Monday, July 13, 2026
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प्लांटों की लिवाली निकलने से सोयाबीन में तेजी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को गेहूं मिल 1550 से 1560 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1700 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

कमजोर उठाव से धान पूसा ( 4 )100 रुपये प्रति क्विंटल मन्दा, प्लांटों की लिवाली से सोयाबीन 35 रुपये प्रति क्विंटल तेज रही ।  लहसुन की आवक 8000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 50000 हजार बोरी की रहीं । धान की आवक ,25 हजार बोरी की रहीं ।

धान सुगंधा 2300 से 2501पूसा -1 2500 से 2700 पूसा- 4 (1121) 2500 से 3070 धान (1509) 2000 से 2741रुपये प्रति क्विंटल रहे।

सोयाबीन 2400 से 3000 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। मैथी 2000 से 3050 धनिया बादामी 3400 से 4500 ईगल 4500 से 5000 रंगदार 4500 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

मूंग 3300 से 4200 उडद 2400 से 3800 चना 3400 से 3900 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल रहे। चना पेपसी 4000 से 4200 चना मौसमी 4000 से 4200 मसूर 3000 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल रहे।

ग्वार 2500 से 3450 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहे।लहसुन 800 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की इटली में शादी

बोरगो फिनोसिएतो( इटली) । बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने सोमवार को इटली के बोरगो फिनोसिएतो में शादी कर ली। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों की शादी का एलान जल्द किया जाएगा।

इससे पहले 7 दिसंबर की रात को अनुष्का और विराट के परिवार के सदस्य इटली के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, उस वक्त किसी ने भी इस शादी पर कमेंट्स करने से मना कर दिया था। बता दें कि 21 दिसंबर को मुंबई में रिसेप्शन हो सकता है।

– ऐसा कहा जा रहा है कि शादी के फंक्शन में अनुष्का और विराट के करीबी रिश्तेदार और 15 दोस्त ही शामिल हुए। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन तेंडुलकर और शाहरुख खान के शामिल होने की खबर है। शादी में विराट के चाइल्डहुड कोच राजकुमार शर्मा भी शामिल हुए हैं।
परिवार के पंडित अनंत बाबा भी इटली गए
– दोनों की शादी की अनंत धाम आत्माधाम हरिद्वार के महाराज अनंत बाबा कराई है। इन्हें 7 दिसंबर की रात को मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अनुष्का की फैमिली के साथ देखा गया था। ये वही पंडित हैं जो पिछले साल अनुष्का-विराट की उत्तराखंड वाली मुलाकात या कहें रोका सेरेमनी में मौजूद थे।
– बता दें कि अनुष्का-विराट लंबे समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। हाल ही में इन्हें जहीर खान और सागरिका घाटगे की शादी में डांस करते देखा गया था।
21 दिसंबर को होगा रिसेप्शन
– दोनों की शादी का रिसेप्शन 21 दिसंबर को मुंबई में हो सकता है। बता दें कि दोनों 2013 से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। इनकी पहली मुलाकात एक विज्ञापन शूटिंग के दौरान हुई थी।

आम बजट की तैयारियां शुरू, किसकी क्या मांग

नई दिल्ली । आम बजट 2018-19 की तैयारियां के मद्देनजर बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है। बजट का खाका तैयार करने के लिए हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक की है। जहां एक ओर कॉरपोरेट जगत ने मांग की है कि कॉरपोरेट टैक्स को घटाकर 18 फीसद कर दिया जाए।

वहीं प्रधानमंत्री की Nar के सदस्य रतिन रॉय का कहना है कि सरकार का यह बजट लोकलुभावन नहीं होगा। हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको यह बताने की कोशिश करेंगे कि इस आम बजट के संबंध ने किसने क्या कुछ कहा है और अपनी मांगे रखी हैं।

गौरतलब है कि 1 फरवरी 2018 को पेश होने वाला आम बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा, क्योंकि साल 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं।

अरुण जेटली ने प्री बजट मीटिंग में अर्थशास्त्रियों के साथ की बैठक बजट 2018-19 से पहले अर्थशास्त्रियों के समूह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ एक बैठक की है। इसमें राजस्व सचिव हसमुख अढ़िया भी मौजूद थे। इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें सोशल सिक्योरिटी पेंशन में बढ़ोतरी शामिल है।

दिग्गज अर्थशास्त्री जीन ड्रीज ने कहा, “सोशल सिक्योरिटी पेंशन की राशि 200 रुपये प्रति महीना है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस राशि को इतना कम रखने की कोई वाजिब वजह नहीं है। इसे कम से कम 500 रुपये करना चाहिए, मेरा मानना है कि यह राशि 1000 रुपये होनी चाहिए और हो सके तो इसकी कवरेज भी बढ़ानी चाहिए। ”

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति के सदस्य रतिन रॉय का मानना है कि केंद्र सरकार की ओर से पेश किया जाने वाला अगला आम बजट लोक लुभावन नहीं होगा और यह और खर्च की गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करेगा।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि केंद्र सरकार कोई  लाएगी। सरकार एक जिम्मेदार बजट पेश करने की कोशिश करेगी, जिसमें खर्च की गुणवत्ता और वादों पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। मुझे नहीं लगता कि सरकार बजट को लोकलुभावन बनाने का प्रयास करेगी। मुझे पूरा भरोसा है कि राजनीति से जुड़े लोग भी इसे अच्छे से समझेंगे।”

किसानों की आय सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग
आम बजट 2018-19 की तैयारियों में जुटी सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों की बजट से अपेक्षाओं और सुझावों पर चर्चा शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ ही शुरु हुई।

वित्त मंत्री से मिलने नॉर्थ ब्लॉक पहुंचे कंसोर्टियम ऑफ इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन के महासचिव बी. दसरथ रामी रेड्डी ने कहा कि किसानों, बटाईदारों और कृषि श्रमिकों के लिए आय सुरक्षा कानून बनाने की जरूरत है। रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2012 में किसानों की औसत मासिक आय करीब 1600 रुपये थी जो जीवन निर्वाह करने के लिए मामूली है। इसलिए देश के कृषक समुदाय की मांग है कि आय सुरक्षा कानून बनाया जाना चाहिए।

पांच लाख तक की आय को कर मुक्त रखने की अपील
श्रम संगठनों ने सालाना पांच लाख रुपये की आय को आयकर से मुक्त रखने की मांग की है। साथ ही उन्होंने न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रति माह तथा न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ाकर कम से कम 18 हजार रुपये करने की मांग की है।

उद्योग जगत ने की कॉरपोरेट टैक्स कम करने की मांग
बजट पूर्व बैठक में उद्योग संगठनों ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से कॉरपोरेट टैक्स की दर घटाने की मांग की है। वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में उन्होंने नए निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहनों की भी मांग की। साथ ही निर्यातकों ने जीएसटी का रिफंड जल्द किए जाने पर जोर दिया।

मोबाइल इंटरनेट स्पीड में बहुत पीछे है भारत

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नई दिल्ली। मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में दुनिया में भारत का स्थान 109वां है तथा फिक्स ब्रॉडबैंड के मामले में 76वां है, जबकि इसमें 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊकला (Ookla) के नवंबर के स्पीडटेस्ट वैश्विक सूचकांक से यह जानकारी मिली है। 

सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा गया कि 2017 की शुरुआत में, भारत में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड 7.65 एमबीपीएस था, लेकिन साल के अंत तक यह बढ़कर 8.80 फीसदी हो गया, जोकि 15 फीसदी की बढ़ोतरी है।’
बयान में कहा गया, ‘हालांकि मोबाइल की स्पीड में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की स्पीड में नाटकीय वृद्धि हुई है। 

इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत से आगे हैं ये देश-
नेपाल – 99वां स्थान
नाइजीरिया – 102वां स्थान
सूडान – 103वां स्थान
इंडोनेशिया- 106वां स्थान
श्रीलंका – 107वां स्थान

सबसे तेज मोबाइल इटरनेट वाले 5 देश-
नार्वे – पहला स्थान
नीदरलैंड दूसरा – स्थान
आइसलैंड तीसरा – स्थान
सिंगापुर चौथा – स्थान
माल्टा पांचवां – स्थान

जनवरी में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की औसत स्पीड 12.12 एमबीपीएस थी, जबकि नवंबर में बढ़कर यह 18.82 एमबीपीएस हो गई, जो कि करीब 50 फीसदी की छलांग है।

‘नवंबर में दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल स्पीड नॉर्वे में दर्ज की गई, जो 62.66 एमबीपीएस रही। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में सिंगापुर सबसे आगे रहा, जहां 153.85 एमबीपीएस की औसत डाउनलोड स्पीड दर्ज की गई।

ऊकला के सह-संस्थापक और महाप्रबंधक डोग सटेल्स ने कहा, ‘भारत में मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड दोनों की स्पीड में तेजी से सुधार हो रहा है। यह सभी भारतीय ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है, चाहे वे किसी भी ऑपरेटर का कोई भी प्लान क्यों न लें। हालांकि भारत को स्पीड के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों तक पहुंचने में काफी समय लगेगा।’

 

सोने में गिरावट जारी, अब तक कितना सस्ता हुआ

नई दिल्ली/कोटा । दिल्ली सर्राफा बजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन में स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की से कमजोर मांग के चलते सोना 70 रुपये गिरकर 29580 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। उधर, कोटा में सोना 50 रुपये प्रति दस ग्राम गिरकर 29500 रुपये बिका। 

इसी तरह चांदी भी इंडस्ट्रियल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते 100 रुपये गिरकर 37800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। व्यापारियों का मानना है घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स और रिटेलर्स की ओर से कमजोर मांग देखने को मिली है। इस कारण सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिला है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.09 फीसद की बढ़त के साथ 1249.30 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.03 फीसद की तेजी के साथ 15.82 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है। दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 70 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 29580 रुपये और 29430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते हफ्ते सोने की कीमतों में 850 रुपये की गिरावट की दर्ज की गई है। गिन्नी के भाव हालांकि, 24400 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं। इसी तरह चांदी तैयार में भी 100 रुपये की गिरावट देखने को मिली है।

यह अब 37800 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 50 रुपये की तेजी के साथ 37115 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। वहीं दूसरी ओर चांदी के सिक्कों का भाव 71000 रुपये लिवाल और 72000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर स्थिर रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 37700 रुपये प्रति किलोग्राम।
सोना केटबरी 29500 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34400 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 29650 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34580 रुपये प्रति तोला। 

’गुरु-शिष्य’ संवाद कार्यक्रम से कॉलेजों में सकारात्मक माहौल बनेगा

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जयपुर। उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में उन्नयन और समस्या निराकरण के लिए शुरू किया गया ’गुरू-शिष्य’ संवाद प्रदेश की उच्च शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि इस नवाचार से न केवल छात्रों की समस्या का तुरंत समाधान होगा बल्कि कॉलेजों में भी सकारात्मक माहौल बनेगा। माहेश्वरी सोमवार को पीजी कॉलेज में ’गुरू-शिष्य’ संवाद कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य टीम भावना के साथ काम करते हुए कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें उत्साही माहौल उपलब्ध कराना है।

उच्च शिक्षा मंत्री और कॉलेज आयुक्त ने जयपुर जिले के 11 राजकीय महाविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों से पूरे दिन संवाद किया। छात्राें की समस्याएं सुनीं और विभागीय अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। हर संवाद को तीन सत्रों में बांटा गया है।

पहले सत्र में व्याख्याताओं और कॉलेज प्रशासन की अनुपस्थिति में छात्रों से चर्चा कर उनकी परेशानियां और समस्याएं सुनी जाती है। दूसरे सत्र में कॉलेज प्रशासन और व्याख्याताओं से बात करते हैं। तीसरे चरण में छात्र और व्याख्याताओं दोनों को एक साथ बिठाकर समस्याओं का हल निकालने की कोशिश की जाती है।

उन्होंने कहा कि यह प्रयोग पहली बार जयपुर से शुरू किया है और प्रदेश के हर जिले में ऎसा प्रयास किया जाएगा। कॉलेज में सुबह 10 बजे से शाम तक चले इस संवाद कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालयों के लगभग 11 प्राचार्य, 150 से ज्यादा व्याख्याता तथा इतने ही विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इसमें अधिकांश छात्रों ने अपने कॉलेजों में विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने, स्नातक विषय पर नए विषय शुरू करने और कॉलेजों में बी.पी.एड. पाठ्यक्रम खोलने की मांग की। कुछ छात्रों ने स्नातक स्तर पर सीटें बढ़ाने, विभिन्न विषयों में प्रयोगशालाएं खोलने व प्रयोगशालाओं में नए उपकरण खरीदने व संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

इसके अलावा छात्रों ने अपने अपने महाविद्यालयों में कुछ विषयों में शिक्षकाें की कमी, कॉलेज की भूमि का अतिक्रमण से बचाव के लिए चारदीवारी बनवाने, कॉलेजों में खेल के मैदान तैयार करवाने और पीटीआई की नियुक्ति की भी मांग की।

दूसरे और तीसरे सत्र में उच्च शिक्षा मंत्री ने कॉलेज प्राचार्यों और शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश भर में 100 एनएसएस इकाइयां शुरू करने, कॉलेजों के निर्माण कायोर्ं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, छात्रों के लिए स्पोट्र्स एक्टिविटी शुरू करने, कॉलेजों में प्रिंसिपल स्तर पर भी संवाद कार्यक्रम शुरू करने के भी निर्देश दिए। 

राजस्थान : चार वर्षों में 11 हजार 930 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत

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जयपुर। जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने बताया कि मौजूदा सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक को पेयजल उपलब्ध्ता सुनिश्चत करने और हर खेत को पानी पहुंचाने कराने के लिए कृत संकल्पित है।

इसी विजन को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने चार वर्षों में 11 हजार 930 करोड़ रुपये की परियाजनाएं स्वीकृत की जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पूरे पांच वर्ष में महज 4 हजार 257 करोड़ रुपये की परियोजनाएं बनीं। 

डॉ. रामप्रताप सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर यहां सिंचाई भवन के सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि, पेयजल एवं औद्योगिकी आवश्यकताओं के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। यही नहीं राज्य में राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण का गठन भी किया।

उन्होंने बताया कि अन्तर बेसिन स्थानान्तरण परियोजना के अन्तर्गत पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के अन्तर्गत राज्य के 13 जिलों (झालावाड़, बारां, कोटा, बून्दी, सवाईमाधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर एवं धौलपुर) में पेयजल एवं 2.00 लाख हैक्टयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

इस परियोजना की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए केन्द्रीय जल आयोग को भेज दी गई है। इसकी अनुमानित लागत 37 हजार 247 करोड़ आंकी गई है। जल संसाधन मंत्री ने बताया कि विभाग में 114 सहायक अभियंता और 994 कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती की गई।

उन्होंने बताया कि हमारी सरकार के कार्यकाल में वर्षों से लंबित हाड़ौती क्षेत्र की महत्वपूर्ण परवन वृहद सिंचाई परियोजना की आवश्यक स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त कर कार्य प्रारम्भ किया गया हैं । इसके साथ ही धौलपुर लिफ्ट सिंचाई एवं पेयजल परियोजना के निर्माण हेतु 772 करोड़ रूपये का कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। 

 डॉ. रामप्रताप ने बताया कि नर्मदा सिंचाई परियोजना पर 479.14 करोड़ रुपये व्यय कर 12717 हैक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसी तरह बारां जिले की हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना की 232.59 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई।

राज्य के झालावाड, सिरोही, पाली, बूंदी, चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ जिलों के लिए 647.55 करोड़ रुपये की 10 लघु सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। एनीकटों के माध्यम से जल को संरक्षित करने के लिए 172.60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। 

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि राजस्थान जल पुनः संरचना परियोजना के अन्तर्गत इन्दिरा गांधी फीडर एवं मुख्य नहर प्रथम चरण वितरण प्रणाली के पुनद्धार हेतु राशि 3294 करोड़ की परियोजना बनायी जाकर न्यू डवलपमेंट बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति प्राप्त की गई एवं 339 करोड़ के कार्य आरम्भ कर दिये गये है एवं 231 करोड़ की स्वीकृतियां जारी की गई हैं ।

राज्य में बॉंधों एवं नहरों के पुनद्धार हेतु राशि 2576 करोड़ की परियोजना बनायी जाकर जायका द्वारा ऋण अनुबन्ध की स्वीकृति के पश्चात् प्रथम चरण में राशि 1089 करोड़ के 34 कार्यों की निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं ।

नाबार्ड की सहायता से उदयपुर, बांसवाडा, डूंगरपुर, झालावाड, बून्दी, चित्तौडगढ, प्रतापगढ, सिराही, दौसा, करौली, टोंक, जयपुर और सवाईमाधोपुर जिलों के लिए 718.20 करोड़ रूपये के कार्य स्वीकृत किये गए। 

उन्होंने बताया कि राज्य में पानी की समस्या के स्थाई निदान के लिए फोर वाटर्स कन्सेप्ट योजनान्तर्गत वर्षा जल, स्तही जल, मृदा जल एवं भू-जल के समुचित उपयोग के लिए 836.82 करोड़ रुपये के 426 कार्य स्वीकृत किए गए। इस योजना के तहत माही बेसिन, चम्बल बेसिन, लूणी-सूकली, पश्चिमी बनास, गम्भीर, बनास, शेखावाटी, पार्बती बेसिन में चैक डेम बनाए गये है । 

डॉ. रामप्रताप ने बताया कि प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने मुख्यमंत्री जल स्वालंबन अभियान जैसे अभिनव योजना के माध्यम से प्रदेश को पानी में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है। इस अभियान के तहत प्रथम चरण में चयनित राज्य के 3519 ग्रामों में कुल 617 निर्माण कार्यो में से 614 कार्य 138.56 करोड़ की लागत के पूर्ण किये गये।

परियोजना के द्वितीय चरण में राज्य के 4226 ग्रामों में कुल 1097 निर्माण कार्यों में से 1043 कार्य राशि रुपये 153.54 करोड की लागत के पूर्ण किये गये है।

इस अवसर पर चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित फोल्डर का विमोचन किया गया और उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के सचिव  शिखर अग्रवाल सहित विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

JEE 2018 :ऑनलाइन फॉर्म भर चुके कैंडिडेट्स, यह जरूर पढ़ें

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कोटा। JEE Main 2018 के लिए जो कैंडिडेट्स ऑनलाइन ऐप्लिकेशन फॉर्म भर चुके हैं उनके लिए CBSE ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है।

JEE यानी जॉइंट एंट्रेस एग्जामिनेशन की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nic.in पर CBSE ने एक नया लिंक दिया है जिसके जरिए कैंडिडेट्स अपनी अपलोडेड तस्वीर की विसंगति को दूर कर सकते हैं।

सामान्य शब्दों में कहें तो ऐसे उम्मीदवार जो अपने ऑनलाइन फॉर्म में अपलोड की गई तस्वीर में किसी तरह का बदलाव या सुधार करना चाहते हैं तो वे इस लिंक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

आधारिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, JEE Main 2018 की परीक्षा 8 अप्रैल 2018 को होगी जबकि कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा 15 और 16 अप्रैल 2018 को होगी। JEE Main 2018 के लिए अप्लाई करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू हो गई है जो 1 जनवरी 2018 तक चलेगी।

ऐसे उम्मीदवार जो इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं वे अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। देशभर के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में ऐडमिशन के लिए हर साल CBSE की ओर से JEE की परीक्षा का आयोजन होता है।

पात्रता का मानदंड
JEE Main या अडवांस्ड की परीक्षा के योग्य होने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक आए हों या फिर अपने बोर्ड में वे टॉप 20 पर्सेंटाइल में शामिल हों।

SC/ST कैटिगरी के लिए 65 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता है। JEE अडवांस्ड के लिए जरूरी है उम्मीदवार JEE Main में 2 लाख 24 हजार उम्मीदवारों के बीच टॉप रैंक लाए।

अपडेट के लिए यहां क्लिक करें

घरेलू निवेशकों की समर्थन से सेंसेक्स में 205 अंकों की उछाल

मुंबई। मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू निवेशकों की लिवाली से सोमवार को देश के शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। सेंसेक्स 205.49 अंकों की बढ़त के साथ 33,455 पर बंद हुआ।

निफ्टी भी 56.60 अंकों की बढ़त के साथ 10,322 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते के शुरुआती दिनों में मौद्रिक नीति की समीक्षा के कारण कारोबार में रही सुस्ती के बाद अब बाजार का रुख सकारात्मक देखा जा रहा है।

सोमवार को सुबह से ही सेंसेक्स 195 अंक चढ़ गया था। निफ्टी भी 10,300 अंक के स्तर को पार कर गया था। BSE का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 194.68 अंक उछलकर 33,444.98 पर खुला।

पिछले दो सत्र के कारोबार में इसमें 653.12 अंकों की बढ़त देखी गई है। इसी प्रकार नैशनल स्टॉक एक्सचेंज में 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित निफ्टी 46.15 अंक सुधरकर 10,311.80 अंक पर खुला था।

ब्रोकरों के अनुसार अमेरिका में नौकरी के आंकडे़ बेहतर होने का असर वॉल स्ट्रीट पर दिखा, जिसका निवेशकों ने दिल खोलकर स्वागत किया।

इसी से एशियाई बाजारों में भी धारणा मजबूत हुई जिसका प्रभाव घरेलू बाजार पर दिखा है और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने जमकर लिवाली की।

8000 से ज्यादा लोगों को आईटी भेजेगा मुकदमों के नोटिस

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मुंबई। टैक्स अधिकारियों के ऊंचे रेवेन्यू टारगेट हासिल करने में जुटे होने के बीच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से भेजे जाने वाले मुकदमों के नोटिसों की संख्या में अचानक उछाल आया है। अब तक मुकदमों वाले नोटिस प्राय: ऐसे मामलों में भेजे जाते थे जिनमें कोई जानबूझकर टैक्स देने से बचने की कोशिश करता पाया जाता था।

अब टैक्स रिटर्न फाइल न करने या कारोबारी इकाइयों की ओर से टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स यानी टीडीएस कम या देरी से जमा करने पर भी मुकदमे की कार्यवाही शुरू कर दी जा रही है।

मुंबई में एक सीनियर टैक्स अधिकारी ने बताया, ‘अर्निंग्स के पिछले रिकॉर्ड के साथ करीब 8000 ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार की गई है, जिन्होंने टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है।

इस लिस्ट में शामिल कई लोगों को मुकदमों के नोटिस भेजे गए हैं। यह कदम कुछ कड़ा तो लग सकता है, लेकिन नोटिस उन कंपनियों को भी भेजे गए हैं, जिन्होंने सैलरी, रेंट या अन्य मदों से टीडीएस काटने के बावजूद उसे सरकार के पास जमा नहीं कराया।’

हालांकि टैक्स प्रैक्टिशनर्स के अनुसार, कुछ ऐसी छोटे और मझोले आकार की कंपनियों को भी मुकदमों के नोटिस मिले हैं, जिन्होंने पहले समय पर टीडीएस चुका पाने में अपनी असमर्थता स्वीकार की थी और बाद में ब्याज के साथ किस्तों में टैक्स चुका दिया था।

अधिकतर टैक्सपेयर्स के लिए मुकदमों का नोटिस घबराहट पैदा कर सकता है, खासतौर से ऐसे लोगों को जिनके पास सीमित संसाधन हैं और जो आसानी से कानूनी सहायता हासिल नहीं कर सकते। असेसी को या तो नोटिस रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट जाना होगा या कंपाउंडिंग प्रोसेस को स्वीकार करना होगा।