाती है। इस कॉल में साइबर सेल एवं स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने संबंधी जानकारियां भी दी जाती हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल में ईमेल, संदेश या कॉल के जरिए लोगों को रिजर्व बैंक से पुरस्कार मिलने या लॉटरी लगने जैसे प्रलोभन दिए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इस तरह की घटनाओं में ठग प्रलोभन देते हैं और लॉटरी या पुरस्कार का पैसा जारी करने के लिए शुल्क की मांग करते हैं।

कुछ लोग इनके जाल में फंस जाते हैं और उन्हें पैसा गंवाना पड़ता है। उम्मीद जताई जा रही है कि RBI के इस कदम से धोखाधड़ी को लेकर लोगों को सतर्क किया जा सकेगा।

7 सूत्री मांगें : आज से सभी जिला मुख्यालयों पर कर्मचारी करेंगे अनशन

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जयपुर। 7वें वेतन आयोग का एरियर 1 जनवरी, 2016 से नकद भुगतान सहित 7 सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलन करने पर अडिग हैं। राज्य कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को मांगे माननी ही होंगी।  कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को सभी जिला मुख्यालयों पर 48 घंटे का अनशन करने का एेलान किया है।

वहीं, 12 दिसंबर को प्रदेश भर में पैन एवं टूल डाउन कार्य बहिष्कार करने की घोषणा की है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक आयु दान सिंह कविया और सह संयोजक गजेंद्र सिंह राठौड़ ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि 13 दिसंबर को पूरे प्रदेश में सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे और सभी जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भिजवाए जाएंगे।

सातवें वेतनमान का एरियर जनवरी 2016 से देने की मांग
कर्मचारियोंकी प्रमुख मांगों में 7वां वेतन आयोग का एरियर एक जनवरी, 2016 से नकद भुगतान, अनुसूची 5 में वेतन विसंगति दूर करने के नाम पर की गई कटौती को निरस्त, पे मेट्रिक्स का एंट्री लेवल केंद्र के समान किए जाने, 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना, अधीनस्थ, मंत्रालयिक एवं अन्य संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करना, निजीकरण एवं पदों की कटौती को बंद करना आदि शामिल हैं।

अमृता हाट : महिलाओं ने संघर्ष कर लिखी जीवन की नई कहानी

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कोटा। वो समय बीत गया जब महिलाएं घर की दहलीज तक सीमित थी। घर से बाहर निकलकर किसी भी प्रकार का जाॅब और बिजनेस तक नहीं कर सकती थी। अब महिलाओं का जज्बा इतना है कि वो अपने हौसलों और हिम्मत से घर-परिवार और महिलाओं की संबल बनी हुई हैं।

ऐसी महिलाओं ने अपने जीवन में चुनौतियां स्वीकारी और स्वयं के अलावा अपने समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी आर्थिक मजबूती प्रदान कर मुकाम हासिल किया।  महिला अधिकारिता विभाग की ओर से गवर्नमेंट म्यूजियम के पास ग्रामीण हाट में लगाई एग्जीबिशन में ऐसी ही महिलाओं की कामयाबी देखने को मिली।

इनमें शहर की दादाबाड़ी निवासी भंवर कंवर हैं, जिन्होंने पति के व्यवसाय में नुकसान होने पर परिवार को संभाला। वहीं, सवाईमाधोपुर की सुनीता ने पति की मौत के बाद बच्चों को पढ़ाकर नौकरी दिलवाई और बेटियों के हाथ पीले किए। यहहै उनकी जुबानी संघर्ष की कहानी….।

2700 रु. से शुरू किया काम, आज 27 लाख का टर्न ओवर
दादाबाड़ी निवासी भंवर कंवर ने बताया कि पति के बिजनेस में करीब 22 लाख का नुकसान हुआ। ऐसे में मकान बिक गया। परिवार में चिंता हो गई कि अब क्या करेंगे, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी घूंघट और पर्दे से बाहर निकलकर अचार बनाने की ट्रेनिंग ली।

मेरे पास 2700 रुपए थे, इसी से अचार बनाने का कार्य शुरू किया। इसकी क्वालिटी इतनी बेहतरीन थी कि जो भी चखता दुबारा अवश्य मंगवाता। अब मेरे साथ 15 महिलाओं का समूह है, जो इससे जुड़ी हैं और उन्हें भी आर्थिक संबल मिल गया है। आज 27 लाख रुपए का टर्नआेवर हो चुका है।

500 रुपए उधार मांग हैंडमेड प्रोडक्ट बनाए
सवाई माधोपुर निवासी सुनीता का कहना है कि जोड़-तोड़ कर जो पैसा था, पति के इलाज में लगाया, लेकिन वो नहीं बच सके। परिवार में चार बच्चों की जिम्मेदारियां गई। ऐसी स्थिति थी कि मेरे पास 100 रुपए तक नहीं थे। बच्चों को देख मैं टूटी नहीं और हौसला रखा।

हिम्मत कर मैंने 500 रुपए उधार लेकर लकड़ी और जर्मनी केमिकल से आइटम बनाना सीखा और अमृता हाट में इन्हें बेचना शुरू किया। इसमें महिलाओं को जोड़ा। अब यह बिजनेस इतना हो चुका है कि जयपुर, उदयपुर और दिल्ली से डिमांड रही है। इसके बाद बेटे को पढ़ाया और उसकी नौकरी लग गई। दो बेटियों की शादी कर दी।

कोटा में जेईई एडवांस का सेंटर तय नहीं, आरटीआई में नहीं दिया जवाब

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कोटा। आईआईटी कानपुर की ओर से अगले साल आयोजित होने वाले जेईई एडवांस का सेंटर कोटा में तय नहीं है। शिक्षाविद् नीलेश गुप्ता की ओर से लगाई गई आरटीआई में आईआईटी कानपुर ने इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। जेईई एडवांस का एग्जाम कोटा में होगा या नहीं यह अभी तक तय नहीं हो पाया है।

एडवांस का एग्जाम ऑनलाइन होने से यह संभावना बढ़ गई थी कि कोटा में भी अगले साल एडवांस का सेंटर बनेगा। जेईई मेन्स का ऑनलाइन सेंटर कोटा में है। आरटीआई के उत्तर में कुछ भी स्पष्ट नहीं होने के कारण सेंटर के अस्तित्व पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले साल कोटा से छोटे शहरों में भी जेईई एडवांस का पेपर हुआ था।

हालांकि, पिछले साल एडवांस का पेपर ऑफलाइन मोड में था। इस साल ऑनलाइन मोड में पेपर होने के कारण कोटा में पर्याप्त संसाधन होने के कारण सेंटर मिल सकता था। हालांकि ब्रोशर जारी होने के बाद ही सेंटर के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। गुप्ता ने कोटा में सेंटर होने के साथ-साथ सेंटर अलॉटमेंट के मापदंडों के बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर आईआईटी कानपुर ने कहा है सेंटर अलॉटमेंट की प्रक्रिया को सार्वजनिक नहीं करती। 

मोदी ने राहुल पर किया पलटवार, क्या टॉइलट अंबानी-अडानी के लिए

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वडोदरा। गुजरात चुनाव में ‘विकास’ और ‘उद्योगपतियों’ के मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर रविवार को पीएम मोदी ने चुप्पी तोड़ते हुए सिलसिलेवार ढंग से जवाब दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गैस कनेक्शन, टॉइलट, आधुनिक बस टर्मिनल जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल जनता करती है ना कि अंबानी, अडानी, टाटा या बिड़ला।

वडोदरा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राहुल गांधी के आरोपों पर खुलकर जवाब देते हुए कहा, ‘भारत सरकार टॉइलट्स का निर्माण करवा रही है, हम गैस कनेक्शन दे रहे हैं।

यह सब गरीब और जरूरतमंद जनता के लिए कर रहे हैं, ना कि उद्योगपतियों के लिए। हमने वडोदरा में शानदार बस टर्मिनल बनवाया। क्या इन सबका इस्तेमाल अंबानी, अडानी, टाटा या बिड़ला कर रहे हैं?’

प्रधानमंत्री ने विकास के मुद्दे पर राहुल गांधी को उनके ही जाल में घेरते हुए कहा, ‘यह चुनाव स्पष्ट तौर पर बीजेपी के विकास के अजेंडे और कांग्रेस की विध्वंसक राजनीति के बीच में है।

कांग्रेस को अब झूठ बोलने का काम बंद कर विकास के मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। मेरी सरकार गरीबों को समर्पित है। मैं इस देश और यहां के लोगों के साथ कभी कुछ गलत नहीं होने दूंगा। मैं गरीबों और मध्यमवर्गीय लोगों के अधिकारों की रक्षा करूंगा।’

नोटबंदी से कांग्रेस को तकलीफ क्यों?
इसके साथ ही पीएम ने नोटबंदी और चीन विवाद जैसे मुद्दों पर भी कांग्रेस पार्टी को जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी में देश पूरी तरह से मेरे साथ खड़ा रहा और कुछ समय के दर्द को झेला। लेकिन कांग्रेस वालों को हमेशा समस्या रही, क्योंकि उन्होंने जो कुछ भी इकट्ठा किया था, वह सब चला गया।

कांग्रेस को भारत पर भरोसा या चीन पर?
डोकलाम विवाद पर उन्होंने कहा, ‘जब हमारे सैनिक डोकलाम में चीनी सैनिकों से लोहा ले रहे थे, तब कांग्रेसी नेता चीन के दूतों से मिल रहे थे। पूछने पर वे कहते हैं कि डोकलाम में चीन की रणनीति जानने के लिए गए थे। अब आप ही बताइए कि ऐसे संवेदनशील वक्त में हमें अपनी सेना और अधिकारियों पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए या फिर चीन पर।’

स्टार्टअप्स पर जीएसटी की मार, नए रजिस्ट्रेशन में आई कमी

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नई दिल्ली। गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लागू होने का असर अब स्टार्टअप पर भी दिख रहा है। यानी जो लोग नई सोच के साथ नया बिजनस शुरू करना चाहते हैं, उनका सेंटिमेंट बिगड़ गया है। चार महीने से लगातार देश में नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में गिरावट आई है। जुलाई से शुरू हुई गिरावट की प्रमुख वजह जीएसटी को माना जा रहा है।

एक्सपर्ट के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद से जिस तरह सेंटिमेंट बिगड़ा है, उसके बाद नई बिजनस एक्टिवटी में असर दिखा है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से लगातार नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन में कमी आई है।

स्टार्टअप को पटरी पर लाने के लिए सरकार का प्रयास जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार परिभाषा बदलकर स्टार्टअप के दायरे में ज्यादा नए उद्यमियों को लाना चाहती है। जिनका स्टार्टअप आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया है, उन्हें दोबारा मौका मिल सकता है।

आपको बता दें कि इस साल जीएसटी लागू होने के बाद से ही देशभर में कारोबार पर काफी असर पड़ा है। जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा है। हालांकि अब धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है।