Monday, July 13, 2026
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खराब आर्थिक आंकड़ों से शेयर बाजार 175 अंक टूटा

नई दिल्ली। आर्थिक आंकड़ों के निराशाजनक रहने की वजह से बुधवार को शेयर बाजार में गिरावट का दौर रहा। सेंसेक्स 174.95 और निफ्टी 47.20 अंक गिरकर क्रमशः 33,053 और 10,192 अंकों पर बंद हुआ।

तेल की बढ़ी कीमतों और एशियाई बाजारों से सुस्त रुख ने भी गिरावट का समर्थन किया। बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनी शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरआती कारोबार में 104.55 अंक यानी 0.31 प्रतिशत गिरकर 33,123.44 अंक रहा।

रोजमर्रा की उपभोग वाली वस्तुओं (एफएमसीजी), बैंकिंग और बिजली कंपनियों के शेयरों में 0.16 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।

मंगलवार के कारोबार में सेंसेक्स में 227.80 अंक की गिरावट देखी गई थी। मंगलवार को जारी सरकारी आंकडों ने घरेलू शेयर बाजार को प्रभावित किया। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में औद्यागिक उत्पादन की वृद्धि दर गिरकर तीन महीने के निचले स्तर 2.2 प्रतिशत पर रह गई।

नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.88 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह इसका 15 महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके साथ ही निवेशकों की नजर आज होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक पर भी लगी है।

देशभर में बिटकॉइन एक्सचेंजों पर आयकर विभाग के छापे

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नई दिल्ली। आयकर विभाग ने आज देश के प्रमुख बिटकॉइन एक्सचेंजों में छापेमारी की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कथित रूप से कर चोरी के मामले में यह कार्रवाई की गई। आयकर विभाग की बेंगलुरु जांच इकाई की अगुवाई में विभाग की विभिन्न टीमों ने दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि और गुरग्राम सहित नौ एक्सचेंज परिसरों की पड़ताल की।

यह कार्रवाई इनकम टैक्स लॉ के सेक्शन 133A के तहत की गई। इस धारा के तहत कार्वाई का मकसद निवेशकों और व्यापारियों की पहचान के लिए प्रमाण जुटाना, उनके द्वारा किए गए सौदे, दूसरे पक्षों की पहचान, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों आदि का पता लगाना होता है।

सूत्रों ने बताया कि छापेमारी करनेवाली टीमों के पास इन एक्सचेंजों के बारे में विभिन्न प्रकार के वित्तीय आंकड़े और अन्य ब्योरे थे। देश में उनके खिलाफ यह पहली बड़ी कार्रवाई है। बिटकॉइन एक आभासी मुद्रा है। देश में इसका रेग्युलेशन नहीं होता। इसके बढ़ते चलन से दुनियाभर के केंद्रीय बैंक चिंतित हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तरह की आभासी मुद्रा रखनेवाले लोगों को इसके बारे में आगाह किया है। इस साल मार्च में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने देश और वैश्विक स्तर पर आभासी मुद्राओं पर एक अंतर अनुशासनात्मक समिति का गठन किया था।

एडीबी ने देश की जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.7 प्रतिशत किया

नयी दिल्ली। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू विा वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 0.3 प्रतिशत घटा दिया है। बैंक ने इस वर्ष जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

एडीबी ने इसके लिए पहली छमाही में सुस्त वृद्धि, नोटबंदी और कर क्षेत्र में सुधारों के कारण उत्पन्न चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है। बैंक ने अगले विा वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमान में भी बदलाव किया है।

मार्च 2018 से शुरू होने वाले विा वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। पहले इसके 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। एडीबी ने वैकि स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और निजी क्षेत्र में सुस्त निवेश को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।

एडीबी ने अपनी रपट एशियाई विकास परिदृश्यद्ध में कहा, 2017-18 की पहली छमाही में वृद्धि दर सुस्त रहने, नोटबंदी का प्रभाव, जीएसटी लागू किए जाने से उत्पन्न चुनौतियों और 2017 में असमान मानसून की वजह से कुछ कृषि जोखिमों के कारण अर्थव्यवस्था के 6.7 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ने का अनुमान है। इससे पहले वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था।

उल्लेखनीय है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही में सुधरकर 6.3 प्रतिशत हो गई थी। पहली तिमाही में वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत थी।

एडीबी ने विा वर्ष 2017-18 की शेष बची दो तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर में सुधार होने का अनुमान जताया है। बैंक ने कहा कि सरकार की ओर से माल एवं सेवा कर जीएसटी को लेकर आने वाली दिक्कतों को कम करने के उठाए गए कदमों के साथ-साथ बैंक पुनर्पूंजीकरण के कारण जीडीपी में सुधार देखने को मिल सकता है।

पैकेज्ड प्रॉडक्ट्स पर MRP से ज्यादा वसूल सकते हैं होटल-रेस्ट्रॉन्ट : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि होटलों और रेस्ट्रॉन्ट्स को बोतलबंद मिनरल वॉटर या अन्य पैकेज्ड प्रॉडक्ट्स को एमआरपी पर बेचने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। अदालत के मुताबिक, होटल और रेस्ट्रॉन्ट्स सर्विस देते हैं और उन्हें लीगल मिट्रॉलजी ऐक्ट के तहत नहीं चलाया जा सकता।

होटल ऐंड रेस्ट्रॉन्ट असोसिएशंस ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) बनाम केंद्र सरकार मामले में कोर्ट ने यह फैसला दिया है। होटल ऐंड रेस्ट्रॉन्ट असोसिएशंस ऑफ इंडिया ने इस सिलसिले में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि होटल और रेस्तरां फूड और ड्रिंक्स सर्व करते हैं, वे सर्विस देते हैं और यह कंपोजिट बिलिंग के साथ मिला-जुला ट्रांजैक्शन है और इन इकाइयों पर एमआरपी रेट के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता।

खबरों के मुताबिक, सरकार ने एफएचआरएआई के खिलाफ अपने हलफनामे में कहा था कि होटलों और रेस्ट्रॉन्ट्स में प्री पैकेज्ड प्रॉडक्ट्स के लिए एमआरपी रेट से ज्यादा चार्ज लेना लीगल मीटरोलॉजी ऐक्ट के तहत अपराध है और मिनरल वॉटर को एमआरपी पर बेचने पर होटलों और रेस्तराओं के मैनेजमेंट स्टाफ को जेल और जुर्माना हो सकता है।

सुनवाई के दौरान मौजूद एक वकील ने बताया, ‘कोर्ट ने कहा कि होटलों और रेस्ट्रॉन्ट्स में कई और सर्विस दी जाती हैं। एमआरपी के उल्लंघन के लिए कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।’

अधिकारियों ने पुराने स्टैंडर्ड्स ऑफ वेट्स ऐंड मेजर्स ऐक्ट के तहत होटलों और रेस्ट्रॉन्ट्स के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि होटलों और रेस्तराओं को मिनरल वॉटर जैसे प्रॉडक्ट्स पर एमआरपी के हिसाब से पैसा लेना चाहिए।

एफएचआरएआई ने इस सिलसिले में इस नियम के तहत भेजे गए नोटिस को एक जनहित याचिका के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने कहा था कि होटल और रेस्तराओं में बोतलबंद पानी पर एमआरपी से ज्यादा चार्ज वसूलना स्टैंडर्ड्स ऑफ वेट ऐंड मेजर्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है क्योंकि इसे होटल या रेस्तरां द्वारा अपने ग्राहकों को कमोडिटीज की बिक्री या ट्रांसफर नहीं माना जा सकता।

इसके बाद केंद्र सरकार ने इस बेंच के सामने अपील दायर करके कहा कि स्टैंडर्ड्स ऑफ वेट्स ऐंड मेजर्स ऐक्ट के बदले लीगल मिट्रॉलजी ऐक्ट आ गया है।

इस मामले को खत्म कर दिया गया क्योंकि कोर्ट ने कहा था कि संबंधित पक्ष नए कानून को समझकर इस बात का जायजा ले सकते हैं कि क्या इसे गलत तरीके से लागू किया किया जा रहा है। इस सिलसिले में मंगलवार का फैसला एफएचआरएआई की तरफ से केंद्र सरकार के खिलाफ दायर स्पेशल लीव पिटीशन पर आधारित था।

50 लाख लोगों से 7000 करोड़ की ठगी, पीसीएल के 6 डायरेक्टरों पर केस

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मुंबई। शहर की संभवतः सबसे बड़ी धोखाधड़ी के एक मामले में इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग (ईओडब्ल्यू) ने पैनकार्ड क्लब्स (पीसीएल) केस की जांच का जिम्मा अपने हाथ में ले लिया है। यह मामला कथित तौर पर 50 लाख से ज्यादा निवेशकों के करीब 7,035 करोड़ रुपये हड़पने का है।

इससे पहले, बाजार नियामक संस्था सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने पीसीएल को अपनी प्रॉपर्टीज नहीं बेचने का निर्देश दिया था। इसने पीसीएल की संपत्तियां बेचकर निवेशकों के पैसे लौटाने के मकसद से बिक्री प्रक्रिया अपनाने के लिए रिटायर्ड जज आर एम लोढ़ा को नियुक्त किया था।

इकनॉमिक ऑफेंसेज विंग के ऑफिसर ने कहा कि एजेंसी ने इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। साथ ही, पीसीएल और इसके छह डायरेक्टरों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रॉटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स (एमपीआईडी) की धाराएं भी लगाई गई हैं।

51 लाख लोगों को ऐसे लगाया चूना : एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘प्रभादेवी स्थित उनका हेड ऑफिस अब बंद कर दिया गया है।’ दादर निवासी नरेंद्र वातौकर ने 10 दिसंबर को पीसीएल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

एक अधिकारी ने बताया, ‘पीसीएल होटल में ठहरने की एक स्कीम लाया था। वह लोगों को मेंबरशिप देकर निवेश करने को कहता था। इसके लिए वह इन होटलों में हॉलिडे पैकेज ऑफर कर रहा था।’

सेबी की अनुमति नहीं  : जिन निवेशकों से बंपर रिटर्न्स के वादे किए गए थे, उन्हें हॉलिडे पैकेज नहीं मिले। ऐसे में एक इन्वेस्टर ने सेबी से शिकायत कर दी और मामले की जांच शुरू हो गई।

जांच में पता चला कि कंपनी सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) चला रही थी जिसके लिए सेबी से अप्रूवल लेना जरूरी था, लेकिन डायरेक्टर्स ने अनुमति नहीं ली थी। जांच में खुलासा हुआ कि महज 1 प्रतिशत निवेशकों को ही वादे के अनुसार होटल स्टे की सुविधा दी गई थी।

कंपनी की प्रॉपर्टीज अटैच : सेबी ने पहले कंपनी पर पाबंदी लगा दी और उसे बिजनस बंद करने को कहा। सेबी ने कंपनी से कहा कि वह अब किसी से पैसे नहीं ले सकती है और उसे तीन महीने के अंदर निवेशकों के पैसे हर हाल में लौटाने होंगे।

सेबी ने उसे अपनी एक भी प्रॉपर्टी बेचने से भी रोक दिया। पीसीएल ने सेबी के इस आदेश को सिक्यॉरिटीज अपेलट ट्राइब्यूनल (एसएटी) में चुनौती दी, लेकिन एसएटी ने भी सेबी के आदेश पर मुहर लगा दिया।

पीसीएल में देश के विभिन्न हिस्से से लोगों ने निवेश किया है और इनमें ज्यादातर मध्यवर्गीय परिवारों से हैं। कंपनी निवेशकों के 7,000 करोड़ रुपये लौटाने के सेबी के निर्देशों का पालन करने में असफल रही जिसके बाद उसकी प्रॉपर्टीज अटैच करने का सिलसिला शुरू हो गया।

सेबी पीसीएल की 34 संपत्तियों की कुर्की कर चुकी है। साथ ही उसने, कंपनी के 250 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज कर दिए। कुर्क की गई संपत्तियों में देशभर के लैंड पार्सल्स, रिजॉर्ट्स, बिल्डिंग्स और ऑफिस स्पेस शामिल हैं।

हंगामेदार रहेगा संसद सत्र , सरकार को घेरेगा विपक्ष

नई दिल्ली। संसद का 15 दिसंबर से शुरू हो रहा शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। विपक्ष की ओर से सरकार को गुजरात चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्र में विलम्ब करने से जुड़े विषय, जीएसटी, नोटबंदी, राफेल डील, किसानों से जुड़े विषय समेत कई समसामयिक मुद्दों पर घेरने का प्रयास किया जा सकता है।

गुजरात चुनाव परिणाम का भी सत्र पर प्रभाव देखा जा सकता है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि संसद चर्चा का सर्वोच्च स्थान है और सरकार नियमों के तहत किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है।

मोदी सरकार गरीब हितैषी सरकार है। विपक्ष को अपनी बात रखनी चाहिए और नियमों के तहत चर्चा करनी चाहिए।मेघवाल ने कहा कि राजनीतिक दलों से अपील है कि वे महत्वपूर्ण विधेयकों पर उपयोगी और रचनात्मक बहस में सहयोग करें और संसद के दोनो सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से चलना सुनिश्चित करें।

इससे पहले संसद सत्र में विलंब को लेकर विपक्ष की तीखी आलोचना झेल रही सरकार ने शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से बुलाने की घोषणा की थी जो 5 जनवरी तक चलेगा। सत्र के दौरान 3 विधेयक लाए जाने का प्रस्ताव किया गया है जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (मुआवजा) अध्यादेश, 2017 के स्थान पर विधेयक लाने का प्रस्ताव है।

यह अध्यादेश 2 सितंबर 2017 को जारी किया गया था। इसके अलावा ऋण शोधन और दिवाला संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2017 के स्थान पर भी विधेयक लाने का प्रस्ताव है। सरकार ने भारतीय वन (संशोधन) अध्यादेश, 2017 के स्थान पर भी विधेयक लाने का प्रस्ताव किया है।

सरकार का तीन तलाक पर लगी रोक को कानूनी जामा पहनाने के लिए भी विधेयक पेश करने, पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने वाले संविधान संशोधन विधेयक फिर लाने का इरादा है। सत्र के दौरान नागरिकता संशोधन विधेयक 2016, मोटरवाहन संशोधन विधेयक 2016, ट्रांसजेंडर व्यक्ति अधिकार संरक्षण विधेयक को पारित कराने पर भी जोर दिया जा सकता है।

संसद के शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने की उम्मीद है, क्योंकि कांग्रेस समेत विपक्षी दल कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत सरकार को निशाने पर लेती नजर आ सकती है।

संभावना है कि इस सत्र में वस्तु एवं सेवा कर (GST) और नोटबंदी को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर होगी। कांग्रेस शुरुआत से ही जीएसटी एवं नोटबंदी को लागू करने के फैसले को जल्दबाजी में लिया गया कदम बताती आई है।

गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल गांधी जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स बताते रहे है। राहुल नोटबंदी को लेकर भी मोदी सरकार को निशाने पर लेते रहे हैं।

ऐसे में शीतकालीन सत्र में एनडीए सरकार को कांग्रेस का विरोध झेलना पड़ सकता है। शीतकालीन सत्र का समय आगे बढ़ाने के निर्णय पर भी विपक्ष सरकार को घेर सकता है।

अर्थव्यवस्था की स्थिति, जीडीपी वृद्धि दर एवं अन्य आर्थिक मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार पर निशाना साध सकता है। संसद सत्र के दौरान ही 18 दिसंबर को गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम आने हैं। गुजरात के मोदी के गृह प्रदेश होने के कारण चुनाव परिणाम का भी सत्र पर असर देखा जा सकता है।

शीतकालीन सत्र में कुल 14 बैठकें होंगी और यह 22 दिन तक चलेगा। संसद सत्र देरी से बुलाने की विपक्ष की आलोचना पर सरकार का कहना है कि यह पहला अवसर नहीं है जब विधानसभा चुनावों के चलते संसद के सत्र को आगे बढ़ाया गया हो। यह पद्धति अतीत में विभिन्न सरकारों द्वारा अनेक अवसरों पर अपनाई जाती रही है।

दोषी राशन डीलर का लाइसेंस सस्पेंड, खुद खा गया 18 लाख के गेंहू

कोटा। 200 से अधिक परिवारों के 18 लाख के गेंहू एवं अन्य राशन सामग्री हड़पने के मामले में जिला रसद विभाग ने जिले के जोरावरपुरा ग्राम पंचायत के राशन डीलर को दोषी मानते हुए लाइसेंस निलम्बित कर दिया है। साथ ही राशन डीलर के उपभोक्ताओं को राशन सामग्री वितरण की जिम्मेदारी पास के ही गांव के राशन डीलर को सौंपी है।

जोरावपुरा गांव में दो राशन डीलर हैं। इनके पास 1100 से अधिक परिवारों को राशन सामग्री वितरित करने की जिम्मेदारी है। दिसम्बर 2015 में बीमार पडऩे पर डीलर चतुर्भुज ने अपने हिस्से के उपभोक्ता दूसरे डीलर मुकुट बिहारी मीणा को सौंप दिए।

गांव में 735 परिवार खाद्य सुरक्षा में चयनित हैं। जिन्हें डीलर द्वारा केरोसिन, गेहूं उपलब्ध करवा रहा है, लेकिन बीपीएल, अन्त्योदय योजनाओं से जुड़े करीब 200 परिवारों के हिस्से का गेहूं डीलर द्वारा वितरित नहीं किया गया। डेढ़ साल से राशन डीलर मुकुट बिहारी मीणा ने करीब 200 परिवारों के हिस्से की राशन सामग्री को वितरित करना दर्शा रखा था,

जबकि राशन कार्ड में एंट्री नहीं की गई। राशन डीलर 200 से अधिक परिवारों के हिस्से का प्रतिमाह 7 टन गेहूं डकारा। जिसका बाजार मूल्य करीब एक लाख रुपए है। दो साल में करीब 18 लाख का घोटाला किया गया।

शिकायत के बाद हुई जांच : ग्रामीण सत्यनारायण नागर, बालमुकुंद, खेमराज व जानकीलाल ने 9 नवम्बर को जिला स्तरीय जन सुनवाई में इस मामले की शिकायत की तो कलक्टर ने रसद विभाग को मामला निस्तारण के आदेश दिए। रसद अधिकारी ने टीम गठित कर 5 दिसम्बर को राशन डीलर की जांच करवाई।

टीम ने राशन डीलर के दस्तावेज, उपभोक्ताओं के बयान लेकर रिपोर्ट जिला रसद अधिकारी को सौंपी। इस पर जिला रसद अधिकारी अशोक मीणा ने राशन डीलर को दोषी मानते हुए लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही उसके अधीन उपभोक्ताओं को राशन सामग्री वितरण की जिम्मेदारी तलाब गांव के राशन डीलर भूपेंद्र व्यास को सौंपी है।

एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी शुरू करेगी एमएससी वाइल्ड लाइफ साइंस कोर्स

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कोटा। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कोटा की एकेडमिक काउंसिल की 9वीं बैठक मंगलवार को हुई है। अध्यक्षता कुलपति प्रो. जीएल केशवा ने की है। जिसमें रखे गए प्रस्तावों के अनुमोदन के बारे में बताते हुए कुलपति ने कहा यूनिवर्सिटी के द्वारा जुलाई माह से एमएससी वाइल्ड लाइफ साइंस सब्जेक्ट शुरु किया जाएगा।

वर्ष 2018-19 शिक्षा सत्र के लिए 5 सीटों पर स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाएगा। कुलपति ने बताया कि राज्यपाल के निर्देशानुसार आगामी दीक्षांत समारोह में पीजी स्टूडेंट्स को चांसलर गोल्ड मैडल यूजी स्टूडेंट्स को वाइस चांसलर गोल्ड मैडल दिया जाएगा।

इसके लिए स्टूडेंट्स की क्या-क्या योग्यता रहेगी। आदि प्रावधानों का बैठक में अनुमोदन किया गया है। यूनिवर्सिटी ने एजुकेशन फीस में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी का निर्णय लिया गया है। साथ ही राज्यपाल के निर्देश पर यूनिवर्सिटी यूनिफार्म फीस का पैटर्न निर्धारित किया गया है।

इस दौरान 128 टीचिंग नॉन टीचिंग कर्मचारी पदों की भर्ती को लेकर बैठक में चर्चा हुई। जिसके प्रस्ताव का अनुमोदन करते वेतनमान के अनुसार रिटर्न पेपर इंटरव्यू के तहत भर्ती प्रक्रिया करने का फैसला हुआ है। जल्द ही यूनिवर्सिटी स्तर पर भर्ती के नियम तैयार किए जाएंगे।  यूनिवर्सिटी की बैठकों में आने वाले मैंबर्स के वेतनमान में संशोधन किया गया।

बैठक में मैंबर सेक्रेट्री डॉ. एलके दशोरा, डायरेक्टर प्रसार शिक्षा डॉ. केएम गौतम,डायरेक्टर एचआरडी डॉ. केएन ओझा , डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. एनसी जैन, डायरेक्टर प्लानिंग मॉनिटरिंग डॉ. ममता तिवारी, कुलसचिव सियाराम मीणा, कंट्रोल डॉ. विधि शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आईबी मौर्या , आशुतोष मिश्रा, डॉ. एमके गर्ग डॉ. एसएस पूनिया मौजूद रहे।

पाली सीमेंट प्लांट पर 1850 करोड़ का निवेश

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जयपुर| आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का मानना है कि ग्रुप के सीमेंट कारोबार में राजस्थान का अहम योगदान रहा है। इसी कड़ी में ग्रुप कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट प्रदेश में अपना चाैथा प्लांट पाली जिले में लगाने जा रही है। इस प्लांट पर कंपनी 1850 करोड़ रु. का निवेश करेगी और यहां 2020 के मध्य तक उत्पादन शुरू हो जाएगा।

उन्होंने मंगलवार को जयपुर यात्रा के दौरान बातचीत में कहा कि ग्रुप राजस्थान में अब तक 11,000 करोड़ का निवेश कर चुका है। अच्छा रिटर्न भी मिल रहा है।  विदेशों में निवेश पर उन्होंने कहा कि अभी कोई स्पेसिफिक टेक आेवर प्लान तो नहीं है लेकिन इस दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं।

बिड़ला के अनुसार आइडिया-वोडाफोन का विलय जून तक पूरा हो जाएगा और इससे ग्राहकों और कंपनियों, दोनों को लाभ होगा। हैल्थ इंश्योरेंस में ग्रुप काफी नए कदम उठा रहा है।  बिट्स पिलानी समेत तीनों संस्थानाें में सीटें मौजूदा 10,000 से दो साल में 15,000 की जाएंगी।

बिनानी सीमेंट के लिए भी हमने बोली लगाई है जो इस प्रदेश में हमारी रुचि को दर्शाता है। इससे पहले सीएम वसुंधरा ने डिजिटल माध्यम से बटन दबाकर इस प्लांट का शिलान्यास किया।

मोशन टेलेंट सर्च परीक्षा में 8 निराश्रित बच्चों को गोल्ड मेडल

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कोटा। मोशन टेलेंट सर्च परीक्षा-2017 में रंगबाड़ी स्थित मधु स्मृति संस्थान के निराश्रित स्कूली छात्रों सूरज, ओमप्रकाश, योगेंद्र, मंगल, धर्मेंद्र कुमार, राहुल नायक, बिट्टू, पीयूष कुमार ने अलग-अलग कक्षाओं में प्रथम श्रेणी प्राप्त कर गोल्ड मैडल हासिल किया। 28 अक्टूबर को लिखित टेलेंट सर्च परीक्षा में निराश्रित बच्चों की मेंटल एबिलिटी को परखा गया था।

मंगलवार को एक समारोह में मोशन आईआईटी संस्थान के राजेश कुमार एवम दिव्या विजय ने विजेता छात्रों को गोल्ड मेडल व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।

मोशन आईआईटी के निदेशक श्री नितिन विजय ने कहा कि इन मेधावी निराश्रित छात्रों को कक्षा-10 के बाद संस्थान में आईआईटी या मेडिकल की निशुल्क क्लासरूम कोचिंग दी जाएगी।

मधु स्मृति संस्थान की प्रमुख बृजबाला निर्भीक ने बताया कि कक्षा-6 से 10 वीं के निराश्रित बच्चे होनहार हैं। ये बचपन से ही कुछ बनने के लिए मेहनत से पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ ताइक्वांडो में राज्य स्तर तक अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं।

ये बच्चे रुचि के अनुसार विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। उन्होंने गरीब बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मोशन संस्थान का आभार जताया।